चाचा के लड़के ने जुगाड़ भाभी की चूत दिलवाई

Chacha ke ladke ne jugad bhabhi ki chut dilwayi:

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मेरा नाम रोहन है मैं गाजियाबाद का रहने वाला हूं, मैं 12वीं का छात्र हूं और मैंने इसी वर्ष अपनी परीक्षाएं दी हैं। जब मेरी परीक्षाएं खत्म हो गई तो उसके बाद मैं कुछ दिनों तक घर पर ही था लेकिन उसी दौरान मेरे चाचा का फोन आया और कहने लगे तुम कुछ दिनों के लिए गगन के साथ आ जाओ। गगन भी मेरे साथ का ही है, हम दोनों हमउम्र हैं और मेरे चाचा मथुरा में रहते हैं। मुझे भी लगा कि कुछ दिनों के लिए मुझे मथुरा चले जाना चाहिए,  मैंने अपने चाचा से कहा आप एक बार पिता जी से बात कर लीजिए और उन्हें बोल दीजिए कि रोहन कुछ दिनों के लिए हमारे पास मथुरा आ रहा है, मेरे चाचा कहने लगे ठीक है मैं भैया से आज ही बात कर लेता हूं और उसके बाद मैं तुम्हें फोन करता हूं। जब शाम को मेरे पापा दफ्तर से वापस आए तो वह कहने लगे तुम्हारे चाचा का मुझे फोन आया था और वह कह रहे थे रोहन को कुछ दिनों के लिए हमारे पास मथुरा भेज दो, मेरे पिताजी ने कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए अपने चाचा के पास ही चले जाओ।

मैंने अपने पिताजी से कहा जी पिताजी ठीक है मैं मथुरा चला जाता हूं, मैं अपने पिताजी की हर एक बात मानता हूं। अब मैं मथुरा जाने की पूरी तैयारी में था, मैंने गगन को भी फोन कर दिया और कहा कि मैं मथुरा आ रहा हूं। गगन मुझे कहने लगा मैंने हीं तो पिताजी से तुम्हें फोन करवाया था क्योंकि ताऊ जी को देखकर मुझे बहुत डर लगता है, मैं उनसे सीधे तरीके से बात नहीं कर सकता। जब यह बात गगन ने मुझसे कहीं तो मुझे बहुत ही खुशी हुई, मैंने गगन से कहा मैं भी तो तुम्हारे पास आने वाला था क्योंकी तुम्हारे साथ में रहकर मुझे बहुत मजा आता है और मैं भी अपनी छुट्टियों को तुम्हारे साथ रहकर एंजॉय करना चाहता था, मैं घर में काफी दिनों से बोर हो गया था और मेरे साथ के जितने भी दोस्त हैं वह लोग घूमने के लिए गए हुए हैं। मैंने गगन से कहा ठीक है अभी मैं फोन रखता हूं और अपना सामान पैक कर लेता हूं। जब मैं वहां पर आ जाऊंगा तो हम लोग जमकर मस्तियां करेंगे, गगन कहने लगा तुम मेरे पास आओ मैं तुम्हें बहुत ही इंजॉय कराउंगा।

मुझे यह बात अच्छे से मालूम है कि गगन बहुत ही शरारती किस्म का लड़का है लेकिन वह मेरा भाई है और मेरी उसके साथ बहुत अच्छी बॉन्डिंग है। मेरे पिताजी मुझे रेलवे स्टेशन तक छोड़ने आये, मैं जब ट्रेन मैं बैठ गया तो उसके बाद ही मेरे पिताजी घर गए। मैंने भी गगन को फोन कर दिया और कहां कि मैं ट्रेन में बैठ चुका हूं, बस तुम्हारे पास पहुंच जाऊंगा। गगन कहने लगा मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं। मैं जब मथुरा पहुंच गया तो मैंने गगन को फोन कर दिया, गगन मुझे स्टेशन लेने के लिए आ गया और हम दोनों स्टेशन में कुछ देर बैठे रहे। मैंने गगन से पूछा कि तुम्हारे एग्जाम कैसे हुए, वह कहने लगा एग्जाम तो बस दे दिए हैं अब आगे रिजल्ट ही बताएगा कि क्या होने वाला है। मैं और गगन बहुत ही ज्यादा एक दूसरे के नजदीक हैं, हम दोनों एक दूसरे से हर बात शेयर करते हैं, गगन मुझे कहने लगा चलो अब हम लोग घर चलते हैं और घर पर ही चल कर बात करेंगे, मैं और गगन साथ में घर चले गए। जब मैं अपनी चाची से मिला तो चाची बहुत ही खुश हुई और कहने लगी चलो तुम गगन का साथ देने के लिए आ गये नहीं तो गगन भी अकेले घर में बोर हो रहा था, मैंने अपनी चाची से कहा गगन घर में बोर होने वालों में से नहीं है क्योंकि वह कुछ ना कुछ तो नया करता ही रहता है। मेरी चाची इस बात पर बड़े जोर से हंसने लगी और कहने लगी तुम यह बात तो बिल्कुल अच्छी कर रहे हो, गगन घर में बोर तो नहीं होता लेकिन वह सब को परेशान जरूर कर देता है। गगन कहने लगा मम्मी आप भी मेरी रोहन के सामने बेइज्जती कर रहे हो, मेरी चाची ने गगन से कहा मैं तुम्हारी कोई भी बेज्जती नहीं कर रही हूं। गगन मुझे अपने कमरे में ले गया और वह मेरे साथ काफी बातें कर रहा था। मुझसे गगन पूछने लगा क्या तुम्हारी कोई  स्कूल में गर्लफ्रेंड नहीं है, मैंने गगन से कहा नहीं तुम्हें तो पता ही है मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है, मैं तो सिंगल ही हूं। जब गगन से मैंने यह बात कही तो गगन कहने लगा तुम बड़े छुपे रुस्तम हो, तुम्हारे कारनामे मुझे सब पता है, तुम मुझे बताना नहीं चाहते हो और मुझसे यह बात छुपा रहे हो। मैंने गगन को कहा मुझे तुमसे छुपाने की क्या आवश्यकता है मुझे तुमसे छुपा कर कुछ मिलने वाला है क्या।

