चाची की चूत में मेरा लंड

Chachi ki chut me mera lund:

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मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं लेकिन मैं अपने बॉयफ्रेंड की यादों को नहीं भुला पाई हूं। आज से 3 साल पहले हमारे घर में खूब रौनक हुआ करती थी। वह रौनक मेरी इंगेजमेंट की थी जब मेरी इंगेजमेंट होने जा रही थी। मेरा नाम निधि है मेरी इंगेजमेंट उस समय अरविंद से होने जा रही थी। मैं बहुत खुश थी और मेरे साथ साथ मेरे घर वाले भी मेरी इंगेजमेंट को लेकर बहुत खुश थे। मैं अपने मम्मी पापा की एकलौती बेटी थी इसीलिए वह मेरी खुशी में ही अपनी खुशी देखते थे और मुझे हर वह चीज लाकर देते थे जो मुझे पसंद होती थी। वह कभी भी मुझे ना नहीं कहते वह दोनों मुझसे बहुत प्यार करते थे।

हमारे घर में मेरी इंगेजमेंट के लिए नए नए कपड़े खरीदे जा रहे थे और मेरे लिए भी कुछ कपड़े खरीदे जा रहे थे। तब तक मुझे अरविंद का फोन आता है और मैं अपने मां से कह कर जैसे ही अरविंद से मिलने जाती हूं। वैसे ही मेरी दादी मुझे पीछे से रोकती है कि पहले अपने लिए कपड़े तो देख ले उसके बाद चले जाना। लेकिन मुझे तो अरविंद से मिलने की जल्दी थी मैं जल्दी में थी और वहां से चली गई। घर से निकलने के बाद मैं सीधे एक होटल में अरविंद से मिलने चली गई। वहां हम दोनों ने ढेर सारी बातें की और अपनी इंगेजमेंट के बारे में बातें करने लगे। उनके घर पर भी ऐसे ही धूमधाम थी जैसे मेरे घर पर थी।

अरविंद ने उस होटल में एक कमरा बुक कर लिया और वह मुझे उस कमरे में ले गया। मैंने उससे पहले तो मना किया क्योंकि मैंने कहा हमें शॉपिंग के लिए लेट हो रही है। उसके बाद हम लोगों को घर भी जल्दी जाना था लेकिन अरविंद अपनी जिद पर अड़ा रहा और उसने कहा कि मुझे तुमसे कमरे में कुछ बातें करनी है। मैंने उसे कहा कि वह बात यहां भी तो हो सकती हैं। वह कहने लगा नहीं यहां नहीं तुम्हें कमरे में ही चलना पड़ेगा। वह मुझे होटल के कमरे में ले गया और मैं उसके साथ चली गई। थोड़ी देर तक तो हम दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर वहां बैठे रहे और काफी बातें करने लगे। फिर अचानक से अरविंद ने मुझे किस कर लिया और मेरी चूत मे हाथ लगाना शुरु कर दिया। मुझे पहले थोड़ा अनकंफर्टेबल सा लग रहा था लेकिन बाद में वह मुझे अच्छा लगने लगा और मैंने भी उसके लंड को दबाना शुरु कर दिया। अब अरविंद ने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह में डाल दिया। मैंने उसके लंड को मुंह में लेते हुए चूसना शुरू कर दिया। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके लंड को अपने मुंह में ले रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं आइसक्रीम खा रही हूं और उसका लंड बड़ा नमकीन सा था लेकिन मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैं उसके लंड को चूस रही थी मैंने उसके लंड को चूस चूस कर पूरा लाल कर दिया और उसके लंड से तरल पदार्थ भी निकलने लगा था। जो कि मेरे मुंह में गिरने लगा तीन चार बूंदे मेरे मुंह में गिर गई। उसके बाद मैंने बाहर निकाल दिया उन बूंदों को मैंने अपने मुंह में ही दबाए रखा और वह ना जाने कब मेरे गले से नीचे उतर गई मुझे पता भी नहीं चला। अब अरविंद ने मेरी सलवार कुर्ती को खोल दिया। वही बिस्तर पर लेटा दिया मैं उसके सामने एकदम नंगी लेटी हुई थी। उसके बाद उसने भी अपने कपड़ों को खोलते हुए मेरे ऊपर आकर लेट गया। जैसे ही वह मेरे ऊपर लेटा तो मुझे कुछ अलग एहसास होने लगा और बहुत अच्छा भी लग रहा था कि वह मेरे ऊपर लेटा हुआ था। मेरा शरीर बहुत गर्म हो चुका था और अरविंद का शरीर भी तप रहा था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था। उसने बहुत ही अच्छे से मेरे स्तनों को अपने मुंह में लिया और चूसता रहा काफी देर तक तो उसने ऐसा ही किया। उसके बाद उसने मेरे पेट को भी चाटा और अब मेरी योनि को चाट रहा था। जैसे ही उसने अपनी जीभ को मेरी योनि में लगाए तो मैं छटपटाने लगी और उसे कहने लगी मुझे गुदगुदी सी हो रही है। उसने मुझे कहा यह गुदगुदी नहीं है यह तुम्हें मजा आ रहा है। उसने बड़ी तेजी से अपनी जीभ को मेरी चूत मे रगडना शुरू किया और धीरे-धीरे मेरा पानी मेरी चूत से गिरने लगा उसने वह सब चाट लिया। उसने अपने लंड को मेरी योनि में लगा दिया और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी योनि में घुसाया तो मेरी खून की पिचकारी निकल पड़ी लेकिन वह बड़ी ही तेजी से करता रहा। उसने बहुत तेज स्पीड पकड़ ली थी मेरे पूरे बदन में कंप कंपी मच गई थी। वह बड़ी ही तेजी से ऐसा करने लगा रहा। अरविंद ने  मुझे बहुत देर तक ऐसे ही चोदा। मेरा तो बहुत जल्दी झड़ चुका था अरविंद का भी और झड़ने वाला था तो उसने मेरी योनि में बड़ी तेजी से अपने लंड से पिचकारी छोड़ते हुए अंदर ही डाल दिया। जैसे ही उसने लंड को बाहर निकाला तो उसका माल और मेरा खून एक साथ निकल रहे थे। जिससे कि  पूरा बिस्तर खराब हो गया था। उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने और अरविंद ने भी अपने कपड़े पहने हम लोगों ने थोड़ी देर बात की उसके बाद  हम दोनों होटल से सीधे शॉपिंग करने मॉल में चले गए।

