डिलीवरी ब्वॉय ने मेरी प्यास बुझाई

Delivery boy ne meri pyas bujhai:

hindi chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम संजना है मैं पानीपत की रहने वाली हूं, मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं। मेरे पति रोहित अच्छी कंपनी में है इसीलिए हम लोग अब मुंबई में सेटल हो चुके हैं, उनकी जॉब भी मुंबई में ही है। मेरा जीवन अच्छा चल रहा था और मुझे रोहित से कोई भी शिकायत नहीं थी क्योंकि उन्होंने हमेशा मेरी जरूरतों का ध्यान रखा है और कभी भी मुझे किसी चीज की कमी नहीं होने दी लेकिन मेरा नजरिया उनके लिए उस दिन बदला जिस दिन मैंने उनके बैग में एक महिला की फोटो देख ली, मैंने उस दिन उनसे बात भी की लेकिन उन्होंने बात को टाल दिया, वह मुझसे अपनी नजरें बचा रहे थे, मैं समझ गई कि रोहित और उस महिला के बीच में कुछ चल रहा है इसलिए मैंने अपने पति और उस लड़की के बारे में पता करवाने के लिए एक व्यक्ति से बात की, वह व्यक्ति जासूसी का काम करते थे।

मुझे मेरी किसी सहेली ने उनका नंबर दिया था क्योंकि उसे भी अपने पति पर शक था और उसका शक बिल्कुल सही निकला, जब उसने अपने पति को रंगे हाथ पकड़ा तो उसके बाद उसने अपने पति की जमकर धुलाई की, वह उसके बाद से कहीं भी अपना मुंह नहीं मारता और सीधा ही अपने ऑफिस से घर लौट आता है। मुझे भी यही शक था कि यदि रोहित और किसी दूसरी लड़की का चक्कर चल रहा है तो मैं क्या उस चीज को बर्दाश्त कर पाऊंगी क्योंकि मैं अपने पति रोहित को किसी के साथ भी देख नहीं सकती, मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं। जिन व्यक्ति को मैंने हायर किया था उनका नाम संतोष है, मैंने उन्हें अपने घर पर बुलाया और उन्हें कुछ पैसे एडवांस में दे दिए, मैंने उन्हें कहा कि आपको रोहित की पूरी जासूसी करनी है और मुझे यह बताना है कि उनका किसी अन्य महिला के साथ चक्कर चल रहा है या नहीं, वह कहने लगा मैडम आप निश्चिंत रहिए मैंने इससे पहले कई बार ऐसे काम किए हैं आप मुझ पर पूरा भरोसा कर सकती हैं, मैंने उन्हें कहा कि मैंने आप पर भरोसा ही किया है इसलिए मैंने आपको संपर्क किया।

कुछ देर तक वह मेरे साथ बैठे रहे और मेरे बारे में उन्होंने जानने की कोशिश की, मैंने उन्हें बताया कि मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं, मेरा एक लड़का भी है जिसकी उम्र 7 वर्ष है और वह स्कूल में पढ़ता है, मेरे पति रोहित ने कभी भी हमें किसी चीज की कमी नहीं होने दी लेकिन मुझे अब उन पर शक होने लगा है,  थोड़ी देर बाद संतोष चले गए, जब वह मेरे घर से गए तो मैंने उन्हें कहा कि आप मुझे जल्दी ही बता दीजिएगा, वह कहने लगे मैं हर दिन की जानकारी आप तक पहुंचा दूंगा की रोहित कहां जाते हैं और किस किस से मिलते हैं, वह सब मैं आपको शाम को मैं बता दूंगा। अब मैं पूरी तरीके से निश्चिंत हो गई थी और उसके बाद संतोष वहां से चले गए, जब वह चले गए तो वह मुझे शाम को हमेशा बता दिया करते लेकिन उन्हें कुछ भी ऐसा शक नहीं हुआ था जिससे कि मेरे पति रोहित का किसी अन्य महिला के साथ संबंध हो, वह मुझे कहने लगे अभी तक मुझे ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मिली जिससे यह पता चले की आपके पति रोहित का संबंध किसी अन्य महिला के साथ है। मैं उन्हें कहने लगी कि यदि ऐसा होता है तो मैं अपने आप को बहुत ही खुशनसीब समझूँगी क्योंकि मेरा रिश्ता टूटने से बच जाएगा,  मैं नहीं चाहती कि रोहित किसी भी महिला के साथ रहे, संतोष मुझे कहने लगे आपको मैं कल रोहित के बारे में बताता हूं, अब उन्होंने उस दिन फोन रख दिया। अगले दिन जब उन्होंने मुझे फोन किया तो वह कहने लगे कि आज मैंने रोहित को किसी लड़की के साथ देखा था और मैं उस लड़की के बारे में भी जानकारी निकाल रहा हूं, मुझे थोड़ा घबराहट सी होने लगी थी क्योंकि मुझे अब पूरा यकीन हो गया था कि रोहित का किसी दूसरी लड़की के साथ कुछ चल रहा है और हुआ भी ऐसा ही। जब मुझे संतोष ने बताया कि रोहित का उस लड़की के साथ संबंध है और उसका नाम रचना है तो मैं यह बात सुनकर बिल्कुल शौक हो गई और अंदर से अपने आप को बहुत ही अकेला महसूस करने लगी, उन्होंने मुझे रोहित और रचना की फोटो भी भेजी जिससे कि मुझे पूरा यकीन हो चुका था।

