चूत चिकनी हो गई थी

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Chut chikni ho gayi thi मैं अपने दोस्त के घर काफी समय बाद गया मैं जब अपने दोस्त के घर गया तो उसके परिवार में कुछ भी ठीक नहीं था उससे कभी मेरा कोई भी संपर्क नहीं हो पाया था इस वजह से मुझे उसकी स्थिति के बारे में पता नहीं था। मैं अपने दोस्त राजीव के घर पर पहुंचा तो उसके घर में सब लोग परेशान थे कुछ समय पहले ही उसके पिताजी का देहांत हुआ जिससे कि राजीव के घर की स्थिति खराब होती चली गई क्योंकि उन्होंने घर बनाने के लिए कुछ पैसे लिए थे जो कि अभी तक वह लौटा नहीं पाए थे। राजीव मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और जब मैं उससे मिला तो उसने मुझे सारी बात बताई मैंने राजीव को कहा तुम क्यों चिंता करते हो सब कुछ ठीक हो जाएगा। राजीव मुझे कहने लगा कि रोहित मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं मुझे बैंक से लगातार नोटिस आ रहे हैं और मैं पैसे भी नहीं दे पा रहा हूं क्योंकि मेरे ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी आ चुकी है, पिताजी ने घर बनाने के लिए बैंक से लोन लिया था और अचानक से उनकी मृत्यु हो गई और वह लोन भी चुका नहीं पाये और अब मुझे बैंक के पैसे देने हैं मैं काफी परेशान हूं।

मैंने राजीव को समझाया और कहा कि तुम परेशान मत हो सब कुछ ठीक हो जाएगा मैंने उस वक्त राजीव की मदद की जब मैंने राजीव की मदद की तो राजीव ने मुझे कहा कि रोहित तुम मेरे सच्चे दोस्त हो। मैंने राजीव को कहा देखो राजीव मुझे यह बात पहले पता नहीं थी यदि मुझे पहले यह बात पता होती तो मैं कब कि तुम्हारी मदद कर चुका होता। राजीव को मैंने पैसे दे दिए थे जिससे कि उसकी मदद हो गई, मैं विदेश में एक अच्छी कंपनी में नौकरी करता हूं और कुछ समय के लिए मैं अपने घर आया हुआ था तब जाकर मुझे यह बात पता चली थी। मैंने राजीव की तो मदद कर दी थी जिसके बाद उसके घर में सब कुछ ठीक हो चुका था थोड़े ही समय बाद मेरी सगाई तय हो गई मेरी सगाई हो जाने के बाद मेरे दोस्तों ने मुझे मेरी सगाई की बधाइयां दी। मैं करीब 3 महीने तक घर पर रहने वाला था इसलिए मैं उस दौरान अपने पुराने दोस्तों से मिलना चाहता था मैंने राजीव से अपने दोस्तों के बारे में पूछा तो राजीव ने मुझे कहा कि मेरी सबसे मुलाकात तो नहीं हो पाती है लेकिन कुछ लोगों से मेरी अभी भी बातचीत होती है।

