डालो गांड में मगर धीरे से

Dalo gaand me magar dhire se:

Kamukta, antarvasna मेरा नाम संजय है मैं पुणे का रहने वाला हूं पुणे में मेरे परिवार को रहते हुए 20 साल हो चुके हैं मेरे पिताजी भी रिटायर हो चुके हैं और अब वह घर पर ही रहते हैं। मैं और मेरे पिताजी चाहते है की मेरी बहन की शादी एक अच्छे घर में हो उसके लिए मेरे मामा ने हमारी मदद की मेरा मामा ने अपने किसी परिचित से मेरी बहन पारुल के लिए रिश्ते की बात की। उसके बाद वह लोग हमारे घर पर पारुल को देखने के लिए आए उन्हें पारुल बहुत पसंद आई और फिर पारुल की सगाई हो गई। पारुल की सगाई हो चुकी थी हम लोगों ने पारुल की सगाई बड़े ही धूमधाम से की और उसके बाद उसकी शादी होने वाली थी लेकिन मैं हमेशा ही सोचता रहता कि जब पारुल की शादी हो जाएगी तो उसके बाद घर कितना सूना हो जाएगा।

पारुल की वजह से घर में बहुत रौनक रहती है मेरे माता-पिता उससे बहुत खुश रहते हैं वह लोग पारुल को बहुत प्यार करते हैं। एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था तो मुझे पारुल ने फोन किया और कहा भैया मुझे कल अपनी एक फ्रेंड के घर पर जाना है तो क्या आप आते वक्त मेरे लिए एक जींस ले आओगे। मैंने उसे कहा हां ठीक है मैं जींस ले आऊंगा उसके बाद मैं जब मॉल में पारुल के लिए जींस लेने के लिए गया तो मैंने जींस की कुछ फोटोग्राफ पारुल को भेजे पारुल कहने लगी ठीक है भैया आप ब्लैक रंग की जींस ले लीजिए। मैंने उसके लिए ब्लैक रंग की जींस ले ली जब मैं बिल पेय कर रहा था तो उस वक्त मुझे मेरा दोस्त रोहित दिखा रोहित के साथ उसकी पत्नी भी थी। रोहित ने मुझे देखा तो वह कहने लगा अरे यार आज तुम से काफी समय बाद मुलाकात हुई हम दोनों गले मिले रोहित कहने लगा चलो कम से कम तुमसे मुलाकात तो हुई। रोहित मेरे साथ मेरी क्लास में पढ़ता था लेकिन उससे मेरी काफी समय से मुलाकात नहीं हो पाई थी उसकी पत्नी काजल को भी मैं अच्छे से जानता हूं क्योंकि काजल हमारे कॉलेज में ही हमारी जूनियर थी। मैं और रोहित एक दूसरे से बात कर रहे थे मैंने रोहित से पूछा आजकल तुम क्या कर रहे हो वह मुझे कहने लगा मैं आजकल दिल्ली में जॉब कर रहा हूं और कुछ दिनों के लिए मैं घर आया हुआ था।

