चुदाई से टट्टू बनने तक का सफ़र

Chudai se tattu banane tak ka safar:

आज का नया दौर एकदम अलग है और हो भी क्यों न साहब यहाँ सब कुछ बिकता जो है | बहनचोद मैं तो थक गया हूँ हर चीज़ को देख देख कर | शादी हो चुकी है पर मादरचोद ऐसा लगता है कि किसी कैद में आ गया हूँ | इस बात पे मुझे एक बहुत बड़े शायर की बात याद आ गयी जो कुछ इस प्रकार है | तो झान्टू बड्डा का ये शेर आपके सामने ये रहा |

“अपनी अमीरी का आलम हमे मत दिखा ए दोस्त …… हमने देखा है तुझे बाजारों में गांड मरवाते हुए | दोस्तों ये लाइन एक शादी शुदा इंसान की जिंदगी का कितना सुन्दर बखान करती है | एक बार ज़रा देखिये इनको क्यूंकि मैं अब आपको इसका मतलब नहीं समझाऊंगा | और अगर किसीने मुझसे पूछा कि इनका मतलब क्या है तो मेरा अति सुन्दर जवाब उन सबके लिए “ लोडा मेरा “ | देखन मतलब आप अंदाजा नहीं लगा सकते कितना महान कवी बन सकता था मैं पर क्या करूँ सुन्दर लड़की लेन की चुल काटी थी मुझे | ले आया सुन्दर बीवी अब ताजमहल ले तो आया पर उसका खर्चा उठाने में गांड फट जाती है | कभी सुना है क्या आगरा के लोग ताजमहल की सफाई कर रहे है | नहीं वो काम सरकार का है पर यहाँ मेरे ससुराल वाले साले एक फूटी कौड़ी नहीं देते | क्या बताऊँ दोस्तों बहुत किस्मत का मारा हूँ मैं |

तो दोस्तों इसके साथ आरंभ करता हूँ अपनी जीवन कथा आपके सामने | एक एक करके हर पन्ना खोलूँगा और आपको सोचने पे मजबूर कर दूंगा | हा बस यही काम बचा है मादरचोद और कर भी क्या सकता हूँ | मेरा नाम है अस्सू टपरा और मेरी जन्मभूमि है चुदाई मोहल्ला और यहीं मैंने छूट का भी भूमिपूजन भी किया है | अब में आपको अपनी बीवी के बारे कुछ बता दूँ | उसका नाम है अंजना और वो बड़ी ही खूबसूरत है | मैं प्यार भी बहुत करता हूँ उससे पर एक चीज़ की दिक्कत है उसमे दिमाग थोडा कम है | इस बात का अंदाजा आपको मेरी नीचे लिखी पंक्तियों से मिल जाएगा | गौर से पढना हरामखोरों इसको नहीं तो फिर बोलोगे क्या लिखता है मादरचोद | मैया छोड़ दूंगा एक एक की अगर किसीने मेरी पंक्तियों को कुछ बोला तो | तो अपने कान और गांड दोनों खोल के सुनलो बहनचोद |

“प्यास लगी है मुझे जानेमन मुझे मेरी प्यास का कुछ इंतजाम करो

अरे प्रियतमा प्यास लगी है इसका कुछ इंतज़ाम करो मेरा गला है सुखा

इसको गीला करने का कुछ तो इंतज़ाम करो“

साली ने पाइप मेरे मुह में डाला और मोटर चालू कर दी कसम से मरते मरते बचा हूँ …… डायन कहीं की | तो ये थी मेरी बीवी अंजना मेरी प्यारी अंजना | क्या करू बीवी है कुछ बोल भी नहीं सकता और न ही कुछ कर सकता हूँ क्यूंकि इस खतरनाक सामन को लेन की ज़िम्मेदारी मैंने ली थी और अब पछताने का क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत |

अब मैं आपको बताता हूँ हमारी मुलाक़ात कब कैसे और कहाँ हुयी थी | क्या होता है जहाँ भी संयुक्त परिवार रहते हैं वह भाई और भतीजावाद आग की तरह फैलता है | मेरे चाचा जी अरे कानपूर वाले भैयाजी राजनीति में हैं और उसके नाते मेरा कर्त्तव्य था की उनके लिए काम करूँ | अब वो मेरे पिताजी के बड़े दुलारे थे और हो भी क्यूँ न साहब छोटे भाई जो थे | वो मुझे हर जगह अपने साथ रखते अब एक बार हुआ ये की शादी होने वाली थी उनके साले की | हमारी चाची जो है वो इलाहबाद की हैं और उनकी जो जेठानी है उनकी नन्द की देवरानी की मौसी की बुआ की लड़की से हो रहा था चाचा के साले का विवाह | अब आप तो जानते ही हैं कि अगर नेताजी कहीं जा रहे हैं अपने पूरे खानदान के साथ तो बड़ा अच्छा इंतज़ाम और खातिरदारी भी होती है | तो जैसे ही हमलोग वहां पहुंचे ये वहां थी पर हमे कुछ पता नहीं था इसलिए चुपचाप बैठे थे | अब सारे काम करने वाले यहाँ वहां हो गए और चाचा हो गए गुस्सा तो पूरा माहोल जो था वो हो गया गरम | जैसी ही बात लड़की वालो के कानो में पड़ी वो दौड़े चले आये और उन सब में ये महारानी भी शामिल थीं | तो जब हमे चाय पानी परोसा जा रहा था तो ये वहां हमे मिल गयी और इन्होने हमे चाय दी और चली गयी |

