चोद चोद के कर दिया मैंने दोस्त को बेहाल

Chod chod ke kar dia maine dost ko behal:

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मैंने कई बार देखा है कि जो लोग एक बार चुदाई का मज़ा ले चुके होते हैं वो बार बार उसे करने कि कोशिश करते हैं | मैं अक्कू इन आरी चीजों से अनजान था पर न जाने क्यूँ मेरे मन में एक अजीब सी कसक उठ जाती थी जब भी मैं चुदाई के बारे में सोचता था | हालाँकि मैं ज्यादा बड़े शहर से नहीं हूँ पर फिर भी इन सब चीजों के प्रति मेरा मन कुछ ज्यादा ही वाकुल रहता था | अब सबसे बड़ी दिकत मेरे सामने ये आती थी कि मैं चुदाई करूँ तो करूँ किसके साथ | हाँ यार आजकल तो आप जानते हो कि लडकियां पैसे के पीछे ही भागती हैं | अब मरते मन में सवाल आया कि अगर ऐसा ही है तो मैं किसी पैसे वाली को ही क्यूँ न पटा लूँ |

फिर क्या था बेरोजकार तो मैं पहले से था ही तो सोचा कि क्यूँ न इसी काम में हाथ आजमाया जाये | अब मैं नौकरी तो तलाश ही रहा था पर साथ साथ में मैं एक नयी लड़की भी तलाश रहा था | नौकरी मिल जाती है पर छोकरी मिलना इतना आसान नहीं है दोस्तों | पर अगर शिद्दत से कोई काम करो तो नतीजा हमेशा अच्छा ही मिलता है | मुझे आखिरकार वो लड़की मिल ही गयी जिसके पास पैसे भी थे और वो पटना भी चाहती थी | देखिये अगर आपको लगता है कि ये काम इतना आसान है तो खुद करके देख लीजिये | मैं आपको लिख के देता हूँ अगर गांड से धुंआ न निकल जाये तो मेरा नाम बदल देना | लड़की तो मिल गयी पर उसे ये बताना भी ज़रूरी था कि मैं उससे प्यार करता हूँ और नहीं भी करता तो उसके पैसे से तो करता हूँ न |

पर ऐसा नहीं है मैं उससे भी प्यार करता हूँ | उसका नाम पूरा तो नहीं पर आधा बता सकता हूँ | उसका नाम है अर्पिता और वो मेरी जान है और मेरी बीवी भी | पर ये बात तब कि है जब मुझे एक पेट्रोल पंप पर दिखी थी | वो अपनी कार में पेट्रोल भरवा रही थी और मैं अपनी गाडी में | मैंने उसे देखा पर मैं नहीं जानता था कि वो कहा रहती है पर इतना जान गया था कि पैसे वाली तो है | मुझे बड़ा मज़ा आया जब वो उस पेट्रोल वाले से लड़ रही थी कम पेट्रोल देने पर | बहुत प्यारी लग रही थी मैं भी उसके बगल में जाके खड़ा गया और कहने लगा हाँ कम दिया है पेट्रोल | उसने भी कहा हाँ आप ही बताओ ऐसा तो करते हैं ये लोग मेरा ध्यान थोडा सा क्या भटका इन लोगों ने पेट्रोल चुरा लिया पूरा पेट्रोल डालो उसने कहा | फिर मैंने उसको इशारा किया तो उसने उसकी गाडी में पेट्रोल डाल दिया | वो जाते जाते मुझे थँक्स बोल के जाने लगी | तो मैं भी उसका पीछा करने लगा ये देखने की वो कहाँ रहती है जहाँ उसकी गाडी रुकी वो कोचिंग सेंटर था तो मुझे लगा की शायद ये यहाँ पढ़ती होगी फिर मैं  उसके चाकर काटता रहा पर वो मुझे दिखी नहीं तो मैं भी कुछ दिन जाना छोड़ दिया था एक दिन फिर वो मुझे पेट्रोल पंप पर दिखी तो मैंने उसे हाय किया | मुझे लगा था की शायद वो मुझे नहीं पहचानेगी पर उसने मुझे पहचान किया और जवाब में हाय किया |

फिर उसने मुझे कुछ नहीं कहा और जाने लगी तो मैंने उसे रोका तो उसने कहा की हम चलते चलते बात कर सकते हैं क्यूंकि मैं अपनी कोचिंग क्लास के के लिए लेट हो जाउंगी | तो मैंने कहा ओके और हम दोनों चलते चलते बात करने लगे तो मैंने पूछा कि आप पढ़ती हैं क्या ? तो उसने कहा की नहीं मैं वहाँ पढ़ाती हूँ मैं कुछ देर के लिए शांत रहा कि इतनी सी उम्र में वो पढ़ाती है | फिर उसकी क्लास आ गई थी उसने बाय बोल के अन्दर का रास्ता पकड़ लिया | फिर मैं भी वहां से निकल गया फिर उसके अगले दिन मैं उसे वहीँ मिल गया तो उसने पूछा की आप यहाँ कैसे तो मैंने भी उससे कहा की मैं यहाँ से निकल रहा था तो सोचा आपसे मिल भी लूँगा और कुछ पूछना भी था आपसे फिर उसने कहा हाँ कहो |

तो मैंने पुछा की आप क्या पढ़ाती हैं तो उसने बताया की मैं यहाँ कंप्यूटर चलाना सिखाती हूँ बच्चो को |

फिर मैंने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम अर्पिता बताया |

मैंने उसे कहा की बड़ा प्यारा नाम है आपका जवाब में उसने मझे थैंक्स कहा फिर मैंने उससे फीस का पूछा और जॉइन कर लिया अगले दिन |

