चाची की मस्त चुदाई भाग १

Chachi Ki Mast Chudai Part 1 :

मेरा नाम रॉकी है  ये कहानी तब  की है जब मेरी उम्र 11 साल हुआ था. जैसे की मेरी दीदी और उनकी सहेलिओं को, कई लडकिया मुझे  जान बुझ कर छूने देती थी

क्यों की में बच्चा था तो उनको दर नहीं था की में किसी को बता दूंगा, या उन्हें चोद ने की जिद करूँगा.मेरे दीदी की तिन सहेली थी और मेने उनमे से तिन को चोदा है वो सब सदी कर लिए है पर जब भी मेरा जी चाहता हे में उनके घर चला जाता हु मेने अपनी दीदी की चूत भी चाटी है पपू के साथ मिलकर, और अकेले में उसे चोदा भी है .अब में अपनी चची के बारे में बताता हु, वो दिखने में बहुत सुन्दर है और वो हमेशा साडी पेहेंती हे वो थोड़ी मोटी  है और उनकी बूब्स की साइज़ बहुत बड़े है ,उनकी गांड का तो क्या कहू जी करता था उनके काट के खा जाऊ.वो थोड़े पुराने ख़यालात की थी, पूजा पथ बगेर किया करती थी,

इस लिए मुझे दर लगता था उन्हें कुछ करने को, की कही वो बहार किसी को बता न दे,लेकिन लंड कहा मानता था वो तो खड़ा हो जाता था, फिर मुझे मुठ मरना पड़ता था,उस समय मेरा पानी नहीं निकलता था, सिर्फ मजा लगता था .मेरे पड़ोस में मेरे चाचा चाची रहते थे, उनका एक लड़का था जिसका नाम पपू था, मेरे चाचा की एक साल पहले मौत हो गयी थी, में उनके घर में रात को सोने जाता था, पपू और में खूब मस्ती करते थे और कभी कभी हम झगड़ ते भी थे,

और जब भी हम झगड़ते थे तो मेरी चाची हमारे बिच में सो जाती थी .उन्ही एक रात को मेरे और पपू के बिच में चाची सोई थी तो मेरा हाथ  अनजाने में  उनके बूर में चला गया, मेरी नींद खुल गयी मैंने हाथ को उनके चूत में घुमाने लगा, मुझे बड़ा मजा आ रहा था .

मैंने पहली बार किसी औरत की चूत को छुआ था, मुझे उनकीं चूत के झाट महसूस हो रहा था, फिर मैंने उनके गांड की तरफ हाथ लिया तो मुझे उनके गांड में भी बाल महसूस हुआ,में ऐसे ही उनके चूत के साथ खेल रहा था तो वो थोडा हिल्ली, में डर के मरे हाथ हटा लिया,और सो गया. फिर मैंने अगले दिन एक प्लान बनाया, मैंने पेट दर्द का बहाना बनके स्कूल नहीं गया,पपू के  स्कूल जाने के बाद मैंने चाची के सोने का इंतिजार करने लगा, चाची 12 बजे खाके सोने चली गयी,मैंने आधे घंटे इंतिजार किया.

फिर चाची  के पास जेक लेट गया, मैंने धीरे से एक हाथ उनके बूब्स पर रखे, थोड़ी देर बाद उनके चूची को ब्लाउज के उपरसे ही मसलने लगा,उन्होंने कोई रेस्पोंसे नहीं दिया, तो मेरी हिम्मत और बढ़ने लगा, मैंने फिर हाथ को उन्हें चूची से हटा के उनके चूत में ले गया. वो साडी पहनी थी और पेटीकोट नहीं पहना था,तो मुझे अस्सानी हुई हाथ उनके चूत में घुमाने को, थोड़ी सेर चूत को रगड़ने के बाद मैंने अपना पनित खोला मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था.

मैं फिर उनके ऊपर आ गया और अपना लंड उनके चूत में रगड़ने लगा, मुझे पता नहीं था की वो जग रही है या सोई है, फिर कुछ देर रगड़ने के बाद वो अपनी दोनो टांग थोडा फैलाई, मुझे तब देख ने की फुरसत ही नहीं थी की वो जा रही है या सोई हुई है. मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसा दिया, मुहे याद नहीं है की पूरा लंड उनके चूत में घुसा था या नहीं, कुछ देर मैंने अपना लंड अन्दर बहार करने लगा, फिर उन्होंने मुझे एक साइड में गिरा दिया.मुझे कागा की वो सायद जग गयी होंगी,और मुझ पे गुस्सा  करेंगी, लेकीन थोड़ी देर बाद मेरी मम्मी मुझे बुलाती हुई आ गयी, तब मुझे लगा की वो सायद जगी हुई थी और मेरे मम्मी के आने की आहात सुनके मुझे अपने ऊपर से हटा दिया.

(TBC)…

 


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