भाभी जी गांड थोडा ऊपर करो

Bhabhi ji gaand thoda upar karo:

Hindi chudai ki kahani, antarvasna मैं अपने घर पर गुजिया बनाने की तैयारी कर रही थी और गुजिया के लिए मैंने रामू डेरी से स्पेशल मावा मंगवाया था। मैं जब गुजिया बना रही थी तो मेरा बेटा अनुज भी आ गया और वह रसोई में आते ही मुझे कहने लगा मां आज तो बड़ी अच्छी खुशबू आ रही है। अनुज की उम्र 15 वर्ष है लेकिन वह बहुत ही समझदार और बहुत ही अच्छा लड़का है मैंने उससे कहा हां बेटा मैं आज तुम्हारे लिए गुजिया बना रही हूं तुम्हे गुजिया बहुत पसंद है ना। अनुज कहने लगा हां माँ तुम गुजिया बना दो मैंने काफी दिनों से गुजिया भी नहीं खाई है। मैं गुजिया बनाने लगी मुझे काफी टाइम लग गया था क्योंकि मैं अकेले ही थी लेकिन रामू डेरी के मावे की खुशबू पूरे आस पड़ोस में फैल चुकी थी और हमारी पड़ोसन भी हमारे घर पर आ गई। मैंने जब गरमा गरम गुजिया अनुज को दी तो हमारी पड़ोसन भी आ चुकी थी वह कहने लगी क्या बात है दीदी आज तो तुम गुजिया बना रही हो। मैंने उन्हें भी गुजिया खिलाई वह कहने लगी दीदी आपके हाथ में तो जादू है मैंने उसे कहा मेरे हाथ में कहां जादू है यह सब तो रामू हलवाई के मावे का कमाल है। अनुज मुझे कहने लगा मां मैं खेलने के लिए जा रहा हूं, वह खेलने के लिए हमारे पास के ही ग्राउंड में चला गया हमारे घर के पास ही एक बड़ा सा ग्राउंड है वहां पर बच्चे अक्सर खेलने के लिए आया करते हैं और वह भी वहां पर चला गया।

मैं और हमारे पड़ोस की शांति बात कर रहे थे हम दोनों आपस में बात कर ही रहे थे कि वह मुझसे कहने लगी दीदी आपको पता है हमारे पड़ोस में जो गुप्ता जी का परिवार रहता है। मैंने शांति से कहा हां शांति मुझे मालूम है गुप्ता जी को मैं अच्छे से जानती हूं तुम उन्ही गुप्ता जी की बात कर रही हो ना जो स्कूल में  क्लर्क है। शांति मुझसे कहने लगी हां उन्ही कि मैं बात कर रही हूं मैंने शांति से पूछा क्या हुआ तो शांति मुझे कहने लगी दीदी आपको मालूम है गुप्ता जी ने दूसरी शादी कर ली है। मैं इस बात से पूरी तरीके से शॉक्ड हो गई मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ मैंने शांति से कहा तुम यह किस प्रकार की बात कर रही हो भला गुप्ता जी कैसे दूसरी शादी कर सकते हैं। शांती मुझे कहने लगी हां दीदी उन्होंने दूसरी शादी कर ली है मैं शांति से कहने लगी आजकल जमाने का कुछ पता ही नहीं चलता सब कुछ ना जाने कैसे बदल जाता है।

