चूत और उसकी मनमानी

Chut aur uski manmani:

desi porn kahani

मेरा नाम सुशील है और मैं पठानकोट का रहने वाला हूं। मेरी ज्वेलरी की शॉप है। मेरी उम्र 40 वर्ष की है। यह काम मेरे पिताजी ने शुरू किया था और तब से हम लोग सब मिलकर साथ में ही काम कर रहे हैं। पहले मैं एक कंपनी में जॉब किया करता था लेकिन मैंने उसके बाद वहां से वह जॉब छोड़ दी और मैंने अपने पिताजी के साथ ही काम शुरू कर दिया। अब मैं अपने पिताजी के साथ अच्छे से काम कर रहा हूं। मेरे पिताजी भी इस बात से बहुत खुश है। मेरे साथ में मेरे पिताजी रहते हैं। मेरी मां का देहांत काफी वर्ष पहले ही हो चुका था। मेरी पत्नी भी बहुत अच्छी है। वह घर में मेरे पिताजी का भी ध्यान रखती है और हमेशा ही मेरा साथ भी बहुत देती है। मेरे तीन बच्चे हैं। जो कि फिलहाल स्कूल में ही पढ़ रहे हैं।  अभी वह छोटे छोटे हैं। मेरा काम भी बहुत ही अच्छे से चल रहा है। मेरे पड़ोस में मेरा दोस्त अंकित रहता है। उनका भी कपड़ों का होलसेल का काम है और वह मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है। हम लोग काफी वर्षों से पड़ोसी हैं।

मुझे वह बीच-बीच में मिल जाया करता है। वह कभी मेरी दुकान पर भी बैठने आ जाता है और कभी मैं उसके पास चला जाता हूं। अगर कभी हम दोनों के पास समय होता है तो हम दोनों पार्टी कर लेते हैं। मैंने एक दिन अंकित से कहा कि कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं। वह कहने लगा ठीक है। मैं अपनी पत्नी से बात करूंगा। उसकी पत्नी का नाम सारा है। उसकी पत्नी मुझे भैया कहती है और हम लोग बहुत ही अच्छे से रहते हैं। वह हमारे घर पर अक्सर आते रहते हैं और हम लोग भी उनके घर पर जाते हैं। जब मैंने यह बात अपनी पत्नी को बताई तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई और कहने लगी ठीक है। हम लोग कुछ दिन बाद चलते हैं। तो बच्चों की भी छुट्टियां पड़ जाएगी। मैंने इस बारे में अंकित से भी बात की और अंकित भी कहने लगा ठीक है। तब तक हमारे बच्चों की छुट्टियां भी पड़ जाएगी। तब हम लोग चलते हैं।

कुछ समय बाद हमारे बच्चों की छुट्टियां पड़ी। मैं अंकित के पास गया और उसे कहा कि ट्रेन का रिजर्वेशन करवा लेते हैं। ताकि कोई समस्या ना हो। वह कहने लगा ठीक है। तुम रिजर्वेशन करवा लो और उसने मुझे कुछ पैसे दे दिए। अब मैंने ट्रैवल एजेंसी में जाकर रिजर्वेशन और होटल की बुकिंग करवा दी। हम लोग केरल जा रहे थे। मैंने अंकित को फोन किया और कहा कि मैंने रिजर्वेशन करवा ली है। तो तुम अपनी तैयारी रखना। ताकि हमारी ट्रेन किसी भी तरीके से मिस ना हो जाए। शाम को वह हमारे घर पर आया और कहने लगा तुमने सामान रख लिया है। मैंने उसे कहा कि मैंने तो सारा बंदोबस्त कर लिया है और सुबह तुम समय भी समय से आ जाना। अब हम लोग सुबह स्टेशन पहुंच गए और रेलवे स्टेशन से हम लोगों ने अपनी ट्रेन पकड़ी। उसके बाद हमने अपना सारा सामान ट्रेन में रखा और आराम से बैठ गए। अब हम लोग ट्रेन में बैठकर आपस मे बातें करने लगे। बातो ही बातों में पता ही नहीं चला कि कब हमारा सफर कट गया और हम लोग केरला पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद हम लोग घूमने लगे और बहुत ही इंजॉय कर रहे थे। हमारे बच्चे भी बहुत खुश थे। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था कि काफी समय बाद हम लोग एक साथ घूमने आए हैं।

