चाची की गांड और मेरे लंड का रिश्ता

Chachi ki gaand aur mere lund ka rishta:

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मेरा नाम कपिल है मैं मुजफ्फरनगर का रहने वाला हूं, मैं मार्केटिंग की जॉब करता हूं और मुझे यह जॉब करते हुए 6 महीने हो चुके हैं। मैंने अपनी पढ़ाई के बाद ही यह जॉब करनी शुरू कर दी क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मैं घर पर खाली रहूं इसी वजह से मैंने यह जॉब करनी शुरू कर दी। मैं अपनी जॉब से बहुत खुश हूं। मेरे घर में मेरे बड़े भैया हैं जिनकी शादी को काफी समय हो चुका है और मेरे माता-पिता भी बहुत ही अच्छे स्वभाव के हैं। मेरे पिताजी भी रिटायर हो चुके हैं और वह घर पर ही रहते हैं। मैं अपनी जॉब में ही ज्यादा व्यस्त रहता हूं क्योंकि मेरा मार्केट का काम होता है। मैं घर पर देरी से ही आता हूं। मेरे चाचा भी मेरे ऑफिस के सामने ही काम करते हैं और वह भी मुझसे अक्सर मिलते रहते हैं। मेरे चाचा का व्यवहार हमारे लिए पहले से ही अच्छा है परंतु मेरी चाची की वजह से ही वह लोग अलग रहने के लिए चले गए।

पहले वह लोग हमारे साथ ही रहते थे परंतु मेरी चाची की वजह से उन्होंने अपना घर अलग ले लिया। उन्होंने नो अपना घर बनाया वह भी उन्होंने अपने रिश्तेदारों से पैसे लेकर बनाया। मेरे पिताजी ने उन्हें मना भी किया परंतु वह लोग बिल्कुल भी नहीं माने और अलग रहने के लिए चले गए। जब वह लोग अलग रहने के लिए चले गए तो उसके बाद भी मेरे चाचा हमारे घर पर आते हैं लेकिन मेरी चाची बिल्कुल भी हमारे घर पर आना पसंद नहीं करती। मेरे चाचा की शादी भी मेरे पिताजी ने हीं करवाई थी। उसके बावजूद भी मेरी चाची बिल्कुल भी मेरे पिताजी की रिस्पेक्ट नहीं करती और वह हमेशा ही मेरे पिताजी को बुरा भला कहते हैं लेकिन मेरे पिताजी ने कभी उन्हें कुछ गलत नहीं कहा। एक बार मेरे चाचा मुझे मिले और कहने लगे कि मैं कुछ दिनों के लिए ऑफिस के काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं, यदि तुम मेरे घर पर कुछ दिनों के लिए रुक जाओ तो मैं अपने काम पर आराम से जा सकूंगा और मुझे घर की कोई भी चिंता नहीं होगी क्योंकि उस वक्त मेरी चाची की भी तबीयत ठीक नहीं थी और उनके बच्चे अभी छोटे हैं।

मैंने अपने चाचा से पूछा कि आप कितने दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं, वह कहने लगे कि मैं 15 दिनों के लिए बाहर जा रहा हूं और 15 दिन बाद मैं वहां से लौट आऊंगा। मैंने अपने चाचा से कहा कि आप एक बार पिताजी से भी इस बारे में पूछ लीजिए। मेरे चाचा ने कहा कि ठीक है मैं उनसे भी पूछ लूंगा। अब मैं अपने काम पर ही व्यस्त था और कुछ दिनों बाद मेरे चाचा घर पर आये। उन्होंने मेरे पिताजी से कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहा हूं यदि आप कपिल को कुछ दिनों के लिए घर पर भेज देंगे तो मैं अपने काम पर आराम से आ जा पाऊंगा। मेरे चाचा ने मेरे पिताजी से जब यह बात पूछी तो मेरे पिताजी ने उन्हें कहा कि ठीक है मैं कपिल को तुम्हारे घर पर भेज दूंगा। उसके कुछ देर बाद चाचा हमारे घर से चले गए और मैं पिताजी के साथ ही बैठा हुआ था। मेरे पिताजी ने हमेशा ही मेरे चाचा और चाची को अपना माना है परंतु मेरी चाची ने कभी भी मेरे पिताजी और मेरी मां को दिल से स्वीकार नहीं किया और वह हमेशा ही उन लोगों की बुराइयां करती रहती है। हमारे सारे रिश्तेदार हमसे कहते हैं कि तुम्हारी चाची तुम्हारे पिताजी और मां की हमेशा ही बुराई करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी मेरे पिताजी को कुछ फर्क नहीं पड़ता और वह उन चीजों के ऊपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते। मैं भी अब अपने काम पर ही लगा हुआ था। मुझे भी मार्केट से कुछ पैसा कलेक्ट करना था इसलिए मेरे ऊपर भी बहुत ज्यादा काम का बोझ था इसी वजह से मुझे घर आने में काफी देर हो जाती थी लेकिन अब भी वह पैसा कलेक्ट नहीं हो पाया था। मैं सुबह अपने घर से जल्दी चला जाता था और शाम को घर देर से लौटता था। एक दिन मेरे चाचा मुझे मिले और कहने लगे मैं कल जा रहा हूं और तुम कल मेरे घर पर चले जाना। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं कल ऑफिस से सीधा ही आपके घर चला जाऊंगा। उस दिन मेरा बहुत सारा काम था इसलिए मुझे बहुत देर हो गई। मैंने अपनी चाची को फोन कर दिया और उन्हें कहा कि मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी आप खाना खा लीजिएगा, मैं बाहर से ही खाना खा कर आ जाऊंगा।

