चाचा के पड़ोस में रहने वाली भाभी का जवाब नहीं

chacha ke pados me rahne wali bhabhi ka jawab nahi:

bhabhi sex stories, antarvasna मेरा नाम अमन है मैं भोपाल का रहने वाला हूं, मेरे पिताजी पुलिस में है। मेरी पढ़ाई भी अभी कुछ समय पहले ही पूरी हुई है इसलिए मैं फिलहाल घर पर ही हूं और अभी कुछ भी नहीं कर रहा। मैं बहुत ही मस्त किस्म का लड़का हूं, मैं अपने जीवन को अपने तरीके से ही जीना पसंद करता हूं। मेरे मम्मी पापा भी मुझसे बहुत परेशान रहते हैं और वह कहते हैं कि तुम ना जाने अपने जीवन में क्या करोगे लेकिन मैंने भी अपने जीवन में बहुत सारी शरारतें की है परंतु मैंने अपने घर तक कभी भी बात नहीं पहुंचने दी। वह जिस प्रकार से मेरी चिंता करते हैं मुझे लगता है कि शायद उनका चिंता करना मेरे लिए लाजमी है क्योंकि मेरे मोहल्ले में ही एक लड़का था वह कुछ दिनों पहले ही चोरी के केस में पकड़ा गया उसका मेरे साथ भी उठना बैठना था इसी वजह से मेरे घर वाले हमेशा ही मुझ पर बहुत नजर गड़ाए रखते हैं। वह कहते हैं कि तुम अच्छे दोस्तों के साथ रहा करो ताकि तुम्हारा भी जीवन सुधर पाए।
मैंने भी कई बार बहुत शरारती की है और बहुत झगड़े भी किए हैं परंतु मैंने कभी भी अपने पिताजी तक कुछ भी बात नहीं आने दी यदि उन्हें मेरे बारे में कोई शिकायत का पता चलेगा तो वह मुझे बहुत ही मारेंगे इसलिए मैंने कभी भी उनसे कुछ भी बात कही। मैं उनसे हमेशा दूरी बना कर रखता हूं, मैं उनसे सिर्फ काम की ही बात करता हूं, वह जब भी शाम के वक्त घर आते हैं तो मैं खेलने के लिए निकल जाता हूं। एक बार मेरे पापा ने मुझे कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए अपने चाचा के घर हो आओ, मैंने उन्हें कहा कि चाचा चाची ठीक तो है, वह कहने लगे हां चाचा चाची तो ठीक है लेकिन तुम कुछ दिनों के लिए उनके घर हो आओ, उन्हें भी अच्छा लगेगा। मेरे चाचा की एक ही लड़की है और वह भी स्कूल में टीचर है, उसकी पोस्टिंग भोपाल से कुछ दूरी पर एक कस्बा है वहां पर उसकी पोस्टिंग है, वह वही रहती है और कभी-कभार ही अपनी छुट्टी के दिन वह घर आती है। मैंने अपने पापा से कहा ठीक है मैं चाचा के पास चला जाऊंगा।
मैं जब चाचा के पास गया तो चाचा और चाची कहने लगे तुम काफी दिनों बाद हमारे घर पर आ रहे हो, मैंने उनसे कहा कि मैं फिलहाल कहीं कुछ भी नहीं कर रहा हूं इसलिए मुझे कहीं जाना भी अच्छा नहीं लगता और अधिकतर समय मैं घर पर रहता हूं, मैं कभी-कभार अपने दोस्तों के पास चला जाता हूं। मेरे चाचा दिल के बहुत अच्छे हैं वह मुझे बहुत अच्छे से समझते हैं, उनके साथ मैं एक दोस्त की तरीके से रहता हूं। चाचा मुझे कहने लगे तुम्हारा आगे का क्या प्लान है, मैंने उन्हें कहा कि मैं आगे के बारे में तो फिलहाल नहीं सोच रहा लेकिन कहीं नौकरी के लिए ट्राई करने की सोच रहा हूं और कुछ समय बाद मैं नौकरी के लिए अप्लाई कर दूंगा। चाचा कहने लगे हां बेटा यह तो अच्छी बात है यदि तुम अब जिम्मेदारी उठाने लगों तो तुम्हारे पिताजी भी तुमसे बहुत खुश होंगे, वह तुम्हारे लिए बहुत चिंतित रहते हैं। मैंने अपने चाचा से कहा मुझे यह बात अच्छे से पता है कि पापा मेरे लिए बहुत चिंतित रहते हैं लेकिन उन्होंने कभी भी मुझसे इस तरीके से बात नहीं की, वह मुझसे बड़े ही गुस्से में बात करते हैं,कभी तो वह मुझसे कभी बात ही नहीं करते यदि वह आपकी तरीके के होते तो शायद वह मुझे अच्छी तरीके से समझ पाते। चाचा कहने लगे आखिरकार वह तुम्हारे पिता है वह तुम्हारे बारे में कभी गलत नहीं सोचते, हो सकता है कि उनके बात करने का तरीका तुम्हें अच्छा नहीं लगता हो लेकिन वह दिल के बहुत अच्छे हैं और हमेशा तुम्हारे बारे में अच्छा ही सोचते हैं। मैं भी अपने चाचा से बहुत प्रभावित हूं क्योंकि वह मेरा बहुत सपोर्ट करते हैं। मैंने चाचा से कहा मैं कुछ दिन आपके घर पर ही रखूंगा, आप अभी कह रहे थे कि दीदी काफी दिनों से घर नहीं आई है, वह अच्छे से तो है, वह कहने लगे प्रिया तो अच्छी है लेकिन काफी दिनों से वह घर नहीं आई। मैं कुछ दिन चाचा के घर पर ही था, मैं एक दिन छत पर चला गया और मैंने अपने एक दोस्त को फोन मिला दिया, मैंने उससे पूछा कि तुम कैसे हो, कहने लगा मैं तो अच्छा हूं लेकिन तुम तो अब हमें याद भी नहीं करते, मैंने उसे कहा कॉलेज के बाद तो सब लोग अलग हो हुए हैं, कोई भी किसी से मिलने को तैयार नहीं है, वह कहने लगा सब लोग अपने काम कर रहे हैं। उसने मुझसे पूछा कि तुम क्या कर रहे हो, मैंने उसे कहा कि मैं आजकल तो खाली बैठा हूं, मेरे पास कोई भी काम नहीं है।