बस फिर क्या था मेरी गाडी पटरी पर आ गई थी अब हम दोनों रोज मिला करते थे और रोज क्लास के बाद बात किआ करते थे | हम दोनों में काफी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई थी और अच्छे दोस्त बन गए थे | मुझे वहाँ पढ़ते हुए 2 हफ्ते हो चुके थे | उसके अगले दिन उसने मुझे मिठाई खिलाई तो मैंने पूछा कि आज किस ख़ुशी में मिठाई खिलाई जा रही है | तो उसने बताया की आज उसका जन्मदिन है मैंने कहा ओके और उसके जन्मदिन की शुभकामनाये दी | फिर मैंने कहा की बस मिठाई से काम नही चलेगा मुझे ट्रीट चाहिए उसने कहा ठीक है क्लास ओवर होने के बाद चलते हैं और उस दिन वो गाडी से भी नहीं आई थी |

फिर क्लास ओवर होने के बाद मैंने अपनी गाडी अनुज मॉल लगाई और फिर हम रेस्टोरेंट में बैठ गये | उसने मुझसे कहा की क्या लोगे आप तो मैंने कहा आज आपका जन्मदिन है पार्टी मेरी तरफ से ले लो और जब मेरा होगा तब आप दे देना | तो उसने कहा ओके फिर हमने शाही पनीर और रोटी और चावल का आर्डर दिया फिर हमने खाना खाया और फिर मैंने उसे घर ड्राप किआ | उसका नंबर ले लिया फिर मैं भी घर आ कर उसे फ़ोन लगाया और हमारी बात चालू हो गई | ऐसे ही कुछ दिन हो गए थे बात करते हुए और मेरा जन्मदिन भी आने वाला था |

फिर उसने कहा कि चलो अब तो मैं जॉब छोड़ रही हूँ यहाँ से तो अब हम बाहर मिल लिया करेंगे | ये सब मेरे जन्मदिन के एक दिन पहले हुआ और मैं बडा ही उदास सा चेहरा लेकर क्लास से बाहर आ गया और उसे जाते हुए देखने लगा | उसने मुझे देख लिया था पर कुछ कहा नहीं | फिर उसका रात को 12 बजे फोन आया और कहा मुबारक हो जन्मदिन | तो मैंने कहा खाख मुबारक मेरी दोस्त तो वहाली गयी न | तो उसने कहा पागल मैं कही नहीं गयी में यही हूँ बस देखना चाहती तू मेरे लिए कितना सोचता है | फिर उसने कहा कल मेरी बारी है ट्रीट देने की तो तैयार रहना | मेरे चेरे पे ख़ुशी ऐसी छाई की मैं बयां नहीं कर सकता | फिर उसने मुझे अच्छा अच्छा खाना खिलाया पर वो उसने खुद अपने हांथो से बनाया था और मुझे बड़ा अच्छा लगा |

फिर मैंने कहा रुक और एक रोटी उसे अपने हांथो से खिलाई | उसने कहा मैं तुझसे प्यार करने लगी हूँ | मेरी तो लाटरी निकल गयी और मैंने तुरंत ही उसे चूमना चालू कर दिया | पहले तो वो घबरा गयी फिर उसके बाद उसने कहा कि तूने आज मेरे सारे अरमान वापस जगा दिए हैं | उसने बिना बूले अपना टॉप उतार दिया और मेरे ऊपर बैठ गयी | फिर उसने मेरा लंड मसलना शुरू किया और जोर से उसपर कूदने लगी | मेरा भी खड़ा हो चूका था और फिर उसने मेरा सर उठाया और अपने दूध पर रख दिया और ब्रा को खोल दिया | उसने कहा उम्म्मम्म्म्मम्म ऊऊह्ह्ह्ह आजा मेरे रजा आज तो चूस ले इस दूध की दूकान को | मैंने भी देर नहीं की और लपक के चोसे उसके दूध |

फिर कड़ी हुयी और पहले मेरी जीन्स उतारी और मेरे कंद को बाहर निकाल लिया और टुकुर टुकुर देखने लगी उसे | फिर ना जाने उसके क्या हुआ उसने मेरा लंड अपने गले तक भर लिया और आआआअ आआआअ फचछ्ह्ह्ह फचछ्ह्ह्ह की आवाज़े निकल रही थी | मुझे तो मज़ा आ रहा था क्यूंकि मुझे चूत और पैसेवाली दोनों मिल गए थे | मैंने भी उससे कहा आआआआआअह्ह्ह्ह ऊउम्मम्म और चूस जान निकाल दे मेरा सारा मुठ खाली कर दे मेरा लंड | वो तो पागल हो गयी थी और तुरंत उसने अपनी चूत को उठाया और कहा डाल इसमें अपना लंड |

मैंने भी धीरे धीरे डालना शुरू किया तो उसने कहा एक बार में डाल न | मैंने भी एक ज़ोरदार झटका मारा और सारा लंड अन्दर कर दिया | वो चिल्ला पड़ी और आअह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊम्म्मम्म्म्म क्या बात है और अन्दर तक डाल दे करने लगी | मैंने ऐसा ही किया और उसको चोदा फिर धीरे धीरे एक घंटा हो गया और मेरा मुठ नहीं निकला फिर वो उठी और उसने मेरा लंड मुह में लिया और चूस के मुठ निकला | मेरे मुह से आह निकली और हम आज भी साथ है क्यूंकि बड़ा लंड सबके नसीब में नहीं होता |


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