बस के सफ़र में मिली एक हुस्न की देवी

Bus ke safar me mili ek husn ki devi:

Indian sex stories

मेरा नाम विजय है और मेरी उम्र 23 वर्ष है। मैंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है। मैंने अपने गांव के कॉलेज से ही अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की लेकिन हमारे गांव से कॉलेज काफी दूर था। मैंने जैसे-जैसे ग्रेजुएशन की पढ़ाई तो पूरी कर ही ली। क्योंकि मेरे पिताजी चाहते थे कि मैं अच्छे से पढ़ाई करूं। वह किसी भी तरीके से पढ़ाई में बिल्कुल भी परेशानी नहीं देखना चाहते थे। मैंने उन्हें कहा पिता जी ठीक है। आप मुझे दीदी के साथ भेज दीजिए। मेरी बहन का नाम रेखा है और वह शहर में ही रहती है। वह वहां अकेली रहती है तो उसके साथ मैं भी रह लूंगा और कुछ पैसे भी कमा लूंगा। क्योंकि मैं सोच रहा था कि शहर में कोई पार्ट टाइम नौकरी देखकर अपना खर्चा भी चला लिया करूंगा। मेरे पिताजी ने कहा ठीक है। मैं इस बारे में रेखा से बात करता हूं और तुम उसके साथ ही चले जाओ। अब मैं ऐसे ही अपने दोस्तों के साथ मस्ती करने लगा और हम लोग बहुत ज्यादा मस्ती करते थे। गांव में बहुत ही मजे रहते हैं और मेरे सारे दोस्त बहुत ही खुश मिजाज हैं।

एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ घूम कर घर वापस आया तो मेरे पिताजी ने कहा कि मैंने रेखा से तुम्हारे बारे में बात कर ली है। वह कह रही थी कि विजय को मेरे पास ही भेज दो। क्योंकि विजय हमारे साथ रहेगा तो अच्छे से पढ़ाई भी कर लिया करेगा। यह बात सुनकर पिताजी भी बहुत खुश थे और पिताजी कहने लगे कि बेटा तुम शहर ही चले जाओ। दूसरे दिन जब मैं शहर पहुंचा तो मेरी बहन मुझे स्टेशन लेने के लिए आयी। फिर मैं जब उसके घर पहुंचा तो उसने बहुत ही अच्छे से घर की साफ सफाई और अच्छे से सारा सामान रखा हुआ था। मैं यह देख कर उसे कहने लगा कि तुमने तो बहुत ही अच्छे से व्यवस्था कर रखी है। वह मुझे कहती कि तुम्हें तो पता ही है मुझे साफ-सफाई का कितना शौक है। अब ऐसे ही हम लोग काफी बातें करने लगे और वह मुझसे पूछने लगी की पिताजी और मां कैसे हैं। मैंने उसे बताया कि घर में सब कुछ बढ़िया है और सब लोग तुम्हें घर पर बहुत याद करते हैं। मेरी बहन भी एक कंपनी में नौकरी करती थी और उसे शहर में रहते हुए 5 वर्ष हो चुके हैं। वह मुझसे कुछ वर्ष बड़ी है लेकिन उसने जिम्मेदारी काफी पहले संभाल ली और वह घर में भी कुछ पैसे दे दिया करती है।

मैंने अपनी बहन से कहा कि मैं कहीं पर पार्ट टाइम नौकरी भी करना चाहता हूं। जिससे मैं भी अपने खर्चे चला पाऊंगा और घरवालों पर किसी भी प्रकार का कोई बोझ ना पड़े। क्योंकि शहर में खर्चे भी बहुत होते हैं। उसने कहा कि मैं तुम्हारे लिए कहीं पर नौकरी की बात कर लूंगी। तुम उसकी चिंता मत करो और पहले कॉलेज में तुम एडमिशन करवा लो। मैं अब अगले दिन कॉलेज में चला गया और वहां पर मैंने एडमिशन करवा लिया। मैंने जब कॉलेज में एडमिशन लिया तो मैंने देखा कि यहां का कॉलेज हमारे गांव के कॉलेज से बिल्कुल ही अलग है। ऐसा लगता हमारे गांव के कॉलेज में तो सब लोग टपोरी किस्म के लड़के थे लेकिन यहां पर सब लोग बिल्कुल बन ठन के आते हैं और चश्मा लगाकर कॉलेज आते हैं। सब लोग अपनी गाड़ियों से कॉलेज आया करते थे। मैं अब एडमिशन कराने के बाद अपने घर वापस चला गया। शाम को जब मेरी बहन अपने काम से लौटी तो वह पूछने लगी की क्या तुमने कॉलेज में दाखिला ले लिया है।

