चलो चूत, लंड का मिलन करवाएं

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Antarvasna, hindi sex stories मेरा नाम आकाश है मैं लखनऊ का रहने वाला हूं मेरे पिताजी का डेयरी व्यवसाय का काम है लेकिन मैं अभी तक बेरोजगार हूं जिस वजह से घर में कई बार मेरे माता-पिता मुझे कई बार कहते भी थे। वह कहते कि तुम कुछ काम क्यों नहीं कर लेते लेकिन मैंने अभी तक इस बारे में सोचा ही नहीं मेरे माता-पिता को मेरे दोस्तों से भी बहुत ज्यादा तकलीफ है। वह कहते कि उन्हीं की वजह से तुम बहुत बिगड़ रहे हो और तुम्हारे ऊपर उन्हीं की संगति का असर है जो तुम हमारी बात बिल्कुल नहीं मानते हो। हमारे पड़ोस में ही माधुरी का परिवार रहता है माधुरी और मैं बचपन से एक साथ पढ़े है शायद उस वक्त मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि मैं माधुरी से प्यार करता हूं लेकिन जब मुझे इस बात का एहसास हुआ कि मैं माधुरी से प्यार करता हूं तो मैंने उसे अपने प्यार का इजहार किया।

मैंने माधुरी से अपने प्यार का इजहार किया तो शायद वह भी मना ना कर सकी और हम दोनों के बीच रिलेशन चलने लगा। इस बात का पता जब माधुरी के पिताजी को चला तो वह मेरे पापा के पास आये और कहने लगे आकाश कुछ करता तो है नहीं वह मेरी लड़की की जिंदगी बर्बाद करेगा इसलिए आप उसे समझा दीजिए कि वह माधुरी से दूर ही रहा करे। जैसे ही मैं अपने घर पहुंचा तो मेरे पिताजी ने मुझे कहा बेटा तुम अब बड़े हो चुके हो और हम लोग कब तक तुम्हारी गलतियों को छुपाते रहेंगे। अब तुम्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए और तुम जो माधुरी को घुमाने के लिए लेकर जाते हो क्या वह सही है। वह कहने लगे माधुरी से तुम अब कभी नहीं मिलोगे लेकिन उसके बावजूद भी मैं माधुरी से मिलता रहा। एक दिन माधुरी के पिताजी ने मुझे कहा देखो आकाश तुम माधुरी से दूर रहो नहीं तो इसका अंजाम बिल्कुल भी ठीक नहीं रहेगा। वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे और शायद वह अपनी जगह बिल्कुल सही थे क्योंकि कोई भी पिता नहीं चाहेगा की उसकी लड़की का पति कुछ करता ना हो। इस बात को जब मुझे माधुरी ने कहा तो मैंने माधुरी से कहा मुझे अब कुछ करना चाहिए। मैंने अपने पापा से कहा मुझे अपना कुछ काम शुरू करना है उसके लिए मुझे पैसों की आवश्यकता है वह मुझे कहने लगे देखो आकाश तुम मुझसे पैसे ले लो लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं है की तुम पैसे अपने लिए ले रहे हो।

