चूत पर मोहर लगा दी

Antarvasna, desi kahani:

Chut par mohar laga di मेरा नाम राजीव है मैं बिहार का रहने वाला हूं परन्तु मैं अपने बीवी बच्चो के साथ मुम्बई में रहता हूँ। मैं मुंम्बई में जॉब करता हूँ मेरी जॉब को लगे हुए सात साल हो चुके है तब से मैं मुम्बई में रह रहा हूँ। मेरा अपने घर बिहार जाना कम ही हो पाता है क्योंकि मैं अपने काम के चलते बहुत व्यस्त रहता हूँ इस वजह से मेरा कम ही घर जाना होता है। मेरी शादी मेरे माता पिता की मर्जी से ही हुई थी और मैं अपनी शादी से बहुत खुश हूं। मेरी शादी को हुए पांच साल हो चुके है शादी के कुछ समय बाद ही मैं अपनी पत्नी को अपने साथ मुम्बई ले आया था। मेरी पत्नी का नाम नीमा है नीमा मेरा बहुत ध्यान रखती है और मैं भी उसकी हर जरूरत को पूरा कर दिया करता हूँ हम दोनों में बहुत प्यार है। मेरे दो बच्चे है जिनमे से एक स्कूल जाता है और एक अभी बहुत छोटा है नीमा उसकी देखभाल बहुत ही अच्छे से करती है। कुछ समय से मेरे ऑफिस में काम थोड़ा कम था तो मैंने सोचा कि क्यो ना इस बीच घर हो आते है। मैंने जब यह बात नीमा से कही तो नीमा भी खुश हो गयी वह कहने लगी कि ठीक है वैसे भी काफी समय से मैं अपने मम्मी पापा से भी नही मिली हूँ तो इस बहाने उनसे भी मुलाकात हो जाएगी।

हम लोग अपने घर जाने की तैयारी में थे हमने घर के लिए थोड़ी बहुत शॉपिंग भी कर ली थी। कुछ दिन बाद मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली और अगले दिन हम लोग बिहार के लिए निकल गए। हम लोग ट्रेन से ही गये थे मैंने पहले ही ट्रेन की टिकट बुक कर दी थी ताकि बाद मे हमे कोई दिक्कत ना हो। जब हम घर पहुंचे तो मेरे माता पिता हमे देख कर बहुत खुश हुए मेरी माँ कहने लगी कि कितने वर्षो बाद तुम्हे देख रही हूँ वह मुझे देखते ही मेरे गले लग गयी। मैंने मां से पूछा मां रोहन कहां है तो माँ कहने लगी कि रोहन अपने दोस्तों के साथ गया हुआ है बस थोड़ी देर में आता ही होगा। रोहन मेरे छोटे भाई का नाम है वह अभी अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है उसका यह कॉलेज का आखरी वर्ष है। हम सब लोग बैठे हुए थे और आपस मे बाते कर रहे थे तभी रोहन भी आ गया वह कहने लगा कि भैया भाभी आप लोग कब पहुंचे। मैंने उसे कहा कि हमे आये हुए तो काफी समय हो चुका है लेकिन तब से तुम कहाँ थे रोहन कहने लगा कि मैं अपने दोस्तों के साथ गया हुआ था।

अगले दिन सुबह मैं देर से उठा जब मैं उठा तो उस वक्त 9:00 बज रहे थे सब लोग नाश्ते की तैयारी में थे थोड़ी देर बाद मैं भी जल्दी से फ्रेश हुआ और फिर हम सबने साथ मे नाश्ता किया। नाश्ता करने के बाद रोहन अपने कॉलेज चला गया और पिताजी भी अपनी दुकान पर चले गए। घर के पास ही पिताजी की एक दुकान है उन्हें वह दुकान चलाते हुए कई वर्ष हो चुके है। कुछ देर बाद मैं भी अपने दोस्तों से मिलने के लिए चला गया मैं अपने पुराने दोस्तों से काफी समय बाद मिल रहा था। उनसे मिलने के बाद मैं वापस घर लौट आया था अपने पुराने दोस्तों से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। हमे घर आये हुए एक हफ्ता हो चुका था तो नीमा कहने लगी कि हम लोग पापा मम्मी से भी मिल आते है। मैंने नीमा से कहा कि ठीक है कल ही हम लोग उनसे मिलने चलते है। यह बात मैंने अपनी मां को भी बता दी कि हम लोग कल नीमा के मम्मी पापा से मिलने जा रहे है। मां कहने लगी कि ठीक है बेटा तुम लोग उनसे भी मिल आओ नीमा बहुत खुश थी कि वह अपने घर वालो से मिलने जा रही है। अगले दिन हम लोग नीमा के घर चले गए उन्होंने हमारी अच्छे से खातिरदारी की हम लोग वहां पर दो दिन रुके उसके बाद हम घर वापस लौट गये थे। घर पर समय का कुछ पता ही नही चला कि कब इतने दिन बीत गए अब हम लोग वापस मुम्बई जाने की तैयारी करने लगे। मां कहने लगी कि बेटा कुछ दिन और रुक जाते तो अच्छा रहता मैंने मां से कहा कि मां मैंने ज्यादा दिन की छुट्टी नही ली थी इसलिए अब हमें वापस मुम्बई जाना पड़ेगा। हम लोग अपना सामान पैक करने लगे और एक दो दिन बाद हम लोग मुम्बई लौट आये थे। परिवार के साथ इतने दिन कैसे कट गए कुछ पता ही नही चला नीमा कहने लगी कि मुझे घर वालो की बहुत याद आ रही है। मैंने उससे कहा कि याद तो मुझे भी बहुत आ रही है लेकिन अब कर भी क्या सकते है। हम लोग अब मुंबई लौट आए थे। एक दिन मै और आकश साथ मे थे आकाश मेरे ऑफिस मे काम करता है वह मुझ कविता भाभी के बारे मे बताता है मै उसकी बातो को नजर अंदाज कर देता हूं पर एक दिन वह मुझे कविता भाभी के बारे मे बताता है तो मै उस से कहता हू मै भाभी से मिलना चाहता था मै जब भाभी से मिलने गया तो मुझे तो उस दिन भाभी से मुझे आकाश ने मिलवाया।

