चूत न होती तो पूछो क्या होता

Chut na hoti to poochho kya hota:

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मेरा नाम दिलावर है और मेरी उम्र 45 वर्ष है। मैं फैजाबाद का रहने वाला एक छोटा सा किसान हूं। मेरे घर पर मेरे दो छोटे भाई हैं। वह भी मेरे साथ खेती का काम करते हैं और हमारा पूरा परिवार खेती से ही अपना जीवन यापन कर लेता है लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि मुझे अपने छोटे भाई को कुछ और काम करवाना चाहिए। मैंने अपने पास जितनी भी जमा पूंजी रखी थी वह सब उसे दे दी और उसके लिए एक ट्रैक्टर का शोरूम खोल लिया। कुछ दिनों तक मैं भी शुरू में वहां जाया करता था और उसके काम में हाथ बटा लिया करता था। वह भी मुझे कहता था भैया जब भी आप आते हैं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। हम तीनो भाई साथ में ही रहते थे। मेरे छोटे वाले भाई की तो शादी हो चुकी थी। हमारा जो सबसे छोटा वाला भाई था जिसका नाम अजय है, उसकी शादी नहीं हुई थी। मैंने उसी के लिए वह ट्रैक्टर का शोरूम खोल  कर दिया था। वह  काम भी अच्छे से चलने लगा और मैं भी बहुत खुश हो गया कि मैंने अपने भाई के लिए एक अच्छा काम खोल कर दिया है। क्योंकि मेरे पिताजी का देहांत बहुत पहले हो चुका था। इसलिए मुझे खेती सम्भालनी पड़ी। मुझे कुछ और काम आता भी नहीं था लेकिन मेरी इच्छाएं बहुत ज्यादा थी। मैं कुछ और भी करना चाहता था लेकिन मेरे कंधों पर जिम्मेदारियां होने के कारण मैं वह सब नहीं कर पाया और मुझे खेती-बाड़ी का ही काम संभालना पड़ा।

हम तीनों भाइयों में बहुत ही प्रेम है। वह दोनों मेरा बहुत ही आदर और सम्मान करते हैं। उन्हें भी मेरे बारे में पता है। मैंने उनके लिए कितनी ज्यादा मेहनत की है और आज जो कुछ भी हमारे घर पर है वह सब मेरी ही बदौलत है। मैंने उन दोनों में कभी भी किसी भी तरीके का भेदभाव नहीं किया है। मेरी शादी को बहुत समय हो चुका हैं लेकिन मैंने अभी तक अपना कोई बच्चा भी नहीं किया है। क्योंकि मुझे यह डर था कि कहीं उन दोनों की परवरिश में कोई कमी न रह जाए। वह दोनों मुझसे 15 साल छोटे हैं। एक दिन हम ऐसे ही बैठकर खाना खा रहे थे, तभी मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि अजय के लिए भी कोई लड़की देख लो और उसकी शादी करवा दो। मैंने कहा ठीक है। मैं कोई लड़की देख लेता हूं। मैंने अजय से भी इस बारे में बात की तो वह कहने लगा, भैया आप जैसी भी लड़की देखेंगे मुझे उससे कोई भी आपत्ति नहीं है। क्योंकि वह मेरा बहुत ही ज्यादा आदर और सम्मान करता है। इस वजह से वह कभी भी मेरी बातों को मना नहीं करता। अब मैंने अपने रिश्तेदारों से अजय के बारे में बात की और यह कहा कि मुझे अजय के लिए कोई लड़की ढूंढनी है। तभी मेरे दूर के रिश्तेदार ने मुझसे संपर्क किया और वह कहने लगे, की उनकी कोई रिश्तेदारी में लड़की है। वह बहुत ही अच्छी और नेक है। अगले दिन अजय मैं और मेरा छोटा भाई उस लड़की को  देखने के लिए चले गए।

जब हम उनके घर गए तो उन्होंने हमारा बहुत ही आदर और सम्मान किया। अब मैंने लड़की को देखा तो वह मुझे अच्छी लगी। देखने में भी बहुत सुंदर थी और पढ़ी लिखी थी। तो मुझे लगा कि यह विजय के लिए ठीक रहेगी। मैंने इस बारे में अजय से पूछा तो वह कहने लगा आप देख लीजिए।  जैसा आपको उचित लगता है। अब हमने उस लड़की को देखकर हां कह दिया। उसका नाम प्रमिला है। प्रमिला मुझे तो बहुत ही अच्छी लगी। अब हमने उनकी शादी तय कर दी और दो-तीन महीनों बाद अजय की भी शादी हो गई। शुरु शुरु में प्रमिला का व्यवहार हमारे लिए अच्छा था लेकिन अब बाद में हमारे प्रति उसका व्यवहार बदलने लगा था। वह खेती से अपना जी चुराने लगी थी और काम भी नहीं करती थी। मैंने इस बारे में अजय को बताना उचित नहीं समझा लेकिन वह तो बहुत ही ज्यादा सर से ऊपर चढ़ने लगी थी। वह हम तीनों भाइयों को अलग करवाना चाहती थी। मुझे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं था। मैं उसके इरादों को भांप चुका था। अब मैंने अजय से इस बारे में बात किया। अजय ने कहा, भैया मैं प्रमिला को छोड़ देता हूं। मैंने उसे कहा कि तुम्हें छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। मैंने उसे सबक सिखाने की कोशिश की। अब उसका व्यवहार कुछ दिन तक तो बहुत ही अच्छा था। पहले मैंने उससे इस बारे में बात की और मैंने उसे बताया कि कितनी मेहनत से मैंने अपने दोनों भाइयों को पढ़ाया है और मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता कि वह मुझसे अलग हो जाएं। मैंने इसके चलते अपने बच्चे भी नहीं किए। मुझे मेरी पत्नी कितना कहती थी कि कल जब इन दोनों की पत्नियां आएंगी तो वह तुम्हें अलग करने की कोशिश करेंगे। तब तुम्हें बहुत ही बुरा लगेगा लेकिन मैंने उसे कहा कि मुझे मेरे भाइयों पर पूरा भरोसा है और मुझे उन पर आज भी पूरा भरोसा है लेकिन तुम हमारे घर का माहौल खराब करती जा रही हो। जो कि मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करूंगा। वह कुछ दिनों तक तो समझ गई। लेकिन दोबारा से उसका रवैया उसी तरीके का हो गया और मैंने सोच लिया कि इसे सबक सिखाना ही पड़ेगा। यह मुझे चोदना सिखा रही है मैं इसकी चूत ही मारता हूं।

