भाभी ने मुझसे अपनी इच्छा पूरी करवाई

Bhabhi ne mujhse apni ichchha puri krwayi:

antarvasna, kamukta

मेरा नाम रितेश है मैं इंदौर का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 24 वर्ष है। हमारा परिवार जॉइंट फैमिली में रहता है, हम लोग सब साथ में रहते हैं मेरे ताऊजी की और उनके बच्चे भी हमारे साथ रहते हैं, हम सब लोगों के बीच में बहुत प्रेम है, मेरे ताऊजी के लड़के मुझसे उम्र में बड़े हैं, एक का नाम आकाश है और दूसरे का नाम रमन है, मेरी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, आकाश और अमन दोनों ही मुझे बिलकुल पसंद नहीं करते। मुझे यह बात उस दिन पता चली जिस दिन वह दोनों आपस में बैठकर बात कर रहे थे और कह रहे थे कि हमें रितेश बिल्कुल भी पसंद नहीं है, मुझे उस दिन की यह बात बहुत बुरी लगी और मेरे दिल में उस दिन यह बात बैठ गई, मैंने उन दोनों की हमेशा रिस्पेक्ट की है लेकिन ना जाने उन्हें मुझसे इतनी दिक्कत क्यों है। एक दिन सब लोग घर पर बैठे हुए थे उस दिन ताऊ जी ने कहा कि मैंने आकाश के लिए एक लड़की देखी है जो कि मेरे दोस्त की लड़की है, मैंने उसे आकाश के लिए पसंद कर लिया है, हम लोग कल उसे देखने के लिए चलेंगे।

मैं तो बिल्कुल भी खुश नहीं था क्योंकि मैं ना तो अब आकाश को पसंद करता था और ना ही रमन को, उन दोनों ने मेरे बारे में बहुत ही गलत सोचा था लेकिन रिश्तेदार होने के नाते मुझे उनके साथ जाना ही पड़ा, जब अगले दिन हम सब लोग वहां पर गए तो वहां पर मेरे ताऊजी ने हम सब का परिचय उन लोगों से करवाया। जब सुमन भाभी आई तो वह दिखने में बहुत अच्छी लग रही थी, हम लोग एक होटल में मिले थे इसलिए हम लोग वहां पर काफी समय तक बैठे हुए थे और काफी बातें भी कर रहे थे, आकाश भैया और सुमन भाभी भी रूम में बैठकर अलग से बातें कर रहे थे और शायद उन दोनों ने रिश्ता तय कर लिया था। जब हम लोग वापस लौटे तो मेरे ताऊजी ने आकाश भैया से पूछा कि तुम्हे लड़की कैसी लगी, वह कहने लगे कि लड़की मुझे पसंद है, अब आगे बात पक्की हो चुकी थी और अगले दिन ही मेरे ताऊजी ने कहा कि अब जल्दी से सगाई करवा देते हैं, कुछ दिनों बाद ही सगाई भी हो गई और शादी का दिन भी नजदीक आ गया और कुछ पता नहीं चला।

मैंने भी शादी में काफी काम किया, शादी में हम लोगों ने बहुत अच्छा अरेंजमेंट किया था, जब शादी भी हो गई तो सुमन भाभी अब हमारे घर पर आ गए, सुमन भाभी के हमारे घर पर आने से घर का माहौल थोड़ा बदल गया था क्योंकि वह हमारे घर में नई थी इसलिए सब लोग उनसे बिल्कुल अच्छे से बात करते हैं, उनका नेचर भी बहुत ही अच्छा था। मैं भी उनसे बात करता था लेकिन जब भी मैं भाभी से बात करता हूं तो यह बात आकाश भैया को बिल्कुल पसंद नहीं आती थी इसलिए मैं उनसे दूर ही रहता था लेकिन सुमन भाभी को मुझसे बात करना अच्छा लगता था और वह मुझे बहुत अच्छा मानती थी, मुझे जब भी कुछ जरूरत होती तो मैं उनसे ही कहता। अब उन्हें हमारे घर पर रहते हुए काफी समय हो चुका था इसलिए वह हमारे घर के बारे में अब लगभग सब कुछ जान चुकी थी। एक दिन मैं घर पर ही था आकाश भैया और रमन भैया काम पर गए हुए थे, उस दिन मैं सुमन भाभी के साथ बैठा हुआ था, जब मैं उनके साथ बैठा हुआ था तो हम लोग आपस में बातें कर रहे थे और वह भी मेरे साथ बात कर के बहुत खुश हो रही थी क्योंकि वह ज्यादा बाहर जाना पसंद नहीं करती थी इसलिए वह मेरे साथ ही बात करते थे। वह मुझसे पूछने लगे कि तुम्हारे कॉलेज में तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी, मैंने उन्हें कहा कि मेरी एक गर्लफ्रेंड थी लेकिन उससे मेरा रिलेशन ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और उसने किसी और लड़के के साथ ही अपना चक्कर चला लिया। भाभी के साथ मेरा काफी मजाक होने लगा था और उस दिन हम लोग काफी देर तक साथ में बैठे हुए थे लेकिन जब आकाश भैया आए तो उन्होंने उस दिन सुमन भाभी को बहुत डांटा और कहा कि तुम रितेश के साथ इतनी देर तक क्यों बैठी हुई हो, मुझे उनकी यह बात बुरी लगी और भाभी भी उस दिन बहुत जोर से रोने लगी और कहने लगे कि मैंने ऐसी क्या गलती कर दी मैं तो रितेश के साथ बैठी हुई थी, वह भी तो तुम्हारा ही भाई है।

