भतीजे की मैडम को पटा कर चोदा

Bhatije ki madam ko pata kar choda:

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मेरा नाम मदन है और मैं एक ट्रेवल एजेंसी में काम करता हूं। हमारी कंपनी में किसी न किसी प्रकार से कुछ ऑफर निकालते रहती है। जिससे कि नए-नए कस्टमरों को जोड़ा जाए और वह लोग हमसे जुड़ने के बाद हमारी कंपनी का लाभ ले पाए और हमारी कंपनी उन्हें बहुत ही अच्छे से लाभ दे पाये और वह जब भी हमारी कंपनी की तरफ से कहीं बाहर जाएं तो उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो। इसका पूरा ध्यान हमारी कंपनी रखती है। इसलिए वह नंबर वन पर है। इस बार भी हमारी कंपनी ने एक ऑफर निकाला। उसमें उन्होंने बहुत ही बढ़िया ऑफर निकाला था। यदि कोई हमारी कंपनी की तरफ से घूमने जाएगा तो उसके साथ में एक और व्यक्ति को फ्री में घूमने का मौका मिलने वाला था। हमारे यहां पर कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया लेकिन उनमे से सिर्फ बीस लोगों का ही निकलना था और उनके साथ बीस लोग और जाने वाले थे। जिन का खर्चा कंपनी उठाने वाली थी। क्योंकि उन्होंने जो बस की थी वह चालीस लोगों तक के लिए ही थे। इस वजह से यह ऑफर निकाला गया था।

हमारे पास बहुत सारे रजिस्ट्रेशन आए थे लेकिन उसमें से 20 लोगों का ही नाम चुना गया। जब की हो चुका था। उसके बाद उन 20 लोगों से संपर्क किया गया और वह हमारे ऑफिस आए। उन्होंने आगे की सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर ली और वहां जाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने उन 20 लोगों का नाम भी दे दिया था जो उनके साथ जाने वाले थे। अब हमारी कंपनी भी इस चीज के लिए तैयार थी कि उन लोगों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो और वह लोग बहुत ही अच्छे से इनजॉय करें। कंपनी ने आगरा और जयपुर घुमाने के लिए अपने कस्टमरों से कहा था। अब वह सब लोग हमारे ऑफिस में आए और वही से सब हमारी गाड़ी से निकलने वाले थे। मैं भी उनके साथ जाने वाला था। हम लोगों ने सबके नाम चेक किए और उसके बाद उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। हमारे साथ अब 40 लोग जाने वाले थे। वह सब लोग बहुत ही खुश थे और बहुत इंजॉय कर रहे थे। गाड़ी में भी बहुत ही शोर शराबा हो रहा था। जिससे कि सफर का पता ही नहीं चल रहा था कि सफर कब कटता जा रहा है। हम लोग जब आगरा पहुंचे तो वहां सब लोगों को मैं घूमने लगा और हम लोग एक दिन ही आगरा में रुकने वाले थे। जब सब लोगो को घुमाने के बाद हम होटल में वापस ले गए तो रात का डिनर बहुत ही अच्छे से हुआ। उसी बीच मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई। जो कि हमारे साथ आई हुई थी। उसका नाम कशिश था। वह मुझसे पूछने लगी आप यहां कितने समय से काम कर रहे हैं।

मैंने उसे बताया कि मुझे यहां काफी वर्ष हो चुके हैं और जबसे मैंने ज्वाइनिंग की है तब से मैं सी कंपनी में जुड़ा हुआ हूं। मैंने भी किसी से पूछा तो वह कहने लगे कि हम लोग अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। उसने अपनी सहेली से मुझे मिलाया। उसका नाम संगीता है। वह दोनों घूमने के लिए आए हुए थे। कशिश ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया था और संगीता को अपने साथ लाई थी। वह दोनों बहुत इंजॉय कर रहे थे और मुझसे भी वह काफी बातें कर रहे थे। उन लोगों से मेरी अब दोस्ती हो चुकी थी। हम लोगों ने रात को बहुत ही इंजॉय किया। वहां पर सब कुछ व्यवस्था कंपनी ने बहुत ही बढ़िया से की हुई थी। सब लोग नाच रहे थे और कई लोग गाना गा रहे थे।