जब यह बात मैंने अपनी चाची से कहीं तो वह कहने लगी ठीक है तुम घर पर आ जाना और मुझे फोन कर देना। मैंने उस दिन अपने पिताजी को भी फोन कर दिया और कहा कि मैं सीधा ही चाचा लोगों के घर चला जाऊंगा। वह कहने लगे ठीक है, तुम वहीं से चाचा लोगों के घर चले जाना। उस दिन मैंने अपना काम पूरा किया और मुझे काफी देर हो चुकी थी। जब मैं अपने चाचा लोगों के घर पहुंचा तो रात काफी हो चुकी थी और मैंने अपनी चाची को फोन किया तो उन्होंने कुछ देर तक तो फोन नहीं उठाया, शायद वह नींद में थी इसलिए उन्होंने फोन नहीं उठाया लेकिन मैंने दो-तीन बार उन्हें फोन किया था। उसके बाद उन्होंने फोन उठाया और उन्होंने घर का गेट खोला और जब उन्होंने गेट खोला तो मैं अंदर चला गया। मैंने अपनी बाइक को अंदर खड़ा किया और उसके बाद मैं उनके घर पर चला गया। मेरी चाची मुझसे पूछने लगी कि तुम तो बहुत लेट से आ रहे हो, क्या काम बहुत ज्यादा है, मैंने उन्हें कहा कि हां काम आजकल बहुत ज्यादा है इसीलिए मुझे आने में लेट हो जाती है। मेरी चाची ने मुझसे पूछा क्या तुमने खाना खा लिया था। मैंने उन्हें बताया कि हां मैंने खाना खा लिया है। उसके कुछ देर तक हम लोग साथ में ही बैठे हुए थे। मैंने अपनी चाची से कहा कि मैंने आपकी नींद भी खराब कर दी।

वह कहने लगी कोई बात नहीं थोड़ी देर तक हम लोग बैठे रहे। मेरी चाची मेरे सामने बैठी हुई थी  उनके स्तन मुझे साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। जब मैं उनके घर पर गया तो मैंने शराब पी हुई थी इसलिए मेरा पूरा मूड हो गया था उन्हें चोदने का मैं उनके पास बैठ गया और उनके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया। मै उनके स्तनों को बहुत अच्छे से दबा रहा था। कुछ देर बाद वह भी पूरे मूड में आ गई और उन्होंने मेरी पैंट से मेरे लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह में ले लिया और बहुत अच्छे से उसे चूसने लगी। वह इतने अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी कि मुझे बहुत अच्छा महसूस होना लगा मैंने उनके गले तक अपने लंड को डाल दिया। उन्होंने अपने पैरो को चौडा कर लिया और मैंने उनकी पैंटी को उतारते हुए उनकी योनि के अंदर उंगली डाल दी वह पूरे मूड मे आने लगी थी। मैंने जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि में डाला तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और मैंने बड़ी तेजी से झटके मारने शुरू कर दिए। मैंने काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे और वह भी अब अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। काफी देर तक मैंने चाची को चोदा उसके बाद मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही मैंने उनकी गांड में अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उनकी गांड में गया तो वह मचलने लगी और कहने लगी तुम्हारा लंड बहुत ही मोटा है मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जब तुम मेरी गांड मार रहे हो। मेरे लंड से खून निकल चुका था मैंने उनकी बडी बडी चूतडो को कस कर पकड़ा हुआ था। मैंने उन्हें इतनी तेजी से झटके मारे कि वह चिल्ला रही थी और अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाने लगी। मुझे बहुत मजा आने लगा जब वह अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी और कह रही थी तुम्हारे साथ सेक्स कर के मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैंने उन्हें कहा कि मुझे भी आपके साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा है। उन्होंने मेरे लंड को अपनी गांड को इतने तेजी से टकराया की मेरा वीर्य बड़ी तेजी से उनकी गांड में गिर गया। जब मेरा माल गिरा तो मैने अपने लंड को उनकी गांड से बाहर निकाल लिया और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। उस दिन हम दोनों साथ में ही सोए और मैंने रात भर उन्हें बहुत अच्छे से चोदा। मै जितने दिन भी अपने चाचा के घर पर था मैने उतने दिन अपनी चाची की गांड से खून बाहर निकाला। वह मुझे हमेशा ही अपनी तरफ आकर्षित करती है और मुझसे अपनी गांड मरवाने के लिए आतुर रहती है मैं भी उन्हें बड़े अच्छे से चोदता।


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