वहां हम दोनों ने खूब जमकर शॉपिंग की अरविंद ने मेरे लिए अच्छे-अच्छे गिफ्ट लिए और मैंने भी उसको कुछ सामान दिलाया और हम दोनों कहीं घूमने चले गए। कुछ दिन बाद हमारी इंगेजमेंट थी मैं और मेरे दोस्त सभी इंगेजमेंट की तैयारी में लगे हुए थे। मेरे दोस्त संगीत की तैयारी कर रहे थे लेकिन मेरा अगले दिन एक एग्जाम था और मुझे अरविंद से मिलने भी जाना था। जब मैं अरविंद से मिलने गई तो उसने मुझसे कहा कि आज वह मुझे घुमाने ले कर जाएगा और अपने दोस्तों से मिल आएगा।  इस वजह से देर रात से घर लौटेंगे लेकिन मैंने उसे रात को घर लौटने को कहा क्योंकि मुझे तो घर पर पढ़ाई करनी थी। मेरा अगले दिन एग्जाम था अरविंद मेरी इसी बात से नाराज हो गया और मुझसे कहने लगा कि तुम अभी इसी वक्त घर चली जाओ। मेरे साथ आने की जरूरत नहीं है मुझे उसकी बातें सुनकर बहुत अजीब लगा। मैं सोचने लगी कि अरविंद मुझसे इस तरह कैसे बात कर सकता है और फिर उसने मुझे घर तक ड्रॉप किया। फिर वहां से चले गया।

जब अगले दिन मैं एग्जाम खत्म करके अपने दोस्तों के साथ एक रेस्टोरेंट में गई। मेरे दोस्त मुझसे पूछते क्यों तुम और अरविंद पार्टी कब दे रहे हो। मैं अरविंद को फोन करती लेकिन वह मेरा फोन रिसीव भी नहीं करता। मैंने उसे कई फोन किए लेकिन उसने मेरा एक बार भी फोन नहीं उठाया। बाद में अरविंद ने देखा कि मैं उसी रेस्टोरेंट में हूं जिस रेस्टोरेंट में वह पहले से मौजूद था। मैं अपने दोस्तों के साथ बातें कर रही थी और हम लोग ऐसे ही मस्ती कर रहे थे। तो वह अचानक से मेरे सामने आया और मुझे साइड में ले जाकर बात करने के लिए कहा दोस्तों के बीच मे से उठ कर जाना कुछ अजीब सा था लेकिन मैं अरविंद के साथ गई। फिर उसने वहां पर मुझसे अजीब तरीके से बात की वह मुझसे कहता कि मेरे पास उसके दोस्तों से मिलने समय नहीं है और यहां अपने दोस्तों से मिलकर एंजॉय कर रही हो। मैंने उसकी तरफ देखा और उससे कहा कि ऐसा कुछ नहीं है जैसा तुम सोच रहे हो। मेरा आज एग्जाम था और मेरे दोस्तों ने मुझे यहां मिलने के लिए बुलाया था तो मैं अपना एग्जाम खत्म करके सीधे यहां अपने दोस्तों से मिलने आई थी। लेकिन उसने मुझे गलत समझा और मेरी बातों पर यकीन नहीं किया। उसने कहा कि मैं उसे धोखा दे रही हूं और उससे इंगेजमेंट नहीं करना चाहती। इसी वजह से उसने मुझसे खुद ही कह दिया कि अब उसे मेरी जरूरत नहीं है। वह मुझसे शादी नहीं कर सकता मुझे इस बात का बहुत बुरा लगा। मैंने उसे समझाया कि ऐसा कुछ नहीं है मैं सिर्फ अपने दोस्तों से मिलने आई थी लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। इस तरीके से मेरी अरविंद से शादी नहीं हो पाई लेकिन अभी भी मै उसे बहुत याद करती हूं। उसने पहली बार मेरी सील को तोडी थी। मुझे कई बार ऐसा लगता है कि शायद मुझे भी उस टाइम उसकी बात को समझ जाना चाहिए था लेकिन मैं भी उसकी बातों को नहीं समझ पा रही थी। उसे मेरी चूत मारनी हैं बस इसी बात से हम दोनों में यह झगड़ा हुआ।

 


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