दमादम मस्त कलंदर और लौड़ा चूत के अन्दर

Damadam mast kalandar aur lauda choot ke andar:

नमस्ते मेरे प्यारे प्रिय पाठको | आप सभी को मेरी मचलती चूत का सादर प्रणाम | कैसे हैं आप सभी ? अच्छे ही होंगे तभी तो मेरी कहानी पढने के लिए आप लोग टाइम निकाल लेते हो | मेरा नाम निशा है और मैं दुर्ग में रहती हूँ | मेरी उम्र 29 साल है और मैं एक शादीशुदा लड़की हूँ | अभी मुझे कोई भी बच्चा नही है | मेरे पति सुन्दर है जो कि बैंक में जॉब करते हैं और रात मे आते ही फिसड्डी हो जाते हैं | मैं दिखने में इतनी गजब की माल हूँ कि हर कोई मुझे लाइन मारता है और चोदना चाहता है | पर मैंने कभी नहीं सोचा कि सच में मुझे किसी की जरुरत पड़ेगी | चलिए इस कहानी के माध्यम से बताती हूँ |

जब मेरी शादी हुई तो मैंने सोचा कि अपने पति से खूब चुदवाउंगी | पर शादी के एक महीने के बाद ही मेरे अरमानो के लौड़े लग गये | मेरे पति 10 दिन तक खूब चोदे | मैंने पहली कभी चुदाई नही की थी तो मुझे मेरे पति का लंड ही बड़ा और मोटा लगता था | पर जब मेरी चूत बड़ी हुई तो पता चला कि मेरी चूत इस छोटे से लंड के लिए नहीं बनी है | मेने सोचा मेरी चूत को बड़ा और मोटा लंड चाहिए | मैं अपने पति से बस एक महीने ही चुदी | उसके बाद मैंने उसे अपने जिस्म को छूने तक नही दिया | मेरे घर में मैं और मेरे पति ही रहते हैं | चुदाई ना होने की वजह से हमारे बीच काफी खिटपिट होती रहती है | एक दिन की बात है दोस्तों, मैं सब्जी ले कर घर आई तो मेरे घर के बाहर दो लौंडे खड़े थे | वो मुझे देख कर बोलने लगे आये हाय क्या माल है ! मैंने पलट कर  जवाब दिया बदतमीज और घर के अन्दर जाने लगी | तभी उसने फिर से कहा यु मटक मटक कर चलती हो क्या मार डालोगी हम को नहीं दोगी तो क्या आचार डालोगी | तो मेरे मुंह से हंसी छूट गयी ये सुन कर और मैं तपाक से घर के अन्दर जा कर दरवाजा बंद कर दिया |

फिर खिड़की से जब मैंने चुपके से देखी तो वो दोनों लड़के वहां से जा चुके थे | तब मैंने सोचा कि क्यों न इन्ही में से किसी से अपनी चूत की चुदाई करवा लू | फिर मैंने खुद से कहा नहीं नहीं ! ये ठीक नहीं है | फिर मैं घर के काम में लग गयी | ऐसे ही दिन बीत रहे थे और मेरी चूत को दो महीने हो गये तडपते तडपते | एक दिन की बात है मैं छत पर खड़ी थी | तभी मेरी नजर एक लड़के पर पड़ी और ये वो ही लड़का था जो मुझे छेड़ रहा था | उसकी नजर भी मुझ पर पड़ी | उसने मुझे देख कर आँख मारी तो मैंने भी मुस्कुरा दी | फिर उसे अन्दर आने का इशारा की | वो मेरे घर के बाहर ही खड़ा था फिर मैंने दरवाजा खोला और उसे अन्दर ले आई | मैंने उसे सोफे पर बैठाया और पूछा कि तू मुझे लाइन क्यों मारता है ? तो उसने कहा कि तू चीज़ ही ऐसी है तुझे लाइन तो क्या लंड से मारने का मन करता है | फिर मैंने पूछी अच्छा इतना दम है तेरे लंड में जो मेरी चूत को चोद सकेगा ? तो उसने भी कहा 9 इंच का लंड है जहाँ घुसेगा फाड़ ही देगा | मैं सोच में पड़ गयी कि अगर इसका लंड मेरी चूत में घुसेगा तो क्या होगा ? और ये भी सोचने लगी कि साला कहीं झूट तो नहीं बोल रहा है ? इतना बड़ा लंड कैसे हो सकता है किसी का ? फिर मैंने उससे कहा कि तेरा लंड 9 इंच का नहीं हुआ तो | उसने कहा कि अगर नही हुआ तो मैं तुझे कभी नहीं छेडूंगा | इसका कांफिडेंस मुझे पसंद आया | मैंने उससे कहा कि रुक टेप ले कर आती हूँ | जब मैं टेप ले कर आई तो देखा कि वो एक दम नंगा सोफे पर बैठा है | खैर मुझे क्या फर्क पड़ना था | मैंने कहा चल खड़ा कर अपना लंड | तो उसने कहा कि तू हिला और चूस कर खड़ा कर | मैंने मना कर दी तो उसने फिर कहा एक काम कर तू खुद नंगी हो जा तो मेरा लंड अपने आप ही खड़ा हो जायगा | उस वक़्त मैंने नेट वाली साड़ी पहने हुई थी | जैसे जैसे मैं अपनी साड़ी उतारती गयी उसका लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा | अब मैं उसके सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी थी | उसका लंड तम्बू से बम्बू हो गया था | फिर मैंने टेप से उसके लंड को नापा तो उसका लंड 9.2 इंच लम्बा निकला | ये देख कर मेरी गांड फट गयी और चूत गीली हो गयी | अब मैं उसके लंड की दीवानी हो गयी थी | मैंने उसके लंड को अपने हाँथ में ली और हिलाने लगी | उसके लंड को हिलाते हिलाते मैंने उसके होंठ मे होंठ रख दी और किस करने लगी | वो भी मेरा साथ देते हुए मुझे किस करने लगा और ब्रा के ऊपर से ही मेरे दूध को मसलने लगा | मैं गरम हो चुकी थी |