मैंने रोहित से कहा तुम कितने दिनों तक घर पर हो वह कहने लगा बस चार-पांच दिन बाद चला जाऊंगा मैंने रोहित से कहा मेरी बहन की शादी में जरूर आना मैं तुम्हें कार्ड भिजवा दूंगा। वह कहने लगा लेकिन तुम्हारी बहन की शादी कब है मैंने उसे बताया जब होगी तो मैं तुम्हें बता दूंगा उसके कुछ देर बाद मैं वहां से चला गया। मैं जैसे ही घर पहुंचा तो पारुल मुझे कहने लगी भैया आपने ठीक किया जो जल्दी घर पर आ गए क्योंकि अभी कुछ देर बाद मामा जी भी यहां आने वाले हैं। मैंने उससे कहा लेकिन तुम्हें किसने बताया कि मामा आ रहे हैं पारुल मुझे कहने लगी कि मुझे पिताजी ने बताया था कि तुम्हारे मामा आज रात को हमारे घर पर ही रुकने वाले हैं। हम लोग आपस में बात कर रहे थे कि मामा जी भी पहुंच गए जब मामा जी पहुंचे तो मामा जी मुझे कहने लगे अरे संजय बेटे तुम कैसे हो मैंने उन्हें कहा मामा जी मैं तो ठीक हूं आप सुनाइए आप कैसे हैं। वह कहने लगे मैं भी ठीक हूं मैंने मामा जी से पूछा मुझे तो मालूम ही नहीं था कि आप आज घर पर आने वाले हैं। मामा कहने लगे तुम्हारी मामी और बच्चे सब अपने नानी के घर गए हुए हैं तो मैंने सोचा कि क्यों ना तुम्हारे घर पर आ जाऊं इसीलिए मैं तुम्हारे घर पर आ गया। मैंने मामा से पूछा मामा जी आपने अभी कुछ दिनों पहले नई दुकान खोली थी वह कैसी चल रही है वह कहने लगे बेटा काम तो अच्छा है लेकिन वह बात नहीं है पहले थी पहले काम बहुत ज्यादा होता था लेकिन अब इतना काम नहीं रहता है फिर भी हम लोग थोड़ा-बहुत मुनाफा कमा ही लेते हैं। हम दोनों बात कर रहे थे तभी पिताजी भी आ गए पिताजी ने मामा से कहा सुरेश तुमने अच्छा किया जो घर पर आ गए। पिताजी को भी मामा से कुछ जरूरी काम था इसलिए वह दोनों आपस में बात करने लगे क्योंकि पायल की शादी नजदीक आने वाली थी।

मामा जी ने पिताजी से पूछा कि आप कितने रिश्तेदारों को बुलाने वाले हैं पिताजी ने कहा मैंने रिश्तेदारों की लिस्ट बनाई हुई है कि किन किन लोगों को मुझे शादी में इनवाइट करना है। उसके बाद पिताजी फ्रेश होने के लिए चले गए फिर कुछ देर बाद मामा और पिताजी आपस में बात करने लगे तभी पारुल कहने लगी भैया जब मेरी शादी हो जाएगी तो आप को मेरी याद आएगी। मैंने उससे कहा हां जब तुम्हारी शादी हो जाएगी तो हम लोगों को तुम्हारी बड़ी याद आएगी मैं तो यह सोच रहा हूं कि मम्मी पापा का मन कैसे लगेगा। मैंने तो शायद उन लोगों को इतना समय नहीं दिया है लेकिन तुम्हारे साथ तो वह काफी घुल मिलकर रहते हैं और तुम्हें बहुत पसंद भी करते हैं तुम्हारे जाने से उन्हें बहुत अकेलापन महसूस होगा। पारुल मुझे कहने लगी भैया आप बिल्कुल ठीक कह रहे हो इन लोगों को मेरे जाने से काफी तकलीफ होगी लेकिन एक न एक दिन तो शादी करनी ही है मुझे भी काफी बुरा लग रहा था। धीरे धीरे पारुल की शादी की सारी तैयारियां हो गई और मैंने भी अपने दोस्तों को पारुल की शादी के लिए इनवाइट किया। मैंने रोहित को फोन किया और उसे कहा कि मैंने तुम्हारे घर पर शादी का कार्ड भिजवा दिया है तुम्हें शादी में जरूर आना है वह कहने लगा हां संजय मैं तुम्हारी बहन की शादी में जरूर आऊंगा। मैं और रोहित आपस में बात कर रहे थे मैंने रोहित से पूछा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है वह कहने नहीं लगा बस यार ठीक ही चल रहा है। मैंने उसे कहा काजल कहां है वह कहने लगा काजल तो घर पर ही रहती है मैंने उससे पूछा काजल क्या कुछ काम कर रही है वह कहने लगा हां काजल ने अभी कुछ दिनों पहले अपना ब्यूटी पार्लर खोला है।

