क्लासमेट की बहन ने चूत चुदवाई

Classmate ki bahan ne chut chudwayi:

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम विजय है | मैं पंजाब का रहने वाला | मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है | आज जो कहानी मैं आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी जिन्दगी की एक सच्ची घटना पर आधारित है | मुझे आशा है की आप को ये कहानी पसंद आएगी | ये कहानी मेरे पड़ोस की एक लड़की की है | उसका नाम सिमरन है | उसके घर में में उसके मम्मी-पापा और उसका भाई और वो रहती है | मेरा उसके घर अक्सर आना जाना था | क्यूंकि उसका भाई और मैं साथ में ही पढ़ते थे |

एक दिन दोपहर का समय था मैं उसके घर पहुंचा मैंने देखा की कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था | मैं जाकर सोफे पर बैठ गया | तभी सिमरन मेरे पास आकर बैठ गयी | मैंने महसूस किया की वो मेरे लंड को धीरे-धीरे सहलाने लगी | मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे देखकर मुस्कुराने लागी | मैंने एक झटके में उसका हाँथ हटा दिया | मैंने कहा सिमरन ये ठीक नहीं अगर किसी ने देख लिया तो बहुत बुरा हो जायेगा | तो वो बोली विजय मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ | मुझे किसी का कोई डर नहीं है मेरा तन-मन सब तुम्हारा है बस तुम मेरी बात मान लो | मैंने कहा नहीं मैं ये नहीं कर सकता अगर तुम्हारे घर वालो ने देख लिया तो आफत आ जाएगी | उसने कहा की तुम चिंता मत करो कोई घर पर नहीं है भईया कॉलेज गए हुए है और माँ-पिताजी शादी में गए हुए है दो दिन बाद वापस आयेंगे | मैं उसको मना कर रहा था पर वो मेरी एक भी बात नहीं सुन रही थी वो बस मुझसे यही कह रही थी की मैं तुम से बहुत प्यार करती हूँ | उसके बाद वो मेरे लंड को सहलाने लगी | मेरा लंड खड़ा होने लगा था मैंने खुद को बहुत कंट्रोल किया |

पर अब मैं भी अपना कंट्रोल खोने लगा था | मैंने उससे कहा की यहाँ नहीं ठीक है चलो हम बेडरूम में चलते है | फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया और उसको ले जाकर बेड पर पटक दिया | मैं बेड पर लेट गया उसने मेरी पैंट खोली और मेरे लंड को निकाल कर चूसने लगी | वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे की कोई लोलीपॉप चूस रही हो | मैंने उसको नीचे किया और उसके मुहँ में अपना लंड डालकर उसके मुहँ को चोदने लगा | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | थोड़ी देर बाद मैं उसके मुहँ में ही झड गया | उसका पूरा मुहँ मेरे वीर्य से भर गया वो मेरा सारा माल पी गयी और मेरे लंड को चाट कर साफ़ कर दिया | फिर मैंने उसके कपडे निकाल दिए और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में पड़ी थी | मैं उसके बूब्स को दबाने लगा और उसकी चूचियों को मसलने लगा | मैंने उसकी ब्रा को निकाल कर फेंक दिया और उसके निपल्स को चूसने लगा |.मैंने अपना एक हाँथ उसकी पैंटी में डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा | मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाल दी वो एक दम मचल उठी | मैं धीरे-धीरे उसकी चूत को अपनी उँगली से चोदने लगा | थोड़ी देर बाद बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया |

उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत को चाटने लगा | वो मदहोश होने लगी और मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी | वो एक दम बेसुध पड़ी थी और उसके मुहँ से आह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह इस्श्ह्हह की मादक सिसकियाँ निकलने लगी थी | अब वो बहुत गरम हो चुकी थी | वो मुझसे लंड अपनी चूत में डालने को कहने लगी | मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा ही था की तब तक किसी ने बेल बजा दी | हम दोनों का सारा मजा खराब हो गया | हम दोनों ने अपने-अपने कपडे पहने | उसने जाकर की-होल से देखा उसके भैया कॉलेज से वापस आ गए थे | उसने मुझे पीछे के दरवाजे से बाहर निकाला और मुझे किस करते हुए उसने मुझसे कहा की तुम कल सुबह फिर आना जब मेरे भैया कॉलेज चले जाए | फिर उसने जाकर दरवाजा खोला | मैं अपने घर वापस आया और उसके बारे में सोचने लगा मेरे साथ खड़े लंड पर धोखा वाली बात हो गयी थी | ये सब बातें सोचकर मन ही मन हसने लगा फिर मैंने सोचा कोई बात नहीं आज नहीं तो कल सही |

