भाई की गर्लफ्रेंड और होटल का कमरा

Bhai ki girlfriend aur hotel ka kamra:

desi hot kahani, antarvasna

मेरा नाम अरमान है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 25 वर्ष है और मेरा कॉलेज भी अभी कुछ समय पहले ही पूरा हुआ है इसलिए मैं घर पर ही हूं और अपने आगे की तैयारियां कर रहा हूं। मैं स्कूल के समय से ही पढ़ने में बहुत अच्छा था इसलिए मेरे पिताजी ने मुझे एक अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवाया और उसके बाद जब मेरे अच्छे नंबर आए तो मेरे पिताजी ने मेरा एक अच्छे कॉलेज में दाखिला करवा दिया, वह चाहते हैं कि मैं किसी अच्छे पद पर निकल जाऊं ताकि मेरा भविष्य सुधर जाए। वह नहीं चाहते कि मैं अपने भाई की तरह बर्बाद हो जाऊं क्योंकि मेरे भाई ने मेरे पिताजी की बहुत ही बेज्जती करवाई है मेरे भाई की वजह से हमारे कोई भी रिश्तेदार हमारे घर पर भी नहीं आते और ना ही हमसे बात करना पसंद करते हैं।

मेरे भाई का नाम कमल है, उसकी गलत संगत की वजह से ही उसने मेरे पिताजी का नाम बदनाम करवा दिया है। एक बार उसने हमारे पड़ोस में हमारे किसी परिचित के यहां से चोरी कर ली थी, उसके बाद उन्होंने पुलिस में कंप्लेंट करवा दी जिससे कि मेरे पिताजी को बहुत शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा और वह अब मेरे भाई से बिल्कुल भी बात नहीं करते, उन्होंने हमारे पड़ोस में रहने वाले अंकल से कहा कि आप किसी को इस बारे में ना बताए तो अच्छा होगा लेकिन इस बारे में सबको पता चल गया और उसके बाद से मेरे पिताजी को बहुत शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। मैं बहुत ही दुखी था क्योंकि मैं जब भी मोहल्ले में जाता तो मेरे भाई की वजह से मुझे कई बार बदनामी का सामना करना पड़ता, हालांकि मेरे भाई और मेरे बीच में बहुत ही अच्छे रिश्ते हैं परंतु फिर भी हम दोनों ही एक दूसरे से बहुत अलग हैं उसकी सोच और विचार मुझसे बिल्कुल अलग हैं। वह हमेशा ही गलत लोगों के बीच में रहा और अब उससे घर में कोई भी बात नहीं करता। वह हमेशा यही चाहता है कि सब लोग उससे बात करें परंतु अब उससे कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।

मेरे भाई और मेरे बीच में बहुत अच्छे रिश्ते हैं लेकिन अब मैं भी उससे ज्यादा संपर्क में नहीं रहता, वह जब घर पर भी होता है तो मैं दूसरे कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा होता हूं लेकिन एक दिन कमल मेरे पास आया और कहने लगा मुझे तुम्हारी मदद की आवश्यकता है, मैंने उससे कहा कि तुम्हें आज मेरी क्या जरूरत पड़ गई, वह कहने लगा कि मुझे तुमसे कुछ पैसे चाहिए ताकि मैं अपनी गर्लफ्रेंड से मिल पाऊं। मैंने उसे समझाया कि तुम किसी लड़की की जिंदगी क्यों खराब कर रहे हो, तुम्हारी वजह से पहले ही पिताजी की बहुत बदनामी हुई है और अब तुम किसी और लड़की की भी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो, वह कहने लगा कि मैं उस लड़की से प्यार करता हूं। मैंने उसे कहा कि तुम कभी भी किसी के लिए दिल से नहीं सोचते यदि तुम दिल से सोचते तो शायद तुम किसी के घर में जा कर चोरी नहीं करते। मेरा भाई कमल मुझसे दो वर्ष बड़ा है। अब मुझे उससे बात करने में बिलकुल अच्छा नहीं लगता। वह उस दिन मुझसे कहने लगा कि मुझे यदि तुम पैसे दे दो तो मैं अपनी गर्लफ्रेंड से मिला लूंगा। मैंने उसे कहा कि मुझे तुम पर बिल्कुल भी यकीन नहीं है यदि मैंने तुम्हें पैसे दिए तो तुम कहीं अपने दोस्तों के साथ में ना चले जाओ। वह कहने लगा यदि तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है तो तुम मेरे साथ ही चल लो और मैं तुम्हें अपनी गर्लफ्रेंड से भी मिला दूंगा। मैं कमल के साथ उसकी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए चला गया, जब उसने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से मिला तो मुझे उससे मिलकर बहुत खुशी हुई। उसका नाम सारिका है, वह बहुत ही सिंपल और साधारण लड़की है लेकिन मैं मन ही मन सोचने की कमल और सारिका का रिलेशन चल कैसे रहा है। मैंने सारिका से ही पूछ लिया कि तुम दोनों के बीच में कैसे जान पहचान हुई, वह कहने लगी कि कमल मुझे एक बार मेट्रो स्टेशन में मिला था, उस दिन हम दोनों ही एक साथ मेट्रो स्टेशन में खड़े थे और कमल मेरे बगल में ही खड़ा था, वह मुझसे बात करने लगा फिर हम दोनों की बातें होने लगी।

