दोस्त के नए घर की पार्टी के दौरान जुगाड आंटी मिली

Dost ke naye ghar ki party ke dauran jugad aunty mili:

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मेरा नाम राजेश है में अहमदाबाद का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 32 वर्ष है। मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं और इन दो वर्षों में मैंने अपने अंदर काफी बदलाव महसूस किए हैं, मैं अब पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं रह गया, मैं पहले अपने दोस्तों के साथ बहुत ज्यादा मस्ती करता था और उनके साथ ही देर रात तक बैठा रहता था। हमारी कॉलोनी में जितने भी लड़के हैं वह सब मुझसे यही कहते हैं कि अब तुम बहुत ज्यादा बदल चुके हो और तुम्हारे अंदर बहुत बदलाव आ चुका है, मैं उन्हें कहता हूं कि मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं और इन दो वर्षों में मुझे भी अपने अंदर बदलाव महसूस हुआ क्योंकि मैं पहले से ज्यादा जिम्मेदार हो गया हूं। मेरे मम्मी और पापा इस बात से बहुत ज्यादा खुश हैं, वह हमेशा मुझे कहते हैं तुम पहले से बहुत ज्यादा जिम्मेदार हो चुके हो और हमें इस बात की बहुत ही खुशी है कि जिस प्रकार से तुम अब अपना घर चला रहे हो हम बहुत खुश हैं।

मैंने भी अपने मम्मी पापा से कहा कि यह सब आप लोगों की वजह से ही संभव हो पाया है क्योंकि यदि आप लोग मेरी शादी शमिता से नहीं करवाते तो शायद मैं भी जिम्मेदार नहीं बन पाता, शायद मैं पहले की तरह ही रह जाता लेकिन आप लोगों की वजह से मैं बहुत ज्यादा बदल चुका हूं और मुझे अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी हो चुका है। मै जब शमिता से पहली बार मिला था तो उसे देख कर मुझे पहली नजर में ही प्यार हो गया था, मैं शमिता से काफी समय तक फोन पर बात करता रहा। एक दिन उसने ही मुझे मिलने के लिए बुला लिया, मैं जब शमिता से मिलने के लिए गया तो मैं थोड़ा शर्मा रहा था और मुझे शमिता से मिलने में बहुत अजीब सा महसूस हो रहा था लेकिन जब मैं शमिता से मिला तो शमिता मुझसे मिलकर बहुत खुश हुई, वह कहने लगी मुझे तो बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझसे मिलने भी आओगे। जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो शमिता के साथ में उसकी एक सहेली आई हुई थी, हम तीनो साथ में बैठे हुए थे।

उस दिन मुझे शमिता को समझने का मौका मिला और उसकी फ्रेंड भी उसकी बहुत तारीफ कर रही थी, उसके बाद हम लोगों की मुलाकात कई बार होती रही जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के नजदीक तो आ ही चुके थे और हमारी शादी का समय भी नजदीक आ गया था। जब मेरे परिवार वालों ने मेरी शादी का दिन तय किया उसके बाद से तो मेरे दोस्तों ने बधाई हो का दौर लगा दिया, मुझे सब लोग बधाइयां देने लगे। जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद मैं शमिता को घुमाने के लिए केरल भी ले गया था, वह मेरे साथ केरल में घूम कर बहुत खुश थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ में समय बिता कर बहुत खुश हो रहे थे, उसके बाद तो ना जाने कब हम दोनों की शादी को इतना वक्त हो गया की मुझे पता ही नहीं चला। एक दिन मुझे मेरे दोस्त आकाश का फोन आया, आकाश और मेरे परिवार के बहुत पुराने घरेलू संबंध है। आकाश के पिताजी और मेरे पिताजी एक साथ ही एक ही ऑफिस में काम करते थे इसलिए उन लोगों का हमारे घर अक्सर आना जाना लगा रहता है और हम लोग भी कभी-कबार उनके घर चले जाते हैं। हम दोनों परिवारों के बीच में बहुत ही अच्छा रिश्ता है यदि उनके घर पर कोई भी प्रोग्राम होता है तो वह लोग हमें जरूर बुलाते हैं और आकाश से भी मेरी दोस्ती काफी पुरानी है। पहले आकाश का परिवार हमारे घर के सामने ही रहता था लेकिन ना जाने आकाश के हाथ ऐसी कौन सी चिड़िया लग गई कि वह तो अब हर साल नये नये घर बदलता रहता है और वह बहुत ही पैसे वाला भी हो चुका है, इस बार भी उसने एक नया घर लिया, उसी सिलसिले में उसने मुझे फोन किया और कहने लगा तुम्हें मेरे घर पर जरूर आना है, मैंने आकाश से फोन पर कहा कि तुम तो हर महीने नया घर ले रहे हो जैसे कि तुम कोई कपड़े बदल रहे हो, लगता है तुम्हारे हाथ कुछ ज्यादा ही पैसे लग गए हैं। वह हंसने लगा और कहने लगा अरे नहीं भाई ऐसी कोई भी बात नहीं है मैं तो बस मेहनत करता हूं और दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करता हूं। उसकी यह बात सुनकर तो मुझे बहुत हंसी आने लगी और मैं उसे कहने लगा की जैसी दो वक्त की रोटी तुम खाते हो वैसी ही रोटी तुम हमे भी खिला दो, जो हर महीने तुम घर खरीद रहे हो। आकाश और मैं दोनों ही बहुत जोर जोर से ठहाके लगाने लगे और हम दोनों हंसने लगे।

