भाभी मूली से अपनी चूत को चोद रही थी भाग – १

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम शेखर है और में पंजाब का रहने वाला हूँ.दोस्तों में बीटेक की पढ़ाई एक अच्छे कॉलेज से कर रहा हूँ.. जैसा कि आप सभी जानते ही है कि पेपर के बाद करीब डेढ़ महीने की छुट्टियाँ हो जाती है और में घर आ जाता हूँ. मेरे घर के सामने एक आंटी रहती है जो कि पंजाब की रहने वाली है. उनके दो बेटे हैं और उन दोनों की शादी हो गयी है. उनका छोटा वाला लड़का इंग्लेंड में रहता है और बड़ा यहीं पंजाब में ही रहता है और मेरे परिवार के उन सबसे बहुत अच्छे रिश्ते है.

सामने वाली आंटी की बड़ी बहू किरणजीत के एक लड़का था जो कि एक साल का था. उसके साथ खेलने के लिए में कभी कभी उनके घर चला जाता था. बड़ी भाभी और छोटी भाभी करमजीत दोनों का नेचर बहुत अच्छा है. वो दोनों ही मेरी बहुत इज़्ज़त करती है और जब भी में जाता तो दोनों मिलकर मुझसे मज़ाक किया करती थी.. लेकिन छोटी वाली भाभी कभी कभी ऐसी अजीब से बातें बोल देती थी और अपने शरीर को मुझसे कई बार टच भी कर देती थी.. लेकिन में ध्यान नहीं देता था.

फिर मेरा कॉलेज का तीसरा साल खत्म हुआ और में घर पर आया हुआ था. उस वक़्त सिर्फ़ छोटी भाभी ही घर पर थी और बड़ी भाभी के पापा भी थे.. लेकिन वो अपने घर में रहते थे जो कि हमारी गली में ही था. फिर एक दिन में उनके घर पर गया तो छोटी भाभी बाथरूम में कपड़े धो रही थी और वो उस वक़्त घर पर अकेली थी. तभी वो बोली कि कुर्सी लाकर यहीं पर बैठ जाओ में अकेली बोर हो रही हूँ.. में कमरे के अंदर से कुर्सी लाया और बाथरूम के बाहर बैठ गया जहाँ पर धूप आ रही थी.. तभी मैंने भाभी से पूछा कि..

में : भाभी आप कैसी हो?

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भाभी : में तो ठीक हूँ.. तुम बताओ कब आए और कब तक रहना है?

में : में तो कल ही रात को आया हूँ और अब मुझे पूरे 1.5 महीने रहना है.

भाभी जब कपड़े धो रही थी.. तब वो गीली हो गयी थी और जिसकी वजह से उनके कपड़े पूरे बदन से चिपके हुए थे. में बता दूँ कि छोटी भाभी का बदन एकदम मस्त है और आपको पता होगा कि पंजाबी लड़कियों का फिगर कैसा होता है? कोई भी एक बार देख ले तो चोदने की ज़रूर सोचेगा. तभी मैंने भाभी से पूछा कि बड़ी भाभी और आंटी कहाँ पर है.. तो उन्होंने बताया कि तुम्हारी आंटी इंग्लैंड गयी है अपने छोटे बेटे से मिलने और अब वो दोनों एक साल बाद ही आएँगे और तुम्हारी बड़ी भाभी के घर पर शादी है तो वो लोग वहाँ पर गये है. फिर मैंने पूछा कि क्या आप घर पर अकेली है?

तो उन्होंने कहा कि नहीं तुम्हारे अंकल है और फिर बातों बातों में ही भाभी ने मज़ाक करना शुरू कर दिया और फिर उन्होंने मेरे ऊपर पानी फेंक दिया. ठंड में मेरे ऊपर पानी फेंका तो मुझे भी बहुत गुस्सा आया और मज़ाक में ही में उनके पास गया और फिर मैंने साबुन के झाग को उनके मुहं पर लगा दिया और वो भी लगाने की कोशिश करने लगी.. लेकिन मैंने लगाने नहीं दिया और इसी बीच उनके बूब्स मेरे हाथों से टच हुए. में तो जैसे डर गया.. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा और फिर में कपड़े बदलने चला आया.

