भाभी ऐसे ना देखो लंड तन जाएगा

Bhabhi aise na dekho lund tan jaega:

Antarvasna, hindi sex story मैं काफी गहरी नींद में था तभी कविता मुझे उठाने लगी और कहने लगी विराट उठो मैंने भी अपनी आंखों को हल्का सा खोला और बाहर की तरफ देखा तो बाहर का दृश्य देखकर मैं खुश हो गया। पहाड़ियों की श्रृंखला जैसे हमें अपनी ओर खींच रही थी और वहां का अलौकिक दृश्य देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश था कविता के चेहरे पर भी मुस्कान भी थी। वह मुझे कहने लगी विराट यदि तुम मुझे यहां नहीं लाते तो मैं कहां से यह सब देख पाती। कविता घर के कामों में इतनी व्यस्त रहती थी कि उसे कहीं बाहर जाने का समय ही नहीं मिल पाता था लेकिन हम दोनों ने प्लान बनाया कि इस बार हम दोनों साथ में घूमने के लिए जाएंगे। कविता पहले तो चिंतित थी वह मुझे कहने लगी विराट में कैसे आ पाऊंगी तुम्हें तो मालूम ही है कि बच्चों की जिम्मेदारी जो मुझ पर है।

मैंने उसे कहा कभी तुम्हें अपने लिए भी समय निकाल लेना चाहिए, कविता को मुझे काफी मनाना पड़ा और आखिरकार कविता मेरे साथ शिमला आने के लिए मान ही गई। हमारी शादी को 10 वर्ष होने आए थे और यह दूसरी ही बार था जब हम दोनों को साथ मे घूमने का मौका मिल पाया था। इससे पहले हम लोग अपनी शादी के एक महीने बाद ही अपने हनीमून ट्रिप पर घूमने के लिए जा पाए थे। उस वक्त मुझे अपने घर में यह कहते हुए थोड़ा शर्म सी महसूस हो रही थी कि मैं कविता को अपने साथ घुमाने लेकर जा रहा हूं। मेरे माता पिता एक गांव के परिपेक्ष में रहने वाले लोग थे तो मुझे थोड़ा हिचकिचाहट तो हुई लेकिन मैंने उनसे कह ही दिया। वह मुझे कहने लगे हां तुम कविता को अपने साथ लेकर जाओ उस वक्त हम लोगों का काफी अच्छा टूर रहा। इतने लंबे समय बाद जब मैं कविता को अपने साथ शिमला घुमाने के लिए ले गया तो वह खुश हो गयी। मुझे भी लगता था कि वह घर के कामकाजो में कुछ ज्यादा ही बिजी रहती है इसलिए उसे भी अपने लिए थोड़ा समय निकालना चाहिए इस वजह से मैंने उसे शिमला घुमाने के बारे में सोचा। मेरे दो छोटे बच्चे हैं एक की उम्र 8 वर्ष है और दूसरे की 6 वर्ष उन्हें मेरे मम्मी पापा ही देखने वाले थे।

जिस कार में हम लोग दिल्ली से शिमला के लिए जा रहे थे उसके ड्राइवर की उम्र 50 वर्ष के आसपास रही होगी। उन्होंने कहा  सर गाड़ी में कुछ प्रॉब्लम आ रही है आप लोग क्या थोड़ी देर के लिए यहां ढाबे पर बैठ जाएंगे। वहीं पास में एक ढाबा था हम लोग वहां पर बैठ गए और वह गाड़ी देखने लगे शायद गाड़ी में कोई प्रॉब्लम आ गई थी। मैंने उस ढाबे में चाय का आर्डर दिया और हम दोनों ने चाय पी, एक चाय मैंने दुकान में काम करने वाले लड़के से कहकर ड्राइवर के लिए भी भिजवा दी। करीब हम लोगों को वहां पर एक घंटा इंतजार करना पड़ा और जब एक घंटे बाद गाड़ी ठीक हो गयी तो ड्राइवर ने हमें कहा सर चलिए। उसके बाद हम लोग कार में बैठ गए और वहां से हम लोग होटल के लिए निकल गए। जो होटल हम लोगों ने बुकिंग किया हुआ था जब हम लोग उस होटल के अंदर गए तो रिसेप्शन पर बैठी 25 वर्ष की लड़की से मैंने कहा हम लोगों ने यहां पर रूम बुक करवाया है। मैंने उन्हें अपने रूम की बुकिंग की डिटेल दिखाई वह कहने लगे हां सर आपके नाम से यहां पर रूम बुक है, उस लड़की ने वहीं पास में खड़े दो लड़कों से कहा सर और मैडम का बैग रूम में रखवा दो। हमारे पास तीन बैग थे क्योंकि शिमला में उस वक्त काफी ठंड पड़ रही थी। उन लड़कों ने हमारे बैक को उठाया और रूम में ले गए हम लोग जब रूम में गए तो रूम का टेंपरेचर नॉरमल था लेकिन बाहर काफी ज्यादा ठंड थी। उस श्याम जब हम लोग रूम से बाहर घूमने के लिए निकले तो मौसम काफी खराब हो चुका था आसमान में घने काले बादल थे ऐसा लग रहा था कि बस कुछ ही देर बाद तेज बारिश होने वाली है। हम लोग उसके बावजूद भी शिमला से थोड़ा आगे निकल आए थे ड्राइवर भी कहने लगे सर बारिश काफी तेज होने वाली है हम लोगों को यहां से होटल की तरफ चल लेना चाहिए।

