चूत मारकर सातवें आसमान पर था

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Chut maarkar saatwein aasmaan par tha कोई बहुत देर से दरवाजा खटखटा रहा था मैंने अपनी छोटी बहन रचना को आवाज देकर कहा कि रचना देखना दरवाजे पर कोई है। मैं अपने ऑफिस का काम कर रहा था तो रचना ही दरवाजे की तरफ गयी। जब रचना ने दरवाजा खोला तो रचना मुझे कहने लगी कि भैया आप से कोई मिलने के लिए आई है। शगुन हमारे पड़ोस में ही रहती हैं शगुन और मैं कॉलेज में साथ पढ़ा करते थे मैंने शगुन को कहा कि आज तुम इतने दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए आई हो तो वह मुझे कहने लगी कि सोहन मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के टूर से गई हुई थी इसलिए मैं तुमसे मिलने के लिए आ नहीं पाई। मैं और शगुन एक दूसरे से बैठकर बातें कर रहे थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो शगुन ने मुझे अपने मंगेतर विजय के बारे में बताया वह मुझे कहने लगी कि कल मैंने अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी है तो मैं चाहती हूं कि तुम भी मेरे साथ चलो, मैंने शगुन को कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलूंगा। शगुन और मैंने काफी देर तक एक दूसरे से बातें की। पापा और मम्मी मौसी से मिलने के लिए गए हुए थे इसलिए मैं और मेरी छोटी बहन ही घर पर थे, थोड़ी देर बाद शगुन भी जा चुकी थी। मुझे काफी तेज भूख लग रही थी तो मैंने अपनी बहन से कहा कि तुम मेरे लिए कुछ नाश्ता बना दो उसने मेरे लिए नाश्ता बनाया। नाश्ता करने के बाद मैं भी अपने दोस्तों से मिलने के लिए चला गया।

मैं अपने दोस्तों से मिला तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था मेरे दोस्त मेरी कॉलोनी में ही रहते हैं हम लोगों को वहां पर रहते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं और मुझे उन लोगों से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। दोस्तो से मिलने के बाद मैं घर लौट आया था जब मैं घर लौटा तो पापा और मम्मी भी घर लौट आए थे। अगले दिन सुबह मैं अपने ऑफिस चला गया और जब मैं अपने ऑफिस गया तो मुझे शगुन ने फोन किया। शगुन का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि सोहन तुम आज शाम को मेरे साथ चल रहे हो ना, मैंने शगुन को कहा हां मैं तुम्हारे साथ आ रहा हूं मैंने कल ही तो तुम्हे बता दिया था मैं ऑफिस से जल्दी घर आ जाऊंगा और उसके बाद हम दोनों चल पड़ेंगे। शगुन कहने लगी ठीक है मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी। मैं उस दिन अपने ऑफिस से जल्दी घर चला आया मैं जब घर पहुंचा तो मैं जल्दी से तैयार होकर शगुन के घर पर चला गया शगुन मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने शगुन को कहा तुम तैयार हो चुकी हो तो वह कहने लगी कि हां मैं तैयार हो चुकी हूं और उसके बाद हम दोनों साथ में विजय के घर गए लेकिन उस दिन मुझे विजय का व्यवहार शगुन के प्रति कुछ ठीक नहीं लगा वह शगुन पर काफी ज्यादा गुस्सा कर रहा था। इस बात से कहीं ना कहीं शगुन भी परेशान थी और उसे भी बुरा लगा था लेकिन वह इस बात को अपने दिल में ही दबा कर बैठी हुई थी। मैंने भी शगुन से इस बारे में पूछना ठीक नहीं समझा जब हम लोग घर लौट रहे थे तो उस वक्त शगुन ने मुझसे कहा कि सोहन विजय का व्यवहार बहुत बदल चुका है और मुझे कई बार लगता है कि क्या मैंने विजय के साथ शादी करने का फैसला सही लिया है। मैंने शगुन को कहा देखो शगुन यह तुम दोनों का आपस का मामला है इस बारे में मैं कुछ भी नहीं कह सकता।

शगुन और विजय एक दूसरे से कुछ वर्षों से प्यार करते हैं और उसके बाद जब शगुन ने अपने घर पर विजय के बारे में बताया तो उन लोगों को भी विजय पसंद आया और उन दोनों की सगाई हो गई लेकिन अब शगुन को लगने लगा था कि शायद उसका यह फैसला कहीं गलत साबित ना हो जाए इसी वजह से वह बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगी थी। मैं उसकी परेशानी उसके चेहरे पर साफ देख पा रहा था मुझे लगने लगा था कि शगुन बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी है और आखिरकार वह दिन आ ही गया जब विजय और शगुन के बीच में झगड़े शुरू हो गए। विजय और शगुन की शादी भी नहीं हुई थी और उन दोनों के बीच बढ़ते हुए झगड़ों से उन दोनों के रिश्ते में भी काफी दरार पैदा होने लगी थी। मैंने इस बारे में शगुन को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन शगुन और विजय एक दूसरे से दूरियां बना चुके थे और उन दोनों के बीच काफी दूरियां पैदा हो चुकी थी। मैंने शगुन को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन शगुन इस बात के लिए तैयार नहीं थी वह दोनों अलग होना चाहते थे और वह दोनों अब एक दूसरे से अलग हो चुके थे। शगुन इस बात से बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी थी मैंने शगुन को कई बार समझाने की कोशिश की और कहा कि तुम यह सब भूल कर अब आगे बढ़ने की कोशिश करो। शगुन ने भी एक कंपनी में जॉब कर ली और वह ज्यादातर समय अपने ऑफिस में ही दिया करती थी। मेरी भी मुलाकात शगुन से कम ही हुआ करती थी और काफी समय से मैं उससे मिल भी नहीं पाया था लेकिन जब मेरी उससे मुलाकात हुई तो मैंने उस दिन शगुन को कहा कि शगुन तुम पूरी तरीके से बदल चुकी हो। वह मुझे कहने लगी कि सोहन तुम जानते हो जबसे विजय से मेरा रिश्ता टूटा है तब से मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी हूं।