मैंने उनसे मिलने का फैसला किया और राजीव ने मुझे हमारे दोस्तों से मिलाया मैं अपने सारे दोस्तों से मिलकर खुश था। हालांकि मैं सबसे तो नहीं मिल पाया लेकिन जितने भी दोस्तो को मैं मिला मुझे काफी अच्छा लगा। शाम के वक्त मैं अपने घर पर ही था उस दिन हमारे घर पर पड़ोस में रहने वाले अंकल आए हुए थे अंकल मुझे कहने लगे कि रोहित बेटा क्या तुम मेरे साथ अभी चल सकते हो। मैंने उन्हें कहा कि हां अंकल बताइए ना आपको क्या काम था तो वह कहने लगे कि बेटा मुझे तुम्हारी आंटी को उनकी स्कूल से लेकर आना है मुझे गाड़ी चलानी नहीं आती और आज हमारा ड्राइवर भी नहीं आ पाया है तुम्हारी आंटी की स्कूल में आज कोई जरूरी मीटिंग थी इस वजह से उन्हें काफी देर हो गई है। मैंने उन्हें कहा ठीक है अंकल मैं आपके साथ चलता हूं और मैं अंकल के साथ चला गया जब मैं आंटी के स्कूल पहुंचा तो वह हमारा इंतजार कर रही थी वह स्कूल के बाहर ही थी, वह स्कूल में प्रिंसिपल हैं। मैंने उनसे पूछा कि आंटी आपको आज स्कूल में काफी देर हो गई तो उन्होंने मुझे बताया कि हां स्कूल में आज जरूरी काम था इसलिए आज स्कूल में देर हो गई। हम लोग गाड़ी में बैठे और थोड़ी देर बाद हम घर पहुंच चुके थे गोविंद अंकल और उनकी पत्नी लता आंटी दोनों ही अकेले रहते हैं उनका बड़ा बेटा भी एक अच्छे पद पर है और वह कोलकाता में रहता है उनकी पत्नी भी कोलकाता में ही उनके साथ रहती है उनकी एक बेटी है जिसकी कि पिछले वर्ष ही शादी हुई थी। हालांकि उस वक्त मैं घर पर तो नहीं था लेकिन मैंने जब अपनी मम्मी से फोन पर बात की थी तो उन्होंने मुझे बताया था कि महिमा की शादी है तो मुझे उस वक्त पता चला की महिमा की शादी हो चुकी है। उसके बाद मैं अपने घर वापस आ चुका था मैं घर पर ही था मैंने पापा और मम्मी के साथ रात का डिनर किया उसके बाद मैं अपनी कॉलोनी के बाहर चला गया और वहीं पर मैं काफी देर तक बैठा रहा कुछ दी बाद मैं घर वापस लौट आया था और फिर मैं सो गया। अगले दिन राजीव ने मुझे फोन किया और कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो मैंने राजीव को कहा ठीक है मैं तुमसे मिलने तुम्हारे घर आता हूं।

मैं राजीव को मिलने के लिए उसके घर चला गया मैं जब राजीव को मिलने के लिए उसके घर गया तो मैं काफी देर तक राजीव के साथ उसके घर पर बैठा रहा। जब मैं राजीव के घर से वापस लौटा तो मुझे मेरी मां कहने लगी कि बेटा मैं पड़ोस में आंटी के घर जा रही हूं थोड़ी देर बाद मैं लौट आऊंगी मैंने उन्हें कहा ठीक है मम्मी। पापा अपने ऑफिस गए हुए थे और मैं घर पर अकेला ही था मैं घर पर अकेला ही था तो सोचा कि मधु से मैं बात कर लूं मधु से मैंने फोन पर बात की मधु मेरी मंगेतर का नाम है उससे मेरी बात काफी देर तक हुई। मधु से मैंने उसके हालचाल पूछा तो मधु ने मुझे बताया कि वह घर पर ही थी और मधु के साथ काफी देर तक बात करने के बाद मैंने फोन रख दिया थोड़ी देर बाद मम्मी भी घर लौट चुकी थी। मम्मी जब घर लौटी तो मैंने अपनी मम्मी से कहा कि मैं अभी पार्क में जा रहा हूं थोड़ी देर बाद लौट आऊंगा तो मम्मी कहने लगी ठीक है बेटा चले जाओ और फिर मैं पार्क में चला गया। मैं जब पार्क मे बैठा हुआ था तो उस वक्त मैंने देखा महिमा आगे से आ रही है।

