चुदाई से खुशी मिली

Antarvasna, kamukta:

Chudai se khushi mili मेरा नाम महेश है मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मैं और अजय कुछ समय पहले काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे हम दोनों साथ मे पढ़ते थे और अपनी हर एक बात एक दूसरे से शेयर करते थे। मेरे और अजय के बीच काफी अच्छी दोस्ती हुआ करती थी हम दोनों अक्सर एक दूसरे के घर भी आया जाया करते थे लेकिन एक समय ऐसा आया जब हम दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गए। अजय और मीनाक्षी एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे वह दोनों हमारे एक टूर के दौरान मिले थे जब हम लोग कॉलेज की तरफ से घूमने गए थे। उस टूर के दौरान अजय और मीनाक्षी एक दूसरे को मिले थे अजय को मीनाक्षी देखते ही पसन्द आ गयी थी। जब उसने मुझे इस बारे में बताया तो मैंने अजय को मीनाक्षी से बात करने के लिए कहा लेकिन अजय कहने लगा कि मेरी मीनाक्षी के सामने अकेले जाने की हिम्मत नही है।

मैंने अजय को कहा कि ठीक है मीनाक्षी को मिलने मैं तुम्हारे साथ चलूंगा और फिर हम लोग मीनाक्षी से बात करेंगे। अगले दिन मैं और अजय टहलते टहलते आगे निकल गए तभी हमे सामने से मीनाक्षी और उसकी सहेलियां आती हुई दिखी। हमने मीनाक्षी से बात करने की कोशिश की परन्तु हम उससे बात नही कर पाए। मीनाक्षी मुम्बई की रहने वाली है और वह अपनी सहेलियों के साथ घूमने के लिए शिमला आई हुई थी। एक दिन मीनाक्षी अकेले ही थी उस दिन हमे मीनाक्षी से बात करने का मौका मिल गया था और इस मौके का हमने पूरा पूरा फायदा उठाया। उस दिन हमने मीनाक्षी से बात की तो वह भी हमसे बड़े अच्छे से बात करने लगी हमने मीनाक्षी को अपना परिचय दिया और उसने भी हमे अपने बारे में बताया। हम तीनों एक दूसरे से बात करने लगे थे मुझे भी उस वक्त मीनाक्षी से बात करना अच्छा लग रहा था लेकिन मैंने उस वक्त उससे ज्यादा बात नही की।

मीनाक्षी और अजय ने एक दूसरे से काफी बाते की उसके बाद हम लोग अपने अपने होटल वापस लौट गए थे। अब हमारी मीनाक्षी से बाते होने लगी थी तो हम लोग जब भी एक दूसरे से मिलते तो बात कर लिया करते थे। कुछ दिन बाद हम वापस लखनऊ लौट आये थे और मीनाक्षी भी मुम्बई वापस लौट चुकी थी अजय ने मीनाक्षी का नंबर ले लिया था और मीनाक्षी के पास भी मेरा और अजय का नंबर था। वापस लौटने के बाद अजय और मीनाक्षी एक दूसरे से हमेशा बाते किया करते थे अजय मुझसे अपनी हर बात को शेयर करता था हम दोनों एक ही ऑफिस में जॉब करते थे। थोड़े समय बाद अजय मीनाक्षी से ज्यादा बात नही करता था जब भी मीनाक्षी अजय को फोन करती तो अजय कोई ना कोई बहाना बना देता या फिर वह मुझे फोन दे देता। अजय का यह बदलता रूप देख कर मैं थोड़ा हैरान था क्योंकि अजय मीनाक्षी को पसन्द करता था और उसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार था लेकिन पता नही क्यो अजय मीनाक्षी के साथ ऐसा कर रहा था।

