भाभी की चूत फाड़ी और उनको चोद चोद के माँ बनाया

bhabhi ki chut fadi aur unko chod kar maa bnaya:
हेल्लो फ्रेंड्स आप सभी का स्वागत है आपके भाई अनुपम की पेज पर | सबसे पहले मैं आपको अपना परिचय दे देना उचित समझता हूँ , क्यूंकि बिना परिचय के तो अभी शादी भी नहीं होती है |

मेरा नाम अनुपम है और मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता हूँ | मेरी उम्र अभी २१ वर्ष है मेरे परिवार में अभी मेरे अलावा मेरे माता पिता और  एक भाई है | भाई के विवाह को चार वर्ष हो गए है और उनकी कोई संतान नहीं है  | मेरी बॉडी स्ट्रक्चर सॉलिड है और घर में सबसे छोटा होने के कारन सब मुझसे बहुत ज्यादा स्नेह करते है | में वेसे तो रहने वाला भोपाल का हूँ मगर आगे की पदाई के लिए मुझे पुणे भेज दिया गया | वहा पर में अपनी पढाई में बिज़ी हो गया और घर की तरफ से बिलकुल बेफिक्र हो गया |

उम्मीद पूरी हे कि आप यहाँ तक बोरियत महसूस कर रहे होंगे मगर इसके बाद जो कुछ हुआ उसके बाद आप खुद इस आपबीती को आगे तक पड़ने के लिए मजबूर हो सकते हे |

गर्मियों की छुट्टी में मै अपने घर आया पर वह पर मुझे कुछ ज्यादा नया नहीं लगा | मगर कुछ दिन बाद मुझे कुछ असहज महसूस होने लगा क्योकि मेरी भाभी मेरे से कुछ ज्यादा खुलने लगी थी मगर में लिहाज के कारन कुछ कर नहीं सकता था यह आर या पार वाली स्थिति थी | कुछ करो तो दिक्कत न करो तो दिक्कत | फिर मैंने दिमाग से काम लिया और भाभी से थोडा दूर होने लगा फिर मैरी गर्मी की छुट्टी भी ख़तम हो गई थी तो मैं पढाई के लिए पुणे चला गया और अपनी पढाई चालू कर दी | फिर सब कुछ ठीक सा लग रहा था फिर एक दिन भाभी का फ़ोन आया और मुझसे पूछने लगी कसे हो आप और आपकी पढाई केसी चल रही है? आपकी घर कब आ रहे हो? आपकी बहुत याद आती मुझे और भी मीठी मीठी बाते जिसे मेरा मन भी उनकी और लगने लगा और भाभी से रोज फ़ोन पे बात होने लगी |

इससे मेरा मन पढाई मैं कम लगने लगा और फिर दिन हो या रात पुरे दिन मुझे भाभी के ही ख्याल आते रहते थे मुझे घर जने की बहुत मन होने लगा और में स्कूल से छुट्टी लेकर भाभी से मिलने घर चला गया | घर पहुचते ही जेसे भाभी ने मुझे देखा तो वो बहुत खुश हो गयी उस समय मम्मी पापा भैया के साथ मंदिर गए थे | फिर भाभी ने मुझे पानी चाय नास्ता दिया नास्ता देते समय मुझे देखकर खूब मुस्कुरा रही थी | में भी उन्हें देखकर मुस्कुरा रहा था फिर मम्मी पापा मंदिर से आ गए | में उनसे मिला और भैया से मिला सब बहुत खुश थे और फिर मैं अपने कमरे में चला गया और सो गया उसके बाद दोपहर हो गयी और मैं सो ही रहा था तभी भाभी मैरे कमरे पर मैरे लिए खाना लेकर आई |

उस समय मैं बिलकुल अनजान था पर इतना पता था की लड़के और लड़की के बीच में कुछ शरारत होती है | मतलब आप आप ये समझ लो कि अगर कोई मुझे हाथ देगा तो में उसके सर पे चढ़ जाऊंगा में ऐसा इंसान हूँ| भाभी एक पटाखा है ये में जानता हूँ और मेरा भैया गांडू है में ये भी जनता हूँ | मतलब अगर मेरी ऐसी बीवी होती तो में उसे अकेले रहने ही नहीं देता| खेर अब क्या कर सकते हैं हाथ आया मौका केसे जाने दें | तो भाभी मेरे बिस्तर पर थी और में उनकी गोद में| वो अपने हांथों से खाना खिलाती और में उनकी नमकीन उँगलियाँ चूसने लगता | उन्हें भी बड़ा मज़ा अत पर वो शर्मा के मुस्कुरा देती| में समझ गया था कि भैया कुछ कर नहीं पाए है पर में जल्दबाजी नहीं करना चाहता था | फिर मैंने सोचा क्यों न कुछ अलग किया जाए और कुछ चीज़े का मज़ा धीरे धेरे ही आता है |

में भाभी से गन्दी गन्दी बातें करने लगा और वो भी उत्सुकता के साथ मेरा साथ देती थी | दोस्तों में आपको बता दू की भाभी उतनी गोरी नहीं थीं पर उनका बदन बिलकुल मलाई जैसा | अगर हाथ रखो तो फिसल जाये| हम लोग ये साड़ी चीज़े अपने कमरे में ही करते थे ताकि कोई सुन न ले | एक दिन हम दोनों बात कर रहे थें और मैंने पूछा भाभी एक लड़का और लड़की आपस में क्या करते हैं ? उन्होंने कहा प्यार मैंने पुछा और क्या करते हैं | उनके गालो पे जो हया थी उसके क्या कहने | धीरे से मेरे कान के पास आके कहा चुदाई | उफ्फ्फफ्फ्फ़ जब उनके होंठो ने मेरे कानों को छुआ तो मुझे एक नया सा एहसास मिला |

आआआह्ह्ह्ह भाभी एक बार और करो न मुझे अच्छा लगा | भाभी ने किया ओर मैंने उन्हें अपनी बाहो में भर लिया | उनकी कमर पे हाथ रखके उनके बदन की गर्मी को महसूस करने लगा | ऐसा मज़ा मुझे जिंदगी में और कभी नहीं आया | फिर क्या था मुझे पता चल गया था की उनके बदन की भूंख को मुझे मिटाना है | उनके शरीर की वो मादक खुशबू मुझे दीवाना बना रही थी और में अब उनसे चिपक्न्बे का मौका नहीं छोड़ता था | उनके बड़े दूध और नाभि में मेरी उंगलिया जाती और वो मचा उठती | मेरे साथ उन्हें भी मज़ा आने लगा था और अब वो भैया के साथ बहार भी नहीं जाती थी | पर अब समय था की में उनके बदन को पूरा नंगा देखूँ और वो समय भी ज्यादा दूर नहीं था |

हम लोग कमरे में एक दुसरे को चूम रहे थे इतने में ही मम्मी की आवाज़ आयी | मुझे लगा मेरे स्कूल से फ़ोन आया है और मेरे लोडे लगने वालें है | फिर भी भाभी ने मुझे एक जोर का किस किआ और भेज दिया | में नीचे गया तो वहाँ सब बैठे थे और कुछ सामान रखा था| तभी भैया ने कहा हम दस दिनों के लिए बहार जा रहे है तुम अपनी भाभी का आचे से ख्याल रखना | मेरे मुह पर कमीनापन और हवास साफ दिख रही थी | पर मैंने खुद को सँभालते हुए कहा ठीक है आप लोग हो आओ |

भाभी सब के जाने के बाद नीचे आयी और मुझे कहा की चलो अब तैयार हो जाओ मुझे खुश करने के लिए | “ आज चोदुंगा आपको घोड़े की तरह आओ मेरा लंड चूस लो पके हुए आम की तरह” यह शायरी मैंने भाभी को कहा |

“ मेरी चूत में लगी है आग और शाम भी है सुहानी आओ मेरी चूत को भोसड़ा बना दो और याद दिला दो मुझे मेरी नानी” |

खाना खाया हम दोनों ने और कमरे में गए भाभी ने मस्त साडी पहनी थी और मुझे कपडे उतरने में बड़ा मज़ा आता है खासकर ब्रा और चड्डी |

हम दोनों ने पहले किस्सिंग से शुरू किआ और धीरे से मैंने भाभी के कान पे काट दिया क्यूंकि इससे लड़कियां जल्दी गरम हो ती है | आआआह्ह्ह्ह ये क्या कर रहे हो पता है न में कई दिनों से प्यासी हूँ| इसलिए तो किआ भाभी | अब मैंने उनकी साडी और ब्रा उतर दिया था और बड़े स्तन और मोटे निप्पल मेरे सामने थे | मन कर रहा था उन्हें चूस के खली कर दूँ | मैंने धीरे धीरे उन्हें दबाया और चूसना शुरू किया| भाभी मेरे लंड को मेरे लोवर के ऊपर से मसल रही थी | वो पूरी गरम थी और ये समय था अपने लुंड के दर्शन करवाने का |

मैंने अपना लंड खोल के उन्हें दिखाया जो कि पूरा खड़ा हुआ था | यार ये लंड कुछ ज्यादा ही बड़ा है ये तो मेरी चूत फाड़ देगा | मैंने कहा हां और आपको जन्नत की सैर करवाएगा | उन्होंने न कुछ सोचा और न ही समझा और झट से मेरा लंड अपने मुह में ले लिया | उम्म्मम्म्म्म बड़ा मस्त है ऊओहह ऐकारते हुए बोहत जोर से चूसा और में पांच मिनट बाद उनके मुह में झड गया | वो मेरा पुता मुट्ठ पी गयी और कहा ऐसा स्वादिष्ट मुट्ठ मैंने आज तक नहीं चखा और तुम्हरे भैया का लंड तो छोटा सा है |

मैंने उनकी चूत को चाट चाट के लाल कर दिया और अब वो भी झड गई थी | ऊमम्म्म अब मत रुको मेरी चूत में अपना बड़ा लुंड डाल दो और दिनभर बस चोदते रहो | मैंने भी अपना लुंड उसकी चूत के छेद पे रखा और एक जोर का धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर डाला | उसकी आँखों से आंसू नकल गए पर वो बोली जोर से चोद मादरचोद | आआआह्ह्ह्ह उम्म्मम्म्म्म आआआह्ह्ह्ह मज़ा अ रहा है फाड़ दे मेरी सबुर को भडवे| मैंने भी कहा रुक रांड तेरी बुर को भोसड़ा बनाता हूँ |

मेंने भाभी को दिनभर चोदा और उसकी चूत से दस बार पानी निकला| भाभी अब थक गई थी पर मेरा लंड अभी भी खड़ा था | मैंने कहा भाभी अब क्या करूँ भाभी बोली और क्या करेगा चोद मुझे | मैंने फिर भाभी को एक घन्टे चोदा | वो बेचारी चुद चुद के पागल हो गई थी पर उसे असली सुख मिला था | ऐसे ही मैंने उन्हें पुरे दस दिन तक चोदा पीरियड में भी और वो माँ बन गई | हुमक्सर चुदाई करते है और मेरी वजह से वो खुश रहने लगी हैं | में भी खुश रहता हु क्यूंकि उनकी चूत का पानी बड़ा स्वादिष्ट है |


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