भाभी को देख मै उनकी चूत मारना चाहता था। उस दिन तो यह नही हो पाया पर जब एक दिन रात को मैने भाभी से बात की तो वह तैयार थी और मै अगले दिन कविता भाभी के पास चला गया। जब मै कविता के घर पहुंचा तो मुझे अच्छा लगा। जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो मैंने कविता भाभी के हाथों को पकड़ा और उसके कोमल हाथों को मै महसूस करने लगा था। वह मेरी गोद मे बैठ गई उनके अंदर गर्मी बाहर की तरफ आने लगी थी। वह चूत मरवाने के लिए तड़पने लगी है। वह चाहती थी मैं उन्हे चोदो। मैंने उनके बदन को दबाने लगा मेरा लंड उनकी गांड से टकरा रहा था। वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी उनके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था मैंने उनके बिस्तर पर लेटा दिया और उनके नरम होंठों को चूमना शुरू किया। मैं जब उनके होठों को चूम रहा था तो वह तड़पने लगी थी अब वह बिस्तर पर लेटी थी तो मैं उनके ऊपर से लेटा हुआ था।

मैंने भाभी के स्तनो को दबा रहा था और मैने उनके कपड़ों को उतारना शुरू किया। उनके ब्लाऊज को मैने उतारा तो उनके बडे स्तन मुझे दिखाई दिए। मैंने उनके सारे कपड़े उतारे तो वह मेरे सामने नग्न अवस्था में थी। उसके नंगे गोरे बदन को देख मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था। उनका टाइट बदन बडा ही कमाल का था उनके सुडौल स्तन उनके बदन को और भी सुंदर बना रहे थे। मै उनके बदन को अब महसूस करना चाहता था मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था। वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी मैं जब उनके स्तनों को सहलाता तो उनकी सिसकारिया बढती अब उनके स्तनो को मै अपने मुंह में लेकर चूसता तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो जाती। वह मुझे कहती मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है उनके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी और मेरे अंदर की आग भी अब पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला कर हिलाना शुरु किया तो भाभी ने उसे हिलाना शुरू किया। वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने लगी तो जिस प्रकार से मै उनके मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसता तो उनको मज़ा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। वह बोलने लगी मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा है। अब हम दोनों उत्तेजित हो गए थे हम दोनों की उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी थी मैं उनकी कोमल चूत को चाटना चाहता था। मैने उनके पैरों को खोला तो मैंने जब देखा उनकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। मैंने उनकी चूत पर उंगली लगाई और उनकी चूत को सहलाने लगा वह मचलने लगी। भाभी की चूत का पानी अधिक हो चुका था। मै बड़े अच्छे से उनकी चूत को चाटने लगा था मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था।

मैं जब उनकी चूत को चाट रहा था तो मेरे अंदर की आग बढने लगी थी। मैंने अपने लंड पर अब तेल लगाया और तेल लगाने के बाद जैसे ही मैंने उनकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने उनकी चूत पर अपने लंड को लगाया और उनकी चूत पर जैसे ही मेरा लंड लगा तो मुझे मजा आने लगा उनकी चूत पानी छोडने लगी मैने एक झटके मे अपने लंड को भाभी की चूत मे पेल दिया वह चिल्लाई तो मैने उन्हे कसकर पकड लिया और मैंने उन्हे बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मुझे मज़ा आने लगा था वह भी बहुत ही उत्तेजित हो गई थी मेरे अंदर की गर्मी बढ चुकी थी।

उनके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी उनकी चूत से पानी बाहर आने लगा। वह मादक आवाज मे सिसकिया लेकर मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ाने लगी थी। मेरे लंड और उनकी चूत की रगडन से अब गर्मी पैदा हो रही थी। हम दोनों कि बैचेनी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। मैंने भाभी को कहा मेरा लंड आपकी चूत की गर्मी को झेल नहीं पायेगा मैं अपने वीर्य को आपकी चूत में गिराना चाहता हूं। वह बोली गिरा दो मेरी चूत मे अपने माल को। मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को उनकी चूत के अंदर गिराया तो वह खुश हो गई। हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेटे हुए थे। भाभी ने मुझे अपने ऊपर से हटने के लिए कहा और मै उनके ऊपर से हट गया उसके बाद मैने उनकी चूत दोबारी मारी फिर मै अपने घर लौट आया था लेकिन भाभी की चूत का एहसास बडा लजावाब था। मैं अपने काम के चलते बहुत बिजी हो गया था इसलिए मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिलता था तो मैं आकाश से ही से कविता भाभी के बारे में पूछ लिया करता।


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