चूत मरवा कर प्यार साबित किया

chut marwa kar pyar sabit kiya

antarvasna, hindi sex stories मुझे हमेशा नई नई डिश बनाने का बड़ा शौक था और मुझे खाने का भी बड़ा शौक है इसलिए जो भी रेस्टोरेंट या खाने से संबंधित कोई भी होटल हमारे शहर में खुलता तो मैं वहां पर चली जाती, मैं हमेशा ही नए-नए जगह जाया करती। मेरी मम्मी मुझे कहती कि तुम्हें ना जाने यह शौक कहां से चढ़ पड़ा। मैं घर पर भी सब को परेशान कर के रखती लेकिन जब वह लोग मेरी बनाई हुई चीज खाते हैं तो वह बहुत खुश हो जाते हैं और उन्हें भी बहुत अच्छा लगता है, एक दिन हमारे शहर में एक नया रेस्टोरेंट ओपन हुआ मैं वहां पर चली गई मैं जब उस रेस्टोरेंट में गई तो वहां का डेकोरेशन देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा उन लोगों ने जिस प्रकार का डेकोरेशन किया था वैसा ही मैंने सोचा था कि जब मैं कोई रेस्टोरेंट खोलूंगी तो मैं जरूर वहां पर ऐसा ही डेकोरेशन करूंगी, मैंने वहां पर एक डिश ऑर्डर की और जब मैंने वह खाई तो मुझे अच्छा लगा मैंने वहां के ओनर से मिलने की सोची, मैं जब वहां के ओनर से मिली तो वहां के ओनर की उम्र ज्यादा नहीं थी उसकी उम्र 30 वर्ष के आसपास रही होगी। मैंने जब उनका नाम पूछा तो उनका नाम रौनक था, मैंने रौनक से कहा मैं भी घर में नई नई डिश बनाती रहती हूं लेकिन आपके यहां की डिश मुझे बड़ी अच्छी लगी क्या आप मुझे उसकी रेसिपी बता सकते हैं, वह कहने लगे हां क्यों नहीं मैडम मैं आपको उसकी रेसिपी बता देता हूं।

उन्होंने अपने होटल के सैफ को बुलाया और मुझे वह उसने डिश बता दी, मैंने भी उस दिन घर जाकर डिश की रेसिपी तैयार की तो मैं भी बिल्कुल वैसे ही रेसिपी बना पाई और उसका स्वाद भी बिल्कुल वैसा ही आया, मैं कुछ दिनों बाद दोबारा से उस रेस्टोरेंट में गई और वहां पर मैंने रौनक से मुलाकात की रौनक मुझे मिले तो वह मुझे कहने लगे मैडम आप क्या चीज अच्छा बना लेती हैं? मैंने उन्हें कहा मैं चॉकलेट अच्छी बना लेती हूं, वह कहने लगे मैं कुछ दिनों बाद एक एग्जीबिशन में अपना स्टॉल लगा रहा हूं यदि आप भी वहां पर अपनी चॉकलेट को प्रमोट करना चाहते हैं तो वहां पर मेरे साथ मिलकर लगा सकते हैं, मैंने रौनक से कहा क्यों नहीं तुम मुझे डेट बता देना कब वहां पर जाना है मैं उस हिसाब से चॉकलेट तैयार कर दूंगी। रौनक ने मुझे कहा कि बस कुछ ही दिनों का वक्त है और हम दोनों ने मिलकर उस एग्जीबिशन में स्टॉल लगा दिया, जब हम दोनों ने मिलकर उस एग्जिबिशन में स्टॉल लगाया तो हमारा स्टॉल बहुत ही अच्छा चला वहां पर काफी भीड़ भी थी और मेरी चॉकलेट की सब लोगों ने बड़ी तारीफ की मैं बहुत ज्यादा खुश थी।

