चूत की गर्मी से मैं जल उठा

Chut ki garmi se mai jal utha:

antarvasna, hindi sex stories

मेरा नाम विक्रांत है मैं 32 वर्षीय दिल्ली का रहने वाला हूं मैं बड़े ही गुस्सैल परवर्ती का हूं और हमेशा ही मेरा किसी न किसी के साथ झगड़ा हो जाता है। मैं अपने गुस्से से बहुत परेशान भी हूं लेकिन अभी तक मेरी आदत सुधरी नहीं है। मैं कभी भी अपनी फैमिली के साथ जाता हूं तो वह सब मुझे पहले ही समझा देते हैं कि तुम कहीं पर कोई बखेड़ा खड़ा मत कर देना इसी वजह से मैंने भी अपनी फैमिली के साथ जाना अब कम ही कर दिया है। एक दिन मेरी गाड़ी खराब हो गई उस दिन मैं बस से ही घर के लिए लौटा लेकिन बस वाले ने मुझसे ज्यादा किराया ले लिया और जब उस कंडक्टर ने मुझ से ज्यादा किराया लिया तो मैंने उसे कहा कि भैया आपने मुझसे ज्यादा पैसे ले लिए हैं लेकिन वह कहने लगा कि मैंने तो आपसे उतना ही पैसे लिए हैं जितने मैं और लोगो से ले रहा हूं।

गलती उसकी ही थी मेरा पारा इतना ज्यादा चढ़ गया कि मैंने उसे थप्पड़ मार दिया और जब मैंने उसे थप्पड़ मारा तो ड्राइवर ने भी बस रोकते हुए मुझे कहा अब तुम यहीं नीचे उतर जाओ। उन्होंने मुझे वहीं उतार दिया। उस दिन बड़ा झगड़ा होने से बच गया और मैं पैदल पैदल वहां से अपने घर आ गया। जब मैं घर पहुंचा तो मेरी मम्मी कहने लगी आज तुम काफी देर से घर आ रहे हो? मैंने उन्हें कुछ भी नहीं बताया और चुपचाप अपने कपड़े चेंज किया और अपने रूम में बैठ गया। इसी गुस्सैल परवर्ती के चलते मेरा कोई भी अच्छा दोस्त नहीं है और ऑफिस में भी जो लोग मुझसे बात करते हैं वह सिर्फ मुझसे काम की ही बात करते हैं उससे अधिक वह लोग मुझसे बात नहीं करते। हमारे ऑफिस में एक लड़की है उसका नाम काजल है। वह बड़ी ही सिंपल और साधारण लड़की है। मैं जब भी उसे देखता हूं तो मैं सोचता हूं कि काजल कितनी ज्यादा सीधी और शरीफ है और मैं उससे बात करने की कोशिश करता हूं लेकिन वह भी मुझसे सिर्फ काम की ही बात करती है।

मैं एक दिन अपनी बाइक से घर लौट रहा था मैंने सोचा रास्ते में कुछ खा लिया जाए। मैं रास्ते में ही रुक गया और मैं चाट खाने लगा। मैं जिस वक्त चार्ट खा रहा था उस वक्त मेरे बिल्कुल सामने से अजय सर की कार गुजारी। अजय सर हमारे ऑफिस में सीनियर है। मुझे ऐसा लगा कि जैसे उनके साथ काजल भी बैठी हुई है। वह लोग उस दिन ऑफिस भी नहीं आए थे। मैंने कभी यह बात सोची नहीं थी कि उन दोनों के बीच में क्या कभी ऐसा हो भी सकता है। वह लोग तो एक दूसरे से बात भी नहीं करते। मैंने भी जल्दी से चार्ट खाई और अपनी बाइक तुरंत स्टार्ट करके उनके पीछे दौड़ा दी। मैंने हेलमेट पहना हुआ था इसलिए शायद वह मुझे पहचान नहीं पा रहे थे मैं उनके पीछे ही बाइक दौड़ा रहा था। मैं देखना चाहता था कि आखिरकार यह माजरा क्या है। उन्होंने भी अपनी कार को 70 80 की स्पीड में दौड़ाया हुआ था और मैं भी उनके ठीक पीछे लगा हुआ था। जब उनकी कार सिग्नल पर रुकी तो मैं भी उनके बिल्कुल पीछे ही खड़ा था मैं सब कुछ देख रहा था और मैंने देखा वह दोनों तो एक दूसरे से बड़े हंस कर बात कर रहे हैं। वह लोग वहां से एक रेस्टोरेंट में चले गए। मुझे यह बात तो समझ आ गई थी कि इन दोनों के बीच में कुछ चल रहा है। उसके बाद मैं भी उस दिन घर लौट आया। जब मैं घर पहुंचा तो मैं सिर्फ यही सोच रहा था कि काजल तो बहुत ज्यादा सीधी लड़की है और मैंने कभी उसके बारे में ऐसा सोचा भी नहीं था कि वह अजय सर के साथ रिलेशन में होगी। आज सर तो शादीशुदा भी हैं और उन दोनों के बीच ऐसा संबंध हो सकता है यह तो बिल्कुल मेरे समझ के परे था लेकिन यह सच्चाई थी कि उन दोनों के बीच में रिलेशन चल रहा था। अगले दिन जब मैं ऑफिस में गया तो मैंने देखा काजल अजय सर से तो बिल्कुल भी बात नहीं कर रही। वह दोनों ऐसा दिखा रहे थे जैसा कि उन दोनों के बीच में कोई भी रिलेशन नहीं हो लेकिन मुझे तो उन दोनों के बारे में सब कुछ पता था। मेरी ऑफिस में ज्यादा बात किसी से नहीं होती थी इसलिए मैंने किसी को भी यह बात नहीं बताई। मैं उन दोनों को बड़े ध्यान से देखता वह दोनों एक दूसरे से सिर्फ नजरों में बात किया करते थे। कुछ दिनों बाद वह दोनों एक दूसरे के सामने भी नहीं आ रहे थे। मुझे लगा शायद इन दोनों के बीच में कुछ अनबन हो गई है।

