धक्का मार उतार सलवार फिर कर चूत पर वार

Dhakka maar utar salwar fir kar chut par war:

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मेरा नाम प्रदीप है और मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूं लेकिन मेरा परिवार मेरे साथ नहीं रहता है। वह सब लोग गांव में रहते हैं और मैं नौकरी करने के लिए दिल्ली आया हुआ हूं। मुझे दिल्ली भी नौकरी करते हुए काफी समय हो चुका है। मुझे यहां पर करीबन 5 साल से ऊपर हो चुके हैं और अब मैं यहीं पर नौकरी भी कर रहा हूं। मेरे साथ में मेरे कुछ दोस्त लोग रहते हैं। हम लोग बहुत इंजॉय करते हैं और काफी पार्टियां भी किया करते हैं। मैं सुबह जब भी अपने ऑफिस जाता हूं तो हमारे दिमाग में सिर्फ यही रहता है कि शाम को हम लोग पार्टी करने वाले हैं और ऐसी तरह शाम को आज भी हमारे घर पार्टी होने वाली थी। आज हम सब लोगों ने कुछ ज्यादा ही नशा कर लिया। तब मैं कुछ सामान लेने के लिए नीचे दुकान पर चला गया। जब मैं वापस आया तो मैं अपने घर की जगह किसी और के घर पर ही चला गया और वही जाकर उनके बिस्तर में सो गया।

जब मैं सुबह उठा तो मैंने देखा मेरे बगल में एक लड़की बैठी हुई है। मैंने उसे देखा तो मैं एकदम सन्न  रह गया।  मैंने उसे पूछा आप हमारे घर पर क्या कर रही हैं। वह मुझे कहने लगी कि मैं आपके घर पर नहीं हूं आप हमारे घर पर आ गए हैं। मैंने जब देखा तो मैं वाकई में उनके घर पर था। मुझे बहुत ही ज्यादा शर्मिंदगी महसूस हुई। मैंने उसे सॉरी कहा और कहने लगा रात कुछ ज्यादा ही हम लोगों ने नशा कर लिया था। उसके बाद मैं आपके घर पर आ गया। मुझे पता ही नहीं चला। क्योंकि आपके घर का गेट भी हमारे घर की तरह ही है। वह हमारे पड़ोस में ही रहते थे। वह तो उस दिन किस्मत अच्छी रही कि उस लड़की के पिताजी घर पर नहीं थे। नहीं तो वह मुझे बहुत ही बुरी तरीके से मारते और ना जाने मेरे साथ क्या होता। मैंने उस लड़की का नाम पूछा तो उस लड़की ने मुझे अपना नाम बताया। उस लड़की का नाम मीना था। अब मैं वहां से जाने लगा तो उसने मुझे कहा कि आइंदा से आप कभी इस तरीके की गलती मत करिएगा। नहीं तो यह आपके लिए बड़ी ही दिक्कत वाली बात हो जाएगी। मैंने उसे कहा ठीक है। आइंदा से यह गलती नहीं होगी।

यह कहते हुए मैं वहां से चला गया और मैंने जाते-जाते उसे सॉरी भी बोला। जब मैं अपने दोस्तों को सुबह मिला तो वह कहने लगे तुम रात भर कहां थे। मैंने उन्हें जब अपनी बात बताई तो सब बड़ी ही जोर से हंसने लगे और मेरा मजाक बनाने लगे। मैंने उन्हें कहा कि नशा कुछ ज्यादा हो गया था। इस वजह से मुझे पता ही नहीं चला मैं कहां जा रहा हूं। वह सब अपना पेट पकड़कर बड़ी जोर से हंसते रहे लेकिन मुझे अब उस लड़की की बात पर वाकई में बहुत ज्यादा शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। क्योंकि मुझे रात को कुछ भी याद नहीं था। मैं कहां जा रहा हूं और कहां हूं। मैंने तो फैसला किया कि मैं अब यह नशे की लत बिल्कुल ही छोड़ दूंगा और आज से शराब बंद कर दूंगा। जब मैं घर पहुंचा तो मेरे दोस्त पार्टी कर रहे थे। उन्होंने मुझे बोला कि आओ हमारे साथ बैठ जाओ। मैंने उन्हें मना कर दिया। मैंने कहा आज के बाद मैं बिल्कुल भी मदिरा को नहीं छुंगा। वह सब बड़े ही ताजुब से मुझे कहने लगे, क्यों बेकार में हमारे साथ मजाक कर रहा है। मैंने उन्हें साफ मना कर दिया और अपने कमरे में जाकर लेट गया। उस दिन मैं अपने कमरे में जाकर सो गया और  सुबह मैं अपने ऑफिस के लिए निकला।

जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकल रहा था तो मुझे वह लड़की भी देखी। वह मुझे कहने लगी कि आप  अब भी शराब पी रहे हो। मैंने उसे मना किया। मैन कहा नहीं अब मैंने छोड़ दी है। अब मैं अपने ऑफिस जाता हूं और ऑफिस से घर आके अपने काम पर लग जाता हूं। तब उसने मुझे कहा कि यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि आपने अपनी शराब छोड़ दी है। वह मेरी बातों से बहुत खुश हो गई और मुझे कहने लगी कि आपने यह बड़ा ही अच्छा काम किया। वह कहने लगी कि अब आप होश में कभी भी वहां से घर आ सकते हैं। आप नशे में मत रहिएगा। इस बात से मुझे भी थोड़ा शर्मिंदगी महसूस हुई और अंदर ही अंदर हंसी आने लगी। वह भी मुस्कुराते हुए चली गई। मैं भी अपने ऑफिस की ओर चला गया। जब मैं वापस लौटा तो मेरे दोस्तों ने मुझसे दोबारा पूछा लेकिन मैंने उन्हें आज फिर मना कर दिया और मैं अपने कमरे में जाकर ले काम करने लगा। मेरा एक दोस्त मेरे पास आया और कहने लगा, ऐसी क्या बात हो गई है जो तुम हमारे साथ अब बैठ भी नहीं रहे हो।  मैंने उन्हें बताया कि मैंने उन सब चीजों का त्याग कर दिया है और मैं अपने जीवन में अब सिर्फ अपने काम पर ध्यान देना चाहता हूं और कुछ समय अब आराम से अपनी लाइफ को जीना चाहता हूं। नहीं तो हमेशा का यही रूटीन बना हुआ था। ऑफिस से आओ और शाम को दारु पी कर सो जाओ। मैं रात को छत पर टहलने चला गया। जैसे ही मैं छत पर गया तो मैंने वहां देखा वहां मीना अपनी मम्मी के साथ में छत पर ही टहल रही हैं। मैं काफी देर तक छत पर टहलता रहा। मैं ऐसे ही उसे देखता रहा और कुछ देर बाद मैं नीचे आकर अपने कमरे में सो गया।

लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं दोबारा से छत में चला गया। मैं जैसे ही छत में गया तो मैंने देखा मीना अभी छत में ही टहल रही है और उसके साथ उसकी मम्मी नहीं है। शायद उसने मुझे नहीं देखा होगा वह छत में ही मूतने लगी। मैंने उसकी गोरी चूतड़ों को देख लिया जैसी ही वह खड़ी हुई तो उसकी गांड भी मुझे दिख गई। मैंने उसे देखा तो वह एकदम से शरमा गई मैं तुरंत ही उसकी छत में चला गया और मैंने उसे कहा क्या यह सही बात है। वह भी शरमा गई उसने सलवार का नाडा नहीं बांधा था। मैंने तुरंत ही उसके सलवार को नीचे करते हुए उसकी चूत मे उंगली घुसा दी और ऐसे ही अंदर बाहर करने लगा। वह भी पूरे जोश में आ गई और मैंने उसे छत में ही लेटा दिया और मैंने उसके सलवार को उतारते हुए। उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर दिया उसकी गीली हो चुकी चूत को मैंने अपनी जीभ से चाटना शुरू किया अब वह पूरी तरीके से गीली हो गई थी। मैंने उसके स्तनों को दबाते हुए थोड़ी देर बाद अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया। मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चूत में डाला तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मैंने उसे छोड़ा नहीं और ऐसे ही चोदता जा रहा था। मेरे घुटने फर्श पर पूरे तरीके से छिल चुके थे लेकिन मुझे उसकी टाइट चूत मारने में बहुत ही मजा आ रहा था। मैं अभी भी ऐसे ही उसे झटके देता जाता थोड़ी देर बाद मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में चिपका लिया। उसे ऐसे ही उसे चोदने लगा लेकिन मेरे घुटने अब पूरी तरीके से छिल चुके थे। मुझसे अब ज्यादा देर तक उसकी चूत नहीं मारी जा रही थी इसलिए मैंने उसे अब खड़ा कर दिया और घोड़ी बनाकर उसकी चूतड़ों के अंदर से उसकी योनि में अपने लंड को डाल दिया।

मै उसे बड़ी तीव्र गति से झटके मारता जाता मैं इतनी तेजी से झटके मार रहा था कि उसका पूरा शरीर हिल रहा था और उसकी चूतड तो बहुत ज्यादा ही हिल रही थी क्योंकि वह बहुत ज्यादा बड़ी थी। मीना तेज तेज चिल्ला रही थी और छटपटा रही थी लेकिन मैंने भी उसे छोड़ा नहीं उसे इतना कसकर पकड़  रखा था कि वो कहीं हिल भी नहीं पा रही थी। मैं ऐसे ही उसे चोदता रहा मुझे बहुत देर हो गई थी जब मैं उसे ऐसे ही रगड़ता रहा। वह भी घोड़ी बनी हुई थी लेकिन अब उसका तो झड़ चुका था मेरा झड़ना अभी बाकी था। मैं जब उसकी चूतड़ों को देखता तो वह अंधेरे में भी बहुत ज्यादा चमक रही थी और मैं ऐसे ही बड़ी तेजी से उसे झटके दिया जा रहा था। उसके चूतड़ों से बहुत तेज आवाज निकल रही थी जो कि मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मैं ऐसे ही उसे धक्के देता जाता एक समय बाद मेरा वीर्य गिरने वाला था। मैंने उसकी चूतड मे अपने वीर्य को गिरा दिया और आराम से वही छत पर लेट गया। मीना ने भी अब अपने सलवार को पहन लिया और मुझे कहने लगी तुम तो बहुत ही गंदे तरीके से चोदते हो। मैंने उसे कहा कि क्यों तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा था वह कहने लगी मुझे तो बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था।

 

 


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