चलो आज रात रंगीन बनाएं

Antarvasna, desi kahani:

Chalo aaj raat rangeen banayein मैं अपने घर देर रात से लौटा जब मैं अपने घर लौटा तो उस वक्त करीब 12:00 बज रहे थे मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि सुधीर आज आप काफी देर से आ रहे हैं। मैंने अपनी पत्नी मधुलिका से कहा कि मैं ऑफिस कि किसी पार्टी में था इसलिए मुझे आने में देर हो गई मधुलिका ने मुझसे कहा कि लेकिन आपने मुझे फोन कर के नहीं बताया। मैंने मधुलिका को कहा कि मेरा फोन स्विच ऑफ हो गया था इस वजह से मैं तुम्हें बता नहीं पाया। मधुलिका और मेरे बीच में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था हम दोनों एक दूसरे से काफी कम बातें किया करते हैं हमारी शादी को हुए 4 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी भी मैं मधुलिका को समझ नहीं पाया हूं। हालांकि हम दोनों साथ में ही पढ़ते थे और पिछले 7 वर्षों से हम दोनों एक दूसरे को जानते हैं लेकिन मैं मधुलिका के साथ शादी के बंधन में बंद कर बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। पहले मुझे लगता था कि मधुलिका के साथ मैं शादी कर के बहुत खुश रहूंगा लेकिन जब मेरी उससे शादी हुई तो मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदलकर रह गई।

मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मधुलिका से शादी करने के बाद मेरे जीवन में इतना तनाव आने लगेगा मैं बिल्कुल भी खुश नहीं था मेरा मन ना तो मेरी जॉब में था और ना ही मैं मधुलिका के साथ अपने जीवन को अच्छे से बिता पा रहा था। हम दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे लेकिन मैं मधुलिका से कम ही बात किया करता था। एक दिन मधुलिका ने मुझे कहा कि मैं अपने पापा और मम्मी से मिलने के लिए जा रही हूं हम लोग कोलकाता में रहते हैं और कोलकाता की एक नामी कंपनी में मैं काम करता हूं। मैंने मधुलिका को कहा ठीक है तुम अपने घर चली जाओ मधुलिका कुछ दिनों के लिए अपने पापा और मम्मी के पास चली गई जब वह अपने पापा मम्मी के पास गई तो मैं इस बारे में सोच रहा था कि क्या मैं मधुलिका के साथ खुश हूं? मुझे यह तो पता चल चुका था कि मैं मधुलिका के साथ बिल्कुल भी खुश नहीं हूं क्योंकि वह शायद मुझे प्यार करती ही नहीं है। मधुलिका अपने मायके में ही थी मुझे इस बारे में सोचने का मौका मिल चुका था मैं सोच रहा था कि क्या मैं मधुलिका के साथ पूरी जिंदगी ऐसे ही बिता लूंगा, पता नही अपनी जिंदगी मैं अच्छे से बिता भी पाऊंगा या नहीं।

कुछ दिनों में मधुलिका अपने मायके से वापस लौट चुकी थी। मेरे परिवार वाले भी मधुलिका के साथ मेरी शादी से बिल्कुल खुश नहीं थे उन्होंने मुझे पहले ही इस बारे में कह दिया था कि तुम मधुलिका के साथ शादी मत करो लेकिन मेरी जिद के आगे वह लोग कुछ कह नहीं पाए। मैंने मधुलिका से शादी करके बिल्कुल भी ठीक नहीं किया मुझे नहीं मालूम था कि शादी होने के कुछ समय बाद ही मधुलिका पूरी तरीके से बदल जाएगी। वह मेरे पापा और मम्मी के साथ भी अच्छे से बात नहीं करती है उसका उनके साथ व्यवहार ठीक नहीं है जब मधुलिका घर आई तो मैंने उससे इस बारे में कहा कि देखो मधुलिका हम दोनों के रिश्ते कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं मैं चाहता हूं कि हम दोनों अलग हो जाएं। मधुलिका मुझे कहने लगी कि सुधीर मैं तुम्हें इतनी आसानी से डिवोर्स नहीं देने वाली मैंने उसे कहा लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ खुश भी तो नहीं है ना ही तुम अपनी जिंदगी अच्छे से जी पा रही हो और ना ही मैं अपनी जिंदगी अच्छे से जी पा रहा हूं मेरा मन अब मेरी काम पर भी नहीं लगता है मैं काफी ज्यादा परेशान रहने लगा हूं और मानसिक रूप से भी बहुत तनाव में आ चुका हूं। मधुलिका मुझे कहने लगी कि सुधीर लेकिन मैं तुमसे प्यार करती हूं मैंने उसे कहा लेकिन मुझे तो कभी ऐसा लगा ही नहीं जब से हमारी शादी हुई है तब से हर रोज हम दोनों के झगड़े होते रहते हैं पहले तुम ऐसी नहीं थी। मधुलिका को भी अब शायद एहसास हो चुका था कि मैं उससे अलग होना चाहता हूं इसलिए वह अपने आप को बदलने की कोशिश करने लगी। वह अपने आप को बदलने की कोशिश कर रही थी तो मुझे भी लगा कि अब वह बदलना चाहती है मैंने उसे थोड़ा समय दिया और कहा कि यदि तुम पहले कि तरह ही हो जाओगी तो शायद सब कुछ ठीक हो जाएगा। मधुलिका को भी लगा कि अब इसमें उसका भी भला है कि वह अपने आप को बदलने की कोशिश करें वह मेरी मां के साथ घर का काम भी करने लगी थी और उनका काम में हाथ भी बैठाने लगी थी। मुझे भी इस बात की खुशी थी कि कम से कम अब वह मेरी बात मानने लगी है इसलिए मैं मधुलिका के साथ अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रहा था मैं पहले की तरह ही मधुलिका से बात करता और उससे बात कर के मुझे अब अच्छा भी लगने लगा था।