मैंने शगुन को कहा कि अब तुम उस बारे में भूल कर अपनी जिंदगी को अच्छे से आगे बढ़ाओ और अपनी जिंदगी में खुशियां लाने की कोशिश करो लेकिन शगुन अब ज्यादातर परेशान ही रहती थी। वह  जिस लड़के से प्यार करती थी उसका वह फैसला गलत हो चुका था इसलिए वह कहीं ना कहीं अंदर से बहुत ज्यादा परेशान होने लगी थी। शगुन बहुत ज्यादा परेशानी रहने लगी थी और मैं उसे समझाने की कोशिश करता। मैं शगुन के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि शगुन और मेरे बीच एक दिन किस हो जाएगा। वह भी मेरे लिए कहीं ना कहीं हो तड़पने लगी थी और उसके दिल में मेरे लिए कुछ तो चलने लगा था। जब एक दिन शगुन और मैं घर पर अकेले थे तो उस दिन हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गया जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के प्रति और भी ज्यादा आकर्षित होने लगे। मैं शगुन को घर पर बुला लिया करता। अभी दो दिन पहले की बात है जब शगुन ने मुझे अपने घर पर बुलाया। वह उस दिन मेरे लिए तड़प रही थी मैंने शगुन की इच्छा को पूरा कर दिया था। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और उसके होठों को अपने होंठो से किस करके शगुन की गर्मी को बढा दिया था। मै उसके स्तना को दबाने लगा। शगुन ने मुझे कहा तुम मेरे स्तनों का रसपान कर लो। मैंने शगुन के कपडो को खोलते हुए उसकी ब्रा उतार दी। जब मैंने उसकी ब्रा को उतारकर किनारे रखा तो वह बहुत तड़पने लगी और मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। मैंने शगुन के सामने अपने लंड को किया और अपने लंड को उसने हाथो मे लिया। वह जब अपने हाथों से लंड को हिलाती तो मुझे मजा आने लगता।

वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। शगुन को भी बड़ा मजा आने लगा था वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी और उसने मेरे लंड को तब तक चूसा जब तक उसने उस से पानी बाहर नहीं निकाल दिया। मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकल चुका था मैंने उसको कहा तुम मेरे लंड को बस ऐसे ही चूसती रहो। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने शगुन से कहा मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा है हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ाए जा रहे थे। हम दोनों की गर्मी अब बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मैंने शगुन की पेंटी को नीचे करते हुए जब उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था मैं सिर्फ उसकी चूत को चाटते जा रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है अब हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगे थे। मैंने शगुन की चूत पर अपने लंड को सटाते हुए शगुन की चूत में मेरा लंड जा चुका था। उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ आने लगा था मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था जब मैं उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाने की कोशिश करने लगा और मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हो चुका था। शगुन की चूत से पानी निकल चुका था जिसके बाद मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा मै उसके साथ जमकर सेक्स करने लगा था। शगुन भी अपने पैरों को खोलने लगी वह मुझे कहने लगी सोहन तुम और तेजी से मुझे चोदते जाओ। उसे मेरे लंड को लेने की आदत हो चुकी थी इसलिए उसे मेरे लंड को लेने में बड़ा मजा आता और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था जब भी मैं उसे चोदा करता।

मैं उसकी चूत पर तेज गति से धक्के मार रहा था मैं जिसका गति से धक्के मार रहा था उससे उसकी चूत से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। वह मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदते जाओ। मैंने भी अपनी तेज गति को बढा कर रख दिया था और मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था जब मैं ऐसा कर रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ती जा रही थी। मैंने शगुन को कहा मेरा माल गिरने वाला है तो शगुन मुझे कहने लगी मेरी चूत में ही तुम अपने माल को गिरा दो। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल कर उसके स्तनों को अपने वीर्य से नहला कर अपनी इच्छा को पूरा करत दिया था और उसे बड़ा मजा आया जिस प्रकार से उसने मेरे साथ सेक्स किया। हम दोनों के बीच हर रोज सेक्स संबंध बनते हैं और उसको भी बहुत अच्छा लगता है वह जब मेरे साथ सेक्स करती है।


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