डाकिये ने देसी मस्त भाभी की चूत के मजे लिए

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Daakiye ne desi mast bhabhi ki choot ke maje liye आकाश घर आए तो वह बहुत ज्यादा थके हुए नजर आ रहे थे मैंने आकाश से कहा क्या मैं आपके लिए चाय बना दूँ आकाश कहने लगे हां मेरे लिए तुम चाय बना ही दो बहुत थकान हो रही है। मैंने उनके लिए चाय बना दी मैंने जैसे ही उनके लिए चाय बनाई तो वह मुझे कहने लगे मेघा तुम्हें मालूम है आज मेरे क्लीनिक में कौन आया था। मैंने आकाश से पूछा आपके क्लीनिक में भला कौन आया होगा मुझे कैसे पता चलेगा वह मुझे कहने लगे जरा सोचो तो सही कि आज कौन आया होगा। मैंने कहा मुझे नहीं पता आज कौन आया था तो आकाश कहने लगे कि आज मेरे ताऊ जी के लड़के आए हुए थे मैंने उनसे कहा क्या बात है आज वह क्लीनिक में कैसे आ गए। आकाश कहने लगे यह तो मुझे भी नहीं पता कि वह लोग क्यों आए थे लेकिन बिना काम के तो वह लोग कभी आते ही नहीं हैं जरूर कोई बात तो थी लेकिन वह मुझसे कह ना सके और वह लोग मेरे साथ बड़े अच्छे से पेश आ रहे थे।

मैंने आकाश से कहां भला यह कैसे हो गया वह लोग तो आपको बिल्कुल भी पसंद नहीं करते हैं और जब भी वह आपको देखते हैं तो अपना मुंह टेढ़ा कर लेते हैं। आकाश कहने लगे जरूर कोई ना कोई तो ऐसी बात रही होगी जिस वजह से वह मेरे पास आए थे परंतु मुझे नहीं पता था कि वह मेरे पास क्यों आए थे। मैं और आकाश आपस में बात कर रहे थे मैं कहने लगी आकाश मैं सोच रही थी कि काफी दिनों से हम लोग कहीं गए नहीं हैं तो क्या कहीं घूमने के बारे में तुमने कोई प्लान बनाया है। आकाश कहने लगे मेघा तुम्हें तो मालूम हीं है की क्लीनिक मुझे ही संभालना पड़ता है मैंने आकाश से कहा तुम किसी को रख क्यों नहीं लेते। आकाश कहने लगे ठीक है मैं सोचता हूं कि मुझे क्या करना चाहिए लेकिन फिलहाल तो अभी मेरे पास समय नहीं है। आकाश पहले एक बड़े अस्पताल में जॉब करते थे लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने वहां से छोड़ दिया था और अपना खुद का ही क्लिनिक उन्होंने खोल लिया जिस वजह से उनका काम भी अच्छा चल रहा था। उनके पास मरीजों की लाइन लगी रहती थी क्योंकि आकाश किसी से भी बेवजह पैसे नहीं लिया करते थे इसी के चलते आकाश के पास काफी लोग आया करते थे। मैं आकाश से कहने लगी मैं शालू से बोलकर अभी तुम्हारे लिए खाना बनवा देती हूं, शालू हमारे घर की नौकरानी हैं और वह हमारे घर पर पिछले 10 वर्षों से काम कर रही है।

