चूत मरवा कर माफी मांगी

Chut marwa kar maafi mangi:

antarvasna, kamukta मैं दिल्ली में रहने वाला एक शातिर दिमागी लड़का हूं लेकिन मैं ज्यादा समय तक दिल्ली में इसी वजह से टिक नहीं पाया और मुझे दिल्ली छोड़कर जाना पड़ा, मेरा दिल्ली में काफी ज्यादा उधार हो चुका था और इसी वजह से मुझे दिल्ली छोड़ कर लखनऊ जाना पड़ा। जब मैं लखनऊ गया तो मैं सिर्फ अपने एक दोस्त को पहचानता था और मैं उसी के साथ रहने लगा हालांकि उसे मेरे बारे में सब कुछ जानकारी थी परंतु उसके बाद भी उसने मुझे अपने साथ रख लिया लेकिन उसने मुझे एक शर्त पर अपने साथ रखा था, वह कहने लगा देखो आनंद मेरे साथ यदि तुम्हें रहना है तो तुम्हें यहां पर अपनी सारी आदतों को छोड़ना होगा और तुम्हें मेरे हिसाब से रहना होगा मैं नहीं चाहता कि कोई मेरे पास आकर कहे कि तुम्हारे दोस्त ने हमारे पैसे नहीं दिए हैं। वह मेरे बारे में पहले से ही जानता था क्योंकि वह मेरा बचपन का भी दोस्त है और हमारे पड़ोस में ही रहता था परंतु उसे लखनऊ में आना पड़ा उसके परिवार में अब कोई भी नहीं है इसी वजह से वह दिल्ली से लखनऊ आ गया, उसका नाम कमल है।

मैं कमल की पहले से ही बड़ी इज्जत करता हूं और उसने हमेशा ही मेरा साथ दिया है वह मुझे हमेशा समझाता रहता है कि तुम यह सब अपनी आदतों को छोड़ दो यदि तुम इन झगड़ो में पड़े रहोगे तो शायद कोई भी तुम पर भरोसा नहीं करेगा। मेरे साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ क्योंकि दिल्ली में मुझ पर अब कोई भी भरोसा करने को तैयार नहीं था और जिन लोगों से मैंने पैसे भी लिए थे मैंने उनके पैसे नहीं दिए थे वह सब मेरे परिवार वालों को परेशान कर रहे थे परंतु मैंने उन्हें कह दिया कि आप उन्हें पैसे दे या ना दे अब मेरा आपसे कोई लेना देना नहीं है, मेरे परिवार वालों को भी जैसे मेरी कोई फिक्र ही नहीं थी और यदि मैं ऐसा बना तो कहीं ना कहीं उनका भी इसमें हाथ था उन्होंने मुझे कभी मुझे समझा ही नहीं, वह हमेशा लोगों के सामने मुझे कहते कि तुम किसी भी काम के नहीं हो और फिर वह लोग मुझे पैसे भी नहीं दिया करते थे। मैं कॉलेज में भी अपने दोस्तों से पैसे मांग कर ही काम चलाया करता लेकिन जब बात कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी तो मुझे जैसे लोगों से पैसे लेने की आदत हो गई और उसके बाद तो मेरे सर पर इतना ज्यादा उधार हो गया कि मैं उसे चुकता भी नहीं कर पाया फिर मैं वहां से निकल गया।

मैंने इस चीज को बिल्कुल सही समझा कि मुझे वहां से सही समय पर निकल जाना चाहिए नहीं तो मैंने जितने भी लोगों से पैसे लिए हैं वह सब लोग मुझे बहुत परेशान करेंगे शायद वह लोग मुझे बहुत मारते भी। कमल ने मेरी एक छोटी कंपनी में नौकरी लगवा दी मैं अब नौकरी जाने लगा था, मुझे नौकरी करते हुए करीब दी महीने हो चुके थे सब कुछ अब बिल्कुल सही चलने लगा था, मैं मेहनत से कमाए हुए पैसे जमा भी करने लगा मेरे पास आप अपने पैसे जमा भी होने लगे, कमल मुझे कहता आनंद तुम बहुत ही मेहनत कर रहे हो और तुम ऐसे ही मेहनत करते रहो, मैंने उसे कहा मैं अब कभी भी इन झंझटो में नहीं पड़ना चाहता मैं अब अपने जीवन को आराम से बिताना चाहता हूं इसीलिए तो मैं तुम्हारे पास आया हूं लेकिन जब सब कुछ ठीक चल रहा होता है तो उसी वक्त कुछ ऐसा हो जाता है कि जिससे सब कुछ गड़बड़ हो जाता है। एक दिन मैं जब बस से जा रहा था तो एक लड़की ने मुझ पर छेड़खानी का आरोप लगा दिया और जब वहां पर भीड़ इकट्ठा हो गई तो उन लोगों ने उस दिन मुझे काफी जम कर मारा, मुझे तो यह समझ ही नहीं आया कि इस लड़की ने ऐसा क्यों किया लेकिन उस दिन मेरी बहुत ज्यादा धुलाई हो गई, मैं जब घर पहुंचा तो कमल मुझे देख कर हंसने लगा और कहने लगा लगता है तुमने यहां भी कोई कारनामा कर दिया है, मैंने उसे कहा भाई यहां मैं क्या करता, मैं लोगों से पीटकर आ रहा हूं और तुम्हें मजाक हो रही है, मेरा पूरा बदन दुख रहा है। जब मैंने उसे पूरी बात बताई तो वह बड़े जोर से हंसने लगा और कहने लगा लगता है लोग तुम्हें याद कर रहे हैं तुम्हें दिल्ली चले जाना चाहिए, मैंने उसे कहा जब यहां बेमतलब लोगों ने मेरी धुलाई की तो दिल्ली में तो ना जाने मेरा क्या हाल होगा इसीलिए दिल्ली जाने का विचार तो मैंने अपने दिमाग से अब निकाल ही दिया है, मैं अब कभी दिल्ली नही जाना चाहता, मैं सिर्फ अपने जीवन को अब लखनऊ में ही बिताना चाहता हूं लेकिन यहां भी कुछ गलत ही हो जाता है।

