कॉलेज की छुट्टियों के दौरान सेक्स का सुख

College ki chhuttiyon ke dauran sex ka sukh:

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मेरा नाम संजना है मैं फरीदाबाद में रहती हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है।  मैं बहुत ही खुले विचारों की हूं और अपने जीवन को इंडिपेंडेंट तरीके से जीना चाहती हूं, मुझे फैशन का भी बहुत शौक है और मैं हमेशा ही कुछ ना कुछ नया खरीदती रहती हूं। मेरे पिताजी मुझे हमेशा कहते हैं कि तुम इतने पैसे मत खर्च किया करो, मैं उनसे ही पैसे लिया हूं, वह मुझे डांटते भी है लेकिन उसके बावजूद भी वह मुझसे पैसे दे दिया करते हैं और कभी कबार मैं अपने भैया से भी पैसे ले लेती हूं, वह चेन्नई में ही रहते हैं और वहीं पर वह नौकरी करते हैं, उनके साथ उनकी पत्नी भी रहती हैं, उनकी शादी को अभी एक वर्ष ही हुआ है। मैं हमेशा ही अपने भैया को फोन करती हूं, मैं जब भी उन्हें फोन करती हूं तो उनसे भाभी के हाल-चाल पूछ लेती हूं। एक बार मेरे कॉलेज की छुट्टियां पड़ी हुई थी, मैं घर में बहुत बोर हो रही थी, मैंने सोचा कि क्यों ना कहीं घूमने का प्लान बना लिया जाए लेकिन हमारा घूमने का प्लान कैंसिल हो गया इसी वजह से हम लोग कहीं भी घूमने नहीं जा पाए, मेरा मूड बहुत ही खराब था, उसी वक्त मेरे भैया का फोन आया, वह मुझे कहने लगे तुम लोग घूमने जाने वाले थे उसका क्या हुआ, मैंने उन्हें बताया कि अब हम लोग घूमने नहीं जा रहे हैं क्योंकि हमारा प्लान कैंसिल हो चुका है।

मैंने जब भैया से यह बात कहीं तो वह कहने लगे तुम कुछ दिनों के लिए मेरे पास चेन्नई आ जाओ, तुम्हें भी अच्छा लगेगा, मैंने इस बारे में अपने पिताजी से बात की और मेरे पिताजी कहने लगे कि ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए वहीं चले जाओ क्योंकि तुम्हारी छुट्टियां भी पड़ी हैं और तुम घर में अपने आप को अकेला महसूस कर रही होंगी। मैंने अपने भैया से कहा कि आप मेरा रिजर्वेशन करवा दीजिए मैं कुछ दिनों बाद यहां से निकल जाऊंगी, उन्होंने मेरा रिजर्वेशन करवा दिया। मैं जब चेन्नई पहुंची तो मेरे भैया मुझे स्टेशन लेने के लिए आए हुए थे, उन्होंने उस दिन अपनी छुट्टी ली हुई थी, मैंने भैया से कहा कि क्या आज आपने ऑफिस से छुट्टी ली है,  वह कहने लगे हां मैंने आज ऑफिस से छुट्टी ले ली है। मैंने उन्हें कहा कि मुझे बड़ी तेज भूख लग रही है मैं कुछ खा लेती हूं, वह कहने लगे अब तुम घर में चल कर ही खाना, मैंने उन्हें कहा नहीं मुझे थोड़ा बहुत कुछ खाना है।

मैंने वही स्टेशन से सेंडविच ले लिया और वह सेंडविच खाने के बाद मेरे भैया कहने लगे चलो अब हम घर चलते हैं, तुम्हारी भाभी जी घर में तुम्हारा इंतजार कर रही होगी। जब मैं और भैया घर पर आए तो भाभी घर पर ही थी, मैं भाभी से मिलकर बहुत खुश हुई और उन्हें देखते ही मैंने गले लगा लिया, वह कहने लगी तुमने यह बहुत अच्छा किया कि तुम कुछ दिनों के लिए हमारे पास आ गई, इसी बहाने मेरा मन भी लग जाया करेगा क्योंकि मैं भी घर में अपने आप को बहुत ज्यादा अकेला महसूस करती हूं और कई बार सोचती हूं कि यदि कोई मेरे साथ होता तो मैं उसके साथ ही बात कर लेती। मैंने भाभी से कहा आप बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए अब मैं आ गई हूं तो आप बिल्कुल भी बोर नहीं होगी, वह भी बहुत खुश प्रतीत हो रही थी। मैंने भाभी से पूछा कि आपको भैया खुश तो रखते हैं, वह कहने लगे तुम्हारे भैया मुझे बहुत खुश रखते हैं, वह मेरे लिए समय भी निकाल लेते हैं। मेरे भैया कहने लगे तुम थक गई हो, तुम आराम कर लो, मैंने उन्हें कहा नहीं मैं यहां आराम करने थोड़ी आई हूं, उसके बाद मैं कपड़े चेंज करने के लिए चली गयी। मेरी भाभी ने मेरे लिए गरमा गरम राजमा चावल बनाए हुए थे, मुझे राजमा चावल बहुत ही पसंद है। जैसे ही मुझे राजमा चावल की खुशबू आई तो मैंने अपनी भाभी को गले लगा लिया और कहा कि आपने तो मेरे लिए राजमा चावल बनाए हैं, मैं तो सोच ही रही थी कि आज मुझे राजमा चावल मिल जाता तो कितना अच्छा होता है आपने तो मेरे दिल की बात ही सुन ली। मैंने अपनी भाभी के हाथ को चूम लिया और कहा कि आप तो लाजवाब हो, भाभी कहने लगी जल्दी से तुम खा लो नहीं तो ठंडा हो जाएगा। मैंने वह गरमा गरम राजमा चावल खा लिया और उसके बाद मैं सोफे पर जाकर बैठ गई, मैंने कुछ ज्यादा ही खा लिया था इसलिए वह मुझे अच्छे से डाइजेस्ट नहीं हो पा रहा था।

