भाभी का कसूर न था

Bhabhi ka kasoor na tha:

Hindi sex story, antarvasna मेरे बड़े भैया की शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं और जब उनकी शादी हुई तो वह बहुत ही खुश थे उनकी शादी बड़े ही धूमधाम से हुई पापा ने उनकी शादी में कोई भी कमी नहीं होने दी। जब भैया की शादी हो गई तो उसके कुछ समय बाद ही भैया का भाभी के साथ झगड़ा शुरू हो गया उनका झगड़ा किस बात को लेकर था भैया ने मुझे कभी नहीं बताया लेकिन मुझे यह तो पता था कि भैया और भाभी के हमेशा झगड़े होते थे मैंने भी उन दोनों के बीच में कभी नहीं बोला मेरी पत्नी मुझे हमेशा कहती कि आप को दोनों के बीच में बोलने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह उन दोनों का आपसी मामला है पर मैं नहीं चाहता था कि भैया और भाभी के रिश्ते में कोई दरार आए।

मैंने उन दोनों के रिश्ते को सुधारने की कोशिश की लेकिन उनका रिश्ता तो सुधर ही नहीं रहा था और दिन-ब-दिन उनका रिश्ता खराब होता जा रहा था इस बात से मैं भी बहुत ज्यादा दुखी था मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार दोनों के रिश्ते को किसकी नजर लग गई। कुछ दिनों से मैं घर पर ही था एक दिन मैं अपने छत में ही बैठा हुआ था और भाभी भी छत में आई वह कपड़े सुखाने लगे जब वह कपड़े सुखा रही थी तो पास की छत में ही एक लड़का खड़ा था वह उन्हें देखकर मुस्कुरा रहा था मुझे यह सब कुछ अटपटा सा लगा मैं सोचने लगा कि वह लड़का भाभी को देख कर क्यों इतना खुश हो रहा है और भाभी भी उसे देख कर मुस्कुरा रही थी मैं यह सब देखता रहा लता भाभी को लगा कि शायद मैंने यह सब नहीं देखा लेकिन मैंने यह सब देख लिया था। मैंने जब इस बारे में अपनी पत्नी को बताया तो वह मुझे कहने लगी मुझे नहीं पता मेरी पत्नी ने तो साफ साफ मना कर दिया क्योंकि उसे इस बारे में कुछ पता ही नहीं था लेकिन मैं नहीं चाहता था कि भैया और भाभी के रिश्ते में कोई तीसरा व्यक्ति आ जाए जिससे कि उन दोनों का रिश्ता खराब हो जाए इसलिए मैंने बहुत ही समझदारी से काम लिया और मैंने इस बारे में किसी को भी भनक नही होने दी भाभी को भी इस बारे में नहीं पता था।

