दो बदन एक होने का सुख

Do badan ek hone ka sukh:

Hindi sex story, antarvasna गहरे काले बादलों से घिरा आसमान जैसे मेरी जीवन में आए कष्ट को बयां कर रहे थे। मेरी तकलीफे उन बादलों की तरह ही थी वह बादल आपस में टकराते तो बिजली की चिंगारी सी निकलती। वैसे ही मेरे जीवन में भी मेरे कष्ट मेरे जीवन से टकराते। वह और भी ज्यादा बढ़ जाते उसके बावजूद मैंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ता चला गया। मेरी 8 वर्षीय बालिका जिसका नाम सोनिया है वह बेहद ही प्यारी और नन्ही सी है, वह फूल जैसी बच्ची को मै दिलो जान से प्यार करता हूं। उससे बढ़कर शायद मेरे जीवन में और कोई नहीं है मेरी मां हमेशा मुझे कहती रहती बेटा तुम सोनिया के बारे में क्यों नहीं सोचते उसके लिए तुम दूसरी शादी कर लो।

मैं आज तक अपनी पत्नी का ख्याल अपने दिल से नहीं निकाल सका था मुझे उम्मीद नहीं थी कोई और सोनिया का ख्याल नही रख पाएगा इसीलिए मैंने अब तक शादी का ख्याल अपने दिल में नहीं लाया। मेरे बिजनेस में भी नुकसान होता चला गया और मेरी पत्नी भी मुझसे दूर जा चुकी थी। वह अब आसमान में तारा बनकर  चमकने लगी थी जब मुझे सोनिया रात को छत में लेकर जाती तो कहती देखो पापा मम्मी आसमान में तारा बनकर चमक रही है। उस छोटी सी बच्ची की आंखों में देखकर मुझे लगता कि मुझे उसके लिए कुछ करना चाहिए मुझसे जितना हो सकता था मैं उतना सोनिया के लिए करता उसकी परवरिश में मैंने कोई कमी नहीं रखी उसे मां की जरूरत थी। मुझे अब लगने लगा था उसे देखभाल के लिए कोई तो चाहिए जो उसकी देखभाल अच्छे से कर सके। इसके चलते मैंने दूसरी शादी का मन बना लिया लेकिन मुझे अभी तक कोई ऐसा नहीं मिल पाया था जिससे कि मैं शादी कर पाता। मेरे दोस्त की शादी जबलपुर में थी मैंने अपनी मां से कहा क्या तुम भी मेरे साथ जबलपुर चलोगी? वह कहने लगी नहीं बेटा मैं वहां आकर क्या करूंगी इस बुढ़ापे में मुझे घर पर ही रहने दो और घर में ही मै सोनिया का ध्यान रख लूंगी। मैंने अपनी मां से कहा लेकिन तुम सोनिया का ध्यान तो रख पाओगे ना?

मेरी मां कहने लगी बेटा मैं बूढी जरूर हो गई हूं लेकिन अब भी मैं सोनिया का ध्यान रख सकती हूं तुम निश्चिंत होकर जबलपुर चले जाओ। मैं अपने दोस्त की शादी में जबलपुर गया तो उसने मुझे अपने परिवार वालो से मिलवाया उसके परिवार से मै पहली बार ही मिला था उसके परिवार का व्यवहार और नेचर बहुत ही अच्छा था। वह लोग बड़े ही सभ्य और अच्छे हैं मैंने अपने दोस्त अमित से कहा तुम्हारा परिवार तो बहुत ही अच्छा है तुम बड़े खुशनसीब हो जो तुम्हें इतने अच्छे माता-पिता मिले। अमित के पिताजी एक बड़े अधिकारी रह चुके हैं उन्होंने अमित की शादी बड़े ही धूमधाम से करवाई। मैं ज्यादा दिन तक जबलपुर में नहीं रूक पाया लेकिन उस दौरान मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई। उस पर मेरी नजर बार बार पडती जा रही थी मैं ममता की तरफ बार बार देखे जा रहा था लेकिन उससे मेरी बात ना हो सकी और मैं वापस अपने शहर अंबाला लौट आया। अंबाला लौट कर मेरे दिल और दिमाग में सिर्फ ममता का ही ख्याल था मै ममता से बात करना चाह रहा था लेकिन उसका ना तो मेरे पास कोई नंबर था और ना ही मुझे उसके बारे में ज्यादा कुछ जानकारी थी लेकिन उस वक्त मेरा साथ मेरे फेसबुक ने दिया। फेसबुक के माध्यम से मैंने ममता को ढूंढना शुरू किया फेसबुक बड़ी ही गजब की चीज है उसने मुझे ममता तक पहुंचा दिया। मैंने ममता को फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड कर दी मैंने जब उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया। उसने जब मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट किया तो उसके बाद मैंने उसे मैसेज पर हाय लिख कर भेजा। उसका भी रिप्लाई मुझे उसी वक्त आ गया मैं उससे फेसबुक पर कम ही मैसेज किया करता था लेकिन धीरे धीरे हम दोनों की फेसबुक पर मैसेज चैट के माध्यम से बात होने लगी। हम लोगों की चैटिंग काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी मैं बहुत ज्यादा खुश था कि मेरी ममता से बात होने लगी है। एक दिन ममता ने मेरा नंबर मुझसे लिया तो मैंने ममता को अपना नंबर दे दिया जब मैंने ममता को अपना नंबर दिया तो उसका फोन मेरे नंबर पर आया मै बहुत ज्यादा उत्सुकता था।

