चार लंड – एक गांड

तब मेरी उम्र 18 साल के ऊपर कुछ महीने थी और मैं गाँव में ही पला होने से मुझे गे वगेरह का इतना नोलेज नहीं था, गाँव और छोटे शहेरोमें सेक्स एज्युकेशन काफी कम होता हैं, और मुझे तो मिथुन गांड मरवाता हैं यह सुन बड़ा ताज्जुब हुआ था. मैंने एकाद पोर्न मूवी में गोरियों को गांड में लंड लेते जरुर देखी थी.
उस दिन मंगलवार था और मैं और मेरे तिन दोस्त भोलू, कदम और अमित गाँव के चोराहे पर बैठे थे. हम सभी एक ही क्लास में पढ़ते थे. भोलू ने यह बात निकाली थी और मुझे यह सुन के उत्तेजना होने लगी थी. मैं उसकी बातें बड़ी गौर से सुन रहा था. तभी कदम बोला, चलो फिर उसको लंड से ख़ुशी दे देते हैं आज. मैंने यह सुना था की मेरा लंड तड़पने लगा. कदम बोला, मेरे पास मिथुन का नंबर हैं , भोलू तू उसे गाँव के बहार वाले रस्ते पर बुला और उसके साथ मस्ती चालू कर दे. हम तीनो बाद में आके उसकी मारेंगे.

आजा, तेरी याद आई हैं

भोलू ने मिथुन को फोन किया और बोला, आयेंगा गाँव के बहार वाले रस्ते पर, मेरे पास एक घंटा हैं. भोलू ने फोन रखा और बोला की यह गुड आ रहा हैं, कदम तू जल्दी बाइक ले के जा और कंडोम ले आ. उसके बिना सेक्स नहीं कर सकते यार, कहीं इसकी गांड से कीटाणु लग गए तो चूत के काबिल नहीं रहेंगे. कदम ने बाइक चालू की और हम तीनो पैदल ही गाँव से बहार जाते रस्ते पर चल पड़े. गाँव के बहार ही एक पुरानी बिल्डिंग थी, यह एक बंध पड़ी हुई डेरी थी, डेरी अब गाँव में आ गई थी और यह बिल्डिंग ऐसे ही पड़ी थी. भोलू ने हमको बोला की हम लोग डेरी के पिछले भाग में छिप जाएँ और वह मिथुन को लेके मेन डोर से अंदर जाएगा. वोह 5 मिनिट में ही उसके कपडे वगेरह खोल देगा फिर हम तीनो को अंदर आना था. कदम भी कंडोम ले के आ गया. हम तीनो पीछे चले गए और मिथुन के आने की राह देखने लगे.
तभी दूर से एक स्कूटी आती दिखी जिस के उपर मिथुन आ रहा था. मिथुन एक मस्त गोरा चिट्टा और हेंडसम लड़का था जिसकी उम्र 22 के करीब होगी. वह एक मॉडल जितना हसीं था लेकिन था नवाबी सौख वाला. इसे अपनी गांड मरवाने की आदत लगी थी. उसने आते ही भोलू को फोन किया, हम लोग छिप के इसका तमाशा देख रहे थे. भोलू ने दरवाजे से बहार आके इसे इशारा किया, दोनों अंदर गए और दरवाजा बंध हुआ. वैसे हमें कोई टेंशन नहीं थी क्यूंकि हमें पीछे के दरवाजे से ही अंदर जाना था. पांच मिनिट मात्र उस दिन जैसे बहुत लम्बे समय तक निकले ही नहीं….!!!

हमको गांड दे नहीं तो कपडे नहीं देंगे!

पांच मिनिट बीतते ही हम तीनो अंदर घुसे, अंदर मिथुन नंगा हुआ था और भोलू भी. मिथुन भोलू का लंड पकड के हिला रहा था. हमको देख दोनों जैसे की चोंक पड़े (वैसे भोलू सिर्फ एक्टिंग  कर रहा था). कदम और मैंने तुरंत दोनों के कपडे हाथ में ले लिए और कदम बोला, बेन्चोद यहाँ गांड मराने के लिए गाँव वालो ने डेरी बनाई थी क्या..? चलो बेन्चोद सरपंच के पास नंगे ले चलो दोनों को, मिथुन के चहेरे से पसीना आने लगा क्यूंकि वह एक अच्छे घर से था और गाँव के सरकारी अस्पताल में अकाउंटेंट का काम करता था. वह हम तीनो को गिडगिडाने लगा और कपडे देने को कह रहा था. कदम बोला, कपडे दे देंगे अगर तू अपनी गांड हमें देगा. मिथुन चोंक गया लेकिन अब इसके पास कोई चारा नहीं था वो हम तीनो को देखने लगा, कदम बोला अबे भोसड़ीके बाल….ज्यादा मत सोच तेरे फायदे का ही सौदा हैं. एक लंड चाहिए था तुझे, हम तिन साथ में फ्री में दे रहे हैं. कदम यह कहते ही जोर से हंस पड़ा और बंध डेरी में उसके हास्य की गूंज उठी. मिथुन ने सर हिलाया और सहमती जताई. कदम, मैं और अमित तुरंत तैयार ही थे इसके लिए. हम पांचो अब सम्पूर्ण नग्न थे और मिथुन चारो लंड को देख रहा था.