मैं काजल से बात करने की कोशिश करता लेकिन वह तो मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं करती और मुझे जब भी काम होता तो मैं काजल से बात करने की कोशिश जरूर करता लेकिन वह तो अब ऑफिस में किसी से भी बात करना पसंद नहीं करती थी और अजय सर से तो वह बिल्कुल ही दूरी बना कर रखती थी। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि कुछ दिनों पहले तक तो वह दोनों एक दूसरे से आंखों आंखों में बात किया करते थे लेकिन अब उन दोनों के बीच में बिल्कुल भी नैन मटक्का नहीं हो रहा था। यह तो मेरे समझ से परे था। मैंने भी काजल से बात करना शुरू कर दिया। एक दिन वह मेरे साथ बैठी हुई थी मैंने उसने उस दिन पूछ ही लिया तुम्हारे और अजय सर के बीच में क्या चल रहा है। वह कहने लगी ऐसा तो कुछ भी नहीं चल रहा। जब उसने मुझसे यह बात कही तो मैंने उसके मुंह से यह बात निकलवा ही दी तुम दोनों का तो रिलेशन था पर अब तुम दोनों के बीच में कुछ अनबन हो गई है। वह मुझे कहने लगी अजय सर ने मुझे धोखा दिया वह मुझे कहने लगी मैं अपनी पत्नी से डिवोर्स ले लूंगा तुम मेरी जिंदगी में आ जाओ इसी शर्त में मैं उनके साथ थी लेकिन उन्होंने मेरे साथ बहुत ही बड़ा धोखा किया अब मैं उनसे बात भी नहीं करना चाहती।

मैंने सोचा चलो अब मैं काजल पर चांस मारता हूं। मैंने भी उसे अपनी बातों में कन्वेंस कर लिया और कुछ दिनों बाद मैंने उसे पटा भी लिया वह बड़ी की भोली और सीधी सादी थी वह मुझे अपना सब कुछ मानने लगी। मैंने एक दिन मौका देखते हुए उसे कहा आज तुम मेरे घर पर आ जाओ उस दिन मेरे घर में कोई भी नहीं था। जब वह मेरे घर में आई तो मैं उसे अपने रूम में ले गया। जब हम दोनों बैठे हुए थे मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया और उसके होंठो को मैं अच्छे से चूमने लगा। उसके बाद मैं बिल्कुल नॉर्मल बैठ गया लेकिन उसका भी मन मेरे साथ सेक्स करने का होने लगा था क्योंकि मैंने उसके अंदर की गर्मी को जगा दिया था। उसने जब मुझे किस किया तो मैं समझ गया इसका भी मन मुझसे चुदने का हो चुका है मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसे नंगा कर दिया। उसके गोरे बदन को देखकर मै बहुत खुश हो गया और अपने लंड को बाहर निकालते हुए हिलाना शुरू कर दिया मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया उसने भी मेरे लंड को सकिंग करना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग कर रही थी मेरे अंदर जोश पैदा होने लगा जब मेरा पानी बाहर की तरफ निकलने लगा तो मैंने काजल के बदन के हर हिस्से को चाटना शुरू किया। जब मैं उसके बदन का रसपान करता तो उसकी योनि से चिपचिपा पदार्थ बाहर निकालता। मैंने काजल से कहा अब तुम अपने दोनों पैरो को खोल लो उसने अपने दोनों पैरो को खोल लिया। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो उसकी योनि बहुत टाइट थी लेकिन मैंने भी पूरे जोश के साथ उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होता तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा। मैं उसकी चूत मार रहा था तो उसकी चूत गिली हो चुकी थी। मेरे धक्के इतने तेज होते उन धक्को से उसे दर्द होने लगा था मैं उसे काफी देर से चोद रहा था इसलिए मेरे घुटने भी दुखने लगे थे। मैंने उसे कहा अब तुम मेरे ऊपर से लेट जाओ मैंने उसे अपने ऊपर लेटा दिया। वह अपनी चूतड़ों को मेरे लंड पर हिलाने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी वह पसीने के रूप में बाहर आने लगी उसका भी गर्मी से बुरा हाल हो चुका था। जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपनी योनि से निकालो। उसने जल्दी से मेरे लंड को अपनी योनि से निकाला मैंने भी उसके मुंह पर अपने लंड को सटा दिया उसने कुछ सेकेंड तक मेरे लंड का रसपान किया। जब मेरा वीर्य पतन उसके मुंह में हुआ तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ।


Comments are closed.