मैंने उसे बताया की मैंने कॉलेज में दाखिला करवा दिया है और वहां पर फीस भी जमा कर दी है। यह सुनकर वह बहुत खुशी हुई और कहने लगी कि मैंने अपने एक दोस्त से तुम्हारे लिए पार्ट टाइम नौकरी की भी बात कर ली है। तुम वहां पर शाम को चले जाया करना। अब मैं कॉलेज के बाद सीधा ही पार्ट टाइम नौकरी करने लगा। मैं डिलीवरी का काम किया करता था और मुझे उसके बदले अच्छे पैसे मिल जाया करते थे। जो मैं अपने पास जमा भी कर लेता था। उन पैसों से मैंने कुछ दिनों बाद अपने लिए एक मोटरसाइकिल भी ले ली थी। अपनी बहन को अपने साथ ही कई बार अपनी मोटरसाइकिल पर घुमाने ले जाता था। हम लोग बहुत ही अच्छे से अपना जीवन यापन कर रहे थे। जहां पर मैं नौकरी क्या करता था। वहां पर मेरा एक दोस्त था। उसकी वजह से मुझे थोड़ा नशे की लत लग गई है और मैं हमेशा ही उसके साथ का घर जाता था लेकिन इसके बारे में मेरी बहन को बिल्कुल भी पता नहीं था और वो मुझे कुछ भी नहीं कहती थी। क्योंकि मैं चुपचाप जाकर सो जाया करता था।

एक दिन में बहुत ज्यादा नशे में हो गया और अपनी बहन के साथ ही सो गया। उसे लगा कि शायद आज मुझे उस पर प्यार आ रहा है और मैं उसके साथ ही सो रहा हूं। जब मैं उसके साथ सोया हुआ था तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके स्तन मेरे हाथ पर लग गए। जैसे ही उसके स्तन मेरे हाथ पर लगे तो मैं उन्हें दबाने लगा। मैं जब उन्हें दबाता तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन रेखा ने मुझे कुछ भी नहीं कहा और वह चुपचाप ऐसे ही लेटी रही थोड़ी देर बाद मैंने उसके चूतड़ों को भी दबाना शुरु कर दिया। उसकी चूतडे बहुत ही मुलायम और बड़ी-बड़ी थी मैं उन्हें भी दबा रहा था। कुछ समय बाद वह बहुत ही उत्तेजित हो गई और उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो वह उसे हिलाने लगी और बड़े ही अच्छे  से हिलाती जाती वह इतनी तेज गति से उसे हिला रही थी कि मुझे बहुत अच्छा लगता। अब उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को ले लिया और उसे बहुत देर तक ऐसे ही चुसती रही। मैंने भी उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया और उसके सारे कपड़े उतार दिए थे। मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था जब मैं उसके स्तनों को चाट रहा था।

मैंने जब उसकी योनि पर हाथ लगाया तो उस पर एक भी बाल नहीं था और वह बहुत ज्यादा मुलायम और चिकनी थी। मैंने उसकी चूत मे उंगली करना शुरू कर दिया जिससे कि उसका पानी निकलने लगा उसका पानी इतना तेज निकल रहा था कि मेरा मन खराब हो गया। मैंने उसके दोनों पैरों को पकड़ते हुए उसकी चूत के अंदर अपना लंड डाल दिया। मैंने इतनी तेज गति से उसकी चूत मे डाला उसकी चीख निकल पड़ी। उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट और मुलायम थी वह बिल्कुल मेरे लंड से कसी हुई थी और जैसे ही मैं अपने लंड को बाहर निकालता तो मुझे बहुत मजा आता और जब मैं अंदर डालता तो मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था मैं ऐसे ही अंदर बाहर बहुत देर से करता जाता। जिससे कि अब मेरी बहन को भी मज़ा आने लगा और वह बड़ी  मादक आवाज निकालने लगी वह इतनी तेजी से अपनी मादक आवाज निकाल रही थी कि मेरा तो मूड ही खराब होने लगा। मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा और मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे कि वह मेरी बहन ना होकर मेरी माशूका हो और मैं उसे बड़ी तीव्र गति से झटके मारता जाता।

मैं इतनी तेज गति से झटके मार रहा था कि उसके गले से ऐसी आवाज निकलने लगी मैं उसे बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा वीर्य उसकी योनि में जा गिरा। जैसे ही मेरा वीर्य उसके चूत में गिरा था मुझे बहुत ही अच्छा लगा और मैं ऐसे ही लेट गया। लेकिन थोड़ी देर बाद वह अपने आप ही मेरे लंड को हिलाने लगी और अपने मुंह में ले लिया। जिससे कि मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया और मेरी उत्तेजना दोबारा से बढ़ने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को हिलाती जाती मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे उसे दोबारा से अपनी चूत मे मेरे लंड को लेना है और मैंने तुरंत ही अपने लंड को उसकी योनि में दोबारा से डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को दोबारा से उसकी योनि के अंदर डाला तो उसकी चीख निकल पड़ी और वह बहुत ज्यादा चिल्लाने लगी। वह इतना ज्यादा चिल्ला रही थी कि मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं उसे इतना तेज चोदने लगा कि उसका शरीर पूरा हिलने लगा। मैंने उसके स्तनों को अपने हाथ में लेते हुए अपने मुंह के अंदर समा लिया उसके स्तन बहुत ही टाइट हो चुके थे और मैं उसे बड़े अच्छे से चोदने पर लगा रहा। थोड़ी देर बाद मेरा माल दोबारा से गिरने वाला था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने हाथ से हिलाना शुरू किया और मेरा वीर्य इतनी तेजी से निकला कि वह रेखा के स्तनों पर जाकर गिरा। उसने अपने स्तनों पर मेरे माल को अपने हाथ से फैला लिया। कुछ दिनों बाद वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी मैंने उसे दवाई खिलाई और मैं उसे हमेशा ही चोदता रहता हूं।


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