मैं यह सब बाहर बैठकर सुन रहा था, उस दिन उनका काफी झगड़ा हुआ, उनके झगड़े के बीच में मेरी मम्मी को भी जाना पड़ा और मेरी मम्मी ने भी आकाश भैया को समझाया कि तुम्हे ऐसा नहीं कहना चाहिए था लेकिन वह किसी की बात भी सुनने को तैयार नहीं थे और उन्होंने मम्मी को भी बहुत कुछ कह दिया जिससे कि मुझे भी बुरा लगा, मैं पहले से ही उनकी इज्जत नहीं करता था और उस दिन के बाद से तो उनकी इज्जत मेरी नजरों में और भी कम हो गई क्योंकि वह मेरे बारे में हमेशा से ही गलत सोचते थे और उनके दिल में हमेशा मेरे लिए नफरत भरी हुई थी। काफी समय तक मैंने भी सुमन भाभी के साथ बात नहीं की और वह भी मुझसे बात नहीं करती थी, मैंने आकाश भैया और रमन भैया से भी बात करना कम कर दिया था, मैं अपने काम में ही ध्यान देने लगा। मेरी सुमन भाभी के साथ बातें कम होने लगी थी, मै उनसे बिल्कुल बात नहीं करता था। जब मुझे बहुत जरूरी कुछ काम होता तो ही मै उनसे बात किया करता। एक दिन भाभी ने मेरा हाथ पकड़ते हुए कहा तुम मुझसे अपना मुंह क्यों छुपा रहे हो और मुझसे क्यों बात नहीं कर रहे हो। मैंने भाभी को उस दिन सारी बात बता दी और कहा आकाश भैया और रमन भैया मुझे पहले से ही पसंद नहीं करते थे, जब से उन्होंने आपके साथ झगड़ा किया है उस दिन के बाद से तो मेरा मन बिल्कुल ही उनसे बात करने का नहीं है।

भाभी कहने लगी इसमे मेरी क्या गलती है, वह तो मुझ पर भी भरोसा नहीं करता है और हमेशा मेरा मोबाइल चेक करते हैं। मैंने उनसे कहा क्या वह आप पर शक करते है। वह कहने लगी वह मुझ पर बहुत शक करते हैं, उन्हें मुझसे कोई भी लेना देना नहीं है, ना तो वह मेरी इच्छाओं को पूरा करते हैं और ना ही उनके अंदर क्षमता है। उन्होंने जब यह बात मुझसे कही तो मैंने उनसे पूछा आप मुझसे क्या चाहती है। वह कहने लगी अब क्या मुझे तुम्हें यह सब बताना पड़ेगा तुम छोटे बच्चे तो नहीं हो। मैं भी उनकी बातों को समझ चुका था, मैंने उन्हें कहा ठीक है, आप अपने कमरे में चलिए मैं थोड़ी देर में आता हूं। जब मे भाभी के बेडरूम में गया तो उन्होंने उस दिन लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उनकी कमर बड़ी सॉलिड लग रही थी। मैंने जब उनकी मखमली और मुलायम कमर पर हाथ लगाया तो वह मुझसे लिपट गई और मुझे कहने लगी, रितेश तुम मेरी  इच्छा पूरी कर दो। मैंने भी उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और उनके बदन को दबाने लगा, हम दोनों पूरे मूड में हो गए, वह मुझे कहने लगी कहां से शुरुआत की जाए। मैंने कहा आप मेरे बदन को चाटो और मेरे लंड को सकिंग करो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह मैं बहुत मजे से चुसा, काफी देर तक वह ऐसा ही करती रही, मुझे नहीं पता था कि वहां इतना  अच्छे  से सकिंग कर सकती है, उन्होंने उस दिन मुझे बहुत खुश कर दिया। जब मैंने भी उनके पूरे बदन को चाटा तो उसके बाद मुझे उनके बदन की गहराई का एहसास हुआ, जब मैंने अपने लंड को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मुझे उनकी योनि में भी बहुत गहराई दिखाई दी। उनकी योनि बड़ी सेक्सी और मसालेदार थी, मैं जब उन्हें  झटके देता तो वह मुझे कहती तुम्हारे साथ में सेक्स करके मुझे बहुत मजा आ रहा है। उन्होंने अपने पैरों को मेरे कंधों पर रखते हुए वह कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है तुम ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उन्हें तेज गति से धक्के मारने जारी रखें, जिससे कि उनका पूरा बदन गरम होने लगा और मुझे बड़ा मजा आने लगा। वह मुझे कहती तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है, तुम्हारे भैया का लंड तो बहुत छोटा है। जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उनके स्तनों पर अपने वीर्य को गिरा दिया, हम दोनो बहुत खुश थे।


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