कुछ ही देर में शालू ने खाना बना दिया था हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया आकाश और मैंने लव मैरिज की है आकाश और मैं पहली बार अपने मामा की लड़की की शादी में मिले थे आकाश भी शादी में आए हुए थे। मेरे मामा आकाश के परिवार को अच्छे से पहचानते थे इसलिए उन्होंने आकाश को भी शादी में इनवाइट किया था। आकाश से जब उस दौरान मेरी मुलाकात हुई तो मुझे आकाश बहुत अच्छे लगे और उनके सीधे साधे और सरल स्वभाव की वजह से मैंने उनसे शादी करने के बारे में सोच लिया था। शायद आकाश के दिल में भी मेरे लिए वही प्यार था तो हम दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का निर्णय ले लिया था। जब हम दोनों ने शादी करने का फैसला किया तो मेरे मम्मी पापा को भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी। आकाश ने अपने माता पिता की मृत्यु के बाद अपनी जिम्मेदारियां खुद ही संभाली हैं अभी हमारी शादी को 3 वर्ष ही हुए हैं। आकाश और मैं एक दूसरे को अच्छा समय दिया करते लेकिन कुछ समय से आकाश थोड़ा परेशान चल रहे थे वह अपने काम की वजह से परेशान थे। उनकी परेशानी बिल्कुल लाजमी थी क्योंकि उनके पास काफी काम होता था जिस वजह से वह बहुत परेशान रहते हैं लेकिन आकाश ने भी मेरी बात मान ली थी और हम लोगों ने घूमने का प्लान बना दिया। हम लोग घूमने के लिए बाली चले गए जब हम लोग बाली गए तो वहां पर आकाश का मूड भी अच्छा था और हम दोनों ने इतने समय बाद अच्छे से साथ में समय बिताया नहीं तो आकाश के चेहरे पर थकान साफ नजर आती थी। अब आकाश थोड़ा अच्छा महसूस कर रहे थे मैं तो हमेशा ही चाहती थी कि आकाश खुश रहे उसी दौरान आकाश के बचपन का दोस्त हमें वहां मिला वह भी अपनी फैमिली के साथ आए हुए थे उनका नाम राजेश है। राजेश को जब आकाश ने अपने मम्मी पापा के बारे में बताया तो राजेश कहने लगा यार यह सुनकर बड़ा बुरा लगा।

राजेश मुझे कहने लगा भाभी जी कभी होटल में आइए होटल में मेरी पत्नी भी मेरे साथ रहती है और इस बहाने हम लोगों का मिलना तो होगा। हम लोग होटल में राजेश की पत्नी से मिलने के लिए चले गए जब हम लोग राजेश की पत्नी पारुल से मिले तो मुझे काफी अच्छा लगा और पारुल भी हंसमुख और अच्छी महिला है हम लोगों ने काफी समय साथ में बताया और उसके बाद मैं और आकाश अपने होटल में वापस आ गए। अब हम लोग इतने समय बाद साथ में कहीं बाहर गए थे तो कई पुरानी बातें ताजा होने लगी। आकाश ने मुझसे कहा कि मेरे ताऊजी के लड़के इस बीच में भी मेरे पास आए थे मैं तुम्हें यह बात बताना भूल गया और जब वह लोग आए तो हमारी एक पुश्तैनी जमीन है जो कि दादाजी ने पिताजी और ताऊ जी के नाम पर की थी लेकिन वह लोग चाहते है कि उसे वह अपने पास रख लें या फिर उसे बेच दे। मैंने आकाश से कहा आप उन्हें ही वह क्यों नहीं दे देते हमारे पास तो अपना सब कुछ है। आकाश कहने लगे मैं उन्हें देना तो चाहता हूं लेकिन उनकी नियत में ही खोट है और तुम्हें तो पता ही है कि वह लोग किस प्रवृत्ति के हैं वह कभी भी मेरा अच्छा नहीं चाहते और हमेशा ही मुझे उन्होंने नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। मैंने आकाश से कहा लेकिन आप उन्हें ही वह दे दीजिए या फिर उसे बेच दीजिए आकाश कहने लगे मैं देखता हूं कि मुझे क्या करना चाहिए।