मैं कुछ देर बाद कमरे में चली गई और मैं सोने की कोशिश कर रही थी लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। जब मैं बाहर हॉल में आई तो मैंने देखा भैया भाभी भी वहां पर नहीं है, वह दोनों अपने रूम में थे। मैं अपने रूम में आ गई और अपने दोस्तों को फोन करने लगी, मेरे दोस्त कहने लगे चलो तुम तो कम से कम घूमने के लिए चली गई, हमारी तो छुट्टियां ही खराब हो गई। मैंने अपनी सहेली गीतिका से कहा कि तुम लोगों ने ही पूरा प्लान कैंसिल किया है यदि तुम लोग प्लान कैंसिल नहीं करते तो शायद हम सब लोग एक साथ होते। वह कहने लगी कि अप प्लान कैंसिल हो गया तो हम घर पर ही छुट्टियां मना रहे हैं लेकिन तुम तो चेन्नई चली गई। मैंने उसे कहा कि मैं तो अभी आई हूं और आज तो मैं घर पर ही आराम कर रही हूं, कल से हम लोग घूमने के लिए जाएंगे, वह मुझे कहने लगी मुझे तुम वहां की फोटो भेज देना, मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें अपनी फोटो भेज दूंगी। मैं बात करते करते बाहर हॉल में आ गई। जब मैं हॉल मे बैठी हुई थी तो उस वक्त मुझे मेरे भाभी की आवाज सुनाई दे रही थी। मैं जैसे ही भैया के रूम की तरफ गई तो मैंने देखा भैया भाभी को बड़े अच्छे से चोद रहे हैं, उन्होंने भाभी कि चूत मे अपने मोटे कडक लंड को डाला हुआ है।

भाभी की चूतडे बहुत बड़ी बड़ी थी वह अपने पैरों को खोल रही थी और आनंद ले रही थी। मेरी योनि से भी पानी निकलने लगा था मुझसे भी बिल्कुल कंट्रोल नहीं हुआ और मैं भी कमरे के अंदर चली गई। भैया ने अपने लंड को भाभी की योनि से बाहर निकाल लिया लेकिन मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हुआ मैंने उनके लंड को अपने मुंह में ले लिया। भाभी मुझसे कहने लगी यह क्या कर रही हो मैंने उन्हें कहा मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है। मैंने जब अपने कपड़े खोले तो भैया ने मेरी नरम और नाजुक योनि के अंदर अपना लंड डाल दिया जब उनका लंड मेरी योनि में गया तो मेरी योनि से खून निकलने लगा, मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा लेकिन उसमें भी एक अलग ही एहसास था वह मेरी सेक्स की इच्छा को पूरा कर रहे थे। मैं ज्यादा सेक्स के बारे में नहीं सोचती लेकिन जब वह मुझे चोद रहे थे तो मेरी योनि का पानी बाहर की तरफ टपकने लगा और मेरी योनि से खून भी निकल रहा था। भाभी मुझे कहने लगी तुमने तो मेरा मूड खराब कर दिया आधे में आकर मुझे डिस्टर्ब कर दिया। मैंने अपनी भाभी की चूत मे अपनी उंगली को डाल दिया और उसे अंदर बाहर करने लगी। भैया मुझे चोद रहे थे मैं अपनी भाभी की योनि के अंदर बाहर अपनी उंगली को कर रही थी। मेरे भैया मेरी चूत मार रहे थे वह जिस प्रकार से मुझे  चोद रहे थे मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी छुट्टियां अच्छी बितने वाली हैं और मैंने भी अपने दोनों पैरों को खोल लिया। उनका लंड जब मेरी योनि के अंदर तक जाता तो मुझे एक अलग ही प्रकार की उत्तेजना आती। वह काफी देर तक ऐसे ही करते रहे लेकिन जब उनका माल मेरी योनि के अंदर गिरने वाला था उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मेरे बड़े बड़े स्तनों पर अपने वीर्य का छिड़काव कर दिया मैं भी अब शांत हो चुकी थी। उसके बाद उन्होंने भाभी की योनि में अपने लंड को डाल दिया वह भाभी को बड़े अच्छे से चोद रहे थे और मैं खड़ी होकर देख रही थी। वह जिस प्रकार से भाभी को धक्के मार रहे थे मेरी योनि से पानी उतनी ही तेजी से बाहर की तरफ निकल रहा था और मेरी योनि से खून भी टपक रहा था। मेरी भाभी ने मुझे कहा की अलमारी से तुम कोई कपड़ा निकाल लो तुम्हारी योनि से बहुत ज्यादा खून निकल रहा है। जब वह यह बात कह रही थी तो भैया का माल भी उनकी योनि के अंदर जा गिरा। उसके बाद मेरी भाभी और भैया ने मिलकर मेरी योनि को अच्छे से साफ किया। मैंने अपनी छुट्टियां बड़े अच्छे से बताई।


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