चुदाई का समां बड़ा प्यारा होता है

Chudai ka sama bada pyara hota hai:

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मेरा नाम राजू है मैं स्कूल की बस में ड्राइवर हूं और जैसे ही स्कूल खत्म होता है। वैसे ही मैं सारे बच्चों को छोड़ने उनके घर पर जाता हूं और मुझे यहां पर जॉब करते हुए काफी समय हो चुका है इसलिए अब स्कूल प्रशासन भी मुझ पर भरोसा करता है। मैं ही सारे बच्चों को छोड़ने बस से घर जाता हूं। वहां पर हर साल नए टीचर आते हैं और कुछ सालों बाद छोड़ कर चले जाते हैं। मुझे बस ड्राइवर की जॉब करते हुए कम से कम 5 साल से ऊपर हो चुका है और मेरी जॉब बहुत ही अच्छे से चल रही है और मैं खुश हूं। मेरे घर में मेरी पत्नी और मेरे दो छोटे छोटे बच्चे हैं जिनका पालन पोषण मे ही करता हूं। मुझ पर ही सारी जिम्मेदारी है कि मैं उन्हें अच्छे से पढ़ाऊ और अपनी पत्नी की हर ख्वाहिश को पूरा करूं। लेकिन समय के साथ-साथ मुझसे सेक्स भी नहीं होता है क्योंकि सुबह मैं स्कूल जाता हूं और दोपहर के बाद ही घर पर जाता हूं। उसके बाद भी मैं शाम को एक जगह गाड़ी चलाने का काम करता हूं। जिससे कि मैं दोनों जगह अपने काम से थक जाता हूं और सेक्स के लिए समय ही नहीं निकाल पाता हूं। कभी कबार मेरी बीवी मेरे लंड को अपने हाथों से हिला कर अपने मुंह में ले लेती है और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूतड़ों को टीका देती है। जिससे वह ही थोड़े बहुत धक्के मारती है और मेरा माल उसकी योनि में गिर जाता है। ऐसे ही काफी समय से मेरी जीवन की कहानी चल रही है और मेरी जॉब इसी तरीके से चलती जा रही है।

मुझे कोई ऐसी आइटम अभी तक दिखी नहीं जो कि मुझे अच्छी लगे और मैं उसे चोद सकूं लेकिन शायद अब मेरी इच्छा पूरी होने वाली थी। इस साल नई मैडम स्कूल में आई थी और आज तक की सबसे सुंदर मैडम हमारे स्कूल में आई थी। मुझे 5 साल हो चुके थे लेकिन  स्कूल में उनसे ज्यादा सुंदर कोई भी नहीं थी। उनका नाम रोशनी था और उनका बदन एकदम अच्छे से निखरा हुआ था। उनका शरीर ऐसा लगता था मानो जैसे कि वह दूध से नहाती हो और उनके जिस्म की सुंदरता तो इतनी ज्यादा थी कि सारे टीचर उनके पीछे पागल थे। सारा स्कूल उनके आगे पीछे भटकता रहता था लेकिन वह मेरी बस में अपने घर तक जाती थी। उनका हमेशा का यही रूटीन हुआ करता था सुबह मेरे साथ बस में आती थी और  दोपहर में भी वह मेरे साथ ही वापस लौटा करती थी। मैं उन्हें बस के शीशे में देखा करता था।  वह हमेशा ही माल बन कर आती थी और मैं हमेशा ही उन्हें देखता रहता था।

एक दिन वह मेरे पास आई और कहने लगी तुम अपना नंबर मुझे दे दो। क्योंकि हो सकता है शायद मैं आज अपनी ही गाड़ी से आ जाऊं मेरे पिताजी मुझे छोड़ देंगे आज थोड़ा मुझे काम है। दोपहर में जब तुम स्कूल से आओगे तो मैं तुम्हारे साथ ही बस में आ जाऊंगी। मैंने उन्हें अपना नंबर दे दिया अब ऐसे ही हमारी बातें होने लगी। मैं उन्हें अश्लील मैसेज भेज दिया करता था और वह बहुत खुश होती थी और रिप्लाई कर देती थी। मैं पहले तो उन्हें नॉनवेज जोक्स भेजा करता था लेकिन बाद मे अश्लील चित्र भेजने शुरू कर दिया। मैं  उन्हें अब पूरी पोर्न मूवी ही भेज दिया करता था लेकिन वह मुझे कुछ नहीं कहती थी और रिप्लाई में हंसकर भेज देती थी। लेकिन मुझे कभी ऐसा मौका नहीं मिलता था कि मैं उन्हें  चोद पाऊं लेकिन मैंने सोच लिया था कि उनकी चूत मै लेकर ही रहूंगा और उनकी गांड भी मारूंगा। अब सेक्स को लेकर मेरी भावनाएं बढ़ने लगी थी और मैं घर आकर अपनी बीवी को चोदता था। मुझे अपनी बीवी की शक्ल में भी रोशनी मैडम की शक्ल दिखाई देती थी।

