देसी माल के बाद अब विदेशी की बारी

Desi maal ke baad ab videshi ki baari:

antarvasna, kamukta मेरी शादी को करीब पांच वर्ष हो चुके हैं इन पांच वर्षों में मैंने और मेरी पत्नी ने एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छे से दिया, मुझे अपनी पत्नी से कभी भी कोई शिकायत नहीं रही उसने हर जगह मेरा साथ दिया। एक वक्त ऐसा भी था जब मैं पूरी तरीके से टूट चुका था और मुझे बिजनेस में बहुत भारी लॉस हुआ था लेकिन मेरी पत्नी की वजह से ही शायद मैं उस चीज की भरपाई कर पाया मेरी पत्नी यदि उस वक्त मेरा साथ नहीं देती तो शायद मैं पूरी तरीके से टूट चुका होता लेकिन उसने मेरा बहुत साथ दिया, उस वक्त उसने स्कूल में नौकरी की और घर में बच्चों को भी ट्यूशन पढाने लगी, मैंने धीरे धीरे अपने पैसों की भरपाई तो कर दी लेकिन जब मुझे कोई काम शुरू करना था तो उस वक्त मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए उस वक्त भी मेरी पत्नी ने मेरा पूरा साथ दिया और कहा कि पापा ने एक शॉप कुछ ही दिनों पहले खरीदी है यदि तुम वहां पर कुछ काम शुरू करना चाहते हो तो तुम कर सकते हो।

मुझे उसके पिताजी से बात करने में बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन एक दिन वही मुझे अपने पिताजी के पास ले गई और कहने लगी तुम अब मेरे पिताजी से इस बारे में बात कर सकते हो, मैंने उसे कहा कि लेकिन मुझे उनसे इस बारे में बात करना अच्छा नहीं लग रहा, वह कहने लगी तुम बिल्कुल भी चिंता ना करो। मेरी पत्नी सुलोचना ने हीं उस वक्त पिताजी से बात की और कहा कि पिताजी वह कुछ काम शुरू करना चाहते हैं यदि आप उनकी मदद करें तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा, सुलोचना के पिताजी भी उसकी बड़ी ही रिस्पेक्ट करते हैं और उन्होंने उसकी बात नहीं टाली, वह कहने लगे कि बेटा यह शॉप तो मैंने इन्वेस्टमेंट के लिए खरीदी थी लेकिन तुम यदि वहां पर कोई काम शुरू करना चाहते हो तो तुम वहां पर काम शुरू कर सकते हो और वैसे भी यह तुम्हारी ही दुकान है तुम जब चाहे वहां पर काम शुरू कर सकते हो।

