चूत के मजे मिलते रहते हैं

Antarvasna, kamukta:

Chut ke maje milte rahte hain मैं अपने ऑफिस जाने के लिए अपने घर से निकला उस दिन मेरी मोटरसाइकिल खराब थी इसलिए मुझे उस दिन बस से ही अपने ऑफिस जाना था। मैं बस स्टॉप पर खड़ा बस का इंतजार कर रहा था मैं बस स्टॉप पर खड़ा था मुझे वहां पर खड़े हुए करीब 10 मिनट ही हुए थे तभी वहां पर मुझे मयंक दिखा मयंक मेरे साथ कॉलेज में पढ़ाई करता था। मैंने मयंक से कहा मयंक आज कितने सालों बाद तुमसे मुलाकात हो रही है तो वह मुझे कहने लगा कि रजत तुम तो मुझे फोन भी नहीं करते। मैंने मयंक को कहा मयंक तुम तो जानते ही हो की अपने ऑफिस में मैं कितना बिजी रहता हूं। मयंक ने मुझसे पूछा तुम्हारे घर पर सब लोग कैसे हैं तो मैंने मयंक को बताया मेरे घर पर तो सब लोग ठीक है। मयंक ने मुझे कहा कि रजत कुछ दिनों के बाद मेरी बहन की शादी है और तुम्हें भी मेरी बहन की शादी में जरूर आना है। मैंने मयंक को कहा हां ठीक है मैं तुम्हारी बहन की शादी में जरूर आऊंगा। हम दोनों बात कर ही रहे थे कि तभी बस आ गई और हम दोनों बस में बैठ गए हम दोनों को बैठने के लिए सीट मिल चुकी थी हम दोनों एक ही सीट पर बैठे हुए थे तो हम अपने कॉलेज के पुराने दिनों को याद कर रहे थे।

मुझे तो काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैं मयंक के साथ बातें कर रहा था मयंक से बातें करने के दौरान मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा ऑफिस आ गया। मैंने मयंक को कहा कि मैं अभी चलता हूं मैं तुमसे फोन पर बात करूंगा मयंक कहने लगा ठीक है। मैं अपने ऑफिस के बाहर बस स्टॉप पर उतरा उसके बाद बस जा चुकी थी। मैं जैसे ही अपने ऑफिस के अंदर गया तो उस दिन ऑफिस में मेरे ऑफिस के दोस्त ने मुझे कहा कि आज बॉस बहुत ज्यादा गुस्से में है। मैंने जब अपने दोस्त से इस बारे में पूछा कि बॉस क्यों गुस्से में है तो उसने मुझे बताया कि कुछ दिनों से काम बिल्कुल भी ठीक नहीं चल पा रहा था इसलिए बॉस का मूड कुछ ठीक नही है। बॉस ने जब अपने केबिन में मुझे बुलाया तो उन्होंने मुझसे भी कहा कि रजत आजकल तुम्हारा काम में बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा है मैंने उन्हें कहा सर ऐसी बात नहीं है। मैं समझ चुका था कि वह मुझसे क्या कहना चाहते हैं क्योंकि कुछ दिनों पहले हम लोगों ने जो नया प्रोडक्ट लांच किया था वह मार्केट में बिल्कुल भी अच्छा नहीं चल रहा था जिससे कि बॉस बहुत ही नाराज थे। मैं उसके बाद बॉस के केबिन से बाहर आया तो मुझे भी लगा कि बॉस बिल्कुल ठीक कह रहे हैं मैं अब अपने काम पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा था।

मयंक की बहन की शादी भी नजदीक आने वाली थी और जब उस दिन मैंने मयंक से फोन पर बात की तो मुझे मयंक ने कहा कि रजत तुम शादी में तो आ रहे हो मैंने मयंक को कहा हां क्यों नहीं मैं शादी में जरूर आऊंगा। मैं मयंक की बहन की शादी में गया हुआ था, जब मैं उसकी शादी में गया तो मुझे काफी अच्छा लगा मैं मयंक की बहन की शादी के दौरान सुहानी से मिला जब मेरी मुलाकात सुहानी से हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा। सुहानी और मैं कॉलेज में साथ ही पढ़ा करते थे लेकिन काफी बरसों के बाद मेरी मुलाकात सुहानी से हो पाई थी और सुहानी भी काफी ज्यादा खुश थी जिस प्रकार से मैं और वह एक दूसरे से बातें कर रहे थे। सुहानी ने मुझे बताया कि उसकी इंगेजमेंट हो चुकी है मैंने सुहानी को कहा चलो यह तो अच्छा है कि तुम्हारी इंगेजमेंट हो चुकी है। सुहानी ने मुझे बताया कि वह जिस लड़के से प्यार करती थी उसी से उसकी इंगेजमेंट हुई है और वह काफी ज्यादा खुश है। मैं भी बहुत खुश था जब मेरी और सुहानी की बात हुई। मयंक की बहन की शादी में सुहानी से मिलकर मुझे अच्छा लगा और उस रात मैंने सुहानी को उसके घर तक भी छोड़ा।