मैं जैसे ही घर पहुंचता तो रात को अपने बीवी के स्तनों को अच्छे से चूसता और उसे घोड़ी बना देता। उसकी गांड और उसकी योनि को बहुत अच्छे से चाटता। उसके बाद में उसकी चूत मे अपना लंड डाल देता और उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए धक्का मारना शुरू करता। मैं उसे बहुत गंदी तरीके से चोदता जिससे मेरी बीवी की आवाज निकल जाती और वह कहने लग जाती आजकल तुम्हारे अंदर बहुत सेक्स चढ़ा हुआ है। आज कल मुझे तुम अच्छे से चोद रहे हो मैं उसे कहता बस ऐसे ही आजकल मेरी इच्छा हो जाती है इसीलिए मैं तुम्हें अच्छे से चोदा करता हूं। यह सुनकर वह बहुत खुश होती हो और ऐसे ही अपनी चूतड़ों को मेरे लंड की तरफ करती मैं भी उसे अच्छे से चोदता जाता। यह सब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और ऐसे ही मैं अपनी बीवी की योनि में अपने वीर्य को गिरा देता। मैं सिर्फ रोशनी मैडम के ख्याल में था लेकिन मुझे ऐसा मौका मिला नहीं था।

कुछ दिनों बाद हमारे स्कूल के बच्चों को पिकनिक पर ले जाना था तो मैं उन्हें अपने साथ पिकनिक पर ले गया। साथ में रोशनी मैडम भी थी और कुछ टीचर थे। वह सब पार्क में चले गए और मैंने कोने में बस लगा दी। मैं ऐसे ही लेटा हुआ था वह बच्चों को लेकर पार्क के अंदर चली गई और वह लोग शाम को ही लौटने वाले थे। तभी एक घंटे बाद रोशनी मैडम वापस आई और बस में ही बैठ गई मैंने उन्हें पूछा कि क्या हो गया है आप पार्क में नहीं जा रही है। वह कहने लगी कि नहीं पार्क में मेरा मन नहीं लग रहा मेरी थोड़ी तबीयत भी ठीक नहीं है। इस वजह से मैं यही बस में बैठ जाती हूं और टीचर उन्हें संभाल लेंगे। मैंने अपने मन में सोच लिया था कि मैं यह मौका आज अपने हाथ से नहीं जाने दूंगा और रोशनी मैडम की चूत मार कर ही रहूंगा। अब ऐसे ही बातें करने लगे हम दोनों मैंने उनसे पूछ लिया कि मैडम आपको मैसेज करता हूं आपको कैसा लगता है। वह कहने लगी बहुत अच्छे मैसेज भेजते हो तुम तो एसे कहते कहते मैं उनके पास चला गया और उनके बगल में जाकर बैठ गया।

वह मुझे कहने लगी जरा मेरा सिर दबा दो और थोड़ा बदन भी दबा दो। मै उनके सारे बदन को दबाने लगा जैसे ही मैं उनके बदन को छूता तो उनके बड़े स्तन मेरे हाथ में आ जाते हैं और उनकी चूत में भी मैं हाथ मार देता। वह भी पूरे मजे में आ चुकी थी। मैंने इस बार उनके सलवार से अंदर हाथ डालते हैं उनकी चूत में उंगली कर दी। जैसे ही मैंने यह किया तो वह उत्तेजित होती और उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ लिया। मेरी पैंट के अंदर से लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह से चूसने लगी। वह जैसे ही मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेती तो मेरी उत्तेजना बढ़ जाती और मेरा लंड पूरा लंबा हो गया। मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था मैंने भी उनके कपड़े को खोलते हुए वही सीट पर लेटा दिया। मैंने उनके स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया और ऐसे ही अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूसता रहा। मैंने उनके चूचो से दूध भी निकाल लिया था मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैने उनकी टाइट योनि में अपनी जीभ को लगाया तो वह मचल उठी और मुझे कहने लगी मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है जल्दी से मेरे ऊपर चढ़ जाओ। मैं जैसे ही उनके ऊपर चढ़ा तो उनकी योनि बहुत टाइट थी।

मैंने लंड को धक्का मारने की कोशिश की लेकिन मेरा अंदर ही नहीं गया। अब मैंने बड़ी तेज का झटका मारा और सीधा अंदर लंड को घुसा दिया। मेरा लंड अंदर तक जड़ तक जा चुका था और उनके मुंह से चीख निकलने लगी। जैसे ही उनकी सील टूट गई तो मैंने जैसे ही अपने लंड को देखा तो वाकई मे उनकी सील टूट गई थी। मैं यह देख कर बहुत खुश हुआ और ऐसे ही धक्के मारने शुरू कर दिए। मैं बड़ी तेजी से झटके मारता जाता और उनकी मादक आवाज मेरे कानों में जैसे ही जाती मेरे कानों में आती तो मेरी उत्तेजना और बढ़ जाती। मैंने उनके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और इतनी तेजी से चोदना शुरू किया कि उनका पूरा बदन हिल जाता और वह मुझे कहती कि तुम बड़े अच्छे से मुझे चोद रहे हो। मैंने पहली बार किसी से अपनी चूत मरवाई है और तुमने मेरी सील भी तोड़ दी अब मेरा  तबीयत सही हो चुका है। मेरे जो सिर में दर्द हो रहा था वह भी ठीक हो गया है। मैं ऐसे ही उन्हें चोदता रहा और एक समय बाद मेरा माल गिरने वाला था तो मैंने उनकी योनि में अपने वीर्य को गिरा दिया। जिससे कि उनकी टाइट चूत का उद्घाटन हुआ और वह बहुत खुश हो गई। कपड़े से मेरे माल को साफ किया और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा और कड़क है मुझे बहुत अच्छा लगा।

 


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