छोटे लंड से हुआ प्यार

Chhote lund se hua pyar:

indian sex stories

हेल्लो मेरे दोस्तों कैसे हो आप सब मेरा नाम मुन्ना और मैं आज आपके सामने फिर से हाज़िर हो गया हूँ अपनी एक कहानी लेकर और इस बार आपको मेरी कहानी में कुछ नया मिलने वाला है | दोस्तों आपको तो पता है मैं सतना का रहने वाला हूँ और हमेशा प्यार की बात करता हूँ | तो दोस्तों आज भी मेरी ये कहानी प्यार पर आधारित है | दोस्तों मैं अक्सर अपना समय जबलपुर में बिताता हूँ क्यूंकि वह मेरे माँ बाप रहते हैं और मेरा काम भी वही रहता है | मैं अपने दादा दादी के पास सतना आता रहता हूँ और उनकी देखभाल करता रहता हूँ | मैं अपने पिता की एकलौती संतान हूँ और मेरे दादा के भी बस एक ही बेटे हैं और वो हैं पापा | तो आप समझ सकते हैं हमारे बीच में कितना प्यार रहता है | मुझे अपने परिवार के साथ रहना और उनके साथ मस्ती करना बहुत अच्छा लगता है और मैं हर समय काम से फ्री होकर यही करता हूँ | आपने मेरी चुदाई के किस्से बहुत सुने होंगे और मुझे पता है आप सब ने अपना प्यार भी बरसाया है मुझपर | तो दोस्तों एक बार फिर से तैयार हो जाइए उसी प्यार की खातिर और मेरी नयी कहानी का मज़ा लीजिये |

दोस्तों मैं वैसे एक बहुत ही अच्छा लड़का रहा हूँ हमेशा से मैंने लड़कियों का कुछ बुरा नहीं किया | जब उनका मन होता था तभी उनकी चूत मारता था बाकी मुझे कोई मतलब नहीं होता था | इसलिए मैंने सोचा चलो आज फिर से किसी लड़की को पटा लूँगा और उसकी जवानी रस चख लूँगा | मैं बड़े गौर से लड़की तलाश रहा था पर मुझे मिल नही रही थी | इसलिए मुझे गुस्सा भी आ रहा था | मैंने सोचा चलो अगर नहीं मिल रही है तो कोई बात नहीं मैं बाद में देख लूँगा | मैं वापस अपने काम में लग गया और सब कुछ पहले जैसे चलने लगा | मुझे कोई कुछ नहीं कहता और मुझे भी कोई फर्क नहीं पड़ता क्यूंकि मेरा काम मस्त चल रहा था | मुझे पैसे की कमी नहीं थी और प्यार तो मस्त मिल रहा था | पर ना जाने क्यूँ मुझे चूत कि चिंता सता रही थी | पर मुझे ऐसी वैसे चूत नहीं चाहिए थी मुझे बिलकुल कमसिन चूत चाहिए थी | क्यूंकि मुझे चूत से खून निकालना चाहता था और बुर फाड़ना चाहता था |

इसलिए मैंने सोचा कि अगर ऐसा होगा तो मज़ा आ जाएगा | इसलिए मैं आराम से रहने लगा और मुझे कुछ भी समझ आ रहा था चूत के आगे | उसके बाद मैंने सोचा चलो यार कल से फिर मैं अपने काम में लग जाऊँगा पर ऐसा कुछ हो नहीं पा रहा था | मैं ऐसे ही जिंदगी काट रहा था पर एक दिन मैं अपनी कार से जा रहा था और मेरी कार ख़राब हो गयी और मुझे ऑटो से जाना पड़ा | ऑटो में मुझे जाना पड़ा और मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा था | पर एक चीज़ बहुत अच्छी थी उस ऑटो में एक मस्त माल बैठा था मैं उसे ताड़ने लगा | वो भी मुझे देख रही थी और धीरे से मेरी जांघ पे हतः फेर रही थी मैं भी उसे आराम से देख रहा था | मैंने उससे कहा अगले स्टॉप पे उतर जाना | उसने भी हामी भर दी और जहाँ मैं उतर रहा था वहां मेरा ऑफिस था | हम दोने थोड़ी देर बाद उतर गए और उसके बाद मैंने सोचा चलो आज तो चूत का इंतज़ार ख़त्म क्यूंकि वो दिखने में एक दूँ हीरोइन जैसी लग रही थी | अब मुझे मन में लग रहा था कि मेरा काम बन गया है |