सुहानी को मैंने उसके घर तक ड्रॉप किया और फिर मैं अपने घर आ गया, जब मैं अपने घर पहुंचा तो मां मेरा इंतजार कर रही थी मां को मेरी बहुत ज्यादा चिंता रहती है। मैंने उन्हें कई बार कहा कि आप मेरी इतनी चिंता ना किया कीजिए लेकिन मां है कि मेरी बात कहां मानती हैं वह मेरा इंतजार कर रही थी। मां ने मुझसे पूछा कि बेटा तुम्हें आने में काफी देर हो गई तो मैंने मां से कहा कि हां मां मुझे आने में तो काफी देर हो गई। मैं मां के साथ बातें कर रहा था उसके बाद मुझे काफी ज्यादा नींद आ रही थी मैंने मां को कहा मां अब मैं सो रहा हूं मां ने कहा ठीक है बेटा तुम सो जाओ और फिर मैं अपने रूम में चला गया। मैं जब अपने रूम में गया तो मुझे बहुत गहरी नींद आ रही थी और मैं सो चुका था। अगले दिन जब मैं उठा तो मैंने देखा मुझे ऑफिस जाने के लिए देर हो रही थी मैं जल्दी से कपड़े पहनकर ऑफिस के लिए निकला और फिर मैं अपने ऑफिस पहुंचा। मैं जब अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन मेरे बॉस ने मुझे केबिन में बुलाया और वह मेरे काम से काफी ज्यादा खुश थे इसलिए उन्होंने मुझे प्रमोशन दिया और मैं भी इस बात से काफी खुश था। मेरी और मयंक की बातें होती रहती थी मैं उसे कई बार मिला भी करता था। मैं जब भी मयंक से मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और मयंक को भी मुझसे मिलकर बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन सुहानी काफी ज्यादा परेशान लग रही थी उसने मुझे अपने घर पर बुलाया।

जब मैं उसको मिलने के लिए उसके घर पर गया तो मैंने उससे जब इस बारे में पूछा तुम इतनी परेशान क्यों हो? उसने मुझे बताया उसका झगड़ा उसकी मंगेतर से हुआ था इस वजह से वह काफी साहब परेशान थी। मैंने सुहानी को कहा कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा। वह मुझसे बातें करने लगी। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे हम दोनों को ही अच्छा लग रहा हो और सुहानी को भी अच्छा लग रहा था लेकिन मेरे मन में सुहानी को लेकर उस दिन ना जाने क्या फीलिंग आई और मैंने उसकी जांघों को सहलाना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही उसकी जांघों को सहलाना शुरू किया तो वह मचलने लगी। वह इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी कि शायद वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी और मुझे भी बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया मैं जब उसके होठों को चूम रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और उसे भी बहुत ही मजा आने लगा था। हम दोनों के अंदर की गर्मी बढने लगी थी। मैंने उसे कहा मुझसे अब एक पल के लिए भी रहा नहीं जाएगा। वह मुझे कहने लगी रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है अब हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे। मैंने उसके बदन को सहलाना शुरू किया। जब मैंने सुहानी के कपड़ों को उतारा तो मैंने उसके स्तनों की तरफ देखा वह बहुत ही ज्यादा गर्म हो रही थी।

मैंने उसके स्तनों का स्पर्श किया तो उसकी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी़ वह मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जा रहा है मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू कर दिया जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो उसकी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मेरी गर्मी भी काफी ज्यादा बढ़ चुकी थी। हम दोनों ही बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने सुहानी को कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं क्योंकि सुहानी के चूत पूरी तरीके से गिली हो चुकी थी। मैंने जैसे ही उसकी पैंटी को नीचे उतारकर देखा था तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और वह बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था। मैंने सुहानी को कहा मुझसे रहा नहीं जाएगा और सुहानी अब मेरे लिए बहुत ज्यादा तडप रही थी। उसने मेरे लंड की तरफ देखा तो वह उसे सहलाने लगी। वह मेरे लंड को जिस प्रकार से अपने मुंह मे लेकर सकिंग कर रही थी उससे मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था। उसने मेरे लंड को काफी देर तक हिलाया जैसे ही मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया तो वह चिल्लाकर कहने लगी मुझे मजा आ रहा है। इससे पहले सुहानी ने कई बार अपने मंगेतर का मोटा लंड अपनी चूत मे लिया था। वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही ज्यादा मोटा है।

मैंने सुहानी को और भी तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मेरा लंड सुहानी की चूत को फाडता हुआ अंदर बाहर हो रहा था और वह बहुत ही जोर से सिसकारियां ले रही थी। उसकी सिसकारियां लगातार बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही थी लेकिन सुहानी की चूत से निकलता हुआ पानी अब इतना ज्यादा बढ़ चुका था कि शायद सुहानी उसे रोक ही नहीं पाई और मुझे कहने लगी मुझे लगने लगा है मैं झड़ चुकी हूं। सुहानी ने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकडना शुरू किया। वह ऐसा करने लगी तो मुझे समझ आ गया वह रह नहीं पा रही है। मैंने उसको और भी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए मेरा वीर्य उसकी चूत में जा चुका था मेरा वीर्य सुहानी की चूत में जाते ही वह खुश हो गई। वह मुझे कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। मैंने सुहानी की इच्छा को पूरा कर दिया था और सुहानी बड़ी खुश थी जिस प्रकार से मैंने उसकी इच्छा को पूरा किया था। सुहानी और मेरे बीच अभी भी सेक्स होता रहता है। सुहानी की शादी हो चुकी है और वह मुझे अपने घर पर ही बुला लिया करती है जब भी वह अपने घर पर मुझे बुलाती है तो मैं उसे जमकर चोदा करता हूं और उसकी चूत मारकर मैं उसकी इच्छा पूरी कर देता हूं वह बहुत ही ज्यादा खुश रहती है जब भी मैं उसके साथ सेक्स के मज़े लिया करता हूं।


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