दोस्त ने मुझे अपनी पत्नी के पास भेजा

Dost ne mujhe apni patni ke paas bheja:

antarvasna, kamukta

मेरा नाम गौरव है मैं सूरत का रहने वाला हूं, मैं विदेश में नौकरी करता हूं और काफी समय बाद मैं अपने घर लौटा था। मैं कुछ दिनों तक घर में ही था लेकिन मेरा घर में मन नहीं लग रहा था इसलिए मैं सोचने लगा कि कहीं घूमने के लिए जाया जाए। मैंने अपनी पत्नी से कहा हम लोग कहीं घूमने के लिए चलते हैं, मेरी पत्नी बहुत ही खुश हो गई और उसने मुझसे पूछा कि कब जाना है, मैंने उसे मुस्कुराते हुए कहा कि अभी तो मैं सिर्फ सोच रहा हूं जाने का ऐसा कोई भी प्लान नहीं है, मेरी पत्नी दुखी हो गई और वह दूसरे कमरे में चली गई। मुझे उसे देखकर थोड़ा अटपटा सा लगा, मैं उसके पास गया और उसे मैंने कहा कि तुम चिंता मत करो हम लोग घूमने जा रहे हैं, मैं तुम्हारे साथ मजाक कर रहा था लेकिन मैंने ऐसा कोई भी प्लान नहीं बनाया था। मैंने उसे कहा कि तुम अगले हफ्ते पैकिंग शुरू कर देना और हम लोग अगले हफ्ते घूमने के लिए चलते हैं।

मैंने जल्दी बाजी में घूमने का प्लान बना लिया,  मैंने सोचा हम लोग गोवा चलते हैं, वहां हम लोग कुछ दिन रहेंगे। मैंने जब अपनी पत्नी से कहा कि हम लोग गोवा जा रहे हैं तो वह बहुत खुश हो गई, उसने मुझे गले लगा लिया और मुझे कहने लगी तुम मेरा कितना ख्याल रखते हो, मैं यह बात सोच ही रही थी कि हम लोग कहीं घूमने चलते हैं, तुमने उसी वक्त मुझे यह बात कह दी कि हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। जब हम लोग गोवा घूमने के लिए गए तो वहां मेरी मुलाकात मेरे पुराने दोस्त से हो गई, उसका नाम राकेश है। मैं जब राकेश से मिला तो राकेश मुझसे मिलकर बहुत खुश हो गया और वह मुझे कहने लगा तुम बिल्कुल ही बदल चुके हो, मैंने उसे कहा अब हम पहले जैसे कहां देखेंगे, अब तो हमारी शादी हो चुकी है। वह कहने लगा थोड़ा बहुत बदलाव तो आ ही जाता हैं, मैंने उस दिन उसे अपनी फैमिली से मिलवाया। मेरी पत्नी राकेश से मिलकर बहुत खुशी हुई क्योंकि राकेश पहले से ही बहुत ज्यादा मजाक करता है और उसकी मजाक करने की आदत बहुत ही ज्यादा है, उसने भी मुझे अपनी पत्नी से मिलवाया, वह मुझे पूछने लगा कि तुम कितने दिनों तक यहां पर रहने वाले हो, मैंने उसे कहा कि हम लोग एक हफ्ते का टूर बना कर आए हैं एक हफ्ते हम लोग यहीं पर रुकने वाले हैं।

वह कहने लगा कि यहां पर कुछ दिनों तक रुकोगे चलो इसी बहाने कम से कम इतने सालों बाद मुलाकात तो हुई। मैंने उसे कहा ठीक है कल की पार्टी मेरी तरफ से रहेगी और कल डिनर भी मेरी तरफ से ही मेरे होटल में होगा, वह कहने लगा ठीक है कल की पार्टी तुम्हारी तरफ से रहेगी। अब हम लोग घूमने के लिए निकल पड़े, मैं काफी समय बाद अपनी पत्नी के साथ इतना समय अच्छे से बिता पा रहा था क्योंकि विदेश में मैं अपनी पत्नी को सिर्फ फोन हीं करता था। मैं और मेरी पत्नी बीच के किनारे बैठे हुए थे, काफी अच्छे से हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिता पा रहे थे। मेरी पत्नी मुझे कहने लगी हम लोग कितने समय बाद घूमने के लिए निकले हैं, मुझे आपके साथ समय बिता कर बहुत अच्छा लग रहा है, मैंने भी अपनी पत्नी के हाथ को पकड़ लिया और उसे कहा कि मुझे भी तुम्हारे साथ में बहुत अच्छा लगता है लेकिन काम के सिलसिले में ही इतना बिजी रहने लगा था कि तुम्हे बिल्कुल भी समय नहीं दे पाया। हम लोग अब होटल चले गए और अगले दिन जब मेरा दोस्त राकेश मुझसे मिला तो हम दोनों ही साथ में बैठे हुए थे और राकेश की पत्नी संगीता भी हमारे साथ ही बैठी हुई थी, मैं और राकेश अपने कॉलेज के दिनो की बात कर रहे थे। संगीता और मेरी पत्नी भी हमारे साथ ही बैठे हुए थे, मैंने उन लोगों से पूछा कि क्या तुम लोग कुछ खाने में लोगे, वह कहने लगे कि नहीं अभी तो हमें भूख नहीं लग रही थोड़ी देर बाद ही कुछ ऑर्डर करेंगे। राकेश मुझसे मेरे दोस्तों के बारे में पूछ रहा था और कहने लगा कि तुम्हारे वहां कॉलोनी के दोस्त कहां चले गए, मैंने उसे कहा कि वह लोग अब अपना काम करते हैं और मेरी उनसे ज्यादा मुलाकात नहीं हो पाती।