मेरा दोस्त मुझे कहने लगा मैंने एक छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया है यदि तुम मेरे साथ काम करना चाहते हो तो तुम मुझे कुछ दिनों बाद मिल जाना, मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें कुछ दिनों बाद मिलता हूं। मैंने जब उसका फोन रखा तो मेरे सामने वाली छत में एक मस्त सी भाभी खड़ी थी उन्होंने लाल रंग की कुर्ती सलवार पहनी हुई थी और उसमें वह पटाखा लग रही थी। मैं उन्हें काफी देर तक देखता रहा जब उनकी नजर मुझ पर पड़ी तो मुझे ऐसा लगा जैसे वह मेरी तरफ ही देख रही हो मैंने उन भाभी को फ्लाइंग किस कर दिया उन्होंने भी मुस्कुरा दिया, मैं समझ गया कि अब यह पूरे तरीके से मेरे काबू में है। मैं कुछ दिनों तक उनके ऊपर डोरे डालता रहा लेकिन एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर पर बुला लिया मैं भी उनके घर पर झट से चला गया। जब मैं उनके घर पर गया तो उस दिन उनके घर में कोई भी नहीं था, उन्होंने मुझे कहा तुम काफी दिनों से मुझे देख रहे हो। मैंने उन भाभी से ज्यादा बात नहीं की और उनके होठों को मैंने किस कर लिया। मैंने उनके होठों को किस किया तो वह भी अपने आप पर काबू नहीं कर पाई और मेरे होठों को चूमने लगी। मैने उन्हें कसकर पकड़ लिया और उनके स्तनों को दबाने लगा।
मैंने उनके स्तनों को इतनी देर तक दबाया की उनके स्तनों में दर्द होने लगा। जब मैंने उनके सारे कपड़े खोले तो वह पूरे तरीके से उत्तेजित हो गई और मेरे लंड को उन्होंने अपने मुंह में ले लिया वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी उन्होंने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा। जब मैंने उनकी योनि के अंदर उंगली डाली तो वह पूरी उत्तेजित हो गई और कहने लगी अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा तुम अपने मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डालकर मुझे सेक्स का सुकून दे दो। मैंने जैसे ही अपने मोटे लंड को भाभी की योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वह उत्तेजित हो गई और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बड़ा मोटा है मुझे उसे अपनी योनि में लेने में बड़ा आनंद आ रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो ताकि मैं तुम्हारे साथ सेक्स का सुख ले पाऊं। भाभी की जवानी भी ऐसी थी कि मैं बार बार उनके स्तनों को देख रहा था और उनके स्तन पर एक छोटा सा तिल था, मैं जब उस तिल पर अपनी जीभ लगाता तो भाभी बड़ी उत्तेजित हो जाती और वह अपने पैरों को चौड़ा कर लेती। उन्होंने जब अपने पैरो को चौडा किया तो मेरा लंड पूरा उनकी योनि के अंदर तक जा रहा था और मेरे अंडकोष भाभी की योनि की दीवार से टकरा रहे थे। मैंने 5 मिनट तक भाभी के यौवन का रसपान किया। भाभी पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो वह झड चुकी थी। जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने भाभी के पेट पर अपने सफेद और गाढे वीर्य को गिरा दिया, जब मेरी वीर्य भाभी के पेट पर गिरा तो वह बड़ी ही खुश नजर आ रही थी। उन्होंने मेरे वीर्य को अपने पेट से साफ किया और कहने लगी तुम्हारा तो जवाब ही नहीं है। मैंने उन्हें चोदने के बाद अपना परिचय दिया और उन्हें बताया कि आपके पड़ोस में मेरे चाचा रहते हैं जिनके घर में आया हुआ हूं। मैं जब भी अब अपने चाचा के घर जाता तो हमेशा ही भाभी के यौवन का सुख जरूर लेता। उनकी चूत मारने के लिए मैं बड़ा बेताब रहता हूं, मेरे पास उनका नंबर भी आ चुका है कभी कभार में उन्हें फोन भी कर लेता हूं और फोन में ही मैं उनसे रंगीन बातें करता हूं। मेरा अक्सर अपने चाचा के घर पर जाना होता रहता है, अब मुझे जैसे आदत सी हो गई है।


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