मैं उसे अपने ऑफिस ले गया और वहां उसे चाय नाश्ता करवाया और हम दोनों बात करने लगे | मैंने अपने कैबिने से बाहर निकल कर सबसे कहा आज काम बंद है आप लोग चले जाओ आज मैं एक नया स्टाफ बुला रहा हूँ कंप्यूटर को मेन्टेन करवाने के लिए | सब चले गए और मुझे भी मौका मिल गया शुरू होने का | मैंने अपनी जेब से विगोरा निकाल कर खा ली और मुझे हल्का सा जोश चड़ने लगा | उसके बाद मैंने सोचा चलो आज तो मुझे चूत जैसी भी मिले मुझे लड़की मस्त मिल गयी है | उसके बाद मैंने उसके पास गया और हम दोनों एक दुसरे से चिपक कर बैठ गए | मुझे वो सहलाने लगी तो मुझे नशा चढ़ने लगा | मैं भी उसे सहलाने लगा और मुझे मज़ा आने लगा | फिर हम दोनों एक दुसरे के पास आ गए और किस करने लगे | उसके बाद मैंने सोचा चलो अब इसकी चूत को चोद लेता हूँ | पर उससे पहले उसके दूध को चूसना ज़रूरी था इसलिए मैं उसके पास गया और उसने टॉप पहना था जिसको मैंने उतार दिया | उसके बाद मैंने उसको कहा मेरे कपडे खोल दो |

वो भी मेरे कपडे उतारने लगी और मुझे सहलाने लगी | मैंने सोचा वाह आज तो मज़ा आने वाला है | वो मेरे लंड के पास आगयी और मेरे लंड को चड्डी से बाहर निकाला और चूसने लगी | मैं उसके दूध दबा रहा था | वो मेरा लंड बड़े आराम से और मज़े लेते हुए चूस रही थी | मैंने मस्ती में आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह कर रहा था और वो मेरा लंड चूस रही थी | मैंने विगोरा खाई थी इसलिए मेरा माल नहीं झड़ रहा था इसलिए मैंने आराम से लंड चुसवा रहा था और वो मेरे सुपाडे को चाट के चूस रही थी | मैं बस आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करते हुए उसके मुंह को चोद रहा था | उसके बाद मैंने सोचा चलो अब इसकी चूत का मज़ा और स्वाद दोनों ले लिए जाए | इसलिए मैंने उसे वहीँ टेबल पर बैठा दिया और मैं उसके दूध चूसने लगा | दूध चूसने के साथ साथ मैं उसके पेट और नाभि को भी चूम रहा था | वो भी मेरा साथ दे रही थी |

जब उसके निप्पल बिलकुल खड़े हो गए तब वो आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करते हुए मुझे सहलाने लगी | मैंने सोचा अब नीचे चलता हूँ और जैसे ही मैंने उसकी चड्डी उतारी मैं हैरान हो गया | साला वो हिजड़ा था और उसका लंड था जो कि ज्यादा बड़ा नहीं था | मैंने सोचा बहनचोद ये क्या हो गया मेरे साथ और मै साइड में बैठ गया | पर जब मैंने उसकी सूरत देखी तो मुझे फिर से सेक्स चढ़ गया और मैं उसके पास गया और मैंने देखा उसका लंड पैक था | उसकी चमड़ी नहीं हटी थी और उसके लंड से सफ़ेद माल निकल रहा था | मैंने उसकी चमड़ी हटाने की कोशिश की पर वो चिल्लाने लगा | फिर मैंने धीरे धीरे उसकी चमड़ी हटाई और वो आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करने लगा | मैंने देखा उसका लंड बड़ा प्यारा था और उसका सुपाडा बिलकुल चमक रहा था | मैंने सोचा अब कुछ नहीं से कुछ बेह्र्टर है और उसके छोटे लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगा | मैंने उसके अंटे भी दबा रहा था और वो आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह कर रहा था | थोड़ी देर बाद मैंने उसके लंड को पकड़ा और और जोर से हिलाने लगा और वो आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करने लगा और उसकी सील टूट गयी | अब वो भी चुदाई के मज़े लेने के लिए तैयार था | मैंने उसी पूछा चलो चालु करे चुदाई तो उसने सिर हिला दिया |

मैंने उसको उल्टा किया और उसकी गांड में लंड पेल दिया और वो कहने लगा निकालो नहीं करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है | मैंने उसकी बात नहीं सुनी और धीरे धीरे चुदाई करने लगा | उसके बाद मैंने थोड़ी सी ताकत लगे और थोडा लंड और अन्दर पेल दिया और वो कहने लगा नहीं करो दर्द हो रहा है | मुझे गुस्सा आया और मैंने एक झटके में लंड अन्दर कर दिया | वो मरने लगा पर मैंने उसको चोदना चालु रखा | वो थोड़ी देर तक चिल्लाता रहा पर उसके बाद उसने आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करना चालु कर दिया | उसके बाद मैंने सोचा चलो अब इसकी गांड के ही अन्दर माल गिराऊंगा | मैं उसको चोदता रहा और आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊउम्म्म्म ऊऊउफ़् आआह्हह्हह ऊऊऊह्हह करता रहा | एक घंटे तक मैं उसको चोदता रहा और उसके बाद मैंने उसकी गांड में अपना मुट्ठ पेल दिया | उसके बाद मैंने सोचा इसको फिर से चोदुंगा क्यूंकि मुझे उसका लंड पसंद आ गया था और उससे प्यार हो गया था | अब मैं हर टीम उसके लंड से खेलता हूँ |


Comments are closed.