मीनाक्षी अच्छी लड़की है वह मुझसे हमेशा अजय के बारे में पूछा करती थी लेकिन ना जाने अजय को क्या हो गया था जो वह मीनाक्षी से बात ही नही करना चाहता था। पहले मुझे लगा कि उन दोनों के बीच कोई झगड़ा हुआ है परन्तु जब मैंने मीनाक्षी से इस बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि उनके बीच ऐसा कुछ भी नही हुआ है। अजय भी मुझे इस बारे में कुछ बताने को तैयार नही था लेकिन एक दिन जब मुझे सच्चाई का पता चला तो मैं यह सब जानकर चौक गया मैं सोचने लगा कि अजय ऐसा कैसे कर सकता है। मुझे पता लगा कि अजय का अफेयर किसी दूसरी लड़की से चल रहा है जब मुझे इस बात की जानकारी हुई तो मैंने अजय से इस बारे में बात की लेकिन उसने मुझे यह बात साफ साफ नही बताई। जब मैंने अजय को उस लड़की के साथ देखा तो मैंने अजय से बात की और उसे काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बात नही माना। एक दिन मीनाक्षी ने मुझसे अजय के बारे में पूछा तो मैंने मीनाक्षी को सारी बात बता दी क्योकि वह भी अजय को लेकर काफी परेशान थी कि वह उससे बात क्यो नही कर रहा है। जब उसे अजय के बारे में पता चला तो वह काफी दुखी हुई और कहने लगी कि मैंने कभी सोचा भी नही था कि अजय मेरे साथ ऐसा करेगा। मीनाक्षी ने अजय को फोन किया और इस बारे में बात की तो अजय अपनी तरफ से सफाई देने लगा लेकिन मीनाक्षी को मैने सारी बात बता दी थी जिससे कि वह अजय से काफी नाराज थी।

इस बात पर अजय ने भी मुझे काफी कुछ सुनाया और वह मुझसे काफी नाराज था अजय मुझसे बात करने को भी तैयार नही था। अजय मुझसे बात नहीं करता था और अब हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे हम दोनों की दोस्ती में बहुत बड़ी दराद पैदा हो चुकी थी। मीनाक्षी मुझे जब भी फोन करती तो मुझसे कहती मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं। मीनाक्षी और मैं दूसरे से फोन पर बाते करने लगे मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैं मीनाक्षी से इतना ज्यादा बात करने लगा कि वह मेरी जिंदगी मे आ गई। मैं मीनाक्षी को अब चाहने लगा था। मीनाक्षी का दुख मुझसे देखा नहीं जाता था जिस प्रकार से उसके साथ अजय ने किया उसने बहुत ही गलत किया था। मीनाक्षी जब भी मुझसे बात करती तो उसे भी काफी ज्यादा अच्छा लगता। वह मुझसे बात कर के बहुत खुश रहती मैंने एक दिन मीनाक्षी को अपने दिल की बात कह डाली। मीनाक्षी भी जैसे इसी बात का इंतजार कर रही थी मीनाक्षी ने तुरंत ही मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया और हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। मैं भी मीनाक्षी से प्यार करने लगा था और हम दोनों अपनी दुनिया में बहुत ज्यादा खुश थे।

अजय से मेरा कोई वास्ता नहीं था मैंने उसे अब काफी ज्यादा दूरी बना ली थी मैंने ऑफिस छोड़ दिया था जिस वजह से मेरा मिलना अब अजय से होता ही नहीं था। मैं चाहता था मै मीनाक्षी को मिलूं और हम दोनों एक दूसरे को मिले। मीनाक्षी मुझे कहने लगी मुझे तुमसे मिलना है मैंने मीनाक्षी को मिलने का फैसला किया और मैं मीनाक्षी को मिलने के लिए चला गया। जब मैं मीनाक्षी को मिलने के लिए मुंबई के एक होटल में रुका था तो वहां पर मीनाक्षी मुझसे मिलने के लिए आ गई। जब वह मुझसे मिलने के लिए आई तो मैंने मीनाक्षी को गले लगा लिया मैंने जब मीनाक्षी को गले लगाया तो वह मुझे कहने लगी महेश आई लव यू। मैंने मीनाक्षी के होठों को चूम लिया मैंने जब मीनाक्षी के होंठो को चूमा तो मीनाक्षी के अंदर से भी गर्मी बाहर की तरह निकलने लगी। मै मीनाक्षी की गांड की तरफ हाथ बढाने लगा मैं जब मीनाक्षी की गांड को दबाने लगा तो मुझे अच्छा लगने लगा था और मीनाक्षी भी गर्म हो चुकी थी। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया। जब मैंने मीनाक्षी को बिस्तर पर लेटाया तो वह मेरे लिए बहुत ही ज्यादा तड़प रही थी। मैंने मीनाक्षी के होठों को चूम कर उसकी गर्मी को बढ़ा दिया था।

