चूत आई है ज़मीन पर- 1

chut aayi hai jameen par 1:

हैल्लो, नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी मस्त होंगे और सभी चुदाई के नशे में डूबे होंगे | मेरा नाम राजीव है और मैं मंदसौर का रहने वाला हूँ पर मैं अभी दिल्ली में हूँ कुछ सालो से | मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक मस्त लौंडा की भूमिका निभा रहा हूँ | मेरी हाईट 6 फुट है और मेरी कद काठी बहुत ही अच्छी है | मेरा लंड एक विशालकाय लंड है जिसकी महानता को सिर्फ लडकिया, भाभी और आंटी ही समझती हैं | दोस्तों, वैसे मैंने कई कहानिया पढी है और मुझे बहुत सारी कहानिया पसंद आई और कई नहीं भी | मैं चुदाई की कहानिया बड़े ही शौक से पढता हूँ | इसलिए मैंने सोचा कि क्यूँ ना आज मैं भी अपनी कहानिया लिखू और आप सभी का मनोबल बढ़ाऊ | आज जो मैं अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना पर आधारित है | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा टाइम ना लेते हुए अपनी कहानी शुरू करता हूँ और मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी पसंद आयगी |

ये घटना 4 साल पहले की है | मैं काम की तलाश में दिल्ली आया था और किराय से रह रहा था | मैं जिस घर में रहता था वहां एक बहुत ही सुंदर और भरे बदन की भाभी रहती थी जिसका नाम सजनी है | वो दिखने में बहुत कातिल थी और उसका बदन देख कर तो ऐसा लगता था कि बस अभी चोद दू | उस समय उसकी उम्र 31 साल थी | उसका पति सरकारी कर्मचारी है और एक दम सीधा सादा है | मुझे उसे देख कर ऐसा लगता था कि ये अपनी लुगाई को खुश नहीं रख पाता होगा क्यूंकि उसकी बीवी के चेहरे पर चुदाई की वासना साफ़ दिखाई पड़ती थी | एक दिन कि बात है ठण्ड का टाइम था और मैं नहा कर छत पर धुप सेक रहा था | मैंने सिर्फ टोवल लपेटा हुआ था | तभी सजनी भी वहां आ गयी और मेरे शरीर को देखने लगी | मैंने उसे ऐसा करते हुए देख लिया था | मैं उसे भाभी बोलता था | मैंने उनसे कहा कि क्या हुआ भाभी ? क्या घूर घूर कर देख रहे हो ? तो उसने कहा कि कुछ नही तुम्हारे भीगे बदन को देख रही थी | तुम सेक्सी लग रहे हो | ये बात सुन कर मैंने उनसे कहा कि क्या भाभी आप भी अच्छा मजाक कर लेते हो | सेक्सी तो बल्कि आप हो | ये सुन कर वो मुस्कुरा दी | फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी एक बात कहू | तो उन्होंने बोला हाँ बोलो | फिर मैंने कहा कि भाभी अगर आपकी शादी नहीं हुई होती न तो मैं आप से शादी कर लेता | तब उन्होंने कहा ऐसा क्यूँ जी ? तो मैंने कहा कि आप इतनी सुंदर और सेक्सी जो हो | तो वो बोली अच्छा जी फिर क्या करते ? मैंने कहा अरे भाभी समझ जाओ | तो उसने बोली कि नहीं मैं नहीं समझी तुम समझाओ न | फिर मैंने कहा कि अरे सुहागरात भाभी | तो भाभी ने कहा अच्छा कैसे करते ? तो मैंने कहा भाभी जब सेक्स हम सेक्स करते तो आपको खुद ही पता चल जाता | भाभी ने कहा अच्छा और मेरी टोवल खींच दी | मैं नंगा हो गया और नीचे छुपने लगा क्यूँकी ठण्ड का टाइम था और सभी दिन के टाइम अधिकतर छत पर ही रहते हैं | मैंने भाभी से कहा कि भाभी मुझे टॉवल दो | भाभी हँसते हुए बोली कि नहीं मैं नहीं दूंगी और दौड़ लगा कर नीचे भाग गयी |