फिर मैं अगले दिन का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा | मेरे दिमाग में बस सिमरन की गुलाबी चूत ही घूम रही थी | उसके बारे में सोचकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया | मैंने बाथरूम में जाकर उसके नाम की मुठ मारी और वापस आकर सो गया | सुबह मैं उठा और मैंने जल्दी से स्नान किया और नास्ता करके 9 बजने का इंतज़ार करने लगा | मैं बहार जाकर खड़ा हो गया और उसके भैया के जाने का इंतज़ार करने लगा | मैं बाहर खड़ा रहा मैंने देखा की 10 बज चुके थे | पर उसका भाई अभी तक नहीं गया था | मैं उसके घर पहुंचा उसका भाई बैठा चाय पी रहा था | सिमरन रसोई में कुछ कर रही थी | मैंने उसके भाई से पूछा की कॉलेज जा रहे हो उसने कहा नहीं आज मैं कॉलेज नहीं जाऊंगा मेरी कुछ तबियत ठीक नहीं है | मेरा दिमाग खराब हो गया मैंने सोचा की आज भी मैं सिमरन की चुदाई नहीं कर पाऊंगा | मैंने उससे पूछा की तुमने दवा ली की नहीं उसने कहा की अभी नहीं ली | मेरे दिमाग में एक आइडिया आया मैंने उससे कहा की तुम रुको मैं तुम्हारे लिए दवा लाता हूँ | मैं डाक्टर के पास गया मैंने उसकी दवा ली और उसके साथ में एक नींद की गोली भी ली |

मैंने उसको दवा के साथ नींद की गोली भी खिला दी | थोड़ी देर तक हम दोनों बैठे बातें करते रहे | उसने सिमरन से चाय लाने को कहा | सिमरन चाय लेकर आई क्या मस्त लग रही थी आज सिमरन | वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई और मुझे चाय देने के लिए झुकी तो उसके बूब्स के दरसन करके मेरा लंड खड़ा हो गया | उसके भाई ने चाय पी फिर उसने सिमरन से कहा की मैं लेटने जा रहा हूँ | तुम दोनों बैठ कर बातें करो | वो उठकर अपने कमरे में चला गया | मुझे पता था की उसपर नींद की गोली असर कर रही थी | मैंने सिमरन को अपनी बाँहों में भर लिया वो मुझसे छूटने की कोसिस करने लगी और कहने लगी अभी नहीं भैया घर पर ही है | मैंने कहा कल तो तू बड़ी हिम्मत दिखा रही थी आज क्या हुआ फट गयी तेरी | उसने कहा प्लीज छोड़ दो भैया आ जायेंगे | मैंने कहा की तू टेंशन मत ले तेरा भाई अब लगभग 4 घंटे तक नहीं उठेगा मैंने उसको दवा के साथ में नींद की गोली भी दे दी है |

उसके चेहरे पर खुसी आ गयी उसने मुझको चुमते हुए कहा तुम तो कमाल हो मेरे राजा | फिर मैंने उसको बाँहों में भर लिया और उसे किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा | हम दोनों के बराबर आग लगी थी मैंने उसको अपनी बाँहों में उठाया और उसके रूम में ले गया | मैंने उसे बीएड पे लिटाया और उसके पूरे बदन को कपड़ो के ऊपर से चूमने लगा | वो गरम होने लगी वो भी मेरे लंड को अपने हाँथ से सहला रही थी | मैंने अपनी पैंट निकाल दी और अपना लंड उसके मुहँ के पास रख दिया | वो मेरे लंड पर ऐसे झपटी जैसे खा ही जाएगी और मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी | मेरा लंड खड़ा हो चुका था | मैंने उसके कपडे निकाल कर उसको पूरी नंगी कर दिया और उसके बूब्स के निपल्स को मुहँ में लेकर चूसने लगा | मैंने अपना हाँथ उसकी चूत पर रखा | उसकी चूत बहुत गरम थी | मैंने उसकी चूत में एक उँगली डाल दी | वो काँप उठी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया | मैंने अपना मुहँ उसकी चूत पर रखा और उसका सारा रस पी गया थोडा नमकीन सा लग रहा था | मैंने उसकी चूत को चाट कर साफ़ कर दिया | अब वो पागल होने लगी थी उसने मुझसे कहा प्लीज अब मुझसे नहीं रहा जाता  | मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा | वो लंड लेने के लिए तड़पने लगी और बोली कब तक तडपाओगे अब डाल भी दो | मैंने एक जोर का झटका लगाया मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया | वो चिल्ला उठी उसने मुझे कहा प्लीज इसको निकाल लो मुझे बहुत दर्द हो रहा है | पर मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी मैंने एक और झटका लगाया मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया | उसकी चूत से खून निकलने लगा उसकी आँखों में आंसू आ गए थे | वो रोने लगी मैंने उसको किस किया और कुछ देर मैं उसकी चूत में लंड डाले पड़ा रहा फिर मैंने धीरे- धीरे धक्के लगाने सुरु किये | अब वो शांत थी और उसे भी मज़ा आने लगा था | वो भी अपनी गांड उचका कर मेरा साथ दे रही थी | फिर मैंने उसकी मस्त चुदाई की | उस दिन के बाद मैंने उसकी कई बार चुदाई की |


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