मैंने रोहित से इस बारे में बात की लेकिन उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया, मैं चाहती थी कि रोहित अपने मुंह से ही मुझे बताएं कि उनका किसी और लड़की के साथ संबंध है या नहीं लेकिन उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया इसलिए मैंने भी उसके बाद उनसे इस बारे में बात ही नहीं की। मुझे तो पूरा यकीन हो गया था कि अब हम दोनों के बीच में पहले वाला प्यार नहीं बचा है इसीलिए मैं भी उनसे थोड़ा बहुत दूरी बनाने लगी और ना जाने कब हमारे बीच में इतनी दूरी बढ़ने लगी की अब हम दोनों एक दूसरे से सिर्फ काम को लेकर ही बातें करते थे, रोहित भी थोड़ा बहुत वक्त मेरे साथ बिताते तो मुझे भी अच्छा लगता यदि मैं उनसे उनके रिलेशन के बारे में बात करती तो हो सकता था कि शायद हमारा रिश्ता भी टूट जाता इसीलिए मैंने सोचा कि उनसे इस बारे में बात ही ना की जाए तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मैंने उनसे इस बारे में बात नहीं की लेकिन मैं अंदर से अपने आप को बहुत अकेला महसूस करने लगी थी और उसके चलते मैं बहुत तनाव में भी रहने लगी, मैं अपनी बात को किसी के साथ भी शेयर नहीं कर पा रही थी और ना ही मेरी इच्छाएं पूरी हो रही थी।

मैं घर में एक दिन अकेली बैठी थी तो मैने सोचा अपने लिए कुछ आज खाने का आर्डर कर दू, मैंने अपने लिए खाने के लिए आर्डर कर दिया। जब एक नौजवन लडका वह ऑर्डर लेकर आया, वह देखने में बड़ा ही हैंडसम था मैंने सोचा काफी दिनों से मैंने अपनी चूत की प्यास भी नहीं बुझाई है क्यों ना इसी के साथ आज मैं रंगरलिया मना लू। मैंने उसे अंदर बुलाया, मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया। वह सहम गया क्योंकि उस लड़के की उम्र ज्यादा नहीं थी मैंने उसे जब अपने स्तन दिखाए तो वह मेरी ओर आकर्षित होने लगा और कहने लगा क्या मैं आपके स्तनों को दबा सकता हूं। मैंने उसे कहा क्यों नहीं उसने जैसे ही मेरे स्तनों पर हाथ लगाया, मेरे अंदर से गर्मी बाहर आ गई मैं पूरी उत्तेजित हो गई। वह मुझे कहने लगा मैं आपके साथ सेक्स करना चाहता हूं।

उसने ज्यादा देर नहीं की और अपने कपड़े खोलने से पहले उसने मेरे कपड़े खोले, मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया पहले तो उसका लंड छोटा सा था लेकिन जब मैंने उसे अपने मुंह में लेकर चूसा तो वह काफी लंबा हो गया, वह मेरी चूत के अंदर जाने के लिए तैयार था। मैंने उसे कहा तुम मेरी चूत के अंदर आज अपने लंड को डाल दो। वह कहने लगा कौन से पोज मे आपको ज्यादा मजा आता है। मैंने उसे कहा तुम मुझे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू करो उसने मुझे कहा मैं आपको डॉगी स्टाइल में चोदता हूं। मैंने उसे कहा ठीक है उसने मेरी गांड को ऊपर उठाया, वह मेरी गांड और चूत को चाटने लगा जब मेरी योनि से पानी का रिसाव तेजी से होने लगा तो उसने मुझे कहा आपकी योनि बडी सेक्सी है क्या आपके पति आपको चोदते नहीं है। मैंने उसे कहा नहीं मेरे पति मेरा मजा नहीं लेते। उसने जैसे ही मेरी योनि पर अपने लंड को सटाया तो मैं काफी उत्तेजित हो चुकी थी, जैसे ही उसने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाला। मैंने उसे कहा तुम्हारा लंड मेरी योनि में जाती ही मेरे अंदर एक अलग आग पैदा हो गई। उसने मेरी गांड को इतना कस कर पकड़ लिया उसके नाखून मेरी गांड के अंदर तक चले गए। उसने जिस प्रकार से मुझे चोदा मै उसकी तरफ आकर्षित होने लगी और अपनी चूतडो को उससे मिलाने लगी। वह मुझे कहने लगा मैंने आज तक आपके जैसी सेक्सी और हॉट महिला नहीं देखी। मैंने उसे कहा तुम्हें क्या पता मैं अंदर से कितनी अकेली हूं लेकिन तुमने मेरी चूत मारकर मेरा अकेलापन दूर कर दिया। वह इतनी तेज गति से मुझे चोद रहा था, मैं उसको ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाई। जब मैं वह झडने वाला था तो मैंने अपनी योनि को टाइट कर लिया और जैसे ही उसकी वीर्य की पिचकारी मेरी योनि के अंदर गई तो मेरे अंदर से मेरा अकेलापन दूर हो गया। उसने अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसके लंड को काफी देर तक चूसा, मैंने उसका वीर्य अपने मुंह के अंदर भी समा लिया।


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