चलती ट्रेन मे चुदाई मचा दी

Chalti train me chudai macha di:

antarvasna, desi sex stories मेरा जीवन मे पूरी तरीके से उत्तल पुथल हो चुका था मेरी पत्नी ने मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा किया, वह मुझे छोड़कर एक अन्य पुरुष के साथ भाग गई, वह हमारे पड़ोस में ही रहता था। मुझे इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं हुआ और मैं अंदर से बहुत टूट चुका था लेकिन मुझे रीना ने हीं बहुत सहारा दिया, रीना ने ही मुझे उस वक्त सहारा दिया जब मुझे किसी के कंधे की आवश्यकता थी, रीना ने मुझे कहा मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगी। शायद मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी कि मुझे रीना मिली रीना से मेरी पहली मुलाकात ट्रेन में हुई, मैं ट्रेन से सफर कर रहा था, मुझे अपने काम के सिलसिले में अहमदाबाद जाना था मैं जयपुर से ट्रेन में बैठा ही था कि मेरे सामने एक लड़की आकर बैठ गई उसका चेहरा इतना ज्यादा सुंदर था कि मैं उसे देखता ही रहा, रीना को मैं एकटक नजरों से देख रहा था और जब वह मेरी तरफ देखती तो उसे लगता कि शायद मैं उसकी तरफ घूर कर देख रहा हूं उसने मुझसे बड़ी ही तेज आवाज में कहा ओ भाई साहब आप मुझे ऐसे क्या देख रहे हैं, मेरे आस पास जितने भी लोग बैठे थे वह सब मेरी तरफ बड़े ही घूर कर देखने लगे और मुझे लगा कि शायद यह लोग मेरी पिटाई ना करदे।

मैंने उससे कहा मैं आपको नहीं देख रहा था आप शायद मेरे बारे में गलत सोच रही हैं, वह कहने लगी यदि दोबारा ऐसा हुआ तो यह बिल्कुल सही नहीं होगा आप मुझे कोई सीधी सादी लड़की ना समझे, उसका गुस्से वाला रूप देख कर तो मैं उस पर पूरी तरीके से फिदा हो चुका था, हम दोनों की सीट बिल्कुल आमने-सामने थी लेकिन मैं अब उसकी तरफ देख ही नहीं रहा था। ट्रेन जिस स्टेशन पर रुकी हुई थी उस वक्त काफी अंधेरा हो चुका था सब लोग बहुत गहरी नींद में थे शायद उस लड़की को कुछ सामान लेना था इसलिए वह ट्रेन से नीचे उतरी जब वह ट्रेन से नीचे उतरी तो उसका ध्यान बिल्कुल भी ट्रेन की तरफ नहीं था ट्रेन में होरन दिया लेकिन उसने अपने कानों में हेडफोन लगाए हुए थे और उसे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था, मैं उस वक्त टॉयलेट जाने लगा तो मैंने देखा वह लड़की अपनी सीट पर नहीं है, मैंने जब बाहर देखा तो ट्रेन धीमी स्पीड से चलने लगी थी, मैंने उसे आवाज दी लेकिन उसे सुनाई नहीं दे रहा था मैं भी झट से ट्रेन से नीचे उतर गया।

मैं जैसे ही ट्रेन से नीचे उतरा तो ट्रेन ने अपनी रफ्तार पकड़ ली थी मैंने उसका हाथ को पकड़ा और कहा ट्रेन छूटने वाली है, उसके कानों से हेडफोन नीचे गिर चुके थे और वह भी बड़ी तेजी से दौड़ने लगी, वह मेरे साथ ही दौड़ रही थी हम दोनों ने ट्रेन पकड़ ली और हम दोनों ट्रेन के अंदर चले गए। जब हम ट्रेन के अंदर गए तो हम दोनों की सांस फूल रही थी कुछ देर तक तो हम दोनों हंसते रहे और जब हम दोनों ने एक दूसरे का चेहरा देखा तो मेरा चेहरा पूरा लाल हो चुका था, वह मुझे कहने लगी आपने तो मेरी ट्रेन छूटने से बचा ली यदि ट्रेन छूट जाती तो मैं अहमदाबाद नहीं पहुंच पाती, मैं बहुत जरूरी काम से अहमदाबाद जा रही हूं, उसने मुझे शुक्रिया कहा। ट्रेन की पूरी लाइट बंद हो चुकी थी हम दोनों दरवाजे के पास खड़े होकर बात करने लगे, उसे भी अब मुझ पर पूरा भरोसा हो चुका था और वह मुझसे बात करने लगी, मैंने सबसे पहले उसका नाम पूछा उसका नाम रीना है, रीना मुझसे कहने लगी क्या आप जयपुर में रहते हैं? मैंने उसे कहा हां मैं जयपुर में ही रहता हूं और कुछ काम के सिलसिले में हैदराबाद जा रहा हूं। वह मुझे कहने लगी मैंने आपको गलत समझा लेकिन आप तो ऐसे व्यक्ति हैं, आप बड़े ही अच्छे और सच्चे व्यक्ति हैं, मैंने उसे कहा ऐसा कभी हो जाता है लेकिन मैंने तुम्हारी बातों को अपने दिल पर नहीं लिया।  मेरी रीना से बात होने लगी थी, वह मुझे मेरे जीवन के बारे में पूछने लगी, पहले मैं उसे कुछ बताना नहीं चाहता था लेकिन हम दोनों एक दूसरे की बातों में इतना ज्यादा खो गए कि मैंने उसे अपने जीवन के बारे में सब कुछ बता दिया, मैंने उसे कहा मेरी पत्नी किसी अन्य पुरुष के साथ भाग चुकी है और मैं बहुत अकेला हो चुका हूं लेकिन उसके बावजूद भी मैंने हार नहीं मानी और अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा हूं।

