दोस्त की पत्नी संग रासलीला

Antarvasna, hindi sex kahani:

Dost ki patni sang raasleela गौतम मुझे अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट करता है मैं अपनी पत्नी सविता को कहता हूं कि तुम भी आज तैयार हो जाना शाम को मैं जल्दी आ जाऊंगा उसके बाद हम लोग गौतम के घर पर चलेंगे। सविता मुझे कहती है कि ठीक है संजय मैं जल्दी तैयार हो जाऊंगी और हम लोग फिर गौतम और मीनाक्षी से मिल आएंगे। गौतम तो मेरे साथ कॉलेज में ही पढ़ता था लेकिन मुंबई आ जाने के बाद मेरा उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया था परंतु कुछ समय पहले ही जब गौतम ने मुझे बताया कि वह भी मुंबई आ चुका है और उसने मुंबई की एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी ज्वाइन कर ली है तो मैंने उसे फोन पर बधाई दी लेकिन मेरा उससे मिलना नहीं हो पाया था इसलिए गौतम ने मुझे फोन कर के कहा कि तुम और भाभी हमारे घर पर आना। गौतम की शादी में भी मेरा जाना नहीं हो पाया था और जब उस शाम मैं घर लौटा तो सविता तैयार हो रही थी मैंने सविता को कहा कि तुम्हें तैयार होने में कितना समय लगेगा तो सविता कहने लगी कि बस थोड़ी देर में मैं तैयार हो जाऊंगी।

मैं अब अपने सोफे पर बैठा हुआ था तो सविता ने मुझे कहा कि क्या मैं आपके लिए चाय बना दूँ मैंने सविता को कहा नहीं तुम पहले जल्दी से तैयार हो जाओ ताकि हम लोग समय पर गौतम के घर जा पाएं। मैं सोफे पर बैठा हुआ था तो अपने कुछ पुराने दिनों की बात याद करने लगा मैं और गौतम कॉलेज में सबसे ज्यादा शरारती थे हम दोनों सबको बहुत ही परेशान किया करते थे और अब इतने समय बाद मैं गौतम से मिलने जा रहा था तो मैं काफी खुश था। सविता भी अब तैयार हो चुकी थी मैंने सविता को कहा कि हम लोग रास्ते से ही कोई गिफ्ट गौतम और मीनाक्षी के लिए ले लेंगे कविता ने मुझे कहा कि ठीक है संजय हम लोग रास्ते से ही कुछ गिफ्ट उन लोगों के लिए ले लेंगे। अब मैं अपनी कार पार्किंग में गया और वहां से मैंने अपनी कार निकाली उसके बाद मैं और सविता गौतम के घर के लिए निकल चुके थे रास्ते में ही एक गिफ्ट का शोरूम था तो हम लोग वहां पर रुके और हम लोगों ने उनके लिए गिफ्ट ले लिया। उसके बाद हम दोनों ही गौतम के घर के लिए वहां से निकल पड़े जैसे ही मैं गौतम के घर पर पहुंचा तो मैंने गौतम को फोन कर दिया क्योंकि वहां खड़े गार्ड ने मुझे रोक लिया था और मैंने जब गौतम की उससे बात करवाई तो उसने हमें अंदर जाने के लिए कहा।