मैंने उन्हें कहा नहीं पिताजी मुझे काम शुरू करना है उसके लिए मुझे पैसों की आवश्यकता है वह मुझे कहने लगे लेकिन तुम क्या काम करोगे। मैंने उन्हें बताया कि मैं अपने कॉलेज की कैंटीन चलाना चाहता हूं और वहां पर मुझे डिपॉजिट के लिए कुछ पैसे रखने होंगे उसी के लिए मुझे पैसे चाहिए। मेरे पिता जी कहने लगे ठीक है कल तुम मुझे अपने कॉलेज लेकर चलना हालांकि मैं कॉलेज से पास हो चुका हूं लेकिन अभी भी मेरी कॉलेज में काफी अच्छी बनती है। अगले ही दिन मैं अपने पिताजी को अपने साथ अपने कॉलेज लेकर गया। जब मैं उन्हें अपने कॉलेज लेकर गया तो उन्हें मुझ पर यकीन हो गया कि मैं वाकई में कैंटीन के लिए ही पैसा ले रहा हूं और फिर उन्होंने मुझे पैसे दे दिए। मैंने भी कैंटीन का डिपॉजिट जमा किया और उसके बाद कैंटीन का कांटेक्ट एक साल तक मुझे मिल गया। कैंटीन में काफी कुछ काम कराना था इसलिए मुझे और पैसों की आवश्यकता थी तो मैंने थोड़े और पैसे अपने पापा से लिए अब मैं कैंटीन का काम संभालने लगा। मैंने कैंटीन में तीन लड़कों को काम पर रख लिया मेरा काम अच्छा चलने लगा मैं पैसे भी कमाने लगा था और माधुरी को इस बात की बहुत खुशी थी कि मैं कुछ कर रहा हूं। माधुरी ने अपने पापा से जब इस बारे में बात की तो उसके पापा ने साफ साफ मना कर दिया और कहने लगे मैं किसी भी हालत में तुम्हारी शादी आकाश के साथ नहीं करवा सकता। माधुरी इस बात से बहुत दुखी थी और उसने मुझे फोन पर यह सब बात बताया वह काफी उदास थी और वह रो भी रही थी। मैंने माधुरी को समझाया देखो माधुरी तुम चिंता मत करो शादी तो मैं तुम्हारे साथ कर के ही रहूंगा उसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।

माधुरी ने मुझे गले लगाया और कहा आकाश मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती मैंने माधुरी को समझाया और कहा मैं भी तुमसे ही शादी करना चाहता हूं तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो। सब कुछ ठीक होने लगा था लेकिन उसी बीच माधुरी के पिताजी ने माधुरी के लिए लड़का देख लिया। मुझे उस दिन बहुत गुस्सा आया लेकिन मैं उसके पिताजी को कुछ कह नहीं सकता था इसलिए मैंने अपने पापा से कहा की पापा मुझे माधुरी से शादी करनी है उसके बिना मैं नहीं रह पाऊंगा। वह कहने लगे मैं इस बारे में माधुरी के पिता जी से बात करूंगा और उन्होंने माधुरी के पिताजी से बात भी की लेकिन माधुरी के पिताजी ने साफ तौर पर मना कर दिया। वह कहने लगे मैं आकाश के साथ माधुरी की शादी किसी भी हालत में नहीं कर सकता क्योंकि आकाश बिल्कुल भी अच्छा नहीं है उसके बारे में मोहल्ले में सब लोग गलत कहते हैं। मेरे पिताजी को अब मुझ पर भरोसा हो चुका था वह कहने लगे कि आकाश ने पहले कुछ गलतियां जरूर की है लेकिन अब वह सुधर चुका है। वह माधुरी से प्यार करता है आप बेवजह उन दोनों को अलग कर रहे हैं इससे ना तो माधुरी खुश रह पाएगी और ना ही आकाश खुश रह पाएगा। मेरे पिताजी ने माधुरी के पिताजी को काफी समझाया लेकिन वह बिल्कुल भी नहीं माने वह कहने लगे मैंने माधुरी के लिए अब लड़का देख लिया है और उससे ही हम उसकी शादी करवाना चाहते हैं आप भी आकाश को समझा दीजिए कि वह माधुरी से दूर ही रहे। मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि माधुरी का रिश्ता कहीं और हो और वह किसी और से शादी करें।