फिर रात को भाभी ने खाना बनाकर और खाकर मुझे बुलाया और जब में गया तो वो अकेली थी. उनके ससुर अपने कमरे में सोने चले गये थे और भाभी अपने बेड पर बैठी हुई थी.. तभी मैंने पूछा कि क्या हुआ? भाभी मुझे क्यों बुलाया? तो उन्होंने कहा कि क्या में तुम्हे बुला नहीं सकती? फिर मैंने कहा कि अरे नहीं नहीं.. आप तो बुरा ही मान गयी. मैंने पूछा कि आप इतने बड़े घर में क्या आप अकेली सोती है? तो उन्होंने मज़ाक में कहा कि क्यों क्या तुम मेरे साथ सोना चाहते हो? मैंने कहा कि अरे नहीं में तो ऐसे ही पूछ रहा था. फिर उन्होंने कहा कि क्या तुम्हे पैरो में ठंड नहीं लग रही? मैंने कहा कि हाँ लग रही है और में उनके कहने पर उनकी रज़ाई में पैर डालकर उनकी उल्टी साईड में बैठ गया और हम दोनों बहुत देर तक बातें करते रहे और मैंने महसूस किया कि भाभी अपने पैरो से मेरे पैरो को सहला रही है और कुछ कामुक सी लग रही है. तो में बहाना बनाकर वहाँ से चला आया.

फिर अगले दिन उनके ससुर को कहीं पर जाना था तो वो मेरी माँ को बोल कर गये थे कि मुझे आज उनके घर सोने के लिए भेज दे.. क्योंकि उनकी बहूँ घर पर अकेली है. फिर जब में घर पर आया तो माँ ने मुझे बताया और में सोने के लिए वहाँ पर चला गया और भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हुई और बोली कि तुम बैठो में चाय बनाकर लाती हूँ.. कल की तरह में फिर उनकी रज़ाई में बैठा था. तभी कुछ ही देर में वो चाय लेकर आई और हम बैठकर चाय पी रहे थे और बातें भी कर रहे थे. फिर बातों ही बातों में मैंने पूछा कि भैया कैसे है? तो वो थोड़ी सी उदास हो गयी फिर जब मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो थोड़ी नाराज़ मन से बोली कि जहाँ भी होंगे वो तो खुश ही होंगे और मेरी बात काटते हुए उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

तो मैंने कहा कि नहीं.. तो वो हैरान हो गयी और बोली कि क्यों झूठ बोल रहे हो शेखर? तभी में बोला कि सच में भाभी कोई नहीं है. फिर उन्होंने कहा कि इसका मतलब तुमने कभी भी वो नहीं किया है और तुम अभी अनाड़ी हो.. लेकिन में समझ नहीं पाया तो वो बोली कि कोई बात नहीं.. ज्यादा सोचो मत. तभी में बोला कि ठीक है भाभी अब सोते है रात ज्यादा हो गयी है तो वो बोली कि आज मेरे साथ ही सो जाओ. तभी में बोला कि क्या भाभी आपको हर वक़्त मज़ाक ही सूझता है क्या? तो वो हंस पड़ी और गुड नाईट बोल कर सोने लगी. में भी बाहर आकर बरामदे में सो गया. तभी रात को करीब एक बजे मेरी नींद खुली तो भाभी के कमरे की लाईट जल रही थी.. जो कि ज़ीरो वॉट के बल्ब की थी.

फिर में दबे पैर भाभी के रूम के पास गया और उनकी खिड़की पर गया जो कि भाभी ने बंद नहीं की थी मैंने खिड़की को थोड़ा सा खोला और देखा तो भाभी पूरी नंगी अपने बेड पर लेती हुई थी और अपनी आँखे बंद करके एक हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी और उनके दूसरे हाथ में एक छोटी साईज़ की मूली थी.. जिसे वो अपनी चूत में डालकर अपनी चूत को चोद रही थी. तभी यह सब देखकर मेरा लंड भी अपनी पोज़िशन पर आ गया और दिल किया कि अभी जाकर भाभी की चूत में अपना लंड डालकर बहुत चोदूं.. लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं भाभी नाराज़ हो गयी तो और यह सोचकर में अपने बेड पर आया और अपने हाथ में लंड पकड़कर उसी तरह मुठ मारने लगा जिस तरह से चुदाई करते है और मूठ मारने के बाद सो गया.