काजल पुणे में ही रहती है मैंने उसे कहा मैंने घर पर शादी का कार्ड भिजवा दिया है और तुम्हें शादी में जरूर आना है उसके बाद मेरी और रोहित की काफी देर तक बात हुई। मैंने जब फोन रखा तो उसके बाद मुझे पारुल कहने लगी भैया आपने अपने दोस्तों को तो शादी के लिए इनवाइट कर दिया है मैंने उसे कहा हां मैंने अपने सारे दोस्तों को शादी के लिए इनवाइट किया है। मैंने उससे कहा कि क्या तुमने अपनी सहेलियों को इनवाइट कर दिया है वह कहने लगी हां मैंने भी लगभग सब लोगों को इनवाइट किया हुआ है। पारुल की शादी होने वाली थी जिस दिन उसकी शादी थी उस दिन लगभग मेरे परिचित सब आए हुए थे रोहित और काजल भी पारुल की शादी में आए हुए थे। जब रोहित मुझे मिला तो मैंने रोहित से कहा चलो तुमने अच्छा किया जो शादी में आ गए मैंने रोहित और काजल को अपने माता पिता से मिलवाया। जब मैंने अपने मम्मी पापा से दोनों को मिलाया तो वह कहने लगे अच्छा तो यह रोहित हैं रोहित से पापा ने कहा संजय तुम्हारे बारे में काफी कुछ कहता रहता है। उसके बाद शादी बड़े अच्छे से हो चुकी थी घर में पारुल की याद मम्मी पापा को आती रहती थी। वह मुझे कहने लगे तुम भी शादी कर लो लेकिन मैं शादी करना नहीं चाहता था मुझे थोड़ा समय चाहिए था। रोहित दिल्ली रहता था एक दिन मुझे काजल मिली मुझे काजल मिली तो मेरी उससे काफी देर तक बात हुई उस दिन वह बड़ी ही हॉट और सेक्सी लग रही थी।

मैं उसे देखकर बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा मुझे इस चीज का एहसास हो चुका था कि वह भी मुझ पर पूरी लाइन मार रही है इसलिए एक दिन मैंने काजल को फोन किया और उससे मिलने उसके घर पर चला गया। मैं जब उसके घर पर गया तो उस दिन वह घर पर ही थी उसने काले रंग का सूट पहना हुआ था जिसमें कि वह बडी ही गजब की लग रही थी। मैंने कभी भी उसके बारे में ऐसा नहीं सोचा था लेकिन उसकी बड़ी गांड देखकर मैं और भी ज्यादा मचलने लगा मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी उसने जब मेरे लंड को हाथ में लेकर ही हिलाना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा। मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी उसे बड़ा मजा आ रहा था और वह अच्छे से मेरे लंड का रसपान कर रही थी। काफी देर तक उसने मेरे लंड को मुंह मे लेकर चूसा मैंने उसकी योनि पर अपने लंड को रगडना शुरू किया तो वह मचलने लगी थी। जैसे ही उसकी चूत मे मैने लंड को थोड़ा सा अंदर डाला तो वह चिल्ला उठी मैने उसे धक्के देते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया मेरा 9 इंच मोटा लंड उसकी योनि के अंदर तक जा चुका था और उसके अंदर की गर्मी बाहर आने लगी थी। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होता तो उसके मुंह से आवाज निकाल आती वह मुझे कहने लगी तुम और भी तेजी से धक्के दो।

मैंने उसके दोनों पैरों को चौडा किया और उसे और भी तेजी से धक्के देने लगा, जब वह मेरे लंड को महसूस करती तो उसे भी मजा आता और उसकी योनि से लगातार गिला पदार्थ बाहर की तरफ निकल रहा था। जिससे कि उसकी गर्मी में और भी बढोत्तरी होती जा रही थी मेरे अंदर का जोश भी बढ़ता जा रहा था। मुझे उसे धक्के मारने में और भी मजा आता लेकिन हम दोनों ही एक दूसरे के बदन की गर्मी को बर्दाश्त ना कर सके जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे बड़ा अच्छा लगा और काजल को भी बहुत मजा आया। उसके बाद मैंने काजल की गांड के मजे लिए जिससे कि मैंने उसकी इच्छाओं को पूरा कर दिया था और उसके बाद तो वह मुझसे अपनी इच्छा पूरी करवाने के लिए हमेशा कहती रहती थी, मुझे उसकी गांड मारने मे बहुत मजा आता।


Comments are closed.