उसी दौरान माधुरी की सगाई उसके पिताजी ने करवा दी माधुरी मुझे जब शाम को मिली तो वह बहुत उदास थी वह कहने लगी आकाश मैंने तुम्हें कहा था ना कि पापा मेरी सगाई करवा देंगे। मैंने माधुरी से कहा अभी तुम्हारी शादी तो नहीं हुई है ना मैं तुमसे शादी करूंगा वह मुझे कहने लगी पापा कभी भी हमारे रिश्ते को मंजूरी नहीं देंगे हम लोग घर से भाग कर शादी कर लेते हैं। मैंने माधुरी से कहा नहीं मैं तुम्हें भगा कर नहीं ले जाना चाहता हूं मैं तुम्हारे पिताजी को इस बात के लिए जरूर मना लूंगा कि वह तुम्हारी शादी मुझसे करने के लिए तैयार हो जाएं। फिलहाल तो ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा था मैंने काफी कोशिश की लेकिन उन्होंने माधुरी का मुझसे मिलना भी बंद कर दिया था वह माधुरी को घर से बाहर भी नहीं निकलने देते थे। जिस वजह से हम दोनों की मुलाकात ही नहीं हो पाती थी मेरी माधुरी से सिर्फ फोन पर ही बात होती थी। माधुरी मुझे कहने लगी कि मैं अब और बर्दाश नहीं कर पाऊंगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा तुम मुझे घर से भगा ले जाओ। मैंने माधुरी से कहा आज रात को तुम घर से बाहर आ जाना उस वक्त हम लोग कुछ सोचते हैं कि हमें क्या करना चाहिए। रात के वक्त माधुरी अपने घर से बाहर आ गई मैं जब माधुरी से मिला तो काफी समय बाद मैं उसे मिल रहा था मैंने जब उसे देखा तो मैंने उसे गले लगा लिया। मैंने उसे समझाया कि तुम बिल्कुल चिंता मत करो हम लोग जरूर शादी करेंगे। उस रात माधुरी को देखकर में बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा जब मैंने उसके होठों को किस किया तो उसे भी अच्छा महसूस होने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ ही रुकना है मैंने उसे कहा ठीक है तुम मेरे साथ मेरे घर पर आ जाओ।

मैं उसे चुपके से अपने घर ले गया जब मै माधुरी को अपने घर पर लेकर गया तो मैंने उसके नरम होठों को चूसने शुरू किया और मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा। काफी देर तक मै उसके होठो का रसपान करता रहा वह पूरे मूड में आ गई। उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया तो मेरा लंड खड़ा हो गया जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया तो मुझे भी बड़ा मजा आया और मैं कोई उत्तेजना में आ गया। मैंने भी उसकी योनि को चाटना शुरू किया और काफी देर तक उसकी योनि को म चाटता रहा जिससे की उसकी योनि गीली हो गई मुझे बड़ा मजा आने लगा मैंने जब अपने लंड को उसकी योनि के अंदर घुसाया तो वह चिल्लाने लगी और मुझसे कहने लगी मुझे पूरा मजा आ रहा है। मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता रहा मुझे उसे धक्के देने में बहुत आनंद आ रहा था और उसे भी बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता रहा। जब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे चोदना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो मैंने जब उसकी चूत की तरफ देखा तो उसकी योनि से खून का बहाव हो रहा था लेकिन वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी।

मै बड़ी तेजी से उसे धक्के दिए जाता जिससे कि हम दोनों के शरीर से बहुत ज्यादा गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी हम दोनों का शरीर पूरी तरीके से पसीना पसीना होने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे दर्द हो रहा है मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया तो वह पूरी तरीके से मचलने लगी और मुझसे अपनी बडी चूतडो को मिलाने लगी लेकिन मैं ज्यादा समय तक उसकी योनि की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाया जैसे ही मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल कर अपने वीर्य को माधुरी की चूतड़ों के ऊपर गिरा दिया। वह कहने लगी आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है उसके बाद भी हम दोनों ने अभी तक अपनी शादी के बारे में कुछ नहीं सोचा है। मुझे माधुरी कई बार कहती है कि हम लोगों को घर से चले जाना चाहिए परंतु मुझे लगता है कि भाग कर कही जाए तो ठीक नहीं रहेगा इसलिए मैंने माधुरी के पिताजी से कई बार इस बारे में बात की लेकिन वह अब भी मानने को तैयार नहीं है।


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