हम लोग कार पार्किंग में अपनी कार पार्क कर के लिफ्ट का इंतजार कर रहे थे अब हम लोग गौतम के घर पर पहुंच चुके थे और मैंने जैसे ही डोर बेल बजाई तो गौतम ने तुरंत ही दरवाजा खोल लिया। मुझे ऐसा लगा जैसे गौतम मेरा ही इंतजार कर रहा था और उसने मुझे देखते ही गले लगाया और कहा संजय तुम कैसे हो तो मैंने उसे कहा मैं तो अच्छा हूं लेकिन तुमसे इतने वर्षों बाद मुलाकात हो रही है तो मैं बहुत ही खुश हूं। हम लोग घर के अंदर आ चुके थे और हम सोफे पर बैठे तो गौतम ने मुझे मीनाक्षी से मिलवाया मीनाक्षी से मेरी यह पहली ही मुलाकात थी। हालांकि गौतम ने इससे पहले मुझे अपनी और मीनाक्षी की कई तस्वीरें भेजी थी और मैं भी फेसबुक पर उन लोगों को अक्सर देखा करता था लेकिन हमारा मिलना नही हो पाया था। मैंने भी सविता का उन लोगों से परिचय करवाया हालांकि गौतम एक बार पहले सविता से मिल चुका था मैंने गौतम को कहा कि गौतम तुम्हारी शादी में मेरा आना नहीं हो पाया था उसके लिए मैं तुमसे माफी मांगता हूं उस वक्त मुझे छुट्टी मिल नहीं पाई थी। गौतम कहने लगा कि संजय वह बात छोड़ो तुम यह बताओ कि तुम्हारी नौकरी कैसी चल रही है मैंने गौतम को कहा तुम्हें तो पता ही है कि जॉब के चलते ही तो मैं इतना बिजी रहता हूं सुबह ऑफिस चला जाता हूं और शाम को ही घर आता हूं मैं सविता को भी ज्यादा समय नहीं दे पाता था। मैं और गौतम साथ में बैठे हुए थे हम दोनों को बात करते हुए काफी समय हो चुका था और फिर मीनाक्षी ने कहा कि मैं खाना लगा लेती हूं। मीनाक्षी ने हम लोगों के लिए डाइनिंग टेबल में खाना लगाया सविता ने भी उसकी मदद की और हम चारों साथ में हीं बैठे हुए थे हम सब ने डिनर किया उसके बाद कुछ देर हम लोग बैठे और मैंने गौतम को कहा कि गौतम अब हम लोग चलते हैं हम लोग फिर कभी तुम्हारे घर आएंगे। गौतम कहने लगा कि संजय आज तुम यही रुक जाओ मैंने गौतम को कहा कि नहीं गौतम आज मेरा जाना जरूरी है क्योंकि कल ऑफिस में मेरी एक जरूरी मीटिंग है इसलिए मुझे कल ऑफिस जल्दी जाना है।

गौतम ने भी मुझे कहा ठीक है मैं और मीनाक्षी तुमसे मिलने के लिए तुम्हारे घर पर आएंगे मैंने गौतम को कहा कि ठीक है गौतम तुम और मीनाक्षी जरूर हमारे घर पर आना। अब हम लोग अपनी कार से घर लौट आए तो सविता ने मुझे कहा कि गौतम बहुत ही अच्छे हैं और मीनाक्षी भी बहुत अच्छी है मैंने सविता को कहा गौतम और मैं कॉलेज में बहुत शरारत किया करते थे इसलिए हमसे हमारे क्लास के सब लोग बहुत परेशान रहते थे। अब मैं और सविता अपने घर पहुंच चुके थे मुझे जल्दी ऑफिस जाना था इसलिए मैंने सविता को कहा कि मैं अब सो रहा हूं सविता कहने लगी कि ठीक है। उसके बाद मैं सो गया और अगले दिन सुबह जब मैं उठा तो सविता भी उठ चुकी थी सविता रोज़ जिम जाया करती थी। वह जिम से वापस लौट चुकी थी और मुझे कहने लगी कि मैं आपके लिए नाश्ता बना देती हूं सविता ने मेरे लिए नाश्ता बनाया और मैं जल्दी ही नाश्ता करके ऑफिस चला गया था। कुछ दिनों के बाद मुझे गौतम का फोन आया और उससे मेरी बात हुई तो मैंने गौतम को अपने घर पर आने के लिए कहा गौतम भी कहने लगा कि मैं कल तुम्हारे घर पर आ जाऊंगा क्योंकि कल मेरी छुट्टी है।