चूस ले बारी बारी

मिथुन को भोलू ने अपना लंड मुहं में दे दिया और मिथुन उसे मस्त चूसने लगा. वोह अपने हाथ मेरे और अमित के लंड के उपर रख के उन्हें सहला रहा था. कदम दूर खड़ा सिगरेट पिने लगा और हम चारो का ग्रुपसेक्स देखने लगा. मिथुन के लंड चूसने से मस्त आवाजे आ रही थी. यह गे बड़ा सौखीन लग रहा था क्यूंकि अब वह पुरे सहयोग से हमें खुश करने की कोशिश कर रहा था. कदम अपने लंड को हिलाता हुआ आया और भोलू ने अपना लैंड मिथुन के मुहं से निकाला. भोलू ने कंडोम लिया और उसे लंड पे लगाया. भोलू अब गांड पर आक्रमण के लिए तैयार था. कदम ने अपना लौड़ा मिथुन के मुहं में ठुंस दिया. मिथुन को भोलू ने पीछे से हिलाया और कुत्ते के जैसे उसकी गांड ऊँची की. उसने अपना हाथ उसके छेद पर रखा और फिर धीमे से लंड को गुदा के छेद से सेट किया. एक झटका और मिथुन के मुहं से लड़की जैसी सिसकियाँ निकलने लगी. मिथुन गांड हिलाने लगा और उसकी गुदा में भोलू के लंड के फटके पड़ने लगे. भोलू मिथुन की कमर पर हाथ रखे हुए था और उसे आगे पीछे कर रहा था, कदम का लंड ऐसा करने से अपनेआप मिथुन के मुहं के अंदर बहार हो रहा था.
कदम ने अपना लंड अब बाहर निकाला और मैंने अपना डंडा इस गे नवाब को दे दिया. सच बताऊँ, यह ऐसे लंड चूस रहा था की मुझे लगा की जन्नत की शेर हो गई. वोह पहले हल्का हल्का प्रेशर और बाद में पुरे प्रेशर से लैंड को मुहं में दबा लेता था. पीछे से आते भोलू के झटके लैंड को अपने आप इसके मुहं में हिलाते थे. सच में यार मजेदार था यह मुखमैथुन. मैंने इस मुख मैथुन का आनदं कुछ एक मिनिट लिया था की अमित ने इशारा किया और मैंने अपना लंड निकाला और अमित ने अपना लंड मिथुन के मुहं में दे दिया, चारो लंड अब इस मुहं का सुख पा चुके थे.

गांड मरवाने में भी नवाबी था मिथुन

भोलू के झटके अब गांड के अंदर और भी तीव्र होने लगे और उसके मुहं से एक बड़ा आह्ह्हह्ह निकला, उसका लंड फट गया था शायद. हाँ, यह बात की पुष्टि तब हुई जब उसने हाथ से पकड़ के अपना लंड बाहर निकाला. मुझे अब गुदामैथुन की दिलचस्पी लगी इसलिए मैं भोलू के हटते मिथुन के पिछवाड़े के पास चला गया. मैंने कंडोम चढ़ाया और आज लंड को पहली बार हथेली से कुछ अलग अहसास करवाने चला. मेरा लंड गांड के अंदर रख के हल्का झटका मारने पर सीधा अंदर घुस गया, तभी मिथुन ने गांड के मसल खींचे, मेरा लंड अंदर एकदम टाईट हो गया और मैं मिथुन की गांड पकड़ ठोकने लगा. मेरे मुहं से अपने आप आः आह आह ओह ओह निकलने लगा था. मिथुन बिच बिच में अपनी गांड टाईट कर रहा था जिससे मुझे एक अलग रोमांच आ रहा था. मैं भोलू जितना टिक नहीं सका और मेरा लंड जल्द ही लावा उगल गया. मैं और भोलू साइड में खड़े सिगरेट पिने लगे. अब कदम और अमित बाकी थे.

फिर कब मिलोंगे……?

अमित और कदम मैं से कदम ने ज्यादा देर तक इस गांड को बजाई, कुछ दस मिनिट के अंदर दोनों का वीर्य भी निकल गया, हम चारो ने कपडे पहने. मिथुन कुछ देर वही निचे लेटा रहा. चार लंड गांड में ले के तो कोई भी थकेगा. दो मिनिट बाद वह उठा और उसने कपडे पहने. भोलू ने उसको पूछा, मिथुन फिर कब मिलेगा…मिथुन बोला भोसड़ी के एक लंड की जगह चार घुसा दिए, तुम लोग बड़े हरामी हों, अगर मारनी है तो अब मेरी जगह पर आना पड़ेगा और वोह भी दो लंड इ ज्यादा नहीं……..!!!!

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