उसके बाद मैं एक दो बार कमल से मिली और अब हम दोनों का रिलेशन चलने लगा है लेकिन मुझे सारिका को देखकर कुछ ठीक नहीं लग रहा था, मुझे ऐसा लगा जैसे वह कमल को इस्तेमाल कर रही है और वह उससे बिल्कुल भी प्रेम नहीं करती। उस दिन रेस्टोरेंट का जितना भी बिल था वह सब मैन ही दिया, उसके बाद सारिका अपने घर चली गई और हम दोनों भाई भी अपने घर चले गए। मैंने कमल से भी कहा कि वह लड़की ठीक नहीं है परंतु कमल कहने लगा कि नहीं सारिका बहुत अच्छी लड़की है, तुम हमेशा ही मुझे गलत ठहराते हो। मैं एक दिन अपने दोस्त से मिलने उसके घर जा रहा था तो उस दिन मुझे सारिका रास्ते में दिखाई दी गई लेकिन वह किसी लड़के के साथ खड़ी थी, मैंने जब उसका पीछा किया तो मैं देख रहा था वह उस लड़के से बहुत ही हंस कर बात कर रही है और वह उसके गले भी मिल रही है, मुझे सारिका पर पूरा शक हो गया था इसलिए मैंने कमल के फोन से सारिका का नंबर ले लिया और उसे अपने दूसरे नंबर से मैसेज करने लगा। उसने भी मुझे मैसेज का रिप्लाई कर दिया और अब मैं अपसे फोन में उससे बात करने लगा था लेकिन उसे नहीं पता था कि मैं कमल का भाई अरमान हूं इसलिए वह मुझसे बहुत बात करती थी। मुझे तो सारिका के चाल चलन पर पहले से ही शक था और अब मुझे पूरा यकीन हो चुका था कि वह बिल्कुल भी सही लड़की नहीं है लेकिन फिर भी मेरी उससे फोन पर बात होती थी। यह बात मैंने कमल को नहीं बताई यदि कमल को यह बात पता चलती तो शायद वह मुझ पर गुस्सा हो जाता।

सारिका मुझे कहती कि तुम मुझसे हमेशा फोन पर ही बात करते हो लेकिन तुम मुझे मिले नहीं हो इसलिए मैं चाहती हूं कि हम दोनों मुलाकात करें। मुझे भी सारिका से मिलने का बहुत मन था लेकिन मैं उसे मिलना नहीं चाहता था। वह मुझे बहुत जिद करती रहती लेकिन उसने मुझसे एक दिन बहुत ज्यादा जिद की और कहने लगी कि तुम्हें मुझसे मिलना ही होगा। मैंने भी सोचा कि मैं सारिका से मिल ही लेता हूं इसलिए मैं उससे मिलने के लिए चला गया। जब मैं सारिका से मिला तो वह मुझे देखते ही शॉक्ड हो गई और कहने लगी कि क्या तुम मुझे फोन करते थे। मैंने उसे कहा कि हां मैं ही तुम्हें फोन करता था लेकिन उसके बावजूद भी सारिका मुझसे बात कर रही थी और हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे। मैं सारिका को एक होटल के कमरे में ले गया और हम दोनों वही बात कर रहे थे। मैंने सारिका के जांघ पर हाथ रख दिया। मै उसकी जांघो को सहलाने लगा मैं बहुत अच्छे से उसकी जांघ को सहलाता जिससे कि उसका पूरा मन उत्तेजित हो जाता वह पूरे मूड में आ जाती। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से अपनी मुह मे लिया की मुझे बहुत अच्छा महसूस होता। उसने मेरे लंड को काफी देर तक सकिंग किया उसके बाद मैंने भी उसे नंगा कर दिया और उसके स्तनों का रसपान करने लगा। उसके स्तनों का साइज बहुत बड़ा था मैं जब उनका रसपान करता तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने काफी देर तक उसके स्तनों का रसपान किया उसके बाद मैंने उसकी योनि को कुछ देर तक चाटा उसकी योनि से पानी निकल रहा था। मैंने जब अपने लंड को सारिका कि चूत मे डाला तो वह चिल्लाने लगी और मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारा उसका पूरा शरीर हिल जाता वह पूरे मूड में आ जाती मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के मारता। वह अपने दोनों पैरो को चौडा कर रही थी और मुझे अपनी तरफ आकर्षित करती। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसे चोद रहा था लेकिन हम दोनों के शरीर से गर्मी इतनी ज्यादा निकल रही थी कि हम दोनों से ही वह गर्मी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुई और जब मेरा माल सारिका की चूत में गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। उसके बाद मैंने अपने लंड को सारिका कि चूत से निकाला और उसके मुंह में डाल दिया। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत अच्छे से चूसा लेकिन मेरा भी माल कुछ देर बाद ही सारिका के मुंह में गिर गया।


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