हम लोग बहुत ही इंजॉय कर रहे थे क्योंकि काफी समय बाद हमें ऐसा मौका मिला था। मेरे बच्चे भी मेरे साथ थे मुझे काफी अच्छा लग रहा था कि मेरे बच्चे भी मेरे साथ ही है क्योंकि मुझे कहीं काम पर नहीं जाना और हम सिर्फ अपनी छुट्टी को एंजॉय करना चाहते थे। अब हम लोग होटल में चले गए थे और होटल में ही आराम करने लगे। मैंने शाम को अंकित को कहा कि हम लोग किसी क्लब में चलते हैं हम लोग क्लब में चले गए और वहां पर मैंने देखा कि काफी सारे लोग आए हुए थे और वह लोग इंजॉय कर रहे थे। मैंने भी अंकित से कहा कि मुझे काफी समय बाद ऐसा मौका मिल रहा है और हम लोग ऐसे ही अपनी बातें करने लगे बातों बातों में पता ही नहीं चला कि हमने कब ज्यादा शराब पी ली और अब हमें नशा होने लगा था। मैं सोच रहा था कि थोड़ा और पीते हैं लेकिन अंकित को कुछ ज्यादा ही नशा हो गया इसलिए मैंने वहां पर बिल पे करने के बाद जाना ही उचित समझा और अंकित और मैं होटल पर वापस आ गए। अंकित को कुछ ज्यादा ही नशा हो गया था तो वह जाते ही सीधा सो गया लेकिन मुझे नशा नहीं हुआ था इसलिए मैं नहीं सोया था। मैं सोच रहा था कुछ टाइम और शराब पी लेता तो अच्छा होता लेकिन अंकित की वजह से मुझे जल्दी वापस आना पड़ा। मेरी पत्नी भी सो चुकी थी और मैं सोच रहा था मुझे नींद तो आ नहीं रही मैं अंकित के कमरे में जाता हूं क्या पता वह उठ गया हो।

मैं जैसे ही उसके रूम के दरवाजे को नॉक किया तो सारा ने दरवाजा खोला उसने एक पतली सी नाइटी पहनी हुई थी और उसके अंदर का सामान पूरा दिखाई दे रहा था। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो उसने मुझे कहा अंदर आ जाओ। मैं अंदर चला गया मैंने उसे कहा कि अकिंत अब भी सो रहा है। वह कहने लगी उसे कुछ ज्यादा ही नशा हो गया मैं वहा जाकर बैठ गया तो उसके बच्चे भी सो चुके थे। मैंने सारा से पूछा क्या अकिंत तुम्हारी चूत नहीं मारता तुम्हारा बदन तो इतना सुंदर है। वह कहने लगी कि तुम देखते हो कि अंकित के हाल उसे कितना नशा हो गया है वह मुझे अच्छे से भी नहीं चोद पाता है और मेरी इच्छाएं पूरी भी नहीं कर पाता है। यह बात जैसे ही उसने कहीं तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे जमीन पर लेटा दिया। मैंने उसके नाइटी को ऊपर उठाते हुए उसकी चूत के अंदर अपना हाथ डाला तो उसकी चूत मे एक भी बाल नहीं था और मैं अब उसकी चूत के अंदर उंगली डालने लगा।

मैं उसे अंदर बाहर करता तो वह बड़ी तीव्र गति से चिल्लाने लगी लेकिन उसके बच्चे सो चुके थे और वह सब बहुत गहरी नींद में थे। मैंने अब उसकी चूत पर से उंगली हटाते हुए अपने मुंह को लगा लिया उसके चूत से पानी टपक रहा था जो कि मैंने चाट लिया और मुझे बहुत ही आनंद आया। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसके चूत पर कुछ ज्यादा ही स्वाद आ रहा है मैंने कुछ देर तक ऐसे ही चाटना जारी रखा और उसके तुरंत बाद मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मैने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया। मैंने अब बड़ी तीव्र गति से झटका देना शुरु किया और इतनी तेजी से मैं उसे चोद रहा था कि उसके गले से आवाज निकल रही थी लेकिन मैंने उसे छोड़ा नहीं और ऐसी ही चोदता रहा। वह भी बहुत ज्यादा मस्त हो गई और मैं भी उसे चोद कर बहुत खुश था क्योंकि उसका बदन बहुत ही सेक्सी था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसे चोद रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं किसी कामसीन युवती को चोद रहा हूं और मैं उसके स्तनों को बड़े तेज तेज दबाने लगा। उसके स्तनों से दूध निकल रहा था वह मैं पी गया और उसके होठों का भी रसपान मैंने बहुत ही अच्छे से किया। वह मेरे होठों को इतने अच्छे से चूस रही थी कि मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैं भी उसके होठों को बड़े अच्छे से चूस रहा था। वह मुझे कहने लगी कि तुम बहुत अच्छे से मुझे चोद रहे हो और मेरी इच्छा पूरी कर रहे हो। अब उसका झड़ चुका था लेकिन मेरा झड़ा नहीं था और मैंने आधे घंटे तक उसे ऐसे ही चोदना जारी रखा। थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य गिरने वाला था और मुझे ऐसा एहसास होने लगा था कि मेरा वीर्य गिरने वाला है। मैंने सारा से पूछा क्या तुम्हारी चूत के अंदर ही डाल दूं उसने मुझे कहा कि तुम मेरी गर्मी को मिटा दो और सारा माल मेरी चूत के अंदर ही उड़ेल दो। जैसा ही उसने यह कहा तब तक मेरा माल उसकी योनि में गिर चुका था और मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेट गया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो वह बहुत ही खुश हुई और मुझे कहने लगी कि अब से तुम ही मेरी इच्छा पूरी किया करो अंकित की बस की बात नहीं है। तब से मैं सारा के साथ सेक्स संबंध बना रहा हू।


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