उन्होंने अनुमति दे दी थी और मैंने भी काम करने की सोच ली थी लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे वहां पर क्या काम शुरू करना चाहिए उस वक्त मैं अपने पुराने दोस्त से मिला और वह कहने लगा कि मैंने कुछ ही दिनों पहले सोलर का काम शुरू किया है सोलर आइटम में बड़ा ही मुनाफा है, जब उसने मुझसे यह बात कही तो मैंने उसे कहा ठीक है क्यों ना हम लोग सोलर का काम यहां पर शुरू कर ले, वह मुझे कहने लगा कि मैं तुम्हारी मदद तो कर सकता हूं लेकिन तुम्हारे साथ मिलकर काम शुरू नहीं कर सकता। मेरे सामने एक समस्या यह थी कि मेरे पास पैसे नहीं थे, मैंने बैंक ने लोन के लिए अप्लाई कर दिया मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा लोन इतना जल्दी पास हो जाएगा, मेरा लोन पास हो चुका था और मेरे खाते में पैसे भी आ गए थे मैंने पूरी तरीके से सोच लिया था कि मुझे अब काम शुरू कर ही देना चाहिए और मैंने काम शुरू कर दिया, मेरे दोस्त ने उसमें मेरी बहुत मदद की। जिस वक्त मैंने काम शुरू किया उस वक्त मुझे यह डर था कि क्या यह काम चलेगा लेकिन मेरा काम कुछ ही समय बाद अच्छा चलने लगा और मैं अब कांटेक्ट भी देने लगा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था कि मैं यह काम बड़े ही अच्छे से कर पा रहा हूं मैंने कुछ ही समय बाद अपने शॉप पर एक लड़के को भी काम पर रख लिया वह भी बड़ी मेहनत से काम करने लगा और मेरा काम भी अब अच्छा चल पड़ा था। मैंने अपनी पत्नी सुलोचना से कहा कि यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है, वह कहने लगी नहीं रोहित यह तो सब तुम्हारी ही मेहनत का फल है लेकिन मुझे तो यह सब अच्छे से पता था कि यह सब सुलोचना की वजह से ही संभव हो पाया है, धीरे धीरे मेरा काम भी अच्छा चल पड़ा था और उस दौरान मेरे पुराने मित्र का मुझे फोन आया वह कहने लगा रोहित तुम कैसे हो? पहले तो मैं उसे पहचान ही नहीं पाया, मैंने उससे पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं? उसने मुझे अपना परिचय दिया तो मैंने उससे कहा तुमसे इतने समय बाद बात हो रही है मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि तुम कभी मुझे फोन करोगे, वह कहने लगा अब तो सब लोग एक दूसरे को भूल चुके हैं और ना जाने कॉलेज के दिनों के बाद से शायद किसी ने एक दूसरे से संपर्क किया भी है या नहीं, मैंने उसे कहा मेरा तो किसी से भी अब कोई संपर्क नहीं है हम दोनों एक दूसरे की पर्सनल लाइफ के बारे में पूछने लगे मैंने उसे बताया कि मैंने नया काम शुरू कर लिया है, वह कहने लगा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है।

वह मुझे कहने लगा कि यदि तुम कहो तो मैं और लोगों से भी बात करता हूं और हम लोग कहीं घूमने चलते हैं, मैंने उसे कहा तुम मुझे बात कर के बता देना यदि संभव हो पाया तो मैं और मेरी पत्नी भी घूमने चलेंगे, उसने मुझे कहा तुम मुझे कुछ ही दिनों का वक्त दो और कुछ दिनों बाद दोबारा से उसका फोन आ गया वह कहने लगा मेरी ज्यादा लोगों से तो बात नहीं हो पाई लेकिन कुछ ही लोगों से मेरी बात हुई और हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं, मैंने उसे कहा कि हम लोग विदेश घूमने का प्लान बनाते हैं, वह कहने लगा ठीक है हम लोग बाहर जाने का प्लान बनाते हैं। हम लोगों ने फ्रांस घूमने के लिए बात रखी सब लोग कहने लगे ठीक है हम लोग वहीं घूम आते हैं, मेरा यह पहला ही विदेश का टूर था इससे पहले मैं कभी विदेश घूमने नहीं गया था। मैं जब अपने पुराने दोस्तों से एयरपोर्ट पर मिला तो सब लोगों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान थी और सब लोग बहुत खुश थे उनमें से मैं किसी की भी पत्नी से कभी नहीं मिला था लेकिन उस वक्त जब मैं उन लोगों से मिला तो मुझे बड़ा अच्छा लगा।