मैंने शांति से कहा आखिरकार गुप्ता जी को ऐसी क्या परेशानी रही होगी कि उन्होंने इस उमर में दूसरी शादी कर ली। शांति कहने लगी हां दीदी आप बिल्कुल सही कह रही हैं उनकी उम्र यही कोई 50 वर्ष के आसपास रही होगी और उनकी बड़ी लड़की की शादी अभी कुछ समय पहले ही तो हुई थी और इस उम्र में उन्होंने दूसरी शादी कर ली। मैं शांति से पूछने लगी क्या वह अब यहां नहीं रहते शांति कहने लगी नहीं कभी-कबार वह यहां आते हैं लेकिन अब वह बहुत कम ही दिखाई देते हैं। शांति को पूरे मोहल्ले की खबर रहती थी और वह सब के बारे में जानती थी कि कौन क्या कर रहा है और कौन क्या नहीं कर रहा मुझे भी यह बात बड़ी अटपटी सी लगी कि गुप्ता जी ने इस उम्र में शादी क्यों की। शांति कहने लगी दीदी मैं अभी चलती हूं मेरे पति भी आने वाले होंगे मैंने शांति से कहा ठीक है और यह कहते हुए मैंने शांति को अलविदा किया मैंने उसे दो चार गुजिया भी एक पेपर में लपेट कर दे दिए। शांति जा चुकी थी और मेरे पति भी आने ही वाले थे मेरे पति कुछ देर बाद घर पर आ गए जब वह आए तो वह कहने लगे आज घर में बड़ी खुशबू आ रही है मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कि तुमने कुछ बनाया है। मैंने उन्हें कहा हां मैंने आज अनुज के लिए गुजिया बनाई थी तो मैं आपको भी अभी टेस्ट करवाती हूं मैंने अपने पति को भी गुजिया टेस्ट करवाई तो वह कहने लगे मेघा तुम्हारे हाथ में तो जादू है कसम से आज मजा आ गया। यह कहते हुए वह बाथरूम में नहाने के लिए चले गए वह नहा धोकर बाहर आए तो कहने लगे गर्मी से हालत खराब हो रही है लेकिन नहा कर बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है।

मैं और मेरे पति बैठ कर बात कर रहे थे तो मैंने उन्हें गुप्ता जी के बारे में बताया जब उन्होंने गुप्ता जी के बारे में यह बात सुनी तो वह बड़े अचंभित हो कर कहने लगे कि क्या वाकई में गुप्ता जी ने दूसरी शादी कर ली है। मैंने उन्हें बताया हां गुप्ता जी ने दूसरी शादी कर ली है वह इस बात से बड़े ही हैरान रह गए और कहने लगे गुप्ता जी ने भला इस उम्र में कैसे दूसरी शादी कर ली उनसे तो मेरी काफी अच्छी बातचीत थी और काफी दिनों से वह मुझे दिखाई भी नहीं दिए हैं। मैंने अपने पति से कहा शायद इसी वजह से वह दिखाई नहीं दे रहे है मेरे पति कहने लगे चलो मैं गुप्ता जी से इस बारे में पूछ लूंगा। हम लोगों के डिनर का समय भी होने लगा था मैंने डिनर तैयार कर लिया था और जब मैंने डिनर तैयार कर लिया तो मैं और मेरे पति डिनर करने लगे। हमने अनुज को आवाज़ दी अनुज अपने कंप्यूटर पर गेम खेल रहा था मैंने अनुज से कहा बेटा बाद में गेम खेल लेना अभी तुम खाना खाने के लिए आ जाओ तो अनुज खाना खाने के लिए आ गया। उसने जैसे ही खाना खाया तो उसके बाद वह दोबारा से कंप्यूटर में गेम खेलने के लिए चला गया मेरे पति कहने लगे आजकल के बच्चे भी गेम में ना जाने कितना घुसे रहते हैं उन्हें अपने लिए समय नहीं मिल पाता।