राकेश कहने लगा वह लोग तो बड़े ही शरारती किस्म के लड़के थे, तुम भी उनके साथ रहते तो शायद अपना जीवन कभी भी नही संवार पाते, मैंने राकेश से कहा तुम यह तो सही कह रहे हो यदि मैं उनके साथ रहता तो अपना भविष्य बर्बाद कर बैठता क्योंकि उनके घर वाले तो सब पैसे वाले थे और वह लोग उनका ही कारोबार संभाल रहे हैं लेकिन मेरे पिताजी तो सरकारी नौकरी में थे और शायद वह मेरा खर्चा भी नहीं उठा पाते, मैंने विदेश जाने का बहुत अच्छा निर्णय लिया और उसके बाद से मेरी जिंदगी बदल चुकी है। संगीता कहने लगी कि अब मुझे बहुत तेज भूख लग रही है क्या हम लोग कुछ खाने के लिए आर्डर कर वाले,  अब हम लोगों ने खाने के लिए आर्डर करवा लिया और राकेश और मैंने भी अपने लिए डिनर ऑर्डर करवा लिया, हम दोनों बैठ कर बात कर रहे थे। संगीता और मैं भी आपस में बात कर रहे थे और कुछ देर बाद ही हमारे खाने का ऑर्डर भी आ गया, मेरी पत्नी कहने लगी अब आप लोग भी खाना खा लो, राकेश और मैंने भी खाना खाया और उसके बाद हम दोनों काफी देर तक डिनर टेबल पर ही बैठे हुए थे। राकेश कुछ ज्यादा ही शरारती दिमाग का है उसमें मुझे कहा आज हम दोनों एक दूसरे की पत्नी के साथ सेक्स करते हैं। मैंने उसे मना किया लेकिन वह कहने लगा तुम भी मेरी पत्नी के साथ सेक्स करोगे तो तुम्हें मजा आ जाएगा और मैं तुम्हारी पत्नी के यौवन का आनंद ले लूंगा।

मैं पहले उसे मना कर रहा था लेकिन मैंने जब से उसकी पत्नी की गांड देखी तो मेरा भी मन होने लगा कि उसकी पत्नी के साथ में सेक्स कर लू। मैंने राकेश से कहा हम लोग यहीं होटल में एक और रूम ले लेते हैं। मैंने होटल में दूसरा रूम भी बुक कर लिया। राकेश मेरी पत्नी के साथ मेरे कमरे में चला गया और मैं राकेश की पत्नी संगीता के रूम में चला गया। संगीता और मैं साथ में ही बैठे हुए थे मुझे संगीता का नेचर भी थोड़ा ठरकी स लगा। जब मैंने उसकी जांघ पर हाथ लगाया तो उसने मुझे कुछ भी नहीं कहा और अपनी तरफ आकर्षित करने लगी। उसने खुद ही मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे बड़े अच्छे से चूसने लगी। उसने काफी देर तक मेरे लंड को सकिंग किया लेकिन जब मेरा पानी निकल गया तो मैं भी अब पूरे जोश में आ चुका था। मैंने जब संगीता के कपड़े खोले तो उसकी बडी बडी गांड पर मैंने अपने हाथ से प्रहार किया जिसे कि उसकी चूतडे लाल हो गई। संगीता मुझे कहने लगी तुम मेरी गांड को अपना बना लो। मैंने उसे घोड़ी बना दिया और अपने लंड पर सरसों का तेल लगाते हुए उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जब उसकी योनि के अंदर मेरा लंड गया तो उसकी चूत चिपचिपी हो चुकी थी। मैं बड़ी तेजी से उसकी योनि पर प्रहार कर रहा था और वह पूरे आनंद ले रही थी। मैंने काफी देर तक उससे चोदा लेकिन जब मेरा वीर्य गिर गया तो मैंने उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया, जैसे ही मेरा लंड संगीता की गांड के अंदर घुसा तो वह चिल्लाने लगी और उसकी गांड से खून भी निकलने लगा। मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के देने लगा, मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा संगीता भी अपनी गांड को मुझ से मिला रही थी। वह कहने लगी तुम्हारा लंड तो मेरे पति से भी ज्यादा मोटा है और उन्होंने ही तुम्हें आज मेरे पास भेजा होगा। मैंने उसे कहा कि तुम्हें कैसे पता कि राकेश ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है। संगीता कहने लगी वह एक नंबर का ठरकी है और हर बार ऐसा ही करता है। वह हमेशा अपने दोस्तों को मेरे पास भेज देता है और उनकी पत्नी के साथ वह मजे लेता है। अब मुझे भी अलग अलग लंड लेने की आदत हो चुकी है इसलिए मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है लेकिन तुम्हारा लंड बहुत ही अच्छा है मैं जब अपनी गांड में तुम्हारा लंड ले रही हो तो मुझे बड़ा आनंद आ रहा है। मैंने 5 मिनट तक संगीता की गांड मारी जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैं उसके साथ ही काफी देर तक बैठा रहा। जब मै अपनी पत्नी से मिला तो वह मुस्कुरा रही थी और बड़ी खुश हो रही थी।


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