बॉस ने मुझसे शांत की अपनी अन्तर्वासना

Boss ne mujhse shaant ki apni antarvasna:

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मेरा नाम गीतांजलि है मैं वडोदरा की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है। मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई इसी वर्ष पूरी की है। मेरे कॉलेज में मेरे जितने भी दोस्त हैं वह सब मुझे अक्सर मिलते रहते हैं और हमेशा ही हमारी बातें होती रहती हैं क्योंकि हमारा कॉलेज अभी कुछ समय ही पहले पूरा हुआ है इसलिए हम लोग अक्सर मुलाकात कर लेते हैं।  मैं काफी समय से घर पर ही थी इसलिए मैं सोचने लगी कि मुझे कुछ काम करना चाहिए, मैंने कई कंपनी में जॉब देखी लेकिन मुझे कोई भी कंपनी अच्छी नहीं लगी क्योंकि मुझे मेरे हिसाब का काम कहीं भी नहीं मिल रहा था इसलिए मैं सोचने लगी कि जब तक मुझे किसी कंपनी में नौकरी नहीं मिल जाती तब तक मैं कहीं भी काम नहीं करुँगी। फिर मुझे एक दिन एक बड़ी कंपनी से ऑफर आ गया।

मैंने उसका इंटरव्यू भी दिया था और मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा वहां पर सलेक्शन हो जाएगा। जब मेरा उस कंपनी में सिलेक्शन हो गया तो मैंने वह कंपनी ज्वाइन कर ली लेकिन मैं शुरुआत में उस कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी क्योंकि वहां पर पहले ही किसी को तुरन्त नहीं रखते। कुछ समय तो वह लोग काम सिखाते हैं, उसके बाद ही वह वहां पर लोगों को सैलेरी पर रखते हैं। मैं फिर भी कम्पनी ज्वाइन करने को तैयार हो गई क्योंकि यह एक इंटरनेशनल कंपनी थी इसलिए मैं बहुत खुश थी। मैंने अपने परिवार में भी इस बारे में बताया तो मेरे परिवार वाले भी बहुत खुश हो गए। अब मैं अपने ऑफिस में इंटर्नशिप कर रही थी, उस वक्त लोगों से मेरी मुलाकात हुई और कई लोग बाहर से भी आए हुए थे। मेरी भी सब लोगों से अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। जब मेरी इंटर्नशिप कंप्लीट हो गई तो उसके बाद मुझे उसी कंपनी में एक अच्छी सैलरी पैकेज मिलने लगा, अब मैं उस कंपनी में नौकरी कर रही थी। मैं बहुत ही खुश थी क्योंकि मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मैं इस कंपनी में नौकरी लग जाऊंगी। मुझे काफी समय हो चुका था अपना काम करते हुए और मैं काफी समय से अपने दोस्तों से भी नहीं मिल पाई थी लेकिन मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना मैं अपने दोस्तों से बात कर लूँ इसलिए मैंने अपने सब दोस्तों को एक दिन फोन किया और मैं सब से बात करने लगी।

वह लोग मुझे कहने लगे कि हम कुछ समय बाद मिलने का प्लान बना रहे हैं। अब सब लोगो की नौकरी लग चुकी थी इसलिए किसी के पास भी वक्त नहीं था। मैंने उन्हें कहा कि यदि तुम लोग मिलने का प्लान बना रहे हो तो मैं भी सब से मिलना चाहती हूं क्योंकि मेरा भी बहुत मन था अपने दोस्तों से मिलने का। हम लोग कॉलेज में बहुत ही मस्ती किया करते थे। मुझे बहुत अच्छा लगता था जब मैं कॉलेज में थी। हमारे सारे कॉलेज के दोस्तों ने मिलने का प्लान बना लिया और जब हम लोग सब एक दूसरे को मिले तो हम बहुत खुश हुए। मुझे भी बहुत अच्छा लगा जब मैं अपने सब दोस्तों से मिली। हम लोग काफी बातें कर रहे थे और हमने उस दिन जमकर एंजॉय किया। मुझे बहुत खुशी हो रही थी, मैं जिस प्रकार से अपने दोस्तों के साथ समय बिता रही थी। उस दिन हम सब लोगों ने एक साथ समय बिताया और उसके बाद हमे काफी लेट हो चुकी थी तो हम लोग घर चले गए। मैं उस दिन बहुत ज्यादा थक गई थी इसलिए मुझे घर जाते ही नींद आ गई और अगले दिन जब मैं सुबह उठी तो मुझे ऑफिस के लिए लेट हो गई थी। मैं जब ऑफिस पहुंची तो उस दिन हमारे ऑफिस में नए मैनेजर आए हुए थे, उनका नाम रमन है और जो हमारे पुराने मैनेजर थे उनका ट्रांसफर किसी और जगह हो चुका था। हमारे पुराने मैनेजर के साथ हमारी बहुत ही अच्छी बनती थी,  वह हमें कभी भी कुछ नहीं कहते थे लेकिन कुछ समय बाद रमन सर के साथ भी हमारी बहुत अच्छे से बात होने लगी और वह भी बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। उनकी शादी हो चुकी है और उनके तीन बच्चे हैं। रमन सर की उम्र करीबन 40 वर्ष के आसपास होगी और वह जिस प्रकार से बात करते हैं मुझे उनसे बात करना बहुत अच्छा लगता है।