मैंने आकाश से कहा कि तुम चिंता मत करो, मैं जरूर तुमसे मिलने के लिए आऊंगा और इस बार भी तुम्हारे नए घर की पार्टी जरूर खाऊंगा। आकाश ने भी अपने घर के पार्टी का इन्विटेशन कार्ड मुझे व्हाट्सएप पर सेंड कर दिया था। मैं जब आकाश से मिलने के लिए गया तो मैं उसके लिए गिफ्ट भी लेकर गया था। आकाश से मिलकर मैं बहुत खुश हुआ और वह भी मुझसे मिलकर बहुत खुश हो रहा था, हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत गप्पे लड़ा रहे थे लेकिन उसके और मेहमान भी थे इसलिए वह उनसे भी मिलने के लिए चला गया। मैं एक टेबल पर बैठा हुआ था और वहीं पर मैं ड्रिंक कर रहा था, मैंने देखा सामने एक आंटी बैठी हुई थी, वह कुछ देर बाद मेरे पास आकर बैठ गई और मुझे बहुत घूर कर देखने लगी, उसकी आंखें बड़ी नशीली थी वह मुझे ऐसे ताड रही थी जैसे कि वह मेरा शिकार करने वाली हो। उनकी आंखों भूरे रंग की थी उन्होंने मुझे अपना परिचय दिया, उन्होंने मुझसे कहा मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। मैं यह सुनकर थोड़ा अचंभित रह गया लेकिन मैं भी उन्हें चोदने के लिए तैयार था वह मुझे अपने साथ अपने घर पर ले गई। जब मैं उनके घर पर गया तो उन्होंने मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए।

जब मैने उनके फिगर को देखा तो वह किसी जवान लड़की को टक्कर दे रही थी, उनका फिगर इतना ज्यादा टाइट था कि मैंने उनके स्तनों को काटना शुरू कर दिया और उन्हें अपने मुंह में लेकर मैंने बहुत अच्छे से चूसा जिससे कि उनके स्तनों का दूध बाहर निकल आया, मैंने उसे अपने मुंह में ले लिया। मैंने जब उनकी योनि के अंदर अपनी उंगली डाली तो मैने अपनी उंगली उनकी योनि के अंदर बाहर करनी शुरू कर दी। वह मुझे कहने लगी तुम मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दो, मैंने जैसे ही अपने मोटे से लंड को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वह अपने पैरों को खोल कर मेरे सामने लेटी हुई थी, और मेरा पूरा लंड उनकी योनि के अंदर बाहर हो रहा था। मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था मैंने उन्हें झटके मारता तो वह अपने पैर खोल लेती, मैंने भी उन्हें उतनी ही तेजी से धक्के मारे। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे घोडी बना कर चोदो, मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही जैसे ही मैंने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी और अपने मुंह से सिसकियां लेने लगी। वह इतनी तेज सिसकिया ले रही थी वह मेरे कान में जाने लगी और मैंने उन्हें बड़ी तजी से पेलना शुरू किया। उनकी चूतड़ का साइज 38 था, जब मैं उन्हें झटके देता तो वह भी अपनी बड़ी सी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी और मेरा पूरा साथ देने लगी। मैंने उन आंटी से कहा आप तो बड़ी ही सेक्सी हैं, आपने मुझे क्यों सेक्स के लिए कहा। वह कहने लगी तुम्हें देखकर मैं अपने आप को नहीं रोक पाई और ना जाने मेरे मन में क्या चलने लगा, मैंने तुम्हें सीधा ही सेक्स के लिए कह दिया। उनकी गांड बहुत बडी थी, मैंने उन्हें अपने दोनों हाथों से पकड़ा हुआ था, मुझे उनकी गांड देखकर बड़ा अच्छा लग रहा था, जब मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर गिरा तो वह मुझे कहने लगी तुमने तो आज मेरी चूत मारकर मुझे खुश कर दिया। उन्होंने मुझे कहा तुम दोबारा से मेरी चूत मारो मैंने उन्हें दोबारा से घोडी बनाया और उनके साथ मै 10 मिनट तक संभोग करता रहा। 10 मिनट में मैंने उन्हें बड़े अच्छे से पेला, जिससे कि वह मेरी दीवानी हो गई, उन्होंने मुझे अपना नंबर भी दे दिया। उसके बाद तो मैं जब भी उनके घर पर जाता तो उन्हें पहले फोन कर देता था, वह अपनी चूत के बाल साफ करके मेरा इंतजार करती।


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