भाभी से मज़ा लिया

दोस्तो मैं कानपुर के ज़् स्क्वेर माल मे एक ब्रॅंडेड कंपनी के शो रूम मे स्टोर मॅनेजर था. मेरी शॉप पर अक्सर लॅडीस अंदरगार्मेंट्स खरीदने एक भाभी आती थी, जो बड़ी खूबसूरात थी. उसकी खिली हुई गांड भरे हुए चुचे पतली कमर और लाल लाल लिपस्टिक वाले होतो को देखते ही मुझे उसको चोदने की इच्छा होने लगती पर मैं कंट्रोल कराता. अक्सर वो मल्लू भाभी ब्रा और पॅंटीस ख़रीदती. एक दिन जब उसने आपने लिए 85 साइज़ की पेंटी निकली तो मुझसे बोली, ये मेरे को हो जाएगा ना. मैने कहा भाभी आप आपनी साइज़ जानती होगी. वैसे हो जाना चाहिए तो वो मुस्कुरा कर बोली, कैसे लड़के हो यार साइज़ नापने का मौका भी छोड़ देते हो. मैं समझ गया.

बिल पर उसने आपना जो मोबाइल नो लिखाया था उस पर शाम को फोन किया और मैने कहा सुरेश बोल रहा हू ज़् स्क्वेर माल से भाभी, आप ने साइज़ नापने को कहा था. वो बोली, सिविल लाइन्स आ जाओ घर पर कोई नही है, आपना अड्रेस मेसेज कर दिया. मैं जब उसके घर पहुचा तो दरवाज़े पर वो वही ब्लॅक पेंटी और ब्रा पहने खड़ी थी. सीधा बेडरूम मे ले गई मुझे और मेरे उपर चढ़ कर मल्लू भाभी मुझे किस करने लगी. मैं संभलता इससे पहले उसने जंगली बिल्ली की तरह मेरे लॅंड को पेंट से बाहर खिच कर चटाना शुरू कर दिया.

मैने कहा भाभी आराम से तो वो हास के बोली, एक साल से तुम्हे लाइन दे रही हू और तुम सेयेल समझते ही नही थे, अब मुझे ज़ल्दी बहुत है. और मैने आपना पेंट खोल कर उसके मूह पर आपना लॅंड रख कर बैठ गया. वो मेरे अंडे चूस रही थी और मेरे लॅंड का मूठ मार रही थी. जब मेरा लॅंड खड़ा हो गया तो मैने उसको साइड मे लिटा कर उसकी एक तंग उठा कर उसकी चुत मे लॅंड डाल दिया. वो मस्त सिसकारिया और कराहते हुए मेरा लॅंड आपने चुत मे लेने लग गई. धक्का पेल मचा रहा मैं उसे चोदता रहा और वो चिल्लती रही मेरे मोटे लॅंड को पाकर. मल्लू भाभी के साथ मैने कई बार सेक्स रीलेशन बनाए.


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