हम दोनों आपस में बात कर रहे थे मैं और मेरे पति कहने लगे हमारी शादी को इतने वर्ष हो चुके हैं और पता ही नहीं चला कब इतना समय बीत चुका है। मेरे पति ने मुझे बताया कि कुछ दिनों के लिए उनकी बहन और उनके पति घर पर आने वाले हैं तो मैंने उन्हें कहा वह लोग कब आने वाले हैं मेरे पति ने मुझे कहा बस कल या परसों वह लोग आ जाएंगे। दो दिन बाद वह लोग आ गए मेरी ननद और उनके पति का व्यवहार बड़ा ही अच्छा है वह लोग जब हमारे घर पर आए तो मुझे बहुत खुशी हुई और काफी समय बाद हम लोग मिल रहे थे। वह लोग मुंबई में रहते हैं और मुंबई में ही मेरी ननद के पती जॉब करते हैं उनका 5 वर्ष का बेटा जो कि बहुत शरारती है वह भी आया हुआ था। वह लोग हमारे घर पर एक हफ्ते रहे और उसके बाद वह मुंबई लौट गए मेरी ननद अनुज के लिए भी गिफ्ट लेकर आई हुई थी तो अनुज बहुत खुश था। अनुज कहने लगा मम्मी बुआ मुझे कितना प्यार करती है वह मेरे लिए हमेशा कुछ ना कुछ लेकर आती रहती हैं मैंने अनुज से कहा हां बेटा बुआ तुमसे बहुत प्यार करती हैं। मेरी ननद जा चुकी थी मैं घर पर अकेली थी अनुज अपने स्कूल चला जाया करता था। हमारे पड़ोस में कुछ लड़के रहने के लिए आए वह लोग कॉलेज में पढ़ाई करते थे। उनमें से एक लड़का मुझे हमेशा देखा करता उसके चेहरे की मुस्कान बयां करती कि वह मुझसे कुछ चाहता है जब भी मैं उसे देखता तो मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया करती थी। एक दिन में अपने घर की छत पर टहल रही थी वह भी छत से मुझे देखे जा रहा था। वह मुझे ऐसे देख रहा था जैसे कि वह अपनी नजर को मेरी बदन से हटाना ही नहीं चाह रहा था। मैं भी एक दिन उस नौजवानों को अपने घर पर बुलाने की तैयारी में थी और मुझे मौका मिल गया। मैंने उस लड़के को अपने घर पर बुलाया उसका नाम संतोष है जब वह घर पर आया तो मैं बहुत ज्यादा खुश थी। मैंने उसे बैठने के लिए कहा वह थोड़ा शर्मा रहा था लेकिन जब वह बैठ गया तो मैंने उसे कहा छत से तो तुम मुझे बडी तिरछी नजर से देखते हो लेकिन आज तुम बड़े शर्मा रहे हो।

वह कहने लगा नहीं तो मैं तो आपको कभी नहीं देखता। मैं उसके पास जाकर बैठी और उसके हाथ को पकड़ लिया क्योंकि वह मुझसे उम्र में छोटा था इसलिए मुझे ही शुरुआत करनी थी। मैंने उसके सामने अपने स्तनों को दिखाना शुरू किया तो वह भी मेरे स्तनों को अपने हाथ में लेकर मेरे स्तनों को दबाने लगा। जब उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे बड़ा मजा आ रहा था। काफी देर तक वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसती रही उसने मेरे स्तनो से खून भी निकाल कर रख दिया था। मैंने उसके मोटे लंड को उसकी पैंट से बाहर निकाला तो मैने उसे अपने हाथ में लिया तो मुझे अच्छा लगा लगा। उसका लंड 3 इंच मोटा रहा होगा मैंने उसे हिला हिला कर खड़ा कर दिया। मैंने उसे अपने मुंह में लिया तो उसे भी मजा आने लगा वह मेरे मुंह के अंदर अपने लंड को धक्का देने लगा मैं उसके लंड को पूरे अंदर तक ले लेती जब उसने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मुझे मज़ा आने लगा। वह जिस प्रकार से मुझे धक्के दे रहा था उससे मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा चरम सीमा पर पहुंचने लगी थी।

उसके धक्के इतने तेज होते कि मेरा पूरा शरीर हिलने लगता कुछ देर तक उसने अपने लंड को मेरे अंदर बाहर किया जिससे कि उसका वीर्य बहुत जल्दी ही गिर गया। मैंने उसे कहा तुम्हारा वीर्य तो जल्दी गिर गया वह कहने लगा भाभी जी अभी तो शुरुआत है उसने अपने लंड पर तेल की मालिश की तो उसका लंड एकदम चिकना हो चुका था। वह इतना चिकना हो चुका था कि कहीं भी जा सकता था और आखिरकार उसने मेरे गांड के छेद को खोलते हुए मेरी गांड में अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। मेरी गांड में उसका लंड जाते ही मेरे अंदर हलचल पैदा होने लगी मैं मचलन लगी। पहली बार ही किसी ने मेरे  गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया था मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी मुझे बड़ा मजा आ रहा था जिस प्रकार से वह मेरी गांड मार रहा था उससे मेरी गांड से खून भी निकल रहा था। उसने 2 मिनट तक मेरी गांड के मजे लिए तो मैं खुश हो गई उसने अपने वीर्य को मेरी गांड के ऊपर ही गिरा दिया था।


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