किस करने के बाद मैं उसके लंड को चाटने लगी तो  वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगा | मैं उसके लंड को ऊपर से नीचे और नीचे से उपर्र चाटने लगी तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर के बालो सहलाने लगा और मेरी जुल्फों को कान के पीछे करने लगा | उसके लंड को चाटने के बाद मैंने अपने मुंह में भर ली और जोर जोर से चूसने लगी | वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर को अपने लंड मे दबाने लगा | मैं उसका लंड चाट रही थी ,चूस रही थी ,और उसके लंड के दो जामुन को भी मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रहा था |

उसके लंड को चूसने के बाद उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और आई लव यू कहा तो मैंने भी आई लव यु टू कह दी | अब वो मेरे ब्रा को उतार दिया और दोनों दूध को मसलने लगा और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ सिस्कारिया लेने लगी |  फिर उसने मेरे दूध मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगा और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर पे हाँथ फेरने लगी | वो मेरे दूध को चूसते हुए मेरे दूध के निप्पलस को भी अपने होंठ में दबा कर चूस रहा था और साथ में जोर जोर से मेरे उभारो को मसल भी रहा था | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके लंड को हिला रही थी | उसके लंड को चूसने के बाद उसने मुझे सोफे पर लेटा दिया | अब वो मेरी टाँगे चौड़ी कर के मेरी चूत पर अपनी जीभ रख के चूत को चाटने लगा | मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी थी | फिर मेरी चूत को चाटने के बाद उसने अपना लंड मेरी चूत में टिकाया और लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में जैसे ही गया तो मेरी चीख निकल गयी क्यूंकि पहली बार मेरी चूत में इतना बड़ा लंड घुस रहा था | फिर  मैंने भी कड़ी हिम्मत की और उससे कहा कि डाल दो अपना लंड और चोदो मुझे | फिर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसेड दिया | अब वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा और मैं भी गांड उठा उठा कर उसका साथ देते हुए चुदवा रही थी और मेरे मुंह से लगातार आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की आवाजे निकल रही थी |

करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने मेरे मुंह के ऊपर ढेर सारा गाढ़ा गाढ़ा माल छोड़ दिया था | फिर मैंने सोच ली थी कि अब मैं इससे रोज चुदुंगी | अब वो  मेरे घर रोज आता है और रोज मुझे संतुष्ट कर के चला जाता है | तो दोस्तों ये रही मेरी दास्ताँ और उम्मीद है कि आप आगे भी मेरे साथ जुड़े रहेंगे और मेरी कहानियों को इतना ही प्यार देंगे | अब मैं चलती हूँ और बाद में हाज़िर हो जाउंगी नयी कहानी के साथ |


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