हम एक टुक इनको ही देखे जा रहे थे और चाचा हमसे कहे “बचवा तुम्हरा ब्याह भी इसी मंडप में करवा दें का” हम भी बड़े प्यार से कहे “अरे चचा आपके एक लोते भतीजे हैं न” वो कहे हा ऊ तो है |

हम फिर कहे “चाचा अप भतीजे के लिए का कर सकते हैं” वो बोले “अरे तुम जान हो हमरी बचवा कोई आँख तो उठा के देखे उठवा लेंगे” |

हम कहे चाचा तो फिर अब डोली उठवाने की तैयारी कर ही लो | वो बोले बीटा बस ऊँगली रखो तुम फिर हम देखते हैं कौन साला मन करता है |

वो हमारे सामने थी और हम उनके पास गए और कहा सुनिए आपने जो चाय पिलाई थी | अरे यार अब इ मत बोलना की फीकी थी हमे बहुत दांत पड़ेगी | हमने कहा नहीं आपका हाथ लगने और मीठी लगने लगी | वो मुस्कुराई और बोली सुनिए लाइन मरना कहा से सीखा बड़ा ही बुरा मारतें हैं और हमपे तो आज़माना मत हमारी शादी होने वाली है | हमने भ सोच लिया “इश्क किया तुझसे तो पाकर भी तुझे ही रहेंगे………. गांत भी फट जाये गर पारी न तो खुद की सिलेंगे और न तुझे सिलवाने देंगे” | फिर हम भी चले गए तैयार होने और चाचा हमारे पास और कहे बचवा का हुआ कुछ लाइन क्लियर हुआ | हम कहे चाचा तनिक सबर रखिये सब होगा तो वो बोले बीटा नहीं हुआ तो बोल अभी उसकी शादी रोक देते हैं और तेरी करते हैं |

हम भी कह दिया “शांत गदाधारी भीम शांत” अभी अभिमन्यु को चक्रव्यूह में घुसने तो दो | इतना कहके हम नीचे चले गए बारात आने वाली थी और वो भी बहार खड़ी थी | हम उनके पास गए और वो हमसे दूर भागने लगी | हमने कहा भाग लीजिये इस महफ़िल से दूर पर इन चाहत की गलियों से कब तक बचेंगी | फिर खाना हुआ सब चले गए फेरे होने लगे और वो ऊपर गयी | हम भी चल दिए उनकी ओर और वो हमने देखके जाने लगी | हमने पकड़ा उनका हाथ और कहा “प्यार वफ़ा अगर झूठ है तो कर तो मेरा क़त्ल किसी खंजर से……. पर याद रखना जब ज़मींदोज़ यादें दिल से निकलेंगी तो बच न पाओगे उस मंज़र से” | उसने मुझे देखा और कहा समझो न प्लीज मैं नहीं कर सकती | मैंने कहा सुनो उठवा सकता हूँ तुम्हे यही से और कोई कुछ उखाड़ नहीं पाएगा मेरा | क्यों मजबूर कर रही हो प्यार ही तो हुआ है कोई गुनाह तो नहीं | उसने कहा पसंद तो मुझे भी हो पर क्या करू कोई मानेगा नहीं | मैंने कहा बस तुम मेरा साथ देने का फैसला करो बाकी सब मुझपे छोड़ दो |

उसने भी हाँ में सर हिला दिया और मुझसे लिपट गयी क्या बताऊँ कितना हसीं पल था वो | उसके मासूम चेहरे को मैं चूमने लगा और वो भी मुझे पागलो की तरह चूमने लगी | उसने लहंगा पहना हुआ था वो नीचे सरक गया था इतना जोश था हम दोनों में | मैंने अपने एक हाथ उसकी कमर पे रखा और उसने कहा ईईस्सस्सस्सस्स ये क्या कर रहे हो | मैंने कहा प्यार आजमा रहा हूँ तुम पर | फिर मैंने हौले से उसके ब्लाउज के हुक खोले और फिर डोरियाँ भी खोल दी | उसके प्यारे प्यारे दूध मेरे सामने लटक रहे थे और वो शर्मा रही थी | मैंने उसके दूध कप पीने चालू किया और वो उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई करने लगी | मैंने उसका लेहेंगा पूरा नीचा कर दिया और वो बस पेंटी में थी | उसकी पेंटी गीली हो गयी थी और मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़ना चालु किया | वो उईईफ़्फ़्फ़्फ़ उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई करते हुए मुझसे जोर से लिपट गयी | फिर मैंने उसकी चूत को पेंटी हटाकर चाटने लगा और वो उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई करने लगी | वो बार बार कह रही थी काश पहले मिल जाते अस्सू | उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आआअह्हह्हह्ह आह्ह्हल् ऊऊऊह्हह आआऐईईईई मिटा दो मेरी गर्मी | मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और उसकी चूत में डाल दिया | आधा ही घुसा था की उसकी चीख निकल गयी आआअह्हह्हह्ह आआअह्हह्हह्ह आआअह्हह्हह्ह आआअह्हह्हह्ह मैंने तुरंत उसके मुह पे हाथ रखा और पूरा लंड अन्दर कर दिया | उसने मेरे हाथ पे काट भी लिया पर हमने चार बार चुदाई की थी | उसने देखा उसका खून निकला था पर उसने कहा मुझे अच्छा लग रहा | फिर हमारी शादी हो गयी |

पर दोस्तों मुझे सच में नहीं पता था चोदने के बाद मुझे एक एटम बम घर लाना पड़ेगा जो रोज़ मेरे सर पे फटेगा | तभी तो दूल्हा अपने दोस्तों के साथ जाता है और दुल्हन शेरनी की तरह अकेले आती है क्यूँकि उसे पता सारा इलाका उसका है | धन्यवाद बाद में मिलेंगे |


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