चूत को चाटो बाबू

Chut ko chato babu:

Kamukta, Hindi sex story महिमा से मेरी पहली बार फोन पर ही बात हुई थी महिमा मेरी छोटी बहन रेखा की सहेली है उससे मेरी जब फोन पर बात हुई तो हम दोनों की बातें काफी आगे बढ़ने लगी और हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे लेकिन महिमा की जॉब बेंगलुरू में लग चुकी थी और मैं चंडीगढ़ में रहता हूं। मैं महिमा से मिलने के लिए सोचने लगा लेकिन उसे मिलना मेरे लिए संभव नहीं हो पा रहा था क्योंकि मैं भी अपनी जॉब में था मैं महिमा से नहीं मिल पा रहा था। उसी बीच रेखा भी कहने लगी कि भैया मैं बेंगलुरु जाने के बारे में सोच रही थी वहां मुझे सैलरी अच्छी मिल रही है इसलिए मैं सोच रही थी कि बेंगलुरु चली जाऊं और वहां पर महिमा भी है।

मैंने रेखा से कहा देखो बहन तुम वहां जा तो रही हो लेकिन क्या तुम वहां पर काम कर पाओगी वह कहने लगी क्यों नहीं भैया। मैंने उसे कहा देखो अकेले रहने में बहुत दिक्कत हो जाती है इसलिए तुम रहने ही दो परंतु रेखा तो चाहती थी कि मैं बेंगलुरु जाऊं  परन्तु पापा ने उसे मना कर दिया था पापा कहने लगे बेटा तुम चंडीगढ़ में ही जॉब कर लो क्यों बेवजह बैंगलुरु जाओगे। रेखा ने भी बेंगलुरु जाने का ख्याल अपने मन से निकाल दिया था और वह चंडीगढ़ में ही जॉब कर रही थी महिमा से मेरी बात लगभग हर रोज हुआ करती थी और हम दोनों एक दूसरे से घंटो तक बात किया करते थे। मैं जब ऑफिस से आता तो रात को मैं महिमा से बात किया करता था एक दिन मैंने महिमा से कहा कि क्यों ना हम लोग मिले तो महिमा कहने लगी ठीक है मैं देखती हूं। उस दिन हम लोगों ने मिलने का फैसला कर लिया और हम दोनों पहली बार एक दूसरे को मिलने वाले थे उससे पहले हम दोनों की बात सिर्फ फोन पर ही हुई थी। मैं बहुत ज्यादा नर्वस था महिमा मुझसे मिलने के लिए चंडीगढ़ आ रही थी महिमा दिल्ली की रहने वाली है लेकिन वह मुझसे मिलने के लिए चंडीगढ़ आने वाली थी। जब महिमा मुझसे मिलने आई तो उस वक्त मैं बहुत नर्वस हो गया और जब हम दोनों मिले तो मैंने महिमा से कहा मैं तुमसे कब से मिलने की सोच रहा था लेकिन कभी मुलाकात हो ही नहीं पाई।