ममता का फोन मेरे नंबर पर आया लेकिन उस वक्त मेरी बात ममता से नही हो सकी क्योंकि मै ममता से बात करने करने ही वाला था तो सोनिया सीढ़ियों से गिर पड़ी जिससे कि उसे चोट आ गई। मै उसे लेकर अस्पताल चला गया और अस्पताल में डॉक्टर ने उसकी मरहम पट्टी की उसके बाद डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए कहा तो मैं उसकी देखभाल करने लगा। इसी बीच ममता का फोन मुझे आया मैंने का फोन उठाते हुए उसे पूरी बात बताई। उसका सबसे पहला सवाल मुझसे यही था कि क्या तुम शादीशुदा हो? मैंने उसे कहा मेरी शादी हो चुकी है और मेरी 8 वर्ष की बेटी भी है लेकिन जब मैंने उसे पूरी बात बताई तो वह चौक गई। वह मुझे कहने लगी क्या तुम ही सोनिया की देखभाल करते हो? मैंने उसे बताया हां मैं सोनिया की देखभाल करता हूं मेरी बूढ़ी मां भी सोनिया की देखभाल करती है जब मैं जबलपुर आया हुआ था तो उस वक्त मेरी मां ने ही सोनिया की देखभाल की थी। यह बात सुनकर ममता कहने लगी क्या तुम मुझे अपनी बेटी की तस्वीर भेज सकते हो? मैंने उसे कहा क्यों नहीं मैं तुम्हें उसकी तस्वीर जरूर भेजूंगा लेकिन अभी तो उसे चोट आई हुई है इसलिए अभी उसकी तस्वीर भेजना मेरे लिए मुश्किल होगा मैं तुम्हें कुछ दिनों बाद उसकी तस्वीर भेजूंगा।

इस बीच हम दोनों की बातें फोन पर होती रहती थी मैं उससे बात करके बहुत खुश रहता। एक दिन मैं उससे बात कर रहा था तभी सोनिया मेरे पीछे से आई और मेरी तरफ बड़े ध्यान से देखने लगी उसकी आंखों में जैसे कोई बात थी वह मुझसे कुछ कहना चाह रही थी लेकिन कह ना सकी। मैंने उससे पूछा सोनिया कहो बेटा क्या कहना है। उसने मुझे कुछ नहीं कहा वह दौड़ती हुई अपनी दादी के पास चली गई मेरी तो कुछ समझ में नहीं आया कि आखिरकार वह मुझसे क्या कहना चाहती थी। उसी शाम हमारे घर के पास एक गिफ्ट शॉप है वहां पर मै सोनिया को ले गया वहां पर मैंने उसे एक खिलौना दिलवाया। वह बहुत खुश हुई क्योंकि काफी समय से मैंने उसे कुछ खिलौना दिलवाया नहीं था तो वह खिलौना पाकर बहुत खुश थी। मैं जब घर पहुंचा तो मेरे फोन पर ममता का फोन आया उस दिन मैंने काफी देर तक उससे बात की ममता मुझसे कहने लगी मुझे तुमसे मिलना था। मैंने ममता से कहा लेकिन हम दोनों एक दूसरे से बहुत दूर हैं हम दोनों कैसे मुलाकात कर पाएंगे। ममता कहने लगी लेकिन मुझे तो तुमसे मिलना है और तुमसे मुलाकात करनी है अब तुम ही मुझे बताओ तुम मुझसे कैसे मुलाकात करोगे। मैं सोचने लगा मुझे ममता से मिल लेना चाहिए मैं ममता से मिलने के लिए जबलपुर से आने की तैयारी में था लेकिन ममता ने मुझे सरप्राइज़ देते हुए चौका दिया वह तो अंबाला आ गई। उसने मुझे फोन किया मैं ममता को अपने घर पर ले आया और सोनिया से मिलवाया तो सोनिया और वह दोनों एक दूसरे के साथ इतना घुल मिल गए जैसे वह दोनो एक दूसरे को काफी समय से जानते हैं। मेरी मां को भी ममता बहुत पसंद आई इतने कम समय में ममता ने मेरी मां और मेरी छोटी बेटी पर जैसे जादू कर दिया था वह दोनों के साथ अच्छे से घुल मिलकर बात कर रही थी। मैं इस बात से खुश था ममता को सोनिया और मेरी बूढ़ी मां ने स्वीकार कर लिया है।