वह बहुत ही समझदार व्यक्ति हैं और मुझे उनके तरीके के व्यक्ति बहुत पसंद है इसलिए मैं जब भी रमन सर के साथ बैठी होती हूं तो मैं उनसे बहुत बात करती हूं,  उनसे बात करना मुझे अच्छा लगता है। रमन सर भी मेरे साथ काफी बैठे रहते हैं और हम लोग साथ में ही लंच करते हैं। कई बार वह हमें अपने साथ घुमाने के लिए ले गए। हमारे ऑफिस में जब भी किसी का बर्थडे होता तो रमन सर ही उसका खर्चा देते थे क्योंकि हमारी कंपनी में एक बहुत ही अच्छा रुल था कि जब भी किसी का बर्थडे होता था तो हमारी कंपनी के द्वारा ही उसका सारा खर्चा उठाया जाता था और रमन सर सब को पैसे दिया करते थे। जिस दिन मेरा बर्थडे था उस दिन मैं बहुत ही खुश थी और जब मैं ऑफिस गयी तो ऑफिस में सब लोगों ने मेरे लिए केक काटा। उन सब ने मुझे गिफ्ट दिया, मुझे बहुत खुशी हो रही थी जब सब लोग मुझे गिफ्ट दे रहे थे और रमन सर ने भी मुझे गिफ्ट दिया। वह कहने लगे कि ऑफिस की तरफ से तुम्हारे लिए पार्टी का पैसा मिला है इसलिए हम लोग पास के ही एक होटल में सारा अरेंजमेंट करवाएंगे। हमारा ऑफिस बहुत ही बड़ा है और हमारे ऑफिस में बहुत स्टाफ है। रमन सर ने पास के होटल का हॉल बुक कर दिया  और सारा अरेंजमेंट करवा दिया। मुझे बहुत खुशी हो रही थी जब मैं उस हॉल में गई। सब लोग मुझे बहुत ही स्पेशल फील करवा रहे थे और रमन सर ने भी मुझे बहुत ही अच्छा गिफ्ट दिया। जब उस दिन पार्टी खत्म हो गई तो रमन सर ही मुझे मेरे घर छोड़ने आए।

जब वह मुझे छोड़ने आये तो मै उनसे बात कर के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मुझे घर छोड़ने आ रहे थे। हम दोनों आपस में बात कर रहे थे लेकिन मैंने जो गाउन पहना था उसे मेरे स्तन बाहर दिखाई दे रहे थे और वह मरे चूचो को बार-बार देख रहे थे। अब उनका मूड बहुत ज्यादा खराब होने लगा तो उन्होंने मेरे स्तनों को दबा दिया। वह बहुत ही अच्छे से मेरे स्तनों को दबाने पर लगे हुए थे। उन्होंने गाड़ी को रोड के किनारे पर लगा दिया। रात भी बहुत हो चुकी थी इसलिए हम दोनों को कोई भी डर नहीं था और उन्होंने मेरे स्तनों को अपने मुंह में ले लिया। जब उन्होंने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लिया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और वह मेरे स्तनों को बहुत अच्छे से चूस रहे थे। काफी देर ऐसा करने के बाद मैंने भी उनके लंड को अपने मुंह में समा लिया। उनका लंड बहुत ही मोटा और लंबा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसे अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और वह भी मेरे गले के अंदर अपने लंड को डाल रहे थे। ऐसा करने के बाद उन्होंने मेरे गाउन को उठाते हुए मेरी योनि के अंदर लंड डाल दिया जैसे ही उनका लंड मेरी योनि के अंदर घुसा तो मुझसे बिल्कुल भी उनका मोटा लंड बर्दाश्त नहीं हो रहा था लेकिन वह मुझे झटके दिए जा रहे थे और मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होता जब वह मुझे झटके देते। वह बड़ी तेजी से मुझे चोदने लगे। उन्होंने जैसे ही मेरे पैर को चौड़ा किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और जब उनका लंड मेरी योनि के अंदर जाता तो मेरी सांसे रुक जाती। काफी देर तक उन्होंने मुझे ऐसे ही चोदा उसके बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया। जैसे ही उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मैं चिल्ला उठी और उन्होंने मेरे चूतड़ों को कसकर पकड़ लिया। वह मुझे इतनी तेजी से झटके दिए जा रहे थे कि मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी। वह मुझे कहने लगे कि मुझे तुम्हें धक्के देने में बहुत अच्छा लग रहा है तुम्हारी योनि बहुत टाइट है मुझे तुम्हें चोदने में बहुत अच्छा लग रहा है। वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के देते जाते मुझे भी उनसे अपनी चूतडे मिलाना बहुत अच्छा लग रहा था। मैं भी अपनी चूतडो को उन से मिल रही थी और वह भी मुझे तेज गति से चोदे जा रहे थे लेकिन हम दोनों से ही बहुत ज्यादा गर्मी बाहर निकलने लगी और मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कब मैं झड़ गई। उसके बाद रमन सर का वीर्य मेरी योनि में ही गिर गया और मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ जब उनका वीर्य मेरी योनि में गिरा।


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