मैं महिमा को देखकर महिमा की तरफ गया और महिमा मुझसे कहने लगी रोहित तुम कैसे हो तो मैंने महिमा से कहा मैं तो अच्छा हूं लेकिन तुम बताओ तुम कैसी हो? वह भी कहने लगी मैं भी अच्छी हूं। मैंने उससे पूछा लेकिन तुम कब आई तो उसने मुझे बताया कि मैं तो कल ही आई हूं। मैंने महिमा को कहा मैं तुमसे मिल नहीं पाया था और ना ही तुम्हारी शादी में आया पाया था। महिमा के साथ मे काफी देर तक बात करता रहा मैंने उससे कहा कि तुम्हारी शादीशुदा  जिंदगी कैसी चल रही है? महिमा का चेहरा उतर गया मैं कुछ समझ नहीं पाया वह मुझे कहने लगी कि रोहित हम लोग कुछ और बातें करते हैं। मैं कुछ समझ नहीं पाया था इसलिए मैंने उससे जब इस बारे में पूछा तो उसने मुझे पूरी बात बताई और कहा उसके और उसके पति के बीच मे बिल्कुल भी प्यार नहीं है जिस वजह से उन लोगों के बीच में झगड़े होते हैं लेकिन महिमा ने मुझे यह बात अपने पापा और मम्मी को बताने से मना की थी। यह बात सिर्फ मेरे और महिमा के बीच मे ही थी महिमा और मैं अपने घर चले गए जब हम लोग अपने घर गए तो उसके बाद मेरे दिमाग में महिमा के साथ सेक्स करने के बारे में चलने लगा। मैं सोचने लगी क्या महिमा के साथ में सेक्स कर सकता हूं लेकिन मुझे उस वक्त और भी अच्छा मौका मिल गया था जब मैं और महिमा साथ मे बैठे हुए थे। वह मेरे घर पर आई हुई थी उस समय घर पर कोई भी नहीं था वह बहुत ही अच्छा मौका था। उस मौके का मै फायदा उठाना चाहता था महिमा मेरे साथ बैठी हुई थी वह चाहती थी कि मैं उसके होठों को चूम लूं। मैंने जब उसके नरम और गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया तो उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी। वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी नहीं रह पा रही हूं वह सेक्स के लिए तड़प रही थी।

उसने जब मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और वह जब उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी तो मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा। वह जैसे सेक्स के लिए तड़प रही थी वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर करती उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था। मैं इतना ज्यादा उत्तेजित हो गया था कि उसकी चूत के अंदर मे लंड को घुसाना चाहता था। मैंने उसे कहा तुम अपने कपड़े उतार दो वह मुझे कहने लगी तुम ही मेरे कपड़े उतार दो। मैंने महिमा के बदन से उसके कपड़े उतार दिए और महिमा के स्तनों का रसपान करने लगा, मैं इतना अधिक उत्तेजित हो गया कि मैं महिमा की चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता था। अब महिमा की चूत के अंदर मैंने अपने लंड को डालना शुरू किया उसकी चूत से निकलता हुआ गीलापन कुछ ज्यादा ही बढ़ चुका था इसलिए मुझे उसकी चूत में अपने लंड को डालने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और मेरा मोटा लंड उसकी चूत को फाडते हुए अंदर की तरफ चला गया। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो उसकी चूत की दीवार मुझसे टकराने लगी और मेरे अंडकोष उससे टकराने लगे थे इसलिए मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ने लगी थी।

मैं उसे लगातार धक्के मार रहा था मेरा लंड उसकी चूत के अंदर होता तो वह बड़ी जोर से चिल्लाती और कहती मुझे तुमसे अपनी चूत मरवाने में मजा आ रहा है। वह अपने पैरों को खोलकर सिसकियां ले रही थी उसकी सिसकियां मेरे अंदर की गर्मी को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी अब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बहुत तेजी से होने लगा जिससे कि वह मुझे कहने लगी शायद मैं अब तुम्हारा साथ ज्यादा देर तक ना दे सकूं। उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने की कोशिश की मैं समझ चुका था कि वह अब झड़ चुकी है इसलिए वह ऐसा कर रही है लेकिन मेरी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी। मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखकर अपनी पूरी ताकत के साथ उसे चोदना शुरू किया तो उसका बदन पूरी तरीके से हिल जाता और करीब 5 मिनट की चूत चुदाई का खेल खेलने के बाद मेरा वीर्य भी बाहर की तरफ आ गया। मैंने अपने वीर्य को महिमा के स्तनों पर गिरा दिया महिमा बहुत ही ज्यादा खुश हुई और कहने लगी आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने मे बहुत ही अच्छा लगा। उसने अब अपने कपडे पहने और वह चली गर्ई।


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