अगले दिन गौतम और मीनाक्षी हमारे घर पर आ चुके थ हम लोगों का अक्सर एक दूसरे के घर पर आना जाना लगा रहता था। गौतम कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में बेंगलुरु गया हुआ था उसने मुझे कहा कि तुम मीनाक्षी का ध्यान रखना मैं जब उस दिन ऑफिस से लौटा तो मीनाक्षी को कहीं जरूरी काम से जाना था इसलिए मै उस मीनाक्षी के साथ गया। जब हम लोग वापस घर लौटा तो मीनाक्षी ने मुझे कहा मैं आपके लिए चाय बना देती हूं मीनाक्षी चाय ले आई। जब वह चाय लेकर आई तो उसने जैसे ही ट्रे को टेबल पर रखा तो उसके स्तन उसके बाहर की तरफ को झाकने लगे थे। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका मैं अपनी नजरों से उसके स्तनों को देखने लगा। यह बात मीनाक्षी को पता चल चुकी थी तो उसने मुझे कहा संजय आप क्या देख रहे हैं? मैंने मीनाक्षी से कहख कुछ भी तो नहीं लेकिन वह मेरे पास आकर बैठी और मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मैं  उसके होठों को चूमने लगा। उसके होठों को चूम कर मैंने अपना बना लिया हम दोनों बेडरूम मे चले आए। मै मीनाक्षी के साथ सेक्स करने के लिए तैयार था मिनाक्षी भी बहुत खुश थी कुछ देर तक मै मीनाक्षी के साथ चुम्मा चाटी करता रहा। जब मीनाक्षी गरम होने लगी तो वह बिस्तर पर लेट चुकी थी मैंने उसके ब्लाउज को उतारते हुए उसके स्तनों को अपने हाथों से महसूस करना शुरू किया मैंने उसकी ब्रा के अंदर से अपने हाथ को डालते हुए उसके स्तनों को दबाना शुरू किया। थोड़ी देर बाद मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोलते हुए उसके स्तनों को अपने मुंह के अंदर ले लिया जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो वह पूरी तरीके से गरम होने लगी उसकी गर्माहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि वह मुझे अपने पैरों के बीच में दबाने लगी और कहने लगी तुम मेरे स्तनो को चूसते रहो।

मैंने उसके बड़े और सुडौल स्तनों का रसपान काफी देर तक किया। जब मैं उसके स्तनो को चूसता तो मुझे बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी वह मुझे कहने लगी तुम मेरे स्तनो को ऐसे ही अपने मुंह में लेकर रसपान करते रहो। मीनाक्षी बहुत खुशी हो गई थी मीनाक्षी ने अपनी पैंटी को उतारा तो मैंने उसकी चूत को देखा तो उसकी योनि पर हल्के काले रंग के बाल थे। मैंने उसे कहा क्या तुमने अपनी चूत के बालो को साफ नहीं किया है? वह मुस्कुराने लगी मैंने जब उसकी चूत को अपनी उंगली से महसूस करना शुरू किया तो वह गरम होने लगी थी। मैंने उसकी योनि के अंदर अपनी जीभ को डाला और चाटना शुरू किया जब मैं ऐसा कर रहा था तो मीनाक्षी भी गर्म होती जा रही थी। उसकी चूत का रंग लाल होने लगा मैंने जब उसकी चूत पर अपने काले मोटे लंड को अंदर की तरफ डाला तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हो चुका था अब उसकी सिसकियां बढ़ने लगी थी।

वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है मैंने उसे कहा लेकिन तुम भी बड़ी कमाल की हो और तुम्हारा फिगर बड़ा ही सॉलिड है। वह मुझे कहने लगी क्या मेरा फिगर वाकई में इतना अच्छा है मैंने उसे कहा हां मै उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। मीनाक्षी ने मुझे अपनी गर्मी से पूरी तरीके से नहला दिया था मैं उसके बदन की गर्मी को बड़े अच्छे से महसूस कर रहा था कुछ ही क्षणों बाद मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरा। मै उसके ऊपर ऐसे ही काफी देर तक लेटा रहा लेकिन जब मैंने उसकी योनि के अंदर दोबारा लंड को प्रवेश करवाया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। अब मैं पूरी ताकत के साथ उसे धक्के दे रहा था वह मेरा साथ बड़े ही अच्छे से निभा रही थी मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया उसकी योनि से निकलता हुआ पानी अब कुछ ज्यादा ही अधिक होने लगा था जिस वजह से मैंने उसकी योनि के अंदर अपने माल को भी गिरा दिया। उसके बाद हम लोगों ने एक बार और संभोग किया मै काफी ज्यादा थक चुका था और कुछ देर आराम करने के बाद मैंने मीनाक्षी को कहा तुम बहुत ही लाजवाब और कमाल हो।


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