आकाश और मैंने बाली में एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया और हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता कर खुश थे। जब हम लोग वापस लौटे तो हमारे घर में काम करने वाली शालू कहने लगी दीदी आप मेरे लिए क्या लाए हैं। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारे लिए वहां से ज्यादा कुछ तो नहीं ला पाई लेकिन मैंने उसे कुछ कपड़े दे दिए थे जिससे कि वह खुश थी और उसे कुछ पैसे भी दे दिए। शालू घर में इतने बरसों से काम कर रही हैं तो वह भी हमसे कुछ उम्मीदें रखती हैं और हमने भी कभी शालू को अपने परिवार से अलग नहीं माना। शालू के बच्चों की पढ़ाई के लिए आकाश उन्हें पैसे देते रहते हैं आकाश कहते हैं कि बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाओ। आकाश दिल के बहुत अच्छे हैं और शायद उनकी यही अच्छाई मुझे बहुत पसन्द है। हम लोग अब अपने घर पर आ चुके हैं और आकाश अपने काम में व्यस्त होने लगे थे उनके पास समय नहीं होता था लेकिन मैंने एक दिन आकाश से कहा कि आकाश आज मेरा सेक्स करने का बड़ा मन हो रहा है। वह मुझे कहने लगे मेघा अभी तो सुबह हो रही है मैं आकाश से कहा लेकिन मेरा तो बहुत मन हो रहा है अब आप बताइए आप कैसे मेरी आग को बुझाएंगे? आकाश कहने लगे ठीक है मैं रात को आता हूं लेकिन मेरी योनि में तो ज्यादा ही खुजली होने लगी थी  मैं चाहती थी कि कोई मेरी आग कोई बुझा दे। मैंने इसी के चलते अपनी योनि में वाइब्रेटर को घुसाया लेकिन तभी दरवाजे की घंटी बजी तो सामने डाकिया खड़ा था। मैंने जब दरवाजा खोलो तो डाकिया को अंदर बुला लिया। वह कहने लगा मैडम आप इसमें साईन कर दीजिए। मैंने अपनी नाइटी को थोड़ा सा ऊपर कर के अपनी गोरी टंगो को दिखाया तो अब वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो उठा था।

जैसे ही उसने मुझे अपनी बाहों में लिया तो मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत खुश था। वह मुझे कहने लगा आप अपने स्तनों को तो मुझे दिखाओ मैंने भी अपनी नाइटी को उतार दिया। जब मैंने उसे अपने गोरे और सुडौल स्तनों को दिखाया तो वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेने लगा उसे बड़ा अच्छा लग रहा था और जिस प्रकार से वह मेरे स्तनों का रसपान करता उससे मेरी योनि से भी पानी निकालने लगा। मैंने उसके मुंह को अपने योनि पर लगा दिया तो वह मेरी योनि को बड़े ही अच्छे से चाट रहा था और मेरे गिलेपन को और भी बढ़ाने लगा। मैंने डाकिया से कहा अब मुझसे रहा नहीं जाएगा तो उसने भी अपने बड़े से लंड को बाहर निकाल लिया। मैंने उसे अपने मुंह के अंदर लिया तो मुझे उसके मोटे लंड को चूसने में बड़ा मजा आ रहा था मैं उसके लंड को बहुत देर तक चूसती रही। अब हम दोनों की उत्तेजना में वृद्धि हो रही थी तो मैंने भी डाकिया से कहा मुझसे रहा नहीं जाएगा डाकिया ने जैसे ही मेरी योनि के अंदर अपने 9 इंच मोटे लंड को घुसाया तो मुझे ऐसा लगा जैसे कितने समय बाद मेरी योनि में किसी का लंड गया हो। उसका लंड मेरी योनि के अंदर से होते हुए मेरे पेट तक जा रहा था और वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के दिया जाता। मुझे बहुत आनंद आ रहा था जिस प्रकार से वह मुझे धक्के मारता। डाकिया मुझे कहने लगा आपके स्तन तो बड़े लाजवाब है और आपकी चूत बड़ी टाइट है।

मैंने उसे कहा तुम मेरे पैरों को अपने कंधों पर रख लो और मुझे चोदना जारी रखो। डाकिया ने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और उसने मुझे चोदना जारी रखा मेरी योनि अंदर से छिल चुकी थी क्योंकि मेरी योनि में जलन महसूस होने लगी थी। जैसे ही डकिया ने मुझे घोड़ी बनाया तो उसने अपनी उंगली को मेरी गांड के अंदर डाल दिया और कहने लगा क्या मैं आपकी गांड मार लूं? मैंने उसे कहा तुम अभी मेरी चूत मार कर मेरी चूत की खुजली को मिटाओ और उसने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया और अपनी पूरी ताकत के साथ मुझे धक्के मारने लगा। वह जिस प्रकार से मुझे धक्के मार रहा था उससे तो मेरा बदन भी पूरी तरीके से हिल चुका था और मुझे बड़ा मजा आता। कुछ ही देर बाद डाकिया ने अपने वीर्य की बूंदों को मेरी योनि के अंदर डाल दिया तो मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को बाहर निकालो। उसने अपने लंड को बाहर निकाला मैंने अपनी योनि को साफ करते हुए डाकिया को गरमा गरम चाय पिलाई और वह चला गया।


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