चूत से बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है

Chut se bachna mushkil hi nahi namumkin hai:

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मेरा नाम आर्यन है मैं इंदौर का रहने वाला हूं। मेरे घर पर मेरी मां पापा और मेरा एक छोटा भाई है। मैं हमेशा की तरह आज भी ऑफिस जा रहा था लेकिन अचानक मेरी तबीयत खराब हो गई। पहले तो मैं घर पर ही दवाइयां ले रहा था और ऑफिस भी जा रहा था। मैंने अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं ऑफिस के कामों में ही व्यस्त हो रखा था। एक दिन मेरी तबीयत और खराब हो गई। मैं बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहा था फिर मेरे घर वाले मुझे हॉस्पिटल लेकर गए। वहां उन्होंने मेरा इलाज करवाया अभी मेरा इलाज चल रहा था। मुझे आराम की बहुत जरुरत थी इसीलिए कुछ दिनों तक उन्होंने मुझे हॉस्पिटल में ही रखा था। एक नर्स को मेरी देखभाल के लिए रख दिया गया। वह हमेशा मेरे साथ ही रहती थी फिर कुछ दिनों बाद मुझे हॉस्पिटल से घर भेज दिया गया और घर पर मेरी देखभाल के लिए मेरे घर वालों ने उसी नर्स को रख लिया था।  वह मेरे घर पर ही मेरी देखभाल करने के लिए रह रही थी। उसकी गांड मुझे बहुत पसंद थी। मैं कई बार मुट्ठ मार कर काम चलाता था। उसका नाम पूजा था पूजा मेरी बहुत अच्छे से देखभाल करती थी। मेरी ही नहीं बल्कि पूरे घर की देखभाल करती थी ।किसी को भी थोड़ी भी तकलीफ होती थी तो वह उनके लिए दवाई की व्यवस्था करती थी।

एक दिन मेरी मां सीढ़ियों से उतर रही थी अचानक उनका पैर मुड गया और वह सीढ़ियों से गिर गई। पूजा ने ही मेरी मां को संभाला उन्हें दवाई लगा कर आराम करने के लिए कहा। मेरी मां के पैर में मोच आई हुई थी इसलिए उनका चलना संभव नहीं था। मुझे भी डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा था इसलिए मैं भी कहीं जा नहीं सकता था। तो उन दिनों पूजा ने ही हम सबकी बहुत अच्छे से देखभाल की मेरी मां की जगह पूजा ही हमारे सारे घर का काम करती थी। वही हमारे लिए खाना बनाती थी और हमें टाइम से दवाई दिया करती थी। मेरी मां पूजा को देखकर बहुत खुश हुई। उन्हें पूजा अच्छी लगने लगी थी कुछ समय तक तो उसी ने हम सब का ध्यान रखा और थोड़े दिन बाद मेरी तबीयत भी थोड़ी ठीक हो गई थी। मैं ऑफिस जाने लगा था उसके बाद मेरी मां भी ठीक थी वह भी इधर उधर चलने लगी थी। हमारे ठीक होने के बाद पूजा चली गई थी। हमारे घर वालों ने उससे बहुत याद किया कि कैसे उसने सारे घर को संभाले रखा काफी समय बीत गया था। एक दिन मैं ऑफिस से जल्दी घर आ गया था तो मुझे कुछ खास काम भी नहीं था। मैं अपना मोबाइल देखने लागा। मुझे एक नंबर दिखा मुझे पता नहीं था कि यह नंबर किसका है। मैंने उस नंबर पर एक मैसेज किया थोड़ी देर बाद मुझे उस नंबर से रिप्लाई आया मैं पूजा हूं। मैंने कहा वही पूजा जो हमारे घर पर आई थी। उसने कहा हां वही पूजा उसके बाद वह हमारी तबीयत के बारे में पूछने लगी। हमारी ऐसे ही मैसेजेस में बात होने लगी थी काफी टाइम तक हम दोनों फोन पर और मैसेजेस पर बात कर रहे थे।

एक दिन मैंने उसे मिलने के लिए बुलाया। मैंने उसको अपने घर पर डिनर पर बुलाया था। मैंने अपनी मां से कहा कि पूजा आज हमारे घर डिनर पर आएंगे तो मेरी मां सुबह से पूजा के आने के इंतजार में बैठी थी। और अलग-अलग खाने की तैयारियां कर रही थी। मुझे नहीं पता था कि मेरे मां के दिमाग में क्या चल रहा है। मेरी मां यह चाह रही थी कि मेरी शादी पूजा से हो जाती। मुझे उस समय किसी बात का पता नहीं था जब पूजा हमारे घर डिनर पर आई तो मेरी मां ने उससे खूब बातें की और फिर खाना खाते समय कहां की तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो इसलिए मैं चाहती हूं कि तुम मेरे बेटे से शादी कर लो। यह सुनकर मैं हैरान रह गया। मैंने तो अभी शादी के बारे में सोचा भी नहीं था फिर मेरी मां ने मुझसे पूछा मैंने उस समय कोई जवाब नहीं दिया। मैंने कहा जैसी आपकी मर्जी मुझे पूजा अच्छी तो लगती थी लेकिन मेरा अभी शादी का इरादा नहीं था। पूजा भी कुछ नहीं बोली और खाना खाने के बाद मेरी मां ने मुझे पूजा को उसके घर तक छोड़ने के लिए कहा। तब मैं पूजा को छोड़ने उसके घर तक गया। इसी बीच हमारी शादी के बारे में बातें हुई। मैंने उसे बताया कि मैं अभी शादी नहीं करना चाहता हूं क्योंकि मैं अपनी लाइफ को एंजॉय करना चाहता हूं। मैंने अभी तक किसी को भी चोदा नहीं है। यही बात मुझे पूजा ने भी कही मुझे पहले अपनी चूत मरवानी है। उसके बाद ही मैं शादी करूंगी। यह बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ और मैंने उसे अपने गले से लगा लिया। मैंने उससे उसके घर छोड़ा और उसे कहा कि तुम एक काम करना कल मेरे घर पर आ जाना। मेरी मां भी तुम्हें बहुत पसंद करती है तो वह भी मना नहीं करने वाली है। पूजा ने मुझे कहा ठीक है मैं कल तुम्हारे घर पर आ जाऊंगी।