जब मैंने मीनाक्षी के कपड़ों को खोलना शुरू किया तो वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने मीनाक्षी के बदन से सारे कपड़े उतार दिए थे वह मेरे सामने नंगी थी। मैं उसको देखकर काफी खुश था मैं उसके स्तनों को जिस प्रकार से दबा रहा था उस से मेरे अंदर की गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी। मीनाक्षी भी इतनी ज्यादा गरम हो गई थी कि वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने मीनाक्षी की चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो मीनाक्षी की योनि से पानी बाहर निकल रहा था। मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत की गर्मी को बढ़ाने का फैसला कर लिया और उसकी योनि की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि अब उसकी चूत से बहुत अधिक पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ती जा रही थी। मैंने अपने लंड को मीनाक्षी की चूत के अंदर घुसाना शुरू किया। जब मैंने मीनाक्षी की चूत के अंदर अपने मोटे लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मेरी योनि से खून निकल आया है। मीनाक्षी की चूत से खून निकलने लगा था वह गर्म हो चुकी थी और मैं भी काफी ज्यादा गर्म हो चुका था। मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था वह बहुत ही ज्यादा गर्म सांसे ले रही थी उसकी गरम सांसे मुझे और भी ज्यादा गर्म कर रही थी।

मैंने मीनाक्षी को तेजी से चोदना शुरु किया। मीनाक्षी की चूत से निकलते हुए खून को देखकर मुझे अच्छा लग रहा था और मेरी गर्मी भी बढ़ रही थी। मैंने मीनाक्षी के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे तीव्र गति से धक्के मारने शुरू किए। जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो मीनाक्षी खुश हो गई और वह कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मुझे भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था मैं बहुत ज्यादा खुश था जिस प्रकार से मैंने मीनाक्षी के साथ अपनी इच्छा को पूरा कर रहा था। मैने मीनाक्षी की चूत मे अपने माल को गिरा दिया था। मैंने मीनाक्षी की आंखों में देखा तो मुझे मीनाक्षी पर प्यार आ रहा था। मीनाक्षी की चूत से अभी भी मेरा माल बाहर की तरफ को निकल रहा था। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया जब मैंने मीनाक्षी के होंठों को चूमना शुरू किया तो वह दोबारा से मुझसे चिपकने लगी और मेरी गर्मी को वह बढ़ाने लगी।

मैने मीनाक्षी की गर्मी को दोबारा से बढा चुका था और मेरे मन उसके साथ दोबारा सेक्स करने का होने लगा। मैंने मीनाक्षी की योनि पर लंड को रगडना शुरू किया धीरे-धीरे मेरा मोटा लंड मीनाक्षी की योनि के अंदर चला गया। जब मेरा लंड मीनाक्षी की योनि के अंदर घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। मैंने मीनाक्षी को कहा मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा मुझे और भी तेजी से चोदोना शुरू करो। मै मीनाक्षी के स्तनो के साथ खेल रहा था मैं जब उसके स्तनों के साथ खेल रहा था तो मुझे मजा आता। वह अब बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। वह मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदो मीनाक्षी के अंदर से निकलती हुई गर्मी बहुत ज्यादा बढ चुकी थी। उसे चोदने में मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था मैंने मीनाक्षी को 5 मिनट तक चोदा और 5 मिनट बाद मेरा माल मीनाक्षी की चूत मे गिर गया।


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