महिमा कहने लगी अरे आपको तो मालूम ही है कि मैं अपने काम में कितना बिजी रहती हूं मुझे समय ही नहीं मिल पाता मैंने महिमा से कहा मुझे मालूम है लेकिन हम दोनों का मिलना भी तो जरूरी था। मैंने महिमा से पूछा तुमने बहुत अच्छा किया जो मुझसे मिलने के लिए आ गई मैं कब से तुमसे मिलने के बारे में सोच रहा था परंतु तुमसे मिलना ही संभव नहीं हो पा रहा था। उस दिन हम दोनों की मुलाकात बहुत अच्छी रही वह रेखा से भी ज्यादा समय तक नहीं मिल पाई उसके बाद महिमा अपने घर चली गई रेखा चाहती थी कि वह महिमा के साथ बेंगलुरु में रहे लेकिन पापा ने उसे साफ तौर पर मना कर दिया था। रेखा को एक लड़के से प्यार हो गया और उन दोनों ने साथ में शादी करने का फैसला कर लिया रेखा जब पहली बार पिताजी से अमन को मिलवाया तो पिताजी को अमन बहुत अच्छा लगा। अमन पेशे से एक डॉक्टर है और वह बहुत ही समझदार है सब लोगों को यह रिश्ता मंजूर था और कुछ ही समय बाद अमन और रेखा की सगाई तय हो गई। जब अमन और रेखा की सगाई तय हुई तो मुझसे महिमा ने पूछा क्या रेखा ने सगाई कर ली है तो मैंने उसे बताया हां रेखा ने सगाई कर ली है और कुछ ही समय बाद उसकी शादी भी होने वाली है। महिमा रेखा की सगाई में तो नहीं आ पाई थी लेकिन उसे उसकी शादी में तो आना ही था और फिर महिमा रेखा की शादी में भी आई। रेखा की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और सब कुछ हम लोगों ने बहुत ही अच्छे से अरेंजमेंट किया था अब रेखा की भी शादी हो चुकी थी मेरी मम्मी मुझे उसके बाद कहने लगी कि बेटा अब तुम भी शादी कर लो। मैं तो महिमा से शादी करना चाहता था मैंने महिमा से इस बारे में पूछा कि हम लोग कब शादी करें तो महिमा मुझे कहने लगी मुझे थोड़ा समय चाहिए होगा क्योंकि मैं नहीं चाहती अभी मैं शादी करूं।

महिमा ने थोड़ा समय मांगा था ताकि हम दोनों शादी कर पाए लेकिन मैं चाहता था कि मैं महिमा से शादी कर लूं परंतु महिमा को थोड़ा और समय चाहिए था। रेखा अपनी शादी के बाद घर पर आई तो रेखा मुझसे पूछने लगी तुम दोनों का रिलेशन कैसा चल रहा है मैंने उसे बताया रिलेशन तो बहुत अच्छा चल रहा है मैं और महिमा एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए निकल ही रहा था तो मुझे महिमा का फोन आया महिमा मुझे कहने लगी राहुल मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं मैंने महिमा से कहा ऐसा क्या हुआ कि तुम इतनी परेशान हो वह बहुत घबराई हुई थी। महिमा मुझे कहने लगी क्या तुम मेरे पास आ सकते हो मुझे भी उसकी चिंता होने लगी और मैंने सोचा मुझे महिमा के पास जाना चाहिए मैं महिमा के पास बेंगलुरु चला गया। मैं जब महिमा के पास बेंगलुरु गया तो महिमा ने मुझे सारी बात बताई और कहा कुछ दिनों से मुझे एक लड़का बहुत परेशान कर रहा है और उसकी वजह से मैं इतना ज्यादा तनाव में आ गई हूं कि मैं अपने ऑफिस भी नहीं जा पा रही हूं। यदि मैं यह बात अपने मम्मी पापा को बताती तो वह लोग बहुत डर जाते इसलिए मुझे लगा कि मुझे तुम्हें यह बात बतानी चाहिए मैंने महिमा से कहा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा।

