भागने के बाद सेक्स का आनंद लिया

Bhagne ke baad sex ka anand liya:

Antarvasna, kamukta मैं एक बार अपने दूर के रिश्तेदार से मिलता हूं उनसे मेरी मुलाकात काफी वर्ष पहले हुई थी लेकिन जब मैं उनसे एक प्रोग्राम के दौरान मिला तो वह मुझे पहचान नहीं पाये लेकिन मैं उन्हें पहचान गया, मैंने उन्हें कहा शायद आपने मुझे पहचाना नहीं वह कहने लगे हां तुम सही कह रहे हो मैंने तुम्हें पहचाना नहीं। मैंने जब उन्हें अपना नाम और अपने पिताजी का नाम बताया तो वह मुझे झट से पहचान गए और कहने लगे तुम इतने बड़े हो चुके हो, उन्होंने मुझे कहा रमेश तुम तो मुझे काफी साल पहले मिले थे तब तुम छोटे थे लेकिन तुमने मुझे कैसे पहचाना? मैंने उन्हें कहा सर मैं आपको देखते ही पहचान गया था, वह मुझे कहने लगे चलो बेटा तुमने बहुत अच्छा किया जो मुझे बता दिया नहीं तो शायद हमारी मुलाकात हो ही नहीं पाती। वह एक बड़े अधिकारी है और उन्होंने मुझे कहा बेटा तुम कभी मुझसे मिलने के लिए घर पर आना मैंने उन्हें कहा जी क्यों नहीं मैं आपसे मिलने के लिए जरूर आऊंगा और उसके बाद वह चले गए मैंने उनका फोन नंबर ले लिया था क्योंकि मैं भी सरकारी विभाग में ही हूं।

एक दिन मेरी मुलाकात उनसे किसी काम के सिलसिले में हो गई वह मेरे सीनियर थे तो जब उन्होंने मुझे कहा बेटा तुम्हे कभी भी मेरी मदद चाहिए हो तो तुम मुझे बता देना, उस दिन मुझे उनकी मदद की जरूरत थी और उन्होंने मेरा काम पूरा करवा दिया क्योंकि वह बड़े अधिकारी हैं कुछ ही समय बाद वह रिटायर हो गए और जब उन्होंने रिटायरमेंट के दौरान मुझे अपने घर पर बुलाया तो मैं उनके घर पर गया मैं जब उनके घर पर गया तो मुझे नहीं पता था कि उनके परिवार में कौन-कौन है लेकिन जब उनके परिवार वालों से मैं मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा और वह मुझसे कहने लगे तुमने अपने माता पिता को नहीं बुलाया,  मैंने कहा नहीं मैंने अपने माता पिता को नहीं बोला क्योंकि वह घर पर ही रहते हैं और उनकी तबीयत अब ठीक नहीं रहती वह मुझे कहने लगे कि चलो एक दिन हम तुम्हारे घर पर आएंगे मैंने उन्हें कहा जी बिल्कुल आप घर पर आइएगा, वह कहने लगे वैसे भी काफी समय हो चुका है हम तुम्हारे घर में नहीं आए हैं हम तुम्हारे घर में शायद तुम्हारी बहन की शादी में ही आए थे अब तो उसकी शादी को काफी वर्ष हो चुके हैं मैंने उन्हें कहा जी अब तो उसकी शादी को बहुत वर्ष हो चुके हैं।