हम सब तो अपने कॉलेज के दिनों की बात करने लगे और कहने लगे कि यार कॉलेज में हम लोग कितनी मस्ती किया करते थे हम लोग एयरपोर्ट पर ही बैठे हुए थे, हम लोग जब फ्लाइट में बैठे तो सब लोग बड़े ही खुश थे और जब हम लोग फ्रांस पहुंच गए तो हम लोग अपने रूम में फ्रेश हुए, अब हम लोग सब एक दूसरे को पहचान चुके थे। मुझे इस बात की बड़ी ही खुशी थी कि मैं अपनी पत्नी को कितने समय बाद विदेश घूमने के लिए ला पाया हालांकि सुलोचना मुझे घूमने के लिए मना कर रही थी लेकिन मैंने उससे कहा हम लोग ना जाने कबसे एक साथ कहीं घूमने भी नहीं निकले हैं, मैंने उसे बड़ी मुश्किल से मनाया वह कह रही थी कि हम लोगों का फालतू में इतना खर्चा हो जाएगा, मैंने उसे कहा कि अब तुम खर्चे की बात ना किया करो तो ठीक रहेगा। मैंने कभी सोचा ना था कि यह सब इतनी जल्दी ही हो जाएगा, हम लोग जब फ्रांस में घूम रहे थे तो हमें बड़ा ही अच्छा लग रहा था हम सब अपनी पत्नियों के साथ थे और मैं तो इतना ज्यादा खुश था कि मैंने कभी सोचा नही था, यह टूर बड़ा ही अच्छा और यादगार बनने वाला था। मैं जब भी गोरी मेम को देखता तो मुझे उन्हें देखकर एक अलग ही फीलिंग आती तभी मेरे दोस्त शक्ति ने मुझसे कहा यार आज तक हम लोगों ने देसी माल तो बहुत चोदा है लेकिन विदेशी के मजा हमने कभी नहीं लिया। मैंने शक्ति से कहा हां यार बिल्कुल सही बात तुमने कही आज हम लोग किसी विदेशी माल के मजे लेते हैं। हम लोगों ने उस शाम अपनी पत्नियों से होटल में ही रुकने के लिए कहा होटल में पूरी व्यवस्था थी।

हम लोग वहां से बाहर एक जगह पर गए जहां पर हमें एक दलाल मिला उस दलाल के माध्यम से हमें एक सुंदर सी लड़की मिली। उसके बाल पूरे सफेद थे वह इतनी सेक्सी थी उसे देखकर मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था। हम सारे दोस्त बहुत ही खुश थे वह सब के लंड लेने को तैयार थी। मैं तो इस बात से बड़ा ही उत्सुक था कि क्या वह हम सबके लंड अपनी चूत में ले पाएगी। हम लोगों उसे एक होटल के रूम में ले गए वहां पर उसने अपने कपड़े खोले हम सब लोगों ने अपने लंड बाहर निकाल लिए उसने एक-एक करके सबके लंड अपने मुंह में ले लिए मैंने जब उसकी गांड पर अपने हाथ को रखा तो मेरा लंड हिलोरे मारने लगा। मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बड़ा ही मजा आने लगा उसकी लंबाई मेरे जितने ही थी मैंने उसे घोड़ी बना दिया। जैसे ही मे उसकी चूत मारने लगा वह अपने मुंह से लगातार तेजी से सिसकियां ले रही थी मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था मैंने उसके साथ बहुत देर तक सेक्स संबंध बनाए।

मेरे वीर्य को उसने अपने मुंह में लिया मुझे बड़ा ही अच्छा लगा मैं कुछ देर के लिए बैठ गया। मेरे बाकी दोस्तों ने उसे चोदना जारी रखा मैं यह सब बैठकर देख रहा था। मैंने अपने लिए शराब का एक पेग बनाया मैंने वह पैग पीना शुरू किया मैं धीरे-धीरे 3, 4 शराब के पैग पी चुका था मुझे अब नशा भी होने लगा था। मैंने जब उसे घोड़े बनाया तो उसने मेरे लंड को पकड़ते हुए अपनी गांड मैं घुसा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड के अंदर गया तो उसके मुंह से एक तेज आवाज निकल पडी मुझे भी बड़ा अच्छा सा लगा। मैंने पहली बार किसी की गांड में अपने लंड को डाला था लेकिन मुझे काफी तकलीफ हो रही थी मैं तेजी से उसे धक्के दिया जाता। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के देने शुरू किया कि उसके मुंह से तेजी से आवाज निकल रही थी और मैं लगातार उसे धक्के दिए जा रहा था मुझे उसे धक्के देने में एक अलग ही आनंद की अनुभूति हो रही थी। वह भी अपने मुंह से लगातार तेजी से आवाज निकाले जा रही थी जैसे ही मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर गिरा तो मुझे बड़ा अच्छा लगा। मेरे बाकी दोस्तों ने भी बड़े ही मजे लिए वह सफर मेरे जीवन का यादगार सफर बन गया।


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