हम लोग कार में बैठ गए जब हम लोग कार में बैठे तो कुछ दूर चलते ही तेज बारिश आने लगी। ड्राइवर भी कहने लगे की सर बारिश तो काफी तेज आ रही है हमें कार को कहीं सड़क के किनारे खड़े कर के कार से उतर जाना चाहिए। बारिश वाकई में काफी तेज हो रही थी और देखते ही देखते ओले भी गिरने लगे मौसम ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया था। बारिश भी काफी तेज हो रही थी और हमारे पास कोई रास्ता नहीं था हम लोग कार से बाहर भी नहीं निकल सकते थे। ड्राइवर ने एक पेड़ के किनारे कार को लगा दिया वहां से गुजरने वाली जितनी भी गाड़ियां थी वह सब खड़ी हो गई क्योंकि बारिश काफी ज्यादा तेज थी और आगे चल पाना बहुत ही मुश्किल था। जैसे ही बारिश रुकी तो हम लोग वहां से होटल की ओर चल पड़े, हम लोग होटल में पहुंचे तो कविता काफी घबरा गई थी। वह कहने लगी बारिश कितनी तेज हो रही थी बारिश इतनी ज्यादा तेज हो रही थी कि कार का शीशा भी आगे से चटक चुका था। मैंने कविता से कहा तुम घबराओ मत सब कुछ ठीक है, उस रात कविता काफी ज्यादा घबराई हुई थी। कुछ देर बाद वह गहरी नींद में सो गई अगली सुबह जब हम लोग उठे तो बाहर का मंजर देख कर हम लोग खुश हो गए। बाहर जब होटल की खिड़की खोल कर हमने देखा तो आस पास जितने भी होटल या दुकाने थी सब बर्फ की चादर ओढ़े हुए थे। मैंने कविता को उठाया और कहा कविता देखो बाहर कितना अच्छा मौसम है कविता कहने लगी मुझे अभी नींद आ रही है।

मैंने कविता को जबरदस्ती उठाते हुए कहा पर तुम देखो तो सही कविता उठी और उसने जब खिड़की से बाहर देखा तो वह भी खुश हो गई। वह कहने लगी बाहर तो वाकई में बड़ा अच्छा मौसम है कविता ने जल्दी से अपना हाथ मुंह धोया और उसके बाद हम लोग तैयार होकर वहां से नीचे चले गए। जब हम लोग गए तो वहां पर और भी लोग घूमने के लिए आए हुए थे सब लोग बर्फ में एक दूसरे के साथ इंजॉय कर रहे थे, कविता और मैंने भी उन्हें जॉइन कर लिया। मैंने अपने जीवन में पहली बार ही बर्फ देखी थी और कविता ने भी अपने जीवन में पहली बार ही बर्फ देखी थी हम दोनों बहुत खुश थे। कविता मुझे कहने लगी शिमला आना अच्छा रहा और उस दिन हम लोगों ने काफी देर तक इंजॉय किया। हम लोग होटल में पहुंचे ही थे कि तभी मेरे पापा का फोन आ गया वह मुझे कहने लगे विराट बेटा तुम कब वापस लौट रहे हो। मैंने उन्हें कहा पापा बस हम लोग दो दिन बाद वापस आ जाएंगे। मैंने उन्हें कहा यहां पर काफी ज्यादा बर्फबारी हुई है इसलिए दो से तीन दिन तो लग ही जाएंगे। वह कहने लगे ठीक है तुम लोग अपना ध्यान रखना और यह कहते हुए उन्होंने फोन रख दिया। कविता मुझे कहने लगी चलो ना विराट दोबारा बाहर चलते हैं मौसम कितना सुहावना है। मैंने उसे कहा नहीं मेरा मन नहीं हो रहा लेकिन वह मुझे जबरदस्ती बाहर ले गई। उस मौसम में और भी पर्यटक वहां पर आए हुए थे वह सब एक दूसरे पर बर्फ के गोले फेंक रहे थे जैसे कि पहले फेक रहे थे सब के चेहरे पर मुस्कान थी। मैंने एक बर्फ का गोला लिया और मैं अपनी पत्नी कविता की ओर दौड़ा मैंने जैसे ही वह बर्फ का गोला फेका तो वह जाकर एक भाभी के छाती से टकराया और वह बर्फ का गोला वही धराशाई हो गया।