अगले दिन पूजा मेरे घर पर आ गई। वह आज बहुत ही सुंदर बनकर आई। उसने अपने बाल खुले रखे थे और उसने एकदम टाइट सूट पहना था। जिसमें वह बहुत ही सुंदर लग रही थी। मेरा लंड उसे देखकर खड़ा हो गया और मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। शायद वह भी यही सोच कर आई थी कि आज मैं अपनी चूत आर्यन से मरवाऊंगी। वह बहुत ही खुश थी उसे मेरी मां मिली उसने मेरी मां से काफी देर तक बात की और अब वह मुझ से बात करने लगी। हम दोनों अपने कमरे में चले गए मैंने मां से कहा कि मैं अपने कमरे में ही कुछ काम कर रहा हूं। मुझे डिस्टर्ब मत करना उन्होंने कहा ठीक है तुम अपना काम कर लो। पूजा भी मेरे साथ आ गई थी मैंने पूजा के टाइट सूट में से ही उसके स्तनों और उसकी गांड को दबाना शुरु किया। मैं ऐसे ही उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाता जाता और वह मुझ से चिपकती जाती। मैंने उसके पतले होठों को अपने मुंह में लेते हुए चूसना शुरू किया। मैंने उसके होठों को भी काट लिया था और उसने भी मेरे होठों पर अपने दांत के थोड़े बहुत निशान लगा दिए थे। जिससे कि हम दोनों के मुंह से खून भी निकलने लगा था। मैंने उससे पूछा कि तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लोगी तो वह कहने लगी ठीक है मैं ट्राई करती हूं। अब उसने मेरे लंड को जैसे ही अपने मुंह पर लगाया तो वह कहने लगी इसमें से तो स्मेल आ रही है।

मैंने उसे कहा तुम्हें एक बार मुंह में लो यह सारी स्मेल गायब हो जाएगी। अब उसने अपने मुंह के अंदर तक उसे लेना शुरू किया और बड़े प्यार से चूसने लगी। पहले तो वह सिर्फ आधे ही लंड को चूस रही थी। उसने पूरे अंदर तक मेरे लंड को लेते हुए चूसने लगी और उसे अच्छे से बाहर निकाल देती और फिर अंदर करने लग जाती। कुछ देर उसने ऐसा किया उसके बाद मैंने उसके सूट को उतार दिया। मैंने उसकी ब्रा को भी बड़े ही प्यार से खोलकर अपने बिस्तर पर रख दिया। मैंने बैठे-बैठे ही उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया। उसके स्तन ज्यादा बड़े नहीं थे पर बहुत अच्छे से वह मेरे मुंह के अंदर तक आ जाते थे। मैंने उसके स्तनों के निप्पल को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। मैं अपनी जीभ उसके स्तनों पर लगाता तो वह मचल जाती और कहती मुझे काफी अच्छा लग रहा है। जब तुम मेरे निप्पलों को चूस रहे हो। मैंने उसके सलवार को उतारा उसने नीले कलर की पैंटी पहनी हुई थी। जिसमें वह बहुत ही अच्छी लग रही थी और उसकी गांड का शेप दिखाई दे रहा था।

मैंने उसकी नीली पेंट को हल्के से नीचे उतारा और उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसेड़ दिया। उसकी चूत एकदम नरम और मुलायम थी। वह बहुत गर्म हो रही थी जैसे ही मैं अपनी लंड को उसकी चूत मे लगा रहा था। पहले तो मेरा लंड अंदर ही नहीं गया लेकिन मैंने कोशिश की तो थोड़ा सा अंदर जा चुका था। उसे लगा कि मेरा लंड पूरा अंदर जा चुका है वह चिल्लाने लगी। मैंने उसे कहा अभी मेरा लंड पूरा अंदर नहीं गया है। मैंने ऐसी ही अपने लंड को अंदर घुसा दिया और वह चिल्लाने लगी उसकी सील भी टूट चुकी थी। मेरे लंड की परत भी खुल गई थी। मैं ऐसे ही काफी देर तक धक्के मारते रहा और वह बड़ी तेज चिल्ला रही थी शायद मेरी मां ने भी आवाज सुन ली थी। हम दोनों का पहला ही अनुभव था इसलिए मेरा कुछ ही क्षणों में वीर्य पतन हो गया। मैंने अपने वीर्य को उसकी नई और वर्जिन चूय के अंदर ही गिरा दिया। उसके बाद हम दोनों बहुत बार संभोग करने लगे। वह मेरे घर आने जाने लगी।

 


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