उसने जब मेरी बात सुनी तो उसे काफी दुख हुआ और वह कहने लगी आपको तो बहुत ही बुरा लगा होगा जब आपके साथ ऐसा हुआ होगा, मैंने उसे कहा जब मुझे इस बात की जानकारी मिली तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरा जीवन ही समाप्त हो चुका है मैं बहुत ज्यादा दुखी हो गया था लेकिन मैंने धीरे-धीरे अपने आप को इन मुश्किलों से उबारने की कोशिश की और अब भी मैं पूरी तरीके से इन सब चीजों से निकला नहीं हूं, उसके बावजूद भी मैं अब काम पर अपना पूरा ध्यान देता हूं ताकि मेरे दिमाग से मेरी पुरानी यादें मिट सके लेकिन जब भी मुझे अपनी पत्नी के बारे में याद आता है तो मुझे बहुत तकलीफ होती है और मुझे लगता है कि मुझे कहीं अकेले में चले जाना चाहिए। रीना मेरी बातों से बहुत इमोशनल हो चुकी थी और वह मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहने लगी आप चिंता मत कीजिए सब कुछ अच्छा ही होगा आप जैसे अच्छे व्यक्ति के साथ कभी बुरा नहीं हो सकता। जब उसने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मुझे उसे गले लगाने का मन होने लगा मैंने उससे पूछा क्या मैं तुम्हें अपनी बाहों में ले सकता हूं।

वह कहने लगी क्यों नहीं वह मेरी बाहों में आ चुकी थी जब मैंने उसे बाहों में लिया तो मुझे उससे अपने बनाने की चाह पैदा होने लगी। मैंने रीना से अपने दिल की बात कह दी उसे कहा क्या तुम मेरा साथ निभा सकती हो? वह मेरी तरफ बड़े ध्यान से देखने लगी लेकिन उसे उस वक्त कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। मैंने जब उसके गुलाबी होठों को दिखा तो मुझे उसे चूमने का मन होने लगा मैंने उसके होठों पर किस कर लिया, वह मेरे आगोश में आ चुकी थी। मैं उसके होठों को किस करता रहा उसे भी अच्छा लगने लगा था, जब हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से किस करने लगे तो मुझे पता नहीं क्या हो गया। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया उसका शरीर भी पूरी तरीके से गर्म होने लगा। उस वक्त सब लोग इतनी गहरी नींद में थे हम दोनों को काफी अच्छा मौका मिल गया, मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया मैं जब उसके स्तनों का रसपान कर रहा था तो मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो गया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया, वह मेरे लंड को बहुत अच्छे से सकिंग कर रही थी उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को ले लिया था।

वह मुझे कहने लगी मुझे आपके लंड को चूसने में बहुत अच्छा लग रहा है, मेरा लंड भी उसकी योनि में जाने के लिए उतावला था। हम दोनों जल्दी से बाथरूम में घुस गया मैंने उसके कपड़े बड़ी तेजी में खोलें जब मैंने उसकी चूत के अंदर लंड डाला तो उसकी चूत बहुत टाइट थी लेकिन मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैं उसे तेजीसे चोदता उसकी योनि से पानी का रिसाव तेजी से हो रहा था। वह मुझे कहने लगी आपका नशा तो जैसे मेरे सर पर चढ़ चुका था मुझे नहीं पता कि मैंने आपके सामने अपने आप को कैसे सौंप दिया लेकिन मुझे आपका लंड अपनी चूत में लेकर बहुत अच्छा लग रहा है। वह अपने मुंह से लगातार तेज आवाज मे सिसकिंया ले रही थी उसकी सिसकियो से मेरे अंदर गर्मी और भी ज्यादा बढ़ जाती। मेरी गर्मी इतनी अधिक होने लगी मैं ज्यादा समय तक उसकी टाइट चूत के मजे नहीं ले पाया, जैसे ही मेरा वीर्य पतन उसकी योनि में हुआ तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। मैंने उसे गले लगा लिया हम दोनों बथरूम से  बाहर आकर बात करने लगे उसके बाद तो जैसे उसने सब कुछ मुझे सौंप दिया था, वह मेरे जीवन में आ चुकी थी हम दोनों ने शादी का निर्णय भी कर लिया। शादी होने से पहले न जाने कितनी बार हम दोनों ने एक दूसरे के बदन की खुशबू को चख लिया था। रीना की मैंने एक बार की गांड भी मारी थी उसने मुझे कहा आज के बाद तुम कभी भी मेरी गांड नहीं मारोगे उसे काफी तकलीफ हुई थी लेकिन मुझे उसके साथ रहने में बहुत अच्छा लगता है। मैं अपनी पुरानी यादों को भूल चुका हूं इसमें रीना ने मेरा बहुत साथ दिया उसने मुझे मेरे पुराने जीवन से बाहर निकाल दिया।


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