रौनक कहने लगा गीता जी आप तो गजब की चॉकलेट बनाती हैं आपके हाथों में जादू है, मैंने कहा मैं भी रेस्टोरेंट खोलना चाहती हूं मुझे कोई ऐसा नहीं मिला जिस पर मैं भरोसा कर संकू, वह कहने लगा कि आप मेरे साथ मिलकर रेस्टोरेंट खोल सकते हैं आप मुझ पर पूरी तरीके से भरोसा कर सकते हैं, मैंने कहा कि चलो देखते हैं वह एग्जीबिशन हम लोगों की बड़ी अच्छी रही उसके बाद भी हम लोगों ने मिलकर दो-तीन जगह एग्जीबिशन लगाई और मेरी चॉकलेट की सब लोग बहुत ही तारीफ करते रहे, मेरे पास अब घर से ही कुछ ऑर्डर आने लगे थे रौनक और मैंने मिलकर एक रेस्टोरेंट खोलने की सोची, मैंने रोनक को कहा कि मेरे दिमाग में जिस प्रकार का डिजाइन था वैसा रेस्टोरेंट तुम बना चुके हो लेकिन मैं वैसा ही कोई रेस्टोरेंट दोबारा से खोलना चाहती हूं। रौनक और मैंने मिलकर रेस्टोरेंट का डिजाइन तैयार कर लिया और हम दोनों ने मिलकर एक रेस्टोरेंट खोल लिया, मुझे रौनक के साथ रेस्टोरेंट खोलने में अच्छा लगा उसके साथ जब मैंने रेस्टोरेंट खोला तो वह काफी अच्छा चलने लगा रौनक और मेरी दोस्ती भी दिन-ब-दिन गहरी होती जा रही थी रौनक के बारे में मुझे काफी कुछ पता चलने लगा था, रौनक ने जर्मनी से अपने होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा किया था और उसके बाद कुछ वर्ष बाद उसने जर्मनी में जॉब भी की, रौनक से मुझे पता चला कि उसने जर्मनी में भी जॉब की है तो मैं उसे कहने लगी तुमने तो काफी मेहनत की है। रौनक के परिवार वालों से भी मैं एक दो बार मिली थी उसके पापा बड़े ही अच्छे हैं उसके पापा का व्यवहार बहुत अच्छा है और वह रौनक की बहुत तारीफ किया करते, मैं भी रौनक को अपने मम्मी पापा से मिलवा चुकी थी वह जब भी मेरे घर पर आता तो मेरे मम्मी पापा रौनक से मिलकर बहुत खुश होते हैं।

एक दिन मैंने रौनक से कहा कि क्यों ना हम लोग किसी दिन घूमने का प्लान बनाते है, रौनक कहने लगा हां तुम बिलकुल सही कह रही हो हम लोग कभी साथ में घूमने भी नहीं गए। मैंने और रौनक ने घूमने का प्लान बनाया क्योंकि हम लोगों के बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और हम दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग भी थी, रौनक और मैं उस दिन घूमने के लिए चले गए जब हम दोनों साथ में घूमने गए तो मुझे रौनक के साथ बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं वैसे तो किसी के साथ भी घूमने नहीं जाती लेकिन रौनक के साथ घूमने जाना मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और मैं बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि काफी समय बाद मैं घर से किसी के साथ घूमने के लिए निकली थी, जब मैंने यह बात अपनी मम्मी को बताई तो मेरी मम्मी कहने लगी तुम तो कहीं भी घूमने के लिए नहीं जाती लेकिन जब से रौनक से तुम्हारी दोस्ती हुई है तब से तो तुम्हारा रवैया ही बदल चुका है तुम पहले से ज्यादा खुश नजर आती हो। मुझे नहीं समझ आ रहा था की रौनक के साथ आखिर मेरा रिश्ता क्या है।