भाभी के चेहरे की चमक बया कर रही थी कि वह मेरी हो चुकी है मुझे बड़ा अच्छा लगा और मैं भी उन्हें देखकर मुस्कुरा दिया। मुझे नहीं मालूम था कि वह भाभी भी उसी होटल में रुके हुए हैं जिसमें मैं रुका हुआ हूं और उस रात उन्होंने मुझे अपने रूम में बुला लिया। कविता भी सो चुकी थी मैं एक नए बदन को अपना बनाने की ओर बढ़ चुका था। मैं जब उनके रूम में गया तो उनके पति सोए हुए थे उन्होंने जो नाइटी पहनी हुई थी उसमें वह बेहद ही खूबसूरत लग रही थी और उनका बदन बड़ा ही सेक्सी लग रहा था। मुझसे रहा नहीं जा रहा था वह भी अपने आपको रोक ना सकी उन्होंने मुझे कहा आप मेरे होठों को चूम लीजिए और मुझे अपना बना लीजिए। मैंने उनके गुलाबी होठों को चूमना शुरू किया और उन्हें अपना बना लिया भाभी के उत्तेजना बढने लगी थी। मैंने उनकी नाइटी को उनके बदन से उतार दिया। उनके बदन पर लाल रंग की पैंटी और ब्रा ही रह गए थे मैंने उनकी ब्रा को उतार दिया और उनके बड़े और लटकते हुए स्तनों का काफी देर तक रसपान किया। मुझे काफी आनंद आता मैं काफी देर तक उनके स्तनों का जमकर रसपान करता मैंने उनके स्तनों पर लव बाइट भी दे दी थी।

मैने उनकी पैंटी को उतार कर उनकी योनि को अपनी उंगली से सहलाया जब वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई तो मैंने उन्हें घोड़ी बनाते हुए उनकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। मेरा लंड उनकी योनि के अंदर तक जा चुका था और उनके मुंह से चीख निकलती उन्होंने मुझे कहा कोई बात नहीं तुम करते रहो मेरे पति की नींद खुलने वाली नहीं है वह बड़ी गहरी नींद में थे। मैं उनकी बड़ी चूतडो को पकड़कर ऐसे चोद रहा था जैसे कि वह मेरा खुद का माल हो। अब मैं पूरी तरीके से बेफिक्र हो चुका था और उन्हें बड़ी तेज गति से मैने धक्के देना शुरू कर दिया था। मेरे धक्के तेज होने लगे थे उनकी चूतड़ों से फच फच की आवाज आने लगी थी मेरा लंड उनकी चूतडो से टकराता तो मेरे अंडकोष में दर्द हो जाता। मेरा लंड उनकी योनि के पूरा अंदर तक जा रहा था मुझे बड़ा मजा आ रहा था मैं काफी देर तक ऐसा ही करता रहा लेकिन जैसे ही मेरे वीर्य की गरमा गरम बूंदें भाभी की योनि में गिरने लगी तो वह भी समझ चुकी थी कि मेरा वीर्य पतन हो चुका है। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाल लिया उन्होंने मेरे लंड का जमकर रसपान किया मैं कुछ ही देर बाद अपने रूम में आकर बड़ी गहरी नींद में सो गया।


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