वह लड़की मुझे उसके बाद काफी समय तक नहीं दिखी, जब मुझे एक दिन वह दिखी तो मैंने उससे कहा तुमने उस दिन मेरी लोगों से जमकर धुनाई क्यो करवा दी क्या तुम्हारी मुझसे कोई दुश्मनी है? वह मुझे कहने लगी मेरी आपसे कोई दुश्मनी नहीं है दरअसल उन दिन जो लड़का आप के बगल में खड़ा था वह मुझे घूरे जा रहा था और मैंने गलती से आप के ऊपर उंगली कर दिया, फिर लोगों ने उसके बाद आपको बहुत ही जमकर मारा मुझे बहुत डर लग गया था इसलिए मैं चुपचाप वहां से निकल गई, उसके लिए मैं आपको सॉरी कहना चाहती हूं। मैंने उसे कहा तुम्हारी वजह से मेरी इतनी पिटाई हुई और तुम सिर्फ सॉरी कहकर अपना पल्ला झाड़ रही हो, मुझे उस पर गुस्सा भी आ रहा था और मुझे हंसी भी आने लगी लेकिन उसके मासूम चेहरे के आगे मैं अपने आप को बेबस महसूस करने लगा, उसका नाम प्रतिभा है।

मैंने उसे कहा खैर यह बात छोड़ो लेकिन तुमने उस दिन मेरे साथ बहुत ही अन्याय किया तुम्हें ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए था। वह मुझे कहने लगी मैं उसके लिए आपसे माफी मांगती हूं। मैंने उसे कहा मुझे माफी नहीं चाहिए मुझे तुम्हारे साथ कुछ वक्त बिताना है। मेरा मन उसे चोदने का होने लगा क्योंकि मैंने काफी समय से किसी के साथ सेक्स नहीं किया था। मैं उसे अपने साथ लेकर चला आया, जब वह मेरे साथ आई तो वह थोड़ा शर्मा रही थी लेकिन मैंने उसे कहा तुम्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। जब हम दोनों रूम के अंदर बैठे हुए थे तो मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया। हम दोनों के बदन से पूरी तरीके से गर्मी बाहर आने लगी। जैसे ही मैंने अपने लंड को निकाला तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करने लगी उसने काफी देर तक मेरे लंड को अपने मुंह में ले कर सकिंग किया। मेरा लंड खड़ा हो चुका था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैंने उसके कपड़े खोलते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो उसकी योनि बड़ी टाइट थी लेकिन उसने पहले भी किसी से अपनी चूत मारवा रखी थी। मैंने उसे पूछा था तुमने इससे पहले भी किसी के साथ सेक्स किया है। वह कहने लगी हां मैंने तो कईयों के साथ सेक्स किया है लेकिन आज तुम्हें देखकर मुझे बहुत दया आई क्योंकि मैंने तुम्हारे साथ बहुत अन्याय किया और मेरी वजह से तुम्हारी उस दिन काफी धुनाई हुई, मैंने सोचा आज तुम्हें अपने यौवन का जाम पिला कर अपनी गलती की माफी मांग लू। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखते हुए उसकी योनि पर बड़ी तेज प्रहार करना शुरू किया। उसकी चूतडे मेरे लंड से लगती तो मेरे अंदर कंपन पैदा हो जाता मेरे अंडकोष उसकी योनि से टकराते तो मेरे अंदर और भी जोश पैदा हो जाता। मैंने उसे बड़ी तेज गति से चोदना प्रारंभ कर दिया और जैसे ही मेरा वीर्य कुछ मिनटों बाद गिरने वाला था तो मैंने उसे कहा क्या मैं तुम्हारी योनि में ही अपने वीर्य को गिरा दूं। वह कहने लगी नहीं आप अपने वीर्य को मेरे मुंह में गिरा दीजिए। मैंने अपने लंड को उसके मुंह में लगाते हुए उसके मुंह के अंदर अपने सारे वीर्य को गिरा दिया, वह बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। उसके बाद मैं उससे कभी भी नहीं मिला लेकिन उस दिन उसने मेरी इच्छा अच्छे से पूरी कर दी। मैं अब भी लखनऊ में ही रह रहा हूं और अपना जीवन यापन कर रहा हूं, मैं बहुत ही साधारण तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर रहा हूं। कमल भी मुझसे बहुत खुश है, वह कहता है अब तुम ऐसे ही मेहनत करते रहो मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। जब भी मेरा मन सेक्स करने का होता है तो मैं कॉल गर्ल को बुला लेता हूं लेकिन जो सेक्स का मजा मैंने प्रतिभा के साथ लिया वह लखनऊ में मेरा पहला सेक्स का अनुभव था उसकी यादें अब तक मेरे दिमाग में ताजा हैं।


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