मैंने एक दिन उसे खेत में ही बुला लिया जब वह खेत में आई तो उस दिन मैं अकेला ही काम कर रहा था। वह मुझसे थोड़ा डरती भी थी तो मैंने उसे बोला कि तुम काम कर लो खेत में वह थोड़ा सा काम करने लगी लेकिन वहां बड़ी मन मारकर काम कर रही थी। मैं उसके पास गया और उसे कहने लगा ऐसे काम करते हैं मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और अपने नीचे ही दबा दिया। वह मेरे नीचे छटपटाने लगी जैसे ही मैंने अपना काला लंड बाहर निकाला तो वह उसे अपने हाथों में पकड़ने लगी और बड़ी तेजी से हिलाने लगी। ऐसे ही हिलाते हिलाते उसने अपने मुंह में मेरा लंड ले लिया और मैं भी उसके गले तक अपने लंड को देने लगा। उसने बहुत देर तक मेरे लंड को ऐसे ही चूसती रहीं। मैंने अब उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए अपने लंड को उसकी चूत डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डाला तो वह चिल्लाने लगी। वह बड़ी तेजी से छटपटाने लगी लेकिन मैं उसे ऐसे ही खेत के बीच में चोद रहा रहा हूं। वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी।

वहां पर कोई भी सुनने वाला नहीं था इसलिए मैं भी उसे बड़ी तीव्र गति से चोदे जा रहा था। मैं उसके मुंह के अंदर अपनी दोनों उंगलियों को डालता और उसके चूचो को बड़ी जोर से चाटने लग जाती। अब उसने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने दोनों पैरों से मुझे जकड़ने लगी। मैं समझ चुका था कि इसका झड़ चुका है और मैंने उसके बाद तो उसकी चूत का भोसड़ा ही बना दिया। मैंने इतनी तीव्र गति से झटके मारे। उसका पूरा शरीर हिल जाता और वह मिट्टी में ही भर गई मैंने उसे छोड़ा नहीं और ऐसे ही चोदना जारी रखा। मेरा वीर्य पतन भी हो गया क्योंकि अभी उसकी योनि टाइट है। मैंने उसे उठाते हुए अपने लंड के ऊपर बैठा दिया। अब वह अपने चूतडो को ऊपर नीचे करने लग जाती और मुझे बहुत ही मजा आने लगा। मैंने भी नीचे से उसे झटके देना आरंभ कर दिया। ऐसे ही कुछ देर तक मैंने उसे चोदना जारी रखा। अब मैंने उसे खड़े होकर घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में अपना डाल दिया। मैंने उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और बड़ी तीव्र गति से उसे झटके मारने लगा। मैं जैसे ही उसे धक्के देता तो उसके गले से बड़ी तेज आवाज आती। जिससे कि मेरी उत्तेजना और बढ़ जाती मैंने उसे ऐसे ही रगड़ना शुरू कर दिया और वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी। मैं उसे उतनी ही तेज झटके मारता जितनी वह चिल्ला रही थी। वह मुझे कहने लगी लगी आज आप मेरी चूत और गांड को एक ही करके रहेंगे। मैंने उसे कहा अभी तुम देखते रहो तुमने भी हमारे साथ कुछ अच्छा नहीं किया। मैं तुम्हारा चोद चोद कर बुरा हाल कर दूंगा। मैंने उसे ऐसे ही चोदना जारी रखा और वह थोड़ी देर बाद वहीं नीचे लेट गई। जैसे ही वह नीचे लेटी तो मैंने उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए उसे धक्के मारना शुरू किया। मै उसे बहुत देर तक चोदता रहा उसके बाद उसका पूरा शरीर बेशुध हो चुका था और मैंने उसकी योनि के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया। उसके बाद वह अपने कपड़े साफ करते हुए घर चली गई।

उसके बाद उसने कभी भी मुझसे और मेरे घर वालों से बदतमीजी से बात नहीं की और ना ही आज के बाद कभी करेगी। जब भी वह इस तरीके से करती है तो मैं उसे रात को ही चोद देता हूं और उसकी सारी गर्मी निकाल देता हूं।

 


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