वह बड़े ही सभ्य और अच्छे व्यक्ति हैं लेकिन उसी पार्टी के दौरान मुझे उनकी लड़की से प्यार हो गया उनकी लड़की का नाम कंचन है कंचन को मैं पहली नजर में देखते ही पसंद कर बैठा और उसे अपना दिल दे दिया लेकिन शायद हम लोगो की शादी कभी भी नहीं हो पाती क्योंकि वह हमारे रिश्तेदार हैं लेकिन कंचन से उस दिन मैंने अपने दिल की बात कह दी और उसके दिल में भी मैंने प्यार छोड़ दिया, कुछ ही समय बाद मुझे कंचन का फोन आया और वह कहने लगी कि मुझे तुमसे मिलना था मैं समझ गया कि उसके दिल में मेरे प्यार का असर हो चुका है और वह भी मुझसे मिलना चाहती है जिस वजह से मैंने कंचन से मिलने का निर्णय किया और मैं उससे मिलने के लिए चला गया, हम दोनों एक होटल में मिले वहां पर कंचन की सहेली भी उसके साथ आई हुई थी हम लोग होटल के रेस्टोरेंट्स में बैठे हुए थे और वहां पर हम लोगों ने काफी देर तक बात की मुझे कंचन के साथ बात करना बहुत अच्छा लग रहा था और उसके साथ में मुझे बहुत कंफर्टेबल महसूस हो रहा था वह भी बहुत खुश थी। उसने मुझे कहा उस दिन तुमने मुझे अपने दिल की बात तो कहदी लेकिन उसके बाद तुमने मेरा जवाब नहीं सुना मैंने कंचन से कहा तुम्हारा क्या जवाब है तो वह कहने लगी मेरा जवाब तो यही है कि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं लेकिन शायद हमारे परिवार वाले इस रिश्ते को कभी भी नहीं मानेंगे परंतु मुझे क्या मालूम था कि उसके भाई को यह बात पता चल जाएगी और जब उसके भाई को यह बात पता चली तो वह मेरे घर पर आ गया और मेरे घर में आकर उसने बहुत बड़ा बवाल किया मैं उस वक्त गुस्से में हो गया और उस दिन मैंने उसे जोरदार थप्पड़ मार दिया, मेरे घर के सदस्य भी वहां पर आ गए और उन्होंने उसे धक्का देते हुए घर से निकाल दिया लेकिन कहीं ना कहीं वह इस बात को अपने दिल में लेकर बैठ गया था और वह इस बात से बहुत ही क्रोधित हो गया था। एक दिन जब उसने मुझे अकेला पाया तो उसने और उसके दोस्तों ने मुझे बहुत पीटा जिससे कि मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा उसके बाद तो जैसे सब कुछ ही मेरा हाथ से निकल चुका था कंचन और मेरे बीच में दूरियां बढ़ चुकी थी।

कंचन मुझसे मिलने भी नहीं आई मैं काफी समय तक अस्पताल में ही रहा लेकिन मुझे क्या मालूम था की वह एक दिन भी मुझसे मिलने नहीं आएगी उसने मुझे एक भी फोन नहीं किया मैं उसके फोन का इंतजार करता रहा लेकिन उसका मुझे कॉल ही नहीं आया और उसके बाद तो जैसे उसके पिताजी ने हमारे घर से पूरी तरीके से रिश्ते खत्म कर लिए थे यह सब उसके भाई की वजह से हुआ था और मैं उसे कभी भी माफ नहीं करना चाहता था और ना ही उसे कभी माफ कर सकता था। एक दिन मुझे कंचन का फोन आया और कंचन मुझे कहने लगी रमेश मैं तुम्हें क्या बताऊं मैं कितनी परेशान थी इसलिए मैं तुम्हें फोन नहीं कर पाई मेरे भैया ने मेरी सगाई किसी और से करवा दी है। जब मुझे यह बात पता चली तो मैं बहुत ज्यादा गुस्से में हो गया लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझे कहा कि बेटा तुम अब कंचन को भूल जाओ उसका भाई बिल्कुल भी सही नहीं है, मैंने सोचा कि क्यों ना मैं कंचन के पिता से बात करूं।