मैं भी नीचे अपने लंड पर हाँथ रखते हुए पीछे दौड़ा | तभी भाभी रुक गयी और मुझे नहीं दे रही थी टोवल | मैंने भाभी से कहा कि भाभी अगर आप टोवल नहीं डौगी तो मै अपना हाँथ हटा लूँगा | भाभी ने कहा तुम्हे जो करना है करो मैं टॉवल नहीं दूंगी | तभी मैंने अपना हाँथ हटा लिया और मेरा लंड 4 इंच लम्बा लंड दिखने लगा | भाभी मेरे लंड को देख कर पसीना पसीना हो गयी और मुझसे कहा कि तेरा लंड सोया हुआ है फिर भी 4 इंच का है | खड़ा होगा तो कितना बड़ा होगा | अब भाभी की भावना को मैं समझ गया कि भाभी बहुत चुदासी है और ये चुदना चाहती है मुझसे इसलिए ये सब नाटक कर रही है | मैंने कहा भाभी क्या हुआ ? डर लग रहा है क्या मेरे लंड को देख कर | तो भाभी ने कहा डर तो नहीं लग रहा है पर हाँ तेरे लंड के बारे में सोच सोच कर मेरी चूत गीली हो गयी | भाभी के मुंह से लंड चूत सुन कर मेरा लंड हरकते करना लगा | फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी क्या चल रहा है मन में ? तो भाभी मेरे पास आई और मेरे लंड को हाँथ में ले कर हिलाने लगी और उन्होंने अपने गुलाबी होंठ को मेरे होंठ में रख दिए | अब भाभी मेरे होंठ को चूसने लगी और चाटने लगी साथ में मेरे लंड को हिलाने लगी | मैं भी भाभी साथ देने लगा और उनके गुलाबी होंठ को चूसने और चाटने लगा साथ में उनकी उनकी गांड दबाने लगा | अब पूरा माहौल गरम हो चुका था और हम दोनों एक दूसरे को किस करते जा रहे थे और साथ में एक दूसरे को सहला रहे थे |

उसके बाद भाभी अपने हाँथ से मेरी छाती को सहलाने लगी और चूमते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया | अब भाभी ने मुझे चेयर पर बैठा दिया | मैं भी अपनी टांग को चौड़ी कर के बैठ गया | भाभी मेरे लंड को जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगी और बीच बीच में मेरे लंड को चूमने लगी | जब मेरा खड़ा होता है तो उसका साइज़ 9 इंच लम्बा हो जाता है | अब भाभी मेरे लंड को चाटने लगी हिलाते हिलाते | मैं गरम हो चुका था तो मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | भाभी मेरे दोनों अन्टोले को अपने मुंह में ले कर चूसती तो कभी मेरे लंड को चाटती | मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उनका ऐसा करना | मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ आवाजे सुन कर भाभी भी गरम हो चुकी थी | मेरे लंड को चाटने के बाद भाभी ने लंड को मुंह में भर लिया और वो उसे चूसने लगी | मेरा शरीर एक दम अकड़ सा गया था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए भाभी के सिर के बालो को सहलाने लगा | भाभी मेरे लंड को दोनों हाँथ से पकड़ कर्र ऊपर नीचे करने लगी और लंड को बहुत अच्छे से चूसने लगी | भाभी बहुत अच्छे से मेरे लंड के सुपाड़े को अपनी जीभ से फेर रही थी | मैं बस आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके मुंह को धीरे धीरे अपने लंड पर दबाने लगा |

उसके बाद भाभी ने कहा कि तेरा लंड तो बहुत मस्त है यार ! चूसने में मजा ही आ गया | तो मैंने भाभी से कहा कि अरे भाभी अभी तुम्हे चूसने में मजा आया न | जब चूत में जायगा तो सोचो कितना मजा देगा | भाभी ये सुन कर बहुत खुश हो गयी और अपनी साड़ी उतारने लगी | मैं भी उनको उनके कपडे उतारते हुए देखने में और साथ में अपने लंड को हाँथ से मुठ मारने लगा | भाभी पहले अपनी साड़ी पूरी उतारी उसके बाद पेटीकोट | अब भाभी मेरे सामने ब्रा और पेंटी में थी | फिर मैं खड़ा हुआ और उनके पीछे जा कर पकड़ लिया | अब मैं भाभी की गर्दन को चूमने और चाटने लगा और अपने हाँथ से उसके दोनों हाँथ को सहलाने लगा | भाभी भी आँख बंद कर के आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए हलकी हलकी सिस्कारिया लेने लगी | फिर मैंने भाभी की ब्रा खोल दिया और अब भाभी ऊपर से पूरी नंगी हो गयी | फिर मैंने भाभी को अपनी तरफ पलटाया और फिर से मैं उनके होंठ में अपने होंठ रख दिया और किस करने लगा साथ में उनके गोरे गोरे दूध को भी मसलने लगा | उसके बाद ना जाने हमने कितनी सुहागरातें साथ में मनाई और अब भाभी को लंड कि कमी नहीं थी | एक दिन तो उसने पोर्रे दिन मेरा लंड अपनी चूत में डालके रखा था |

दोस्तों, ये तो रहा इस कहानी का पहला भाग मैं आप लोगो को अगले भाग में इसके आगे कि कहानी बताऊंगा | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी इस कहानी का ये भाग बहुत पसंद आया होगा |

 


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