मैं तो रौनक को एक अच्छा दोस्त मानती थी लेकिन शायद हम दोनों के बीच उससे ज्यादा भी कुछ था और यह बात मुझे उस वक्त पता चली जब मैं और रौनक एक साथ घूमने गए, रौनक ने मुझसे कहा कि गीता तुम्हारे और मेरे बीच में बहुत ज्यादा समानताएं हैं मैं तुम्हारी जैसी लड़की की तलाश कर रहा था जिससे कि मैं शादी कर सकूं मैं जितनी भी लड़कियों से मिला उनके साथ मुझे अपनापन नहीं लगा लेकिन जब से मेरी मुलाकात तुमसे हुई है तब से मुझे लगने लगा है कि मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूं और तुम्हारे साथ मैं समय बिता सकता हूं। जब यह बात रौनक ने मुझे कही तो मैंने भी रौनक से कहा रौनक मुझे तुम अच्छे लगते हो लेकिन मैंने कभी भी तुम्हारे बारे में नहीं सोचा  परंतु मैं जरूर इस कशमकश में हूं कि आखिर तुम्हारे साथ मेरा रिश्ता क्या है मैं तुम्हें एक दोस्त मानती हूं लेकिन ना जाने मुझे ऐसा क्यों लगता है कि तुम से बढ़कर मेरे लिए कोई नही है और मेरी मम्मी भी मुझे हमेशा कहती है कि जब से रौनक से तुम मिली हो तो तुम अब काफी बदल चुकी हो, मेरी मम्मी पापा भी अब बहुत खुश हैं क्योंकि पहले तो मैं सिर्फ घर पर ही रहा करती थी या फिर अपने खाने का शौक पूरा करने के चलते मैं इधर उधर चली जाया करती थी परंतु मेरे ना तो ज्यादा दोस्त है और ना ही मेरा किसी से मिलने का मन होता है लेकिन जब से तुम मेरी जिंदगी में आये हो तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है, रौनक ने कहा देखो गीता मैं तुम पर कोई दबाव नहीं डाल रहा हूं तुम्हारी अपनी जिंदगी है तुम सोच समझ कर फैसला ले सकती हो मेरे दिल में जो तुम्हारे लिए था मैंने तुम्हें वह बता दिया। उस दिन रौनक के साथ मैंने बहुत एंजॉय किया और जब हम दोनों घर वापस लौट आए तो मैं रात भर यही सोचती रही कि आखिर रौनक और मेरा क्या रिश्ता है लेकिन कुछ समय बाद मुझे पता चला कि मैं भी रौनक से प्यार करती हूं और उसके बिना मैं नहीं रह सकती।

कुछ दिनों के लिए रौनक अपने पापा के साथ अपने किसी रिश्तेदार के यहां गया हुआ था, जब वह लौटा तो मैंने काफी समय बाद रौनक को देखा था। मुझे एहसास हुआ कि मैं रौनक के बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकती। मैंने रौनक को गले लगा लिया रौनक को जब मैंने गले लगाया तो मुझे अच्छा लगा, उसने मुझे अपने गले लगाते हुए कहा आई लव यू। जब रौनक ने मुझे आई लव यू कहा तो मैंने उसके होठों को चूम लिया और उस दिन पहली बार हम दोनों के बीच किस हुआ, जब हम दोनों के बीच किस हुआ तो उसके बाद रौनक ने मुझसे सेक्स को लेकर बात की। मैं भी अपने आपको ना रोक सकी और उसके साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो गई क्योंकि हम दोनों की सहमति थी इसलिए इसमे मे रौनक को ही दोष नहीं दे सकती क्योंकि मेरा भी रौनक के साथ सेक्स करने का मन हो चुका था। जब रौनक और मै मेरे घर पर थे तो उसने मुझे मेरे बेड पर लेटा दिया और वह मेरे होठों को चूमने लगा। वह धीरे धीरे मेरे कपड़ों को उतारने लगा उसने जब मेरे बड़े स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे भी अच्छा लगने लगा। उसने मेरे स्तनों का रसपान बहुत देर तक किया, मुझे भी बहुत अच्छा लगा।

जब रौनक ने मेरी चूत को चाटना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगा तुम्हारी चूत में तो बड़ी गर्मी है और तुम्हारी चूत में एक भी बाल नहीं है। वह मेरी चूत को बहुत देर तक चाटता रहा जब उसने अपने लंड को मेरी चूत पर रगडना शुरू किया तो मेरे अंदर से एक करंट सा निकलने लगा। उसने लंड को मेरी योनि में प्रवेश करवा दिया मुझे दर्द होने लगा, मेरी चूत से खून निकलने लगा, मेरी चूत से इतना सारा खून निकलने लगा था कि मुझे बहुत दर्द होने लगा लेकिन हम दोनों को मजा आ रहा था। वह लगातार तेजी से मुझे चोद रहा था उसने मुझे इतनी तेजी से चोदा मेरी चूत का बुरा हाल हो गया। उसने जब मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा तो उसके बाद उसने मुझे तेजी से चोदना शुरू किया वह जब मुझे धक्के मारता तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द होता। मैं रौनक का पूरा साथ देती जैसे ही रौनक ने अपने वीर्य को मेरे बड़े स्तनों पर गिराया तो मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने रोनक से कहा आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी, रौनक मुझे कहने लगा मैं भी तुम्हें देखकर अपने आप को रोक ना सका मुझे पता चल गया है कि तुम मुझसे कितना प्यार करती हो।


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