मुझे इस बात की खुशी थी ममता को मेरी मां और सोनिया ने पसंद कर लिया है लेकिन उस दिन हम दोनों के बीच में शारीरिक संबंध बने उसने हम दोनों के एक दूसरे के साथ बांध कर रख दिया। मैंने ममता के नरम और गुलाबी होठों को चूसना शुरू किया तो वह भी अपने आपको ना रोक सकी उसने मेरे लंड को मेरे पजामे से बाहर निकालते हुए हिलाना शुरू किया तो मेरी उत्तेजना ज्यादा ही बढ़ने लगी। उसने मेरे लंड को काफी देर तक सकिंग करना शुरू किया मैं जब पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया तो मैंने भी ममता की योनि को बहुत देर तक चाटा और उसकी योनि से मैंने पानी निकाल कर रख दिया। जब उसकी योनि से पानी निकालने लगा तो मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था की वह एकदम सील पैक माल है मैंने जब अपने लंड को उसकी योनि से सटाया तो वह कहने लगी तुम्हारा लंड अंदर की तरफ नहीं जा रहा है। मैंने उसे कहा मैं अपने लंड पर तेल लगा देता हूं मैंने अपने लंड पर तेल लगा दिया। जैसे ही मैंने ममता की बिन बाल वाली योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी। ममता मुझे कहने लगी मुझे दर्द हो रहा है मैंने उसे कहा बस कुछ देर की बात है मेरा लंड उसकी योनि के पूरे अंदर तक प्रवेश हो चुका था।

उसकी योनि से खून की पिचकारी बाहर की तरफ निकल आई थी जो कि मेरे अंडकोष में भी लगने लगी थी लेकिन मुझे उसे धक्के मारने में बड़ा मजा आ रहा था। ममता के दोनों पैरों को मैंने चौड़ा कर लिया जिससे कि उसे दर्द का एहसास कम हो लेकिन उसका दर्द तो बढ़ता ही जा रहा था और उसके मुंह से चीख निकलती जा रही थी। उसकी कमसिन और सील पैक चूत का मैंने उद्घाटन कर दिया था। मेरे अंदर से इतनी ज्यादा गर्मी बाहर आने लगी थी कि मेरे माथे से पसीना टपकने लगा था। वह मुझे कहती मुझे बहुत गर्मी का एहसास हो रहा है। मैंने उसे कहा मैं अभी ए सी ऑन कर देता हूं मैंने रूम के ए सी को ऑन किया और उसे अपने लंड के ऊपर बैठा लिया। उसकी योनि से खून का बहाव बाहर की तरफ को निकल रहा था लेकिन वह मेरे लंड के ऊपर नीचे अपनी चूतड़ों को बड़ी तेजी से करती जा रही थी जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ती जा रही थी। हम दोनों ही पूरे चरम सीमा पर पहुंच चुके थे आखिरी क्षण में जब मैंने ममता को अपने नीचे लेटा कर उसके गोरे और सुडौल स्तनों पर अपने वीर्य की कुछ बूंदों का छिड़काव किया तो वह मुझे कहने लगी तुमने तो मेरी हालत खराब कर दी थी। मैं दर्द से कराह रही थी और मुझे काफी दर्द हो रहा था उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे का साथ निभाने के बारे में सोच लिया था और हम दोनों ने शादी का फैसला कर लिया।


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