गगन कहने लगा नहीं मुझे कुछ भी नहीं मिलने वाला लेकिन तुम मुझसे कई सारी चीजें छुपाते हो, मैंने गगन को कहा कि मैं तो तुम्हें हर बात बताता हूं, गगन ने मुझे कहा तुमने अपनी और अपने मोहल्ले की लड़की के बारे में तो मुझे नहीं बताया था, वह तो मैंने तुम्हारी फेसबुक प्रोफाइल में देख लिया उसने तुम्हारी फोटो में बडे लाइक किये हुए थे और तुम पर बहुत फिदा थी। जब यह बात गगन ने मुझसे कहीं तो मैं गगन को कहने लगा अरे ऐसी कोई भी बात नहीं है, वह मेरे पीछे पड़ी थी लेकिन मैंने उसे भाव नहीं दिया क्योंकि उसका मोहल्ले में किसी और लड़के के साथ भी चल रहा था। गगन मुझे कहने लगा तुम अब भी मुझसे पूरी बात नहीं बता रहे हो। मैंने गगन से कहा इसमें छुपाने वाली कोई भी बात नहीं है लेकिन गगन ने मुझसे बात निकलवा ही ली। मैंने उसे बताया मैंने उसे उसके घर में ही जाकर बहुत चोदा। गगन मुझसे कहने लगा तुमने अब मुझे सही बात बताई लेकिन मैं तुम से कुछ भी नहीं  छुपाऊंगा। मैंने गगन से कहा क्या नहीं छुपाओगे वह कहने लगा हमारे पड़ोस में एक भाभी रहती हैं जो सारे मोहल्ले को अपनी यौवन का जाम पिला रही हैं क्या तुम्हें भी उसकी चूत लेनी है।

मैंने उसे कहा क्या बात कर रहे हो, वह कहने लगा हां मैं सही कह रहा हूं मैंने भी उसे दो बार चोदा है। मैंने गगन से कहा तो फिर देरी किस चीज की है जल्दी से चलो। गगन कहने लगा ठीक है मै भाभी को फोन कर लेता हूं। उसने भाभी को फोन किया और उन्होंने कहा ठीक है तुम अपने भाई को मेरे पास ले आओ। हम दोनों उनके घर चले गए जब मैंने उनका बदन देखा तो मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया उन्होंने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी, वह साड़ी में बड़ी हॉट लग रही थी। भाभी गगन से पूछने लगी क्या तुम्हारा भाई मुझे संतुष्ट कर देगा। वह मुझे अपने साथ अपने बेडरूम में ले गई उन्होंने अपनी साड़ी को खोलना शुरू किया तो मै उन्हे बड़े ध्यान से देख रहा था जब उन्होंने अपनी साड़ी खोल दी तो उन्होंने लाल रंग की पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी, उनकी गांड के उभार बाहर की तरफ को थे मेरा तो पानी उनकी गांड के उभार को देखकर ही गिरने लगा। जब उन्होंने मुझे छुआ तो मैं पूरा उत्तेजित हो गया उन्होंने जब अपने हाथों से मेरे लंड को छुआ तो मैं पूरे मूड में आ गया। कुछ देर तक तो मैंने उनके यौवन का रसपान किया और उनके पूरे बदन को अच्छे से चाटा। जब मुझसे नहीं रहा गया तो मैंने उनकी गीली हो चुकी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि के अंदर गया तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा तो वाकई में बहुत मोटा है मुझे तुम्हारा लंड अपनी योनि में लेकर ऐसा लग रहा है जैसे मेरे पति मुझे चोद रहे हो। मैंने भाभी को बड़ी तेज गति से चोदना शुरू किया मुझे भाभी के साथ सेक्स कर के बड़ा आनंद आ रहा था। थोड़ी देर में मैंने उन्हें उल्टा लेटा दिया और जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्ला उठी और मैंने उन्हें तेज गति से चोदना शुरू कर दिया। मैंने उन्हें बड़ी तेज गति से धक्के मारे जिससे कि उनका पानी बहुत तेजी से बाहर की तरफ को निकलने लगा। उनका पानी जब मेरे लंड पर लगता तो हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म हो जाते। 5 मिनट के बाद जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उनकी बड़ी बडी चूतडो के ऊपर अपने तरल पदार्थ को गिरा दिया। मैंने उन्हें तीन बार चोदा। गगन ने भी उनकी चूत का  आनंद लिया।


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