मैं कशिश के साथ काफी देर तक बैठा रहा और संगीता भी हमारे साथ ही थी। हम लोग आपस में बहुत सारी बातें करने लगे और उसके बाद सोने चले गए। क्योंकि अगले दिन सबने जयपुर जाना था। जब सुबह जयपुर के लिए हम लोग निकले तो संगीता की तबीयत थोड़ा ठीक नहीं थी। इसलिए उसकी वजह से थोड़ा रुकना पड़ा। क्योंकि हमें डॉक्टर को बुलाना पड़ा। डॉक्टर को बुलाया तो डॉक्टर ने उसे दवाइयां दी। उसके बाद थोड़ा उसे आराम मिला। उसके बाद हम लोग जयपुर के लिए निकल पड़े। जब हम जयपुर के लिए निकले तो फिर से वही शोर शराबा होने लगा और सब लोग अच्छे से हंस खेल रहे थे। जब हम जयपुर पहुंच गए तो सब लोग अपने होटल में चले गए और आराम करने लगे। क्योंकि सब लोग काफी थक चुके थे। इस वजह से उस दिन आराम करने का ही प्रोग्राम था। अगले दिन सब लोग घूमने जाने वाले थे। मैंने किसी से पूछा कि संगीता की तबीयत कैसी है। उसने कहा कि अब वह पहले से अच्छी है। यह कहते हुए वह भी अपने कमरे में चली गई और मैं भी अपने कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद मैंने सोचा कि मैं खुद ही संगीता से मिल लेता हूं और उनके कमरे में मैं खुद ही पूछ कर आता हूं कि उसकी तबीयत कैसी है। मैं जब उनके रूम में गया तो मैंने डोर बेल बजाई और जैसे ही कशिश ने दरवाजा खोला तो मुझे देखकर वह खुश हुई और कहने लगी कि आप यहा पर कैसे आ गए।

मैंने उसे बताया कि मैंने सोचा कि मैं संगीता की तबीयत खुद ही पूछ कर आता हूं कि वह कैसी है। वो कहने लगी अब तो यह थोड़ा बहुत ठीक है मैं उसके पास जैसे ही बैठा मैंने उसकी चादर को ऐसे ही हल्का सा उठाया तो उसके नीचे डिलडो था। मैं अब समझ चुका था कि यह दोनों अपनी चूत मे इसे ही लेती हैं इसलिए  इनकी तबीयत खराब हो रही है। मैंने संगीता को कहा कि तुम मेरी असली लंड अपनी चूत मे लो तो तुम्हारी तबीयत ठीक हो जाएगी। अब जैसे ही मैंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला तो वह मेरे लंड को चूसने लगी और अपने मुंह के अंदर बहुत ही अच्छे से चुसती जाती। उसे बहुत ही मज़ा आने लगा और वह ठीक भी होने लगी थोड़ी देर बाद उसने अपने पैर चौड़े कर दिए और अपने लोवर को खुद ही उतार दिया। मैंने तुरंत ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला। थोड़ी देर में मेरे पास कशिश आई और उसने भी अपने टीशर्ट को उतारते हुए अपने स्तनों को मेरे मुंह पर लगाने लगी। मैं उसके स्तनों को अपने मुंह से चूसने लगा और संगीता को मैं ऐसे ही बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था। जब मैं उसे चोद रहा था क्योंकि वह बहुत ही कमसिन और जवान लड़की थी। मैं कशिश के स्तनों को भी अपने मुंह में ले रहा था और उसने अपने चूत के अंदर उंगली डाली।

जब उसने उंगली डाली तो वह भी उत्तेजित होने लगी और मैं संगीता को बहुत तेज गति से चोदने लागा। मैं उसे इतनी तीव्र गति से झटके दे रहा था कि उसका शरीर गर्म हो गया और  थोड़ी देर में ही मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर जा गिरा। अब वह थोड़ी शांत हो गई और बिस्तर में लेट गई। उसने दोनों पैरों को खोल लिया था और वह आराम से लेटी हुई थी। कशिश मेरे सामने नंगी खड़ी हो गई और मैंने उसके बदन को देखा तो उसका बदन बहुत ही सुंदर था। उसकी गांड बहुत ज्यादा उठी हुई थी और उसके स्तन भी बहुत बाहर थे। मैंने उसके पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया और मैं ऐसे ही उसकी योनि को बहुत अच्छे से चाटे जा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसकी योनि में अपनी जीभ लगा  रहा था। संगीता उसके होठों को चूमने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था। अब मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी और मुझे उसकी चूत में डालने में बहुत ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। मैं अब बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था। जैसे ही मैं उसे चोदता तो उसका शरीर पूरा गरम हो जाता और वह मुझे कहती तुम तो मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। मैं उसे ऐसे ही बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था जिससे कि उसका पूरा शरीर हिलता और कांपने लग जाता। थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य उसकी योनि में भी गिर गया और मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया। मैंने कशिश को घोड़ी बना दिया और उसकी चूत मे दोबारा से अपने लंड को डाल दिया और उसकी गांड मेरे लंड से टकराने लगी। मैं बड़ी तेज तेज झटके मार रहा था और वह भी अपनी चूतडो को मेरे लंड से टकराने लगी थोड़ी देर बाद मेरा माल उसकी चूत मे जा गिरा।

 


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