मैंने महिमा को समझाया और कहा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा महिमा कहने लगी राहुल मुझे बहुत डर लग रहा है वह लड़का मुझे हर रोज फोन करता है मुझे वह जब भी रास्ते में मिलता है तो मुझे उसे देखकर ही डर लग जाता है। मैं महिमा के साथ ऑफिस जाने लगा उसकी वजह से मैंने अपने ऑफिस की भी छुट्टी ले ली थी लेकिन महिमा को उस वक्त मेरी जरूरत थी तो मैं उसका साथ देने लगा। मैंने महिमा से कहा महिमा तुम मुझसे शादी क्यों नहीं कर लेती अब हम दोनों को शादी कर लेनी चाहिए महिमा कहने लगी हां राहुल तुम ठीक कह रहे हो मुझे भी यही लग रहा है कि अब हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए। मैं इस बारे में घर में बात कर लेती हूं और तुम्हारे बारे में तो सब को मालूम ही है मैंने महिमा से कहा हां तुम घर में बात कर लो। महिमा ने उस दिन अपनी मम्मी से बात की महिमा ने जब अपनी मम्मी से बात की तो उसकी मम्मी कहने लगी हमें राहुल बहुत पसंद है। हालांकि वह लोग मुझसे कभी नहीं मिले थे लेकिन महिमा ने उन्हें मेरे बारे में सब कुछ बता दिया था और महिमा के परिवार वाले बड़े ही खुले विचारों के हैं उन्हें इन सब चीजों से कोई भी तकलीफ नहीं है इसीलिए वह शादी के लिए मान चुके थे। मुझे बेंगलुरु में करीब 5 दिन हो चुके थे मैंने महिमा से कहा अब तो तुम्हें डर नहीं लग रहा महिमा कहने लगी नहीं अब तुम मेरे साथ हो इसलिए मुझे कोई डर नहीं लग रहा। महिमा को मेरा साथ अच्छा लग रहा था और वह खुश भी रहने लगी थी काफी दिनों से वह बहुत ज्यादा तनाव में थी इसलिए उसे भी किसी का साथ चाहिए था तो मैंने महिमा का साथ बड़े ही अच्छे से दिया। मैंने महिमा को कभी छुआ भी नहीं था  महिमा बाथरूम से नहा कर बाहर निकली तो उसके खुले हुए बाल देखकर और उसके बदन को देखकर मैं अपने आपको ना रोक सका। मैंने उसके होठों को किस करना शुरू किया उसके होठों का रसपान मै बड़े अच्छे से किया करता जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी बढ जाती और महिमा भी पूरी उत्तेजित होने लगी थी।

हम दोनों के बीच पहली बार ही किस हुआ था महिमा इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई कि उसने अपने बदन से सारे कपड़े उतार कर एक किनारे रख दिए, मैंने जब उसके गोरे और बड़े स्तनों को देखा तो मैं उन्हें दबाने लगा मुझे उसके स्तनों को दबाने में मजा आ रहा था। मैं काफी देर तक उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करता रहा, जब मैंने उसकी योनि पर अपनी उंगली को लगाया तो उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरफ को निकल रहा था और उसके होठों से हल्का सा खून निकलने लगा था। उसके अंदर की उत्तेजना बढ चुकी थी इसलिए उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और उसे हिलाना शुरु किया वह मुझे कहने लगी क्या तुम मेरी योनि का रसपान करोगे। मैंने उसे कहा क्यों नहीं मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो वह मचलने लगी और उसके बदन से बहुत ज्यादा गर्मी बाहर की तरफ निकलने लगी उसकी योनि पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने उसके मुंह में अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उसके मुंह के अंदर गया तो मुझे बड़ा मजा आने लगा।

जब मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए अपने लंड को महिमा की योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया तो मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक जा चुका था वह पूरी उत्तेजित होने लगी थी। मैंने उसके दोनों पैरों को खोला और बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा मैं तेज गति से धक्का मारता तो उसका पूरा शरीर हिल जाता। वह मुझे कहती मुझे मजा आ रहा है तुम ऐसे ही धक्के देते रहो हम दोनों ने करीब 5 मिनट तक एक दूसरे का साथ दिया। जब हम दोनों ही पूरी तरीके से संतुष्ट हो गए तो महिमा कहने लगी मुझे आज मजा आ गया मैंने अपने वीर्य को महिमा के मुंह के अंदर डाल दिया उसने वह सब अंदर ही निगल लिया था। मैं अब चंडीगढ़ वापस आ चुका हूं लेकिन अब भी महिमा और मेरी फोन पर बात होती रहती है महिमा के घर वाले हमारी शादी के लिए मान चुके हैं लेकिन महिमा कहने लगी मुझे और समय चाहिए। मैंने उसे कहा अभी तो तुमने कुछ दिनों पहले मुझसे कहा था कि हम लोग शादी कर लेंगे वह कहने लगी बस मुझे 6 महीने का टाइम चाहिए उसने मुझसे 6 महीने का समय लिया है मैं अब भी इंतजार कर रहा हूं कि कब हम दोनों की शादी हो।


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