हम दोनों के बीच अब सब कुछ सामान्य होने लगा था मैं इस बात से बहुत खुश हो गया था कि मधुलिका पहले की तरह ही मुझसे बातें करती है। वह मेरे साथ होती तो हमेशा ही मुझसे कहती सुधीर तुम्हें वह दिन याद है जब हम लोग कॉलेज में पहली बार मिले थे और पहली बार ही हम दोनों की बातचीत हुई थी। मैंने मधुलिका से कहा मधुलिका यदि उस दिन रोहित हमारी बात नहीं करवाता तो शायद हम लोगों की बात कभी हो ही नहीं पाती। मधुलिका इस बात से बहुत ज्यादा खुश थी और वह कहने लगी कि सुधीर मुझे अपनी गलती का एहसास हो चुका है और अब हम दोनों के बीच सब कुछ सामान्य हो गया था। मैं मधुलिका के साथ बहुत ही ज्यादा खुश था मै ज्यादा से ज्यादा समय मधुलिका के साथ बिताने की कोशिश किया करता। हम दोनों काफी समय बाद घूमने के लिए गए थे।

जब उस दिन हम दोनों मूवी देख रहे थे तो मुझे मधुलिका के साथ काफी अच्छा लग रहा था मैंने उसे मधुलिका से कहा क्या तुम्हें वह दिन याद है जब हम लोगों ने पहली बार कॉलेज के दौरान सेक्स किया था और मैंने तुम्हारे सील तोड़ी थी। वह इस बात पर मुस्कुराने लगी और कहने लगी सुधीर तुम भी ना जाने कैसी बातें करते हो। मैंने उससे कहा भला इसमें क्या गलत है। वह कहने लगी इसमें तो कुछ भी गलत नहीं है लेकिन तुम मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा रहे हो। मैंने उसे कहा कि क्या आज हम लोग सेक्स करे तो वह इस बात के लिए बहुत ज्यादा खुश थी। मैंने उस दिन मधुलिका के लिए गिफ्ट ले लिया हम दोनों साथ मे लेटे हुए थे मैने उसे अपनी बाहों मे ले लिया। मैं उसके होठों को चूमने लगा मुझे उसके होठों को चूमकर बहुत अच्छा लग रहा था उसको किस कर के मैंने उसकी गर्मी को भी बढ़ा दिया था। मधुलिका देखने में बहुत ज्यादा सुंदर है इसीलिए मैंने उसे शादी की थी काफी समय बाद मैं उसके साथ सेक्स करने के बारे में सोच रहा था हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े अच्छे से देना चाहते थे। मधुलिका भी इस बात के लिए तैयार हो चुकी थी कि वह मेरे साथ अच्छे से सेक्स करे। जब मधुलिका ने मेरे लोवर को उतारा और मेरे अंडरवियर को उसने उतार दिया वह मेरे लंड को अपने हाथ मे लेकर हिलाने लगी और लंड को मुंह मे लेना शुरू किया। वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूस रही थी। उसे मेरे लंड को चूसने मे बहुत मजा आ रहा था वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूस रही थी मुझे बहुत आनंद आ रहा था। मैंने भी उसके बडे और सुडौल स्तनों को दबाना शुरू किया अब मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया। मैं जब उसके स्तनों को चूस रहा था तो वह गरम सांसे ले रही थी। मैंने उसकी चूत मे अब अपनी उंगली डाल दी उसकी चूत से पानी निकलने लगा। उसका बदन गरम हो गया था वह लंड को चूत मे लेने के लिए तडप रही थी। वह बोली आप मेरी चूत को चाटो।

मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया उसकी चूत को चाटने मे मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और उसकी चूत को मैंने बहुत देर चाटा। मधुलिका तडपने लगी मैंने उसकी चूत के अंदर लंड घुसाना शुरू किया उसकी चूत के अंदर जब मेरा लंड गया तो वह जोर से चिल्लाई आपके लंड ने मेरी चूत को फाड़ दिया है। मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रख लिया मैं उसे तेज गति से धक्के मारने लगा उसकी गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने  कुछ देर बाद उसे घोडी बना दिया मै उसे बड़े अच्छे से चोद रहा था। मुझे मधुलिका की चूत मारने मे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसकी चूत के मजे लिए उस दिन बहुत देर तक लिए मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ गई थी।

मधुलिका चूतडो को मुझसे टकराकर बोली तुम मुझे ऐसे ही तुम चोदते रहो। मैंने उसे बहुत तेज झटके मारे उस दिन उसकी चूत मारकर मै बहुत ज्यादा खुश हो गया था। वह मेरी गर्मी को बढाती जा रही थी वह मुझसे अपनी चूतड़ों को टकराए जा रही थी मैंने उसकी चूतडो को देखा तो मैं उसे धक्के दिए जा रहा था। मुझे उसे धक्के मारने में बहुत ही मजा आ रहा था मैंने मधुलिका की चूत के मजे बहुत देर तक लिए वह तेज आवाज मे सिसकिया ले रही थी। उसने मेरे अंदर की गर्मी को बढा दिया था मेरा लंड मधुलिका की चूत के अंदर बाहर होता तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। जब मेरा वीर्य मेरे लंड से बाहर आकर उसकी चूत मे गिरा तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई। हम दोनो नंगे बिस्तर पर पडे थे, मधुलिका ने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा और मेरे माल को अंदर ले लिया था। हम दोनो उसके बाद एक दूसरे की बांहो मे सो गए। मै मधुलिका को संतुष्ट करने मे सफल रहा।


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