जब मैं उनसे मिलने गया तो मैंने उनसे बात की लेकिन शायद उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था उन्होंने मुझे कहा दिखो बेटा अब तुम कंचन को भूल जाओ क्योंकि उसके भाई का गुस्सा बहुत ज्यादा ही घातक है और वह तुम्हें कभी भी माफ नहीं करेगा इसलिए तुम अब कंचन के बारे में ना हीं सोच तो ज्यादा अच्छा रहेगा लेकिन कंचन और मैं एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे इसलिए मैं आसानी से कंचन का पीछा नहीं छोड़ने वाला था और ना ही कंचन मेरा साथ छोड़ने वाली थी उसके लिए हम दोनों को अब भागना पड़ा, एक दिन मैंने कंचन से बात की और उसे कहा कि हम दोनों की एक साथ शादी हो पाना तो बहुत ही मुश्किल है लेकिन यदि तुम मेरे साथ भागने को तैयार हो जाओ तो शायद उसके बाद तुम्हारे भैया का गुस्सा भी शांत हो जाएगा  और वह मान भी जाए लेकिन मेरा दिल इस बात को लेकर गवाही नहीं दे रहा था पर मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं था इसलिए मुझे यही रास्ता अपनाना पड़ा और एक रात कंचन और मैं घर से भाग गए जब मैं घर से भगा तो कंचन के पिताजी का मुझे कई बार फोन आया लेकिन मैंने उनका फोन नहीं उठाया और उसके बाद मैंने अपना फोन ही बंद कर लिया मुझे मेरे दोस्त ने अपने घर में पनाह दी और उसने कहा तुम पर जो भी मुसीबत आएगी सबसे पहले मैं उस मुसीबत का सामना करूंगा। उसके इतना कहने पर मैं अब पूरी तरीके से आश्वस्त था मैं और कंचन जब साथ में घर से भागे तो मुझे तो लग रहा था कि ना जाने मेरे पापा मम्मी क्या सोचेंगे एक दिन मैंने पापा को फोन किया और उन्हें सारी बात बता दी वह मुझे कहने लगे बेटा तुम घर वापस आ जाओ, उनकी बात सुनते ही मैंने फोन काट दिया। मैं घर वापस जाना ही नहीं चाहता था मैं कंचन के साथ खुश था और उस रात जब हम दोनों के बीच रोमांटिक माहौल बन गया तो हम दोनों के बीच सेक्स हो गया। कंचन ने अपने मोबाइल में एक रोमांटिक सा सॉन्ग लगा दिया और उसने लाइट बंद कर दी जब रूम में पूरी तरीके से अंधेरा हो गया तो वहां का माहौल पूरा रोमांटिक हो गया।

मैंने जब कंचन के शरीर को अपनी बाहों में लिया तो वह पूरी तरीके से मचलने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है, मैंने जब उसके नरम होठों को चूसने शुरू किया तो उसे बड़ा मजा आया था। मैंने उसके साथ काफी देर तक ऐसा ही किया जब मैंने उसे नंगा किया तो वह मुझे कहने लगी मेरा फिगर तुम्हें कैसा लगा मैंने उसे कहा तुम्हारी फिगर तो बड़ा ही शानदार है। मैंने उसके होठों को दोबारा से चूसना शुरू किया और उसके स्तनों को भी मैंने अपने होठों में लेकर चूसने शुरू किया जिससे कि उसके होठों से खून निकलने लगा और उसके स्तनों से भी मैने खून निकाल दिया मैंने उसे नीचे लेटा दिया और उसके बाद उसकी बिना बाल वाली चूत को मैंने बहुत देर तक से चाटा जिससे कि उसकी योनि से बहुत ज्यादा तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकलने लगा था। उसकी योनि से जब तरल पदार्थ बाहर निकलता तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर आ रहा है।

मैंने भी अपने मोटे लंड को उसकी योनि पर लगाते हुए अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया और बड़ी तेजी से उसे धक्के मारने लगा मैंने उसकी चूत की तरफ देखा तो उसे खून निकल रहा था और वह बड़ी तेज आवाज में सिसकिया ले रही थी। जब वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालती तो उसे भी बड़ा अच्छा लगता और वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती जब वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा करती तो मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगती। मैंने उसे बहुत देर तक चोदा जब उसके साथ मै सेक्स करता रहा तो मुझे बहुत मजा आया और जब मेरी संतुष्टि पूरी तरीके से हो गई तो वह मुझे कहने लगी आज तो मुझे मजा आ गया। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर लेट गए मेरा लंड कंचन की योनि में ही था, धीरे-धीरे मेरा लंड छोटा होता चला गया कंचन के साथ सेक्स करना मेरे लिए मजेदार था, उसके बाद कंचन प्रेगनेंट हो गई कुछ समय बाद मुझे घर वापस लौटना पड़ा अब सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो गया था।


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