फिर सुबह भाभी ने ही मुझे उठाया और चाय पिलाई.. फिर में अपने घर पर चला आया. उस दिन में कहीं पर घूमने नहीं गया और भाभी के बदन को याद करके कई बार मूठ मार चुका था अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. शाम को फिर में भाभी के घर गया. भाभी बैठी हुई कुछ सोच रही थी. मैंने पूछा कि क्या हुआ भाभी क्या सोच रही हो? तो वो मेरी तरफ़ देखी और मुस्कुराते हुए बोली कि कुछ नहीं.. आओ बैठो. तभी में उनके पास बैठ गया और भाभी बोली कि तुम बैठो में चाय बना कर लाती हूँ फिर हम आराम से बैठकर बातें करेंगे और वो चाय बनाने चली गई और में वहीं पर ही बैठा रहा और बेड पर जिस तरफ सर करके सोते है उधर ड्रॉ होता है. मैंने उसे खोला तो पाया कि वही मूली भाभी ने उसमे रखी थी मैंने मूली को ध्यान से देखा तो उस पर कुछ लगा हुआ था.. शायद भाभी की चूत का पानी होगा.

फिर भाभी चाय लेकर आई तो मूली मेरे हाथ में ही थी और भाभी उसे मेरे हाथ में देखकर घबरा गयी और वो उसे मुझसे छीनकर किचन में ले गयी और वापस आ गयी. मैंने पूछा कि अपने उसे यहाँ पर क्यों रखा था? तो वो हड़बड़ाते हुए बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही.. फिर हम बातें करने लगे और भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम्हे बरामदे में ठंड तो नहीं लगी ना? तो मैंने कहा कि नहीं तो वो समझ गयी कि में झूठ बोल रहा था और वो बोली कि आज तुम अंदर ही मेरे बेड पर सो जाना. में थोड़ा सा हड़बड़ाया तब वो बोली कि डरो मत में तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं करूँगी (मज़ाक करते हुए) तो मैंने कहा कि ठीक है और में बाहर से अपनी रज़ाई लेकर आया और वो अपनी रज़ाई में और में अपनी रज़ाई में लेट कर बातें करने लगे.. बातें करते करते में सो गया.

फिर रात को पता नहीं कैसे मेरी रज़ाई नीचे गिर गयी जब मुझे ठंड लगी तो मैंने भाभी की रज़ाई खींच कर ओढ़ ली.. शायद भाभी की नींद खुली थी तो उन्होंने मुझे अपनी रज़ाई में खीचा और अपना मुहं मेरी तरफ करके सो गयी. मेरा मुहं रज़ाई से ढका हुआ था इसलिए मुझे सांस लेने में प्राब्लम हुई तो मेरी नींद खुल गयी और फिर आँख खोलते ही मेरे तो होश उड़ गये. भाभी नाईटी पहनकर सोई हुई थी और उनके मस्त बूब्स बेड पर आराम कर रहे थे. भाभी के मस्त गुलाबी और रसीले होंठ मेरे होंठो के बिल्कुल करीब थे. एक पल मुझे ऐसा लगा कि में भाभी के होंठ को चूस लूँ.. लेकिन अपने आप पर काबू करते हुए मैंने सोने की कोशिश की..

लेकिन अब मुझे भी सेक्स की भूख सताने लगी थी.. जैसे कि स्वादिष्ट भोजन को देखकर भूख बढ़ जाती है वैसे ही भाभी की मस्त जवानी देखकर में सेक्स के लिए तड़पने लगा और मेरा लंड अंदर ही अंदर चुदाई के लिए भड़कने लगा लेकिन में डर भी रहा था कि कहीं भाभी ने बुरा मान लिया तो. तभी मैंने सोचा कि हम दोनों एक ही रज़ाई में है और अगर में कुछ भी करूं तो भाभी को शक भी नहीं होगा और उन्हें लगेगा कि मैंने नींद में हूँ ये सोच कर में आगे बड़ा और उनकी नाईटी के ऊपर से ही उनके बूब्स को सहलाने लगा और धीरे धीरे दबाने लगा और फिर मैंने अपने होंठ को उनके होंठो से सटा दिए क्या गरम गरम साँसे थी. में तो बहुत उत्तेजित हो गया था. मुझे अब किसी का डर नहीं था और में भाभी को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा. जिससे भाभी की आँख खुल गयी और जल्दी से वो मुझसे दूर हट गयी.


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