मैंने अपने घर के पास के ही दुकानदार से कहा यदि कभी भी भाभी यहां से जाए तो तुम मुझे बताना मैं भाभी पर पूरी तरीके से नजर रखने लगा और भाभी जब घर से बाहर निकलती तो वह दुकानदार मुझे बता दिया करता लेकिन मुझे कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था। एक दिन मैंने भाभी का पीछा खुद ही किया जब भाभी घर से गई तो मैंने उनके पीछे पीछे बड़ी सावधानी से उनका पीछा किया ताकि उन्हें कुछ पता ना चल सके लेकिन जब मैंने उन्हें एक लड़के के साथ मोटरसाइकिल पर जाते हुए दिखा तो मैं इस बात से पूरी तरीके से दंग रह गया मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर यह हो क्या रहा है। मैंने उनका पीछा किया और जब मैंने देखा कि वह उसी लड़के के साथ हैं जिस लड़के को देख कर भाभी छत पर मुस्कुरा रही थी मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हो गया मुझे कभी भी उम्मीद नहीं थी कि भाभी और उस लड़के यह बीच में कुछ चल रहा है लेकिन जब मैंने अपनी आंखों से देखा तो मुझे बहुत ज्यादा झटका लगा मुझे उम्मीद भी नहीं थी कि कभी लता भाभी ऐसा कर सकती हैं लेकिन शायद उनकी भी कोई मजबूरी रही होगी जिस वजह से उन्होंने ऐसा किया। मैंने उनसे इस बारे में तो बात नहीं की लेकिन मैं उनसे अब कम ही बात किया करता था मुझे लता भाभी के साथ बात करना हमेशा से अच्छा लगता था लेकिन अब मैं उनके साथ कम ही बात किया करता था मुझे पता चल चुका था कि उनके और उस लड़के के बीच में कुछ तो चक्कर चल रहा है जो कि वह किसी को भी नहीं बताना चाहती। यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था मैंने एक दिन भाभी से इस बारे में पूछा तो लता भाभी अपनी बात से मुकर गए और वह कहने लगी कि ऐसा कुछ भी नहीं है मैं तो ज्यादातर समय घर पर ही रहती हूं तुम्हें शायद कोई गलतफहमी हुई है लेकिन मुझे अपने आप पर पूरा यकीन था क्योंकि मैंने अपनी आंखों से ही यह सब देखा था और मुझे पता था कि लता भाभी का उस लड़के के साथ अफेयर चल रहा था यह सिलसिला अब चल रहा था लेकिन मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता था परंतु जब भी मैं अपने भैया को देखता तो उन्हें देखकर मुझे बहुत बुरा लगता।

भैया ने शराब पीनी शुरू कर दी थी वह हर रोज शराब पीकर आया करते थे और हमेशा ही घर में झगड़ा किया करते घर का माहौल इससे बहुत ज्यादा खराब होने लगा था। मेरी पत्नी हमेशा मुझे कहती कि आपके भैया तो हर रोज शराब पी कर आते हैं और वह कितना ज्यादा शोर शराबा करते हैं इस बात से मेरे मम्मी पापा भी बहुत दुखी थे और मुझे भी बहुत दुख पहुंचा था मैंने जब लता भाभी से इस बारे में बात की तो भाभी मुझे कहने लगे तुम्हारे भैया और मेरे बीच में तो कभी प्यार था ही नहीं उन्होंने आज तक मुझे कभी प्यार नहीं किया और अब तो उनकी स्थिति और भी ज्यादा खराब हो चली है वह हर रोज मुझसे झगड़ा किया करते हैं मुझे समझ नहीं आता कि अब मैं क्या करूं। लता भाभी के चेहरे को देख कर मुझे भी लगा कि शायद वह अपनी जगह सही है लेकिन ऐसा तो कुछ जरूर था जिससे भैया भी दुखी थे और मैं जब भी भैया से इस बारे में बात करता तो वह कुछ नहीं बताते। एक दिन मैंने जब भैया से इस बारे में बात की तो भैया ने उस दिन मुझे सब कुछ बता दिया और कहा जब मेरी शादी हुई थी तो मैं बहुत खुश था लेकिन उसके कुछ समय बाद ही मेरी खुशी पूरी तरीके से गायब हो गई क्योंकि जब मुझे पता चला की लता का किसी लड़के के साथ अफेयर है तो मैं इस बात से पूरी तरीके से टूट चुका था मैंने उस पर पूरा भरोसा किया था लेकिन उसने मेरे भरोसे को पूरी तरीके से तोड़ दिया।

मैं समझ नहीं पा रहा था कि इसमें किसकी गलती है लेकिन इसमें जिसकी भी गलती थी उससे हमारे परिवार को नुकसान पहुंच रहा था भैया भी अपनी जगह बिल्कुल सही थे मुझे अपने भैया पर पूरा यकीन था क्योंकि भैया ने कभी भी आज तक कोई बात झूट नहीं कहीं वह बड़े ही अच्छे हैं और हमेशा ही वह मेरा साथ देते हैं। मैंने अब इस बारे में भाभी से बात की तो भाभी मुझ पर गुस्सा हो गई वह कहने लगी तुम्हें मुझसे इस तरीके की बात करना क्या शोभा देता है मैंने उन्हें कहा भाभी यदि आप का किसी के साथ अफेयर चल रहा था तो आपको यह बात पहले ही बता देनी चाहिए थी शादी को इतने साल होने के बाद अब आप दोनों एक दूसरे से झगड़ा कर रहे हैं अब यह तो उचित नहीं है इससे आप दोनों के ही रिश्ते में खटास पैदा हो रही है और आप दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। वह कहने लगे अब तो दूरियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है और अब इस दूरी को मिटा पाना मुश्किल होगा। मैंने उन्हें हमारे पड़ोस में रहने वाले लड़के के बारे में बताया तो वह चुप हो गई उन्होंने कुछ भी नहीं कहा मैंने उनसे कहा आपका तो पड़ोस में रहने वाले लड़के के साथ अफेयर चल रहा है मैंने खुद ही आप दोनों को एक साथ देखा था। उनके मुंह से कोई आवाज ही नहीं निकली वह चुपचाप अपने कमरे में बैठ गए मैंने उन्हें कहा हो सकता है कि भैया की भी गलती होगी लेकिन आपकी भी तो बहुत गलतियां हैं। मुझे पता चल चुका था कि इसमें लता भाभी की गलती है मैंने भाभी से कहा इसमें आपकी गलती है यदि आप भैया का साथ देती तो शायद यह कभी नहीं होता।

वह तो कुछ कहने को तैयार नहीं थी मैंने उनसे पूछा आखिरकार आपकी परेशानी क्या है तो वह कहने लगी तुम्हारे भैया ने कभी भी मुझे सेक्स से संतुष्ट नहीं किया इसलिए तो मुझे बाहर मुंह मारना पड़ रहा है यदि वह मेरी इच्छाओं को पूरा करते तो शायद मैं कभी भी बाहर मुंह नहीं मारती। मैं उस दिन उनके कमरे से उठकर चला आया, मैं रात भर यही सोचता रहा रात को जब मैं उठा तो भाभी भी उठी हुई थी, उनके कमरे की लाइट जली हुई थी। मैंने भाभी को बुलाया और उनसे छत में बैठकर बात करने लगा हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। मुझे लगा कि वाकई में उनके जीवन में परेशानी है, भैया और उनके बीच में सेक्स होता ही नहीं है। मैने उन्हें पकड़ लिया वह कहने लगी इसमें मेरी क्या गलती है बताओ। मैंने उनके होठों को चूमना शुरू किया और मै अच्छे से उनके होठों को किस करता रहा काफी देर तक ऐसा करने के बाद मैंने जब उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे अच्छा महसूस होने लगा और उन्हें भी मजा आ रहा था। मैंने जब उनकी चूत पर अपनी जीभ को सटाया तो उनकी योनि में एक भी बाल नहीं था।

उन्होंने मुझे कहा मुझे तुम्हारा लंड को चूसना है उन्होंने मेरे लंड को बहुत देर तक अपने मुंह में लेकर अंदर बाहर किया जिससे कि मेरे शरीर की गर्मी बढ जाती, मुझे बहुत अच्छा लगता। मैंने जब उन्हें घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उन्हें बहुत आनंद आ रहा था, मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी गांड को पकड़ा हुआ था और मैं तेजी से उन्हें धक्के दिए जा रहा था। मेरे धक्के इतने तेज होते कि उनके मुंह से आवाज निकल आती, रात के अंधेरे में कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था मैं सिर्फ उनको धक्के मार रहा था। मैने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनकी गांड में घुसा दिया, जब मेरा लंड उनकी गांड के अंदर चला गया तो उनके मुंह से तेज आवाज निकली वह कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। उनकी गांड से खून भी निकलने लगा था मैं करीब 2 मिनट तक उनके साथ मजे लेता रहा। 2 मिनट बाद जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो लता भाभी खुश हो गई। वह कहने लगी यदि ऐसा प्यार तुम्हारे भैया मुझे देते तो शायद कभी भी मै उनके साथ ऐसा ना करती लेकिन यह सब उनकी ही गलती है। मुझे